दक्षिण-पश्चिम मानसून ने भारत की ओर बढ़ना शुरू कर दिया है। फिलहाल यह अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के दक्षिणी सिरे से लेकर उत्तरी सिरे तक छा चुका है। मौसम विभाग ने तय तारीख एक जून से पहले 22 से 26 मई के बीच मानसून के केरलम पहुंचने की संभावना जताई है।
इस बार मानसून की रफ्तार धीमी रहने की आशंका ज्यादा है। इसलिए लगातार बारिश के बजाय मानसून बार-बार अटकेगा। एक ही जगह ठहरा रहेगा। इसमें बिना बारिश के दिनों की संख्या (मानसून ब्रेक) ज्यादा रह सकती है। जून से सितंबर के दौरान 7 से 14 दिन तक के कई ब्रेक आ सकते हैं।
निजी मौसम एजेंसी स्काईमेट वेदर के अध्यक्ष जीपी शर्मा कहते हैं कि इस बार मानसून पर 2002 जैसा खतरा दिख रहा है। तब मानसून 29 मई को केरल पहुंच गया था। सामान्य रूप से ये 35 से 38 दिनों में पूरे भारत को कवर कर लेता है। लेकिन, 2002 में उसे 79 दिन लगे थे और 15 अगस्त को मानसून पूरे देश में छाया था।
इस बीच अगले 7 दिन उत्तर और मध्य भारत के 10 राज्यों में हीटवेव का अलर्ट है। निजी मौसम एजेंसी स्काईमेट के मुताबिक मंगलवार को पूर्वोत्तर और दक्षिणी इलाकों को छोड़कर लगभग आधे देश में हीटवेव का असर रहेगा। औसत तापमान 45°C तक रह सकता है।
एमपी-राजस्थान समेत 6 राज्यों में पारा 46°C पार
उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और महाराष्ट्र में सोमवार को अधिकतम पारा 46°C से ज्यादा रहा। उत्तर प्रदेश का बांदा 47.6°C के साथ देश में सबसे गर्म रहा। पंजाब के बठिंडा में 47°C, महाराष्ट्र के वर्धा में 46.5°C, हरियाणा के सिरसा में 46.2°C, राजस्थान के चित्तौड़गढ़-पिलानी में 46.2°C तापमान रहा।
अगले दो दिन के मौसम का हाल
20 मई:
राजस्थान के 19 जिलों में, यूपी के 33 जिलों और पंजाब के 10 जिलों में हीटवेव का अलर्ट।
झारखंड में बारिश का ऑरेंज अलर्ट।
जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड में बारिश के साथ ओले गिर सकते हैं।
21 मई:
राजस्थान में गंभीर हीटवेव का अलर्ट है। रातें भी गर्म रहेंगी। छत्तीसगढ़, हरियाणा, दिल्ली, मध्य प्रदेश, पंजाब, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में भी हीटवेव चलेगी।
असम, मेघालय, केरल, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, कर्नाटक और तमिलनाडु में भारी बारिश का अनुमान है।