अब आप ट्रेन छूटने के 30 मिनट पहले तक अपना बोर्डिंग स्टेशन बदल सकेंगे। इसके साथ ही कंफर्म टिकट कैंसिल कराने पर मिलने वाले रिफंड के स्लैब में भी बदलाव किया गया है।
इसके तहत अब ट्रेन के डिपार्चर टाइम से 8 घंटे पहले टिकट कैंसिल कराने पर 50% रिफंड मिलेगा। इसकी जानकारी केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी।
उन्होंने बताया कि रेलवे ने टिकटों की कालाबाजारी रोकने के लिए कैंसिलेशन और बोर्डिंग नियमों में बदलाव किए हैं। नए नियम 1 से 15 अप्रैल 2026 के बीच अलग-अलग फेज में लागू होंगे।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि टिकट दलालों के पैटर्न को देखते हुए यह बदलाव किया गया है। दलाल अक्सर एक्स्ट्रा टिकट बुक कर लेते थे और ग्राहक न मिलने पर ट्रेन छूटने से ठीक पहले उन्हें कैंसिल कर रिफंड ले लेते थे।
रिफंड के नियमों को सख्त करने से दलालों द्वारा टिकटों की 'कॉर्नरिंग' (टिकट दबाकर रखना) कम होगी और आम यात्रियों को कंफर्म टिकट मिलने की संभावना बढ़ेगी।
अब चार्ट बनने के बाद भी बदल सकेंगे स्टेशन
रेल मंत्रालय ने बोर्डिंग स्टेशन बदलने की समय सीमा बढ़ा दी है। अब यात्री ट्रेन के शेड्यूल डिपार्चर टाइम से 30 मिनट पहले तक अपना बोर्डिंग पॉइंट बदल सकेंगे। अभी तक यह सुविधा सिर्फ चार्ट तैयार होने से पहले तक ही मिलती थी।
यह नियम उन बड़े शहरों में बहुत मददगार साबित होगा जहां एक से ज्यादा रेलवे स्टेशन हैं, यात्री अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी नजदीकी स्टेशन से ट्रेन पकड़ सकेंगे।
यात्री IRCTC की वेबसाइट, एप या रेलवे काउंटर के जरिए अपना बोर्डिंग स्टेशन बदल सकते हैं। हालांकि एक बार बोर्डिंग पॉइंट बदलने के बाद आप पुराने स्टेशन से ट्रेन नहीं पकड़ पाएंगे।
4 घंटे पहले तक मिलता था आधा रिफंड
पुराने नियमों की तुलना में नए नियम यात्रियों के लिए थोड़े सख्त हुए हैं। अब रिफंड की राशि इस बात पर निर्भर करेगी कि आप ट्रेन छूटने से कितने समय पहले टिकट कैंसिल कर रहे हैं।
पहले, ट्रेन छूटने से 48 घंटे पहले तक फ्लैट चार्ज कटता था। 48 से 12 घंटे के बीच 25% और 12 से 4 घंटे पहले तक टिकट कैंसिल करने पर 50% रिफंड मिल जाता था। अब 50% रिफंड के लिए कम से कम 8 घंटे पहले टिकट कैंसिल करना जरूरी होगा। वेटिंग और RAC टिकटों के लिए फिलहाल पुराने चार्ज (₹20 + GST) ही प्रभावी रहेंगे।
ट्रेन 3 घंटे से ज्यादा लेट होने पर पूरा रिफंड मिलेगा
रेलवे ने स्पष्ट किया है कि कुछ खास परिस्थितियों में रिफंड के पुराने नियम जारी रहेंगे। अगर ट्रेन पूरी तरह कैंसिल हो जाती है या अपने तय समय से 3 घंटे से ज्यादा लेट होती है, तो यात्री TDR फाइल करके पूरा रिफंड क्लेम कर सकते हैं।
इसके अलावा, अगर चार्ट बनने के बाद भी टिकट पूरी तरह वेटिंग में रह जाता है, तो वह ऑटोमैटिक कैंसिल हो जाएगा और पूरा पैसा वापस मिलेगा।