Uttarakhand में नशे की लत तेजी से बढ़ रही है। हालात ऐसे हैं कि राज्य में हर दिन औसतन तीन लोगों पर एनडीपीएस एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज हो रही है। बीते एक साल में राज्य में इस कानून के तहत 1162 मामले सामने आए, जिनमें 267 तस्करों के खिलाफ कार्रवाई की गई, जबकि 895 लोग नशे का सेवन करते पकड़े गए। यह आंकड़े राज्य के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गए हैं।
देश के 10 पहाड़ी राज्यों में मादक पदार्थों का सेवन और तस्करी लगातार बढ़ रही है। Haldwani जैसे शहरों में नशे की गिरफ्त में आए युवाओं द्वारा गंभीर अपराध तक किए जा रहे हैं। हाल ही में यहां नशे के आदी युवाओं ने डबल मर्डर जैसी वारदात को अंजाम दिया, जिसके आरोपी फिलहाल जेल में हैं। वहीं, तस्करी के मामलों में Himachal Pradesh उत्तराखंड से आगे निकलता दिखाई दे रहा है।
National Crime Records Bureau की 2024 की रिपोर्ट में उत्तराखंड समेत कई पहाड़ी राज्यों में एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज मामलों को चिंताजनक बताया गया है। रिपोर्ट के अनुसार कहीं नशे का सेवन तेजी से बढ़ रहा है, तो कहीं ड्रग्स तस्करी के नेटवर्क सक्रिय हो चुके हैं।
शुक्रवार को Banbhoolpura में पुलिस ने 24 वर्षीय युवक को 20 नशे के इंजेक्शन के साथ गिरफ्तार किया। पूछताछ में युवक ने बताया कि वह लंबे समय से इंजेक्शन के जरिए नशा करता है और इसी वजह से दो बार जेल भी जा चुका है। उसने यह भी बताया कि नशे की लत के कारण वह एचआईवी से संक्रमित हो चुका है। पुलिस ने उसे एनडीपीएस एक्ट के तहत जेल भेज दिया।
इसी तरह Kathgodam थाना क्षेत्र में एक 72 वर्षीय बुजुर्ग अपने बेटे की नशे की आदत से परेशान होकर पुलिस के पास पहुंचे। बुजुर्ग ने आरोप लगाया कि उनका बेटा नशे का आदी हो चुका है और रोकने पर उनके साथ मारपीट तक करने लगा। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने युवक को हिरासत में ले लिया।