मध्यान्ह भोजन (एमडीएम) योजना के तहत बच्चों को दिए जा रहे खाने की गुणवत्ता को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। हाल के दिनों में कई ऐसी शिकायतें सामने आई हैं, जिनमें भोजन में कीड़े, बाल, पिन और अब साबुन के टुकड़े मिलने जैसी गंभीर लापरवाही उजागर हुई है। इन घटनाओं से अभिभावकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है, जबकि जिम्मेदार विभाग की कार्रवाई अपेक्षा के अनुरूप नजर नहीं आ रही।
नई व्यवस्था के तहत एक स्वयंसेवी संस्था द्वारा पूरे प्रखंड के 138 विद्यालयों के लिए केंद्रीकृत तरीके से भोजन तैयार कर सप्लाई किया जा रहा है। बड़े स्तर पर मशीनों और बॉयलर के जरिए खाना बनाया जाता है, लेकिन आरोप है कि भारी मात्रा में उत्पादन के चलते स्वच्छता मानकों की अनदेखी हो रही है। इसके कारण भोजन की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है और आए दिन गड़बड़ियां सामने आ रही हैं। कई स्कूलों में समय पर खाना नहीं पहुंचने की शिकायत भी है, जिससे बच्चों को भूखे लौटना पड़ रहा है।
रविवार को नयाटोला बेलवा स्थित मदरसा दरबेसिया इस्लामिया में उस समय हड़कंप मच गया, जब बच्चों को परोसे गए भोजन में साबुन का टुकड़ा मिला। बच्चों ने तुरंत खाना छोड़ दिया और स्कूल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही अभिभावक मौके पर पहुंचे और उन्होंने इस लापरवाही पर कड़ी नाराजगी जताते हुए इसे बच्चों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ बताया।
मदरसा के प्रधानाध्यापक हसीबुर रहमान ने माना कि भोजन की गुणवत्ता को लेकर पहले भी शिकायतें मिल चुकी हैं, लेकिन अब तक स्थिति में सुधार नहीं हुआ है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निरीक्षण केवल औपचारिकता बनकर रह गया है। वहीं प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी मुमताज अहमद ने मामले को गंभीर बताते हुए जांच के आदेश दिए हैं और संबंधित कर्मियों को अंतिम चेतावनी जारी की है। अभिभावकों ने जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है।