LPG संकट के बीच सरकार का बड़ा कदम, पेट्रोल पंपों से मिलेगा केरोसिन

केंद्र सरकार ने रविवार को बड़ा फैसला लेते हुए केरोसिन की उपलब्धता बढ़ाने के लिए नई व्यवस्था लागू की है। अब राशन की दुकानों के साथ-साथ चुनिंदा पेट्रोल पंपों पर भी केरोसिन मिलेगा, जिससे जरूरतमंद लोगों तक ईंधन की सप्लाई आसान हो सकेगी। इसके तहत सरकारी तेल कंपनियां तय किए गए पेट्रोल पंपों पर केरोसिन का भंडारण और वितरण कर सकेंगी। हर जिले में अधिकतम दो पेट्रोल पंप इस सुविधा के लिए चुने जाएंगे, जहां 5 हजार लीटर तक केरोसिन रखा जा सकेगा।

सप्लाई को सुचारु बनाने के लिए सरकार ने 60 दिनों के लिए सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के नियमों में अस्थायी ढील दी है। इस दौरान केरोसिन डीलरों और एजेंटों को लाइसेंस से छूट दी गई है और टैंकरों से सप्लाई से जुड़े नियम भी आसान किए गए हैं। पेट्रोल पंपों पर केरोसिन स्टोर और वितरण की अनुमति भी इसी अवधि के लिए दी गई है, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।

यह फैसला मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के कारण लिया गया है, जिससे वैश्विक स्तर पर ईंधन सप्लाई प्रभावित हुई है। हालांकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार मौजूद है और सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं। पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता सामान्य बनी हुई है, जबकि घरेलू जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एलपीजी उत्पादन भी बढ़ाया गया है।

सरकार ने यह भी बताया कि कुछ राज्यों में अफवाहों के कारण पेट्रोल पंपों पर भीड़ बढ़ी है, लेकिन किसी भी तरह की कमी नहीं है। लोगों से अपील की गई है कि वे घबराकर खरीदारी न करें। एलपीजी सप्लाई पूरी तरह सामान्य है, जहां रोजाना 55 लाख से अधिक सिलेंडर डिलीवर किए जा रहे हैं और 94% तक बुकिंग ऑनलाइन हो रही है। साथ ही, CNG और PNG उपभोक्ताओं को भी पूरी सप्लाई दी जा रही है।

एलपीजी पर दबाव कम करने के लिए सरकार ने केरोसिन और अन्य वैकल्पिक ईंधनों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने पर जोर दिया है। राज्यों को 48,000 किलोलीटर अतिरिक्त केरोसिन आवंटित किया गया है। इसके अलावा सिटी गैस कंपनियों को होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक संस्थानों में PNG कनेक्शन बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि औद्योगिक और व्यावसायिक उपभोक्ताओं को फिलहाल औसत खपत का 80% गैस ही दी जा रही है।