इजरायल-कुवैत की तेल रिफाइनरी में धमाका, आग भड़की; ट्रंप की धमकी के बाद ईरान के हमले तेज

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव अब बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ती टकराव की स्थिति के बाद हालात तेजी से बिगड़ते नजर आ रहे हैं। अमेरिकी हमले के बाद तेहरान ने खाड़ी देशों के अहम ठिकानों को निशाना बनाने की चेतावनी दी थी, और इसी क्रम में अब कुवैत की मीना अल-अहमदी रिफाइनरी पर ड्रोन अटैक किया गया। इस हमले के चलते रिफाइनरी की कई यूनिट्स में भीषण आग लग गई, जिसे बुझाने के लिए इमरजेंसी टीमें लगातार जुटी हुई हैं।

कुवैत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन के मुताबिक, यह हमला शुक्रवार सुबह ड्रोन के जरिए किया गया, जिससे रिफाइनरी के ऑपरेशनल हिस्सों को भारी नुकसान पहुंचा है। सरकारी एजेंसियों ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सभी जरूरी सुरक्षा उपाय लागू किए गए हैं। चूंकि यह रिफाइनरी देश के सबसे बड़े तेल प्रोसेसिंग केंद्रों में से एक है, इसलिए इस हमले का असर अंतरराष्ट्रीय ऑयल सप्लाई चेन पर भी पड़ सकता है।

इस बीच, सऊदी अरब ने दावा किया है कि उसने ईरान के पांच ड्रोन को हवा में ही मार गिराया है। वहीं तेल अवीव में सायरन बज रहे हैं और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। इजरायल की सेना ने बताया कि उसका एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय है और ईरान से दागी गई मिसाइलों को रोकने का प्रयास कर रहा है।

ईरान का कहना है कि उसके हालिया हमले संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन और इजरायल में मौजूद ठिकानों को निशाना बनाकर किए गए हैं। तेहरान ने इन्हें अमेरिका और इजरायल द्वारा पहले किए गए हमलों का जवाब बताया है, जिससे पूरे क्षेत्र में युद्ध जैसी स्थिति बनती जा रही है।