गुजरात में स्थानीय निकाय चुनावों के मंगलवार को वोटों की गिनती जारी है। बीजेपी ने सभी 15 नगर निगमों पर जीत दर्ज कर ली है।
इनमें मेहसाणा, मोरबी, नाडियाड और वापी ऐसे नगर निगम है, जहां पहली बार चुनाव हुए थे। मेहसाणा, मोरबी और नडियाद में कांग्रेस को अब तक एक भी सीट नहीं मिली है।
अहमदाबाद में गिनती के दौरान पुलिस और भाजपा कार्यकर्ताओं में झड़प हो गई। वहीं, क्रिकेटर रवींद्र जडेजा की बहन नयनाबा कांग्रेस की टिकट पर राजकोट से हार गई हैं।
सूरत नगर निगम की 120 सीटों में से भाजपा ने 115 सीटें जीती हैं। वहीं, AAP 4 सीटों पर सिमट गई है। AAP ने 2021 में 27 सीटें जीती थीं। कांग्रेस के खाते में एक सीट गई है।
इधर, भुज नगर पालिका में असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM के 3 उम्मीदवारों को जीत मिली है।
चुनाव से जुड़ी 4 बड़ी बातें…
चूड़ियां बेचने वाली संशीबेन कांगशिया बहुचराजी नगरपालिका के वार्ड-4 से पार्षद बनीं।
भरुच के पालेज तालुका पंचायत सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार को सिर्फ 1 वोट से जीत मिली।
भेसन सीट पर बीजेपी के पूर्व विधायक भूपतभाई भयानी की हार हुई, आम आदमी पार्टी के दिनेश रूपारेलिया ने 1700 वोटों से हराया।
जामनगर नगर निगम वार्ड-12 में AAP के असलम खिलजी और कांग्रेस के अल्ताफ खफी जेल में रहते हुए चुनाव जीते, दोनों पर गुजरात अधिनियम के तहत केस दर्ज है।
4 करोड़ से ज्यादा मतदाताओं ने वोट किया
राज्य के 15 नगर निगम, 84 नगरपालिका, 34 जिला पंचायत और 260 तालुका पंचायत के लिए 26 अप्रैल को वोटिंग हुई थी। इनमें 4 करोड़ 18 लाख से ज्यादा मतदाताओं ने वोट डाले थे। 15 नगर निगमों में 55.1% मतदान हुआ। नगरपालिकाओं में 65.53%, जिला पंचायतों में 66.64% और तालुका पंचायतों में 67.26% वोटिंग दर्ज की गई थी।
पिछले चुनाव में बीजेपी ने 8,470 में से 6,236 सीटें जीती थीं
2021 के स्थानीय चुनाव में BJP ने शानदार जीत हासिल की थी। पार्टी नगरपालिकाओं की 8,470 सीट में से 6,236 सीट जीती थीं। BJP ने तब सभी छह नगर निगमों के अलावा 81 नगरपालिकाओं, 32 जिला पंचायतों और 231 तालुका पंचायतों पर अपना दबदबा बनाए रखा था।
अहमदाबाद में ओवैसी की पार्टी AIMIM के 7 पार्षद चुने गए थे। आम आदमी पार्टी (AAP) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए गुजरात की राजनीति में तीसरी ताकत के रूप में एंट्री की थी। सूरत नगर निगम में आप ने 120 में से 27 सीटें जीतकर सबको चौंका दिया था। AAP इस बार 5,000 सीटों पर चुनाव लड़ रही है।
2015 के चुनावों में भाजपा कुल 31 में से भाजपा केवल 8 जिला पंचायतों में ही जीत हासिल कर सकी थी। वहीं कांग्रेस ने 23 जिला पंचायतों में जीत दर्ज की थी।