15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने राजस्थान रॉयल्स के लिए दूसरी सबसे तेज फिफ्टी का रिकॉर्ड बनाया। वैभव की इस पारी की बदौलत राजस्थान ने मंगलवार को गुवाहाटी में चेन्नई सुपर किंग्स को 8 विकेट से हराया।
सोमवार को चेन्नई 19.4 ओवर में 127 रन पर ऑलआउट हो गई। इसके जवाब में राजस्थान ने 12.1 ओवर में 2 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया। यह राजस्थान रॉयल्स की सबसे बड़ी जीत रही।
RR Vs CSK चौथे मैच के टॉप रिकॉर्ड्स…
1. गेंद बाकी रहने के लिहाज से राजस्थान की सबसे बड़ी जीत
राजस्थान ने 47 गेंद रहते अपने IPL इतिहास का सबसे बड़ा रनचेज किया। इससे पहले 2014 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ 42 गेंद बाकी रहते जीत हासिल की थी।
मुंबई इंडियंस ने चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ सबसे ज्यादा 21 मैच जीते हैं। इसके बाद पंजाब किंग्स और राजस्थान रॉयल्स 16-16 जीत के साथ दूसरे नंबर पर हैं।
2020 के बाद से राजस्थान ने चेन्नई के खिलाफ पिछले 11 मुकाबलों में से 9 में जीत हासिल की है।
2. वैभव की राजस्थान के लिए दूसरी सबसे तेज फिफ्टी
वैभव सूर्यवंशी ने 15 गेंदों में अर्धशतक जड़ा। यह राजस्थान के लिए दूसरी सबसे तेज फिफ्टी है। टॉप पर यशस्वी जायसवाल हैं, जिन्होंने 2023 में कोलकाता के खिलाफ सिर्फ 13 गेंदों में अर्धशतक लगाया था।
3. ओवरटन ने धोनी का रिकॉर्ड तोड़ा
जैमी ओवरटन ने 43 रन की पारी खेलकर CSK के लिए नंबर-8 या उससे नीचे बल्लेबाजी करते हुए सबसे बड़ा स्कोर बना दिया। इससे पहले यह रिकॉर्ड एम एस धोनी के नाम था, जिन्होंने 2024 में विशाखापट्टनम में दिल्ली के खिलाफ नाबाद 37 रन बनाए थे।
4. कम्बोज-ओवरटन की रिकॉर्ड साझेदारी
अंशुल कम्बोज और जैमी ओवर्टन ने 10वें विकेट के लिए 33 रन जोड़े। यह CSK की ओर से आखिरी विकेट की सबसे बड़ी साझेदारी है। इससे पहले यह रिकॉर्ड 26 रन का था, जो एम एस धोनी और मोहित शर्मा के नाम 2013 में दर्ज हुआ था।
ओवरऑल IPL में 10वें विकेट के लिए यह तीसरी सबसे बड़ी साझेदारी रही। पहले पायदान पर शिखर धवन और मोहित राठी हैं। दोनों ने मिलकर पंजाब के लिए खेलते हुए हैदराबाद के खिलाफ नाबाद 55 रन जोड़े थे।
5. पांच साल बाद संजू पहले मैच में फिफ्टी से चूके
संजू सैमसन 2020 के बाद पहली बार किसी सीजन के पहले मैच में 50+ स्कोर नहीं बना सके। 2021 में उन्होंने शतक लगाया था। 2022, 2023, 2024, 2025 में संजू ने 50 से ज्यादा रन बनाए थे।
6. पहली बार धोनी-रैना के बिना उतरी चेन्नई
चेन्नई सुपर किंग्स के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ, जब टीम मैदान पर उतरी और प्लेइंग इलेवन में न तो एम एस धोनी थे और न ही सुरेश रैना।
अब तक चेन्नई के 277 मैचों (253 IPL + 24 चैंपियंस लीग (CLT20)) में हमेशा इन दोनों में से कम से कम एक खिलाड़ी टीम का हिस्सा रहा था। रैना 2022 में रिटायर हो चुके हैं, जबकि धोनी चोट के कारण इस सीजन के शुरुआती मुकाबले नहीं खेल रहे हैं।









