Sikkim के मंगन जिले में रविवार को लाचेन-चुंगथांग रोड पर तेज बारिश और बर्फबारी के कारण हालात बिगड़ गए। खराब मौसम के चलते भूस्खलन हुआ, जिससे सड़क पर बड़ी दरारें पड़ गईं और करीब 1500 पर्यटक फंस गए। प्रशासन ने तुरंत राहत कार्य शुरू करते हुए सोमवार सुबह से रेस्क्यू ऑपरेशन तेज कर दिया है।
वहीं, Western Disturbance के असर से पूरे उत्तर भारत के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। Uttarakhand के उत्तरकाशी जिले में यमुनोत्री धाम समेत कई इलाकों में बर्फबारी हुई, जबकि राज्य के छह जिलों में बारिश और ओलावृष्टि दर्ज की गई।
इसी तरह Himachal Pradesh के लाहौल-स्पीति के ऊंचे क्षेत्रों में भारी बर्फबारी हुई। गोंदला, केलांग और हंसा में अच्छी खासी बर्फ जमी, जबकि शिमला, कुल्लू और मंडी में ओले गिरने से सेब की फसल को नुकसान पहुंचा है।
Uttar Pradesh में आंधी, बारिश और बिजली गिरने की घटनाओं ने बीते 72 घंटों में 15 लोगों की जान ले ली। काशी, गोंडा, सुल्तानपुर और कानपुर सहित कई जिलों में रुक-रुककर बारिश हुई, वहीं कुछ इलाकों में ओले भी गिरे।
आगे के मौसम की बात करें तो Rajasthan में नया वेदर सिस्टम एक्टिव हो रहा है, जिससे 14 जिलों में तेज बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है। Delhi NCR और हरियाणा के कुछ हिस्सों में भी बारिश और ओलावृष्टि की संभावना है।
अगले दो दिनों में देश के कई राज्यों—हिमाचल प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, अरुणाचल प्रदेश, पश्चिम बंगाल, असम, मेघालय, ओडिशा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल और आंध्र प्रदेश—में आंधी-तूफान और बारिश का असर देखने को मिल सकता है। कुछ जगहों पर तेज हवाएं 60 किमी/घंटा तक की रफ्तार से चलने की भी चेतावनी जारी की गई है।