Indian Premier League में खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ की सुरक्षा को लेकर Board of Control for Cricket in India ने सख्त कदम उठाए हैं। हनी ट्रैप और सुरक्षा उल्लंघन की आशंकाओं के बीच बोर्ड ने खिलाड़ियों के होटल रूम, टीम बस और डगआउट में बाहरी लोगों की एंट्री पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए हैं। साथ ही फ्रेंचाइजी मालिकों की गतिविधियों पर भी निगरानी बढ़ा दी गई है।
BCCI की एंटी करप्शन एंड सिक्योरिटी यूनिट (ACSU) की रिपोर्ट में कई मैचों के दौरान टीम होटल, डगआउट और बस में ऐसे लोगों की मौजूदगी सामने आई, जिन्हें वहां रहने की अनुमति नहीं थी। बोर्ड ने इसे सुरक्षा प्रोटोकॉल का गंभीर उल्लंघन माना है।
BCCI सचिव Devajit Saikia ने सभी फ्रेंचाइजी को भेजे निर्देश में कहा है कि अब किसी भी खिलाड़ी या स्टाफ के कमरे में कोई मेहमान तभी जा सकेगा, जब टीम मैनेजर से लिखित मंजूरी ली गई हो। खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ को होटल से अनियमित समय पर बाहर जाने से भी रोका गया है। यदि किसी जरूरी काम से बाहर जाना हो तो सिक्योरिटी लायजन ऑफिसर और टीम इंटीग्रिटी ऑफिसर को पहले से सूचना देना अनिवार्य होगा।
बोर्ड ने मैच के दौरान फ्रेंचाइजी मालिकों की खिलाड़ियों से सीधे संपर्क पर भी रोक लगा दी है। अब मालिक ड्रेसिंग रूम, डगआउट या मैदान में जाकर खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ से बातचीत नहीं कर सकेंगे।
IPL 2026 में वेपिंग और ई-सिगरेट के मामलों ने भी BCCI की चिंता बढ़ाई है। Riyan Parag पर इस मामले में जुर्माना लगाया जा चुका है, जबकि Yuzvendra Chahal का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसके बाद बोर्ड ने ड्रेसिंग रूम, होटल और प्रैक्टिस एरिया समेत IPL से जुड़े सभी स्थानों पर वेपिंग और ई-सिगरेट के इस्तेमाल पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है।
BCCI ने चेतावनी दी है कि नए नियमों का उल्लंघन करने पर खिलाड़ियों, सपोर्ट स्टाफ या फ्रेंचाइजी पर जुर्माना, सस्पेंशन या डिस्क्वालिफिकेशन जैसी कार्रवाई की जा सकती है।
फिक्सिंग और भ्रष्टाचार रोकने के लिए IPL में 'प्लेयर्स एंड मैच ऑफिशियल्स एरिया' (PMOA) प्रोटोकॉल लागू किया जाता है। इसके तहत ड्रेसिंग रूम, डगआउट और मैच से जुड़े खास इलाकों में केवल खिलाड़ियों, कोच, सपोर्ट स्टाफ और अधिकृत अधिकारियों को ही प्रवेश की अनुमति होती है। इस क्षेत्र में मोबाइल फोन और किसी भी प्रकार के कम्युनिकेशन डिवाइस का इस्तेमाल भी प्रतिबंधित रहता है।
हाल ही में Rajasthan Royals के टीम मैनेजर रोमी भिंडर को गुवाहाटी में Royal Challengers Bengaluru के खिलाफ मैच के दौरान डगआउट में मोबाइल फोन इस्तेमाल करते देखा गया था, जिसके बाद सुरक्षा नियमों को और सख्ती से लागू करने का फैसला लिया गया।
BCCI पहले भी IPL की साख और पारदर्शिता को लेकर सख्त रुख अपनाता रहा है। 2013 के स्पॉट फिक्सिंग विवाद के बाद एंटी-करप्शन यूनिट की भूमिका और मजबूत की गई थी। हर टीम के साथ एक ACSU अधिकारी तैनात रहता है, जो खिलाड़ियों की गतिविधियों और उनसे मिलने वाले लोगों पर नजर रखता है। बोर्ड का मानना है कि शुरुआती स्तर पर सख्ती बरतकर किसी भी बड़े सुरक्षा खतरे को रोका जा सकता है।









