विशाखापट्टनम से दिल्ली आ रही इंडिगो की फ्लाइट 6E 579 की शनिवार सुबह दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। फ्लाइट में 160 यात्री सवार थे।
इमरजेंसी से सेफ लैंडिंग की टाइमलाइन
10.39 बजे: दिल्ली के पास पहुंचते समय विमान के इंजन नंबर-1 में खराबी आई। पायलट को CFM-56 इंजन में तेज वाइब्रेशन महसूस हुआ, इसके बाद इंजन बंद हो गया। पायलटों ने इमरजेंसी घोषित की। दिल्ली एयरपोर्ट से मदद मांगी।
10.53 बजे: फायर डिपार्टमेंट के मुताबिक सुबह 10.53 बजे इमरजेंसी कॉल आया। टीम को अलर्ट पर रखा गया।
10.59 बजे: विमान ने रनवे 28 पर सुरक्षित लैंडिंग की। सभी यात्री और क्रू उतारे गए।
विमान की सुरक्षित लैंडिंग के लिए एयरपोर्ट के रनवे 28 पर 'फुल इमरजेंसी' लागू की गई थी। SOP के तहत रनवे के चारों ओर दमकल की गाड़ियां और एंबुलेंस मौजूद थीं।
जिस बोइंग 737 विमान (TC-CON) के इंजन में खराबी आई, वह तुर्की की कोरेनडन एयरलाइन्स से वेट लीज पर लिया गया है।
इंडिगो ने कहा- विमान की जांच जारी
फ्लाइट 6E 579 में लैंडिंग से ठीक पहले एक तकनीकी खराबी सामने आई। सावधानी बरतते हुए और तय नियमों के मुताबिक पायलटों ने तुरंत एयर ट्रैफिक कंट्रोल से पहले लैंडिंग की अनुमति मांगी। इसके बाद विमान सुरक्षित रूप से दिल्ली के आईजीआई पर उतारा गया। घटना की जानकारी अधिकारियों को दी गई। विमान की जांच और जरूरी मेंटेनेंस किया जा रहा है।
इंडिगो के 148 विमानों में बार-बार खराबी, सरकार ने संसद में बताया था
जनवरी 2025 से देश की छह प्रमुख एयरलाइंस के कुल 754 विमानों की तकनीकी जांच की गई। इनमें से 377 विमानों में बार-बार आने वाली खराबियों की पहचान हुई। यानी एक ही खराबी बार-बार सामने आई, भले ही उसे पहले ठीक कर दिया गया था।
एअर इंडिया ग्रुप के 267 विमानों में से 191 (72%) में बार-बार तकनीकी खराबी पाई गई। इसके बाद इंडिगो का नंबर था। इसके 405 विमानों की जांच की गई। उनमें से 148 में इस साल 3 फरवरी तक रिपीटेटिव डिफेक्ट ( एक ही खराबी बार-बार) पाई गई।
लोकसभा में नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने बताया कि DGCA ने पिछले साल सुरक्षा को लेकर बड़े पैमाने पर जांच की। इस दौरान 3890 सर्विलांस इंस्पेक्शन, 56 ऑडिट, 492 रैंप चेक और 84 विदेशी विमानों की जांच की गई। 874 स्पॉट चेक और 550 नाइट सर्विलांस भी किए गए।