मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच सीजफायर को लेकर अहम खबर सामने आई है।Reuters के अनुसार, Iran और United States के बीच युद्धविराम का एक प्रस्ताव तैयार किया गया है, जो सोमवार से लागू हो सकता है। इस प्रस्ताव के लागू होने पर रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण Strait of Hormuz को दोबारा खोला जा सकता है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति पर पड़ रहे असर को कम किया जा सकेगा।
सूत्रों के मुताबिक, दोनों देशों के बीच तनाव कम करने के लिए एक फ्रेमवर्क Pakistan ने तैयार किया है और इसे तेजी से दोनों पक्षों के साथ साझा भी किया गया है। इस योजना में तत्काल सीजफायर के बाद एक व्यापक समझौते की दिशा में दो-स्तरीय (टू-लेयर) अप्रोच शामिल है, जिसे आगे चलकर MoU के रूप में अंतिम रूप दिया जा सकता है। बातचीत की इस पूरी प्रक्रिया में पाकिस्तान एक प्रमुख कम्युनिकेशन चैनल की भूमिका निभा रहा है।
इससे पहले 45 दिनों के संभावित सीजफायर को लेकर भी बातचीत की खबरें सामने आई थीं, जिसमें स्थायी शांति की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। प्रस्ताव के तहत तुरंत युद्धविराम लागू करने, होर्मुज स्ट्रेट को खोलने और 15–20 दिनों के भीतर बड़े समझौते को अंतिम रूप देने की योजना शामिल है। इस संभावित समझौते को “इस्लामाबाद अकॉर्ड” नाम दिए जाने की भी चर्चा है।
हालांकि, अब तक इस प्रस्ताव पर न तो Iran और न ही United States की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है। वहीं, ईरान की ओर से पहले यह शर्त रखी गई थी कि वह तभी स्थायी सीजफायर के लिए तैयार होगा, जब उसे यह गारंटी मिले कि Israel और अमेरिका भविष्य में उस पर हमला नहीं करेंगे।
जानकारी के अनुसार, इस प्रस्ताव में यह भी शामिल हो सकता है कि प्रतिबंधों में राहत और फ्रीज किए गए एसेट्स की वापसी के बदले ईरान परमाणु हथियारों के विकास से पीछे हटे। हालांकि, अब तक ईरान की ओर से इस पर कोई स्पष्ट सहमति नहीं दी गई है। इस बीच, होर्मुज स्ट्रेट के जरिए शिपिंग में संभावित रुकावट को लेकर वैश्विक स्तर पर चिंता बनी हुई है, क्योंकि यह मार्ग दुनिया की तेल आपूर्ति के लिए बेहद अहम माना जाता है।