टी20 वर्ल्ड कप जीत चुके ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी ने पेशेवर क्रिकेट से लिया संन्यास

ऑस्‍ट्रेलिया के तेज गेंदबाज केन रिचर्डसन ने पेशेवर क्रिकेट से संन्‍यास की घोषणा की। इस तरह उन्‍होंने 17 साल के लंबे करियर पर विराम लगाया। 34 साल के रिचर्डसन 2021 टी20 वर्ल्‍ड कप जीतने वाली ऑस्‍ट्रेलियाई टीम के सदस्‍य थे। इसके अलावा 2019 वनडे वर्ल्‍ड कप में भी वो ऑस्‍ट्रेलियाई टीम का हिस्‍सा थे।

रिचर्डसन बिग बैश लीग इतिहास के सबसे प्रभावशाली गेंदबाजों में से एक भी रहे। उन्‍होंने मौजूदा सीजन में सिडनी सिक्‍सर्स के साथ एक साल का करार किया था, लेकिन संन्‍यास की घोषणा से पहले उन्‍होंने केवल दो मैच खेले।

रिचर्डसन बीबीएल में पांचवें सबसे ज्‍यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज रहे। उन्‍होंने 15 सीजन में 142 विकेट चटकाए। इस दौरान रिचर्डसन ने एडिलेड स्‍ट्राइकर्स, मेलबर्न रेनेगेड्स और सिडनी सिक्‍सर्स का प्रतिनिधित्‍व किया।

रेनेगेड्स को खिताब दिलाया

केन रिचर्डसन मेलबर्न रेनेगेड्स के प्रमुख खिलाड़‍ियों में से एक रहे, जिसने 2018-19 सीजन में बीबीएल खिताब जीता। मेलबर्न का प्रतिनिधित्‍व करते हुए केन रिचर्डसन ने 80 मैचों में 104 विकेट झटके।

रिचर्डसन का इंटरनेशनल करियर

अगर अंतरराष्‍ट्रीय स्‍तर पर ध्‍यान दें तो रिचर्डसन ने 25 वनडे और 36 टी20 इंटरनेशनल मैचों में ऑस्‍ट्रेलिया का प्रतिनिध‍ित्‍व किया। दाएं हाथ के तेज गेंदबाज ने वनडे में 39 विकेट लिए जबकि टी20 इंटरनेशनल प्रारूप में 45 विकेट चटकाए।

इंस्‍टा पोस्‍ट के जरिये की घोषणा

केन रिचर्डसन ने अपने आधिकारिक इंस्‍टाग्राम अकाउंट के जरिये संन्‍यास की घोषणा की। उन्‍होंने ऑस्‍ट्रेलियाई क्रिकेटर्स एसोसिएश द्वारा बयान भी जारी किया।

इसमें रिचर्डसन ने कहा, '2009 में अपना डेब्‍यू करने से लेकर अब तक, मुझे लगा कि मैंने अपना पूरा दम झोंका और अब खत्‍म करने का सही समय है ताकि अपनी जिंदगी का आनंद उठा सकूं। मैं भाग्‍यशाली रहा कि देश का प्रतिनिधित्‍व कर सका और दुनियाभर में कई फ्रेंचाइजी का प्रतिनिधित्‍व भी किया। मैंने कभी मौके को हल्‍के में नहीं लिया और मुझे उम्‍मीद है कि जिन लोगों ने मुझे देखा, वो जानते थे कि बचपन से ही मैंने क्रिकेटर बनने का सपना देखा था।'

समर्थकों को दिया धन्‍यवाद

केन रिचर्डसन ने अपने करियर में समर्थन करने वालों को धन्‍यवाद दिया। उन्‍होंने कहा, 'मैं उन सभी कोचों, प्रशासकों और साथी खिलाड़‍ियों को धन्‍यवाद देना चाहता हूं, जिन्‍होंने मेरे करियर को आकार देने में समर्थन दिखाया। विशेषकर मेरे शुरुआती दिन वालों को, जिन्‍होंने साउथ ऑस्‍ट्रेलिया और नॉर्दन क्षेत्र में मुझे खेलते देखा।'

बहरहाल, ऑस्‍ट्रेलिया के अलावा केन रिचर्डसन ने दुनियाभर की टी20 लीग में अपना जलवा बिखेरा। उन्‍होंने आईपीएल में चार सीजन में खेला। टी20 ब्‍लास्‍ट, आईएलटी20, द हंड्रेड में भी अपना जलवा बिखेरा।


...

टीम इंडिया ने रचा इतिहास: 209 रन चेज कर T20I में बनाया नया कीर्तिमान

रायपुर में खेले गए दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में टीम इंडिया ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया। भारत ने 209 रन के विशाल लक्ष्य को महज 15.2 ओवर में हासिल कर लिया। इस यादगार रन चेज में ईशान किशन और सूर्यकुमार यादव ने अहम भूमिका निभाई। टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में यह पहली बार हुआ है जब किसी टीम ने छह या उससे कम रन पर दो विकेट गंवाने के बावजूद 200 से अधिक रन का लक्ष्य सफलतापूर्वक हासिल किया हो।

इस जीत के साथ भारत ने एक पुराना रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिया। इससे पहले 2023 में रावलपिंडी में खेले गए टी20 मैच में न्यूजीलैंड ने पाकिस्तान के खिलाफ 194 रन का लक्ष्य तब हासिल किया था, जब उसका स्कोर चार रन पर दो विकेट था। हालांकि, वह लक्ष्य 200 से कम था। भारत ने अब 200 से अधिक रन का लक्ष्य चेज कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। यह टी20I में छठी बार है जब टीम इंडिया ने 200 रन से ज्यादा का लक्ष्य सफलतापूर्वक हासिल किया है।

टीम इंडिया ने इस मुकाबले में पापुआ न्यू गिनी का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया। इससे पहले 2022 में पापुआ न्यू गिनी ने सिंगापुर के खिलाफ पांच रन पर दो विकेट गंवाने के बावजूद 204 रन का लक्ष्य हासिल किया था। भारत का 209 रन का यह चेज अब टी20I इतिहास का सबसे बड़ा रन चेज बन गया है, जिसमें किसी टीम के शुरुआती दो विकेट दस रन से भी कम पर गिरे हों।

इस जीत के साथ भारत ने पांच मैचों की टी20 सीरीज में न्यूजीलैंड के खिलाफ 2-0 की बढ़त बना ली है। मैच में ईशान किशन ने 76 रन की अहम पारी खेली, जबकि सूर्यकुमार यादव ने नाबाद 82 रन बनाकर जीत सुनिश्चित की। सीरीज अपने नाम करने के लिए भारत को अब तीसरा टी20 जीतना होगा। सीरीज का तीसरा मुकाबला 25 जनवरी को गुवाहटी में खेला जाएगा। इससे पहले नागपुर में खेले गए पहले टी20 में भारत ने न्यूजीलैंड को 48 रन से हराया था। आगामी 7 फरवरी से शुरू होने वाले टी20 वर्ल्ड कप को देखते हुए टीम इंडिया इस शानदार फॉर्म को बरकरार रखना चाहेगी।


...

बीसीबी से नहीं मिला जवाब, टी20 वर्ल्ड कप में दूसरे देश को बुलाने के लिए तैयार आईसीसी

इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (International Cricket Council) ने भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में अगले महीने शुरू होने वाले टी20 वर्ल्ड कप को लेकर बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (Bangladesh Cricket Board) को भागीदारी की पुष्टि के लिए जो समय-सीमा दी थी, वह समाप्त हो चुकी है। तय वक्त तक कोई आधिकारिक जवाब न मिलने के बाद आईसीसी अब बांग्लादेश के विकल्प पर विचार करने के लिए तैयार है।

क्रिकबज की रिपोर्ट के अनुसार, निर्धारित डेडलाइन तक बीसीबी की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। हालांकि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में सरकारी अधिकारियों और खिलाड़ियों के बीच बातचीत की बात कही गई है, लेकिन आधिकारिक तौर पर बीसीबी की चुप्पी बनी हुई है।

ऐसे में आईसीसी के सामने रास्ता साफ नजर आता है। अगर बांग्लादेश को टूर्नामेंट में हिस्सा लेना होता, तो वह समय रहते अपनी सहमति दे चुका होता। अब हालात को देखते हुए आईसीसी बांग्लादेश की जगह किसी दूसरी टीम को आमंत्रित कर सकती है। सूत्रों के मुताबिक, संभावित विकल्प के तौर पर Scotland national cricket team का नाम सबसे आगे है और बीते 24 घंटों में इसी पर मंथन हुआ है।

इससे पहले बीसीबी अध्यक्ष अमिनुल इस्लाम ने बयान दिया था कि वह अपनी टीम को भारत भेजने के इच्छुक नहीं हैं। उनका कहना था कि खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं हैं, इसी वजह से भारत दौरे पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

पूरा विवाद तब गहराया जब भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (Board of Control for Cricket in India) ने मुस्तफिजुर रहमान को आईपीएल-2026 से बाहर कर दिया। रहमान को कोलकाता नाइट राइडर्स ने 9.20 करोड़ रुपये में खरीदा था, लेकिन बांग्लादेश में हिंदुओं पर कथित अत्याचारों के विरोध के बीच भारत में बने माहौल को देखते हुए उन्हें Indian Premier League से हटाया गया। इसके बाद ही बांग्लादेश ने भारत में मैच खेलने से इनकार कर श्रीलंका में मुकाबले कराने की मांग रखी, जिसे आईसीसी ने शेड्यूल का हवाला देते हुए स्वीकार नहीं किया।


...

अंडर-19 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान पर बेईमानी का आरोप, विरोधी टीम को रोकने के लिए अपनाई कथित घिनौनी चाल

अंडर-19 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान की जीत के बाद विवाद खड़ा हो गया है। पाकिस्तान ने जिम्बाब्वे को हराकर सुपर सिक्स में जगह तो बना ली, लेकिन उस पर जानबूझकर खेल को धीमा करने के आरोप लग रहे हैं। जिम्बाब्वे ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 128 रन बनाए थे, जिसे पाकिस्तान ने 26.2 ओवर में दो विकेट खोकर हासिल किया। आरोप है कि पाकिस्तान यह लक्ष्य काफी पहले हासिल कर सकता था, लेकिन उसने रणनीति के तहत 25 ओवर के बाद ही जीत दर्ज की।

इस मैच का असर स्कॉटलैंड पर पड़ा। नेट रन रेट के समीकरण में पाकिस्तान का अगले दौर में पहुंचना तय था, जबकि मुकाबला जिम्बाब्वे और स्कॉटलैंड के बीच था। यदि पाकिस्तान 25.2 ओवर से पहले लक्ष्य हासिल कर लेता तो जिम्बाब्वे का नेट रन रेट खराब होता और स्कॉटलैंड सुपर सिक्स में पहुंच सकता था। बताया जा रहा है कि पाकिस्तान ने 14वें ओवर के बाद जानबूझकर रन गति धीमी कर दी, जिससे जिम्बाब्वे को फायदा हुआ और वह भी अगले दौर में पहुंच गया।

नियमों के मुताबिक, सुपर सिक्स में वही नेट रन रेट माना जाता है जो क्वालिफाई करने वाली टीमों के बीच होता है। पाकिस्तान ने जिम्बाब्वे को स्कॉटलैंड की तुलना में बड़े अंतर से हराया था, जिससे उसका नेट रन रेट बेहतर रहा। इससे स्कॉटलैंड के साथ-साथ इंग्लैंड को भी नुकसान हुआ, क्योंकि इंग्लैंड ने ग्रुप-सी में स्कॉटलैंड को बड़े अंतर से हराया था, लेकिन स्कॉटलैंड के बाहर होने से इंग्लैंड को उस जीत का फायदा अगले दौर में नहीं मिल पाएगा।


...

न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत का अब तक का सबसे बड़ा टी-20 स्कोर

भारत ने नागपुर में खेले गए पहले टी-20 इंटरनेशनल मुकाबले में न्यूजीलैंड को 48 रन से हराकर सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली है। बुधवार को पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम ने 7 विकेट पर 238 रन बनाए। यह न्यूजीलैंड के खिलाफ टी-20 इंटरनेशनल में भारत का अब तक का सबसे बड़ा स्कोर है। जवाब में कीवी टीम 20 ओवर में 190 रन ही बना सकी।

भारत की इस शानदार जीत के सबसे बड़े हीरो अभिषेक शर्मा रहे, जिन्होंने विस्फोटक अंदाज में 84 रन की पारी खेली। इस दौरान उन्होंने चौथी बार एक पारी में 8 या उससे ज्यादा छक्के लगाए। वहीं न्यूजीलैंड की पारी की शुरुआत में ही भारत को बड़ी सफलता मिली, जब पहले ओवर में संजू सैमसन ने डेवोन कॉन्वे का एक हाथ से शानदार डाइविंग कैच लपका।

पहले टी-20 के टॉप रिकॉर्ड्स और मोमेंट्स

न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत का सबसे बड़ा टी-20 स्कोर

नागपुर में भारत ने न्यूजीलैंड के खिलाफ 238/7 रन बनाए, जो इस टीम के खिलाफ भारत का सर्वोच्च टी-20 स्कोर है। इससे पहले भारत का सर्वश्रेष्ठ स्कोर 234/4 रन था, जो 2023 में अहमदाबाद में बना था। न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत अब तक 5 बार 200 से ज्यादा रन बना चुका है।

सूर्यकुमार यादव का रिकॉर्ड 100वां टी-20I मैच

सूर्यकुमार यादव ने डेब्यू के बाद सिर्फ 1774 दिनों में अपना 100वां टी-20 इंटरनेशनल मैच खेल लिया। फुल मेंबर देशों के खिलाड़ियों में यह उपलब्धि हासिल करने वाले वह सबसे तेज खिलाड़ी बन गए हैं। इससे पहले यह रिकॉर्ड बाबर आजम के नाम था, जिन्हें 100 टी-20 खेलने में 2410 दिन लगे थे।

अभिषेक शर्मा की सबसे तेज फिफ्टी

अभिषेक शर्मा ने न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत की ओर से सबसे तेज टी-20 अर्धशतक जड़ा। उन्होंने महज 22 गेंदों में अपनी फिफ्टी पूरी की। इससे पहले यह रिकॉर्ड केएल राहुल और रोहित शर्मा के नाम था, जिन्होंने 23-23 गेंदों में अर्धशतक लगाए थे।

इसके साथ ही अभिषेक 25 या उससे कम गेंदों में सबसे ज्यादा बार फिफ्टी लगाने वाले बल्लेबाज भी बन गए हैं। उन्होंने यह कारनामा 8 बार किया है। इस सूची में फिल सॉल्ट, सूर्यकुमार यादव और एविन लुईस 7-7 बार के साथ संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर हैं।

8+ छक्कों की पारियों में अभिषेक सबसे आगे

टी-20 इंटरनेशनल में भारत के लिए एक पारी में 8 या उससे ज्यादा छक्के लगाने के मामले में अभिषेक शर्मा सबसे आगे निकल गए हैं। उन्होंने यह उपलब्धि 4 बार हासिल की है। रोहित शर्मा और संजू सैमसन ने 3-3 बार यह कारनामा किया है। इसी मैच में अभिषेक ने टी-20 क्रिकेट (इंटरनेशनल और लीग मिलाकर) में अपने 5000 रन भी पूरे किए।

भारत 44वीं बार 200 पार

पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने 238 रन बनाए, जो टी-20 इंटरनेशनल में भारत का 44वां 200+ स्कोर है। यह किसी भी टीम द्वारा सबसे ज्यादा है। इस लिस्ट में दक्षिण अफ्रीका 27 बार के साथ दूसरे नंबर पर है।

मैच के खास मोमेंट्स

805 दिन बाद ईशान किशन की वापसी

ईशान किशन ने 805 दिन बाद टी-20 इंटरनेशनल में वापसी करते हुए पहली ही गेंद पर चौका जड़ा। उन्होंने काइल जैमिसन की फुल लेंथ गेंद को लॉन्ग ऑफ के ऊपर से बाउंड्री के बाहर भेजा। हालांकि वह 8 रन बनाकर जैकब डफी की गेंद पर आउट हो गए।

पहली गेंद पर चौके

ईशान किशन, सूर्यकुमार यादव और हार्दिक पांड्या—तीनों ने अपनी-अपनी पहली गेंद पर चौका लगाया। ईशान ने जैमिसन की गेंद पर सीधा शॉट खेला, सूर्या ने जैकब डफी पर क्लासिक ड्राइव लगाया, जबकि हार्दिक ने मिचेल सैंटनर की गेंद पर आगे बढ़कर चौका जड़ा।

संजू सैमसन का शानदार कैच

न्यूजीलैंड की पारी की दूसरी ही गेंद पर अर्शदीप सिंह ने डेवोन कॉन्वे को आउट कर दिया। कॉन्वे का हल्का एज विकेटकीपर की ओर गया, जहां संजू सैमसन ने बाईं ओर डाइव लगाकर एक हाथ से शानदार कैच लपका। कॉन्वे बिना खाता खोले आउट हुए।

रिंकू सिंह से छूटा आसान मौका

11वें ओवर में मार्क चैपमैन को जीवनदान मिला, जब जसप्रीत बुमराह की गेंद पर रिंकू सिंह उनसे हाई कैच नहीं पकड़ सके।

अक्षर पटेल चोटिल

16वें ओवर में अक्षर पटेल की उंगली पर गेंद लग गई, जिसके बाद उन्हें मैदान छोड़ना पड़ा। उनके ओवर को अभिषेक शर्मा ने पूरा किया। डेरिल मिचेल के जोरदार शॉट को रोकने की कोशिश में अक्षर की गेंदबाजी वाली उंगली पर गेंद लगी।.


...

वर्ल्ड कप से पहले भारत की आखिरी टी-20 सीरीज, टीम संयोजन पर टिकी रहेंगी सभी की निगाहें

भारतीय क्रिकेट टीम बुधवार को साल का अपना पहला टी-20 इंटरनेशनल मुकाबला खेलेगी। नागपुर के विदर्भ क्रिकेट मैदान पर भारतीय क्रिकेट टीम का सामना न्यूजीलैंड से होगा। इस मुकाबले में टीम इंडिया की कमान सूर्यकुमार यादव के हाथों में होगी। मैच शाम 7 बजे से खेला जाएगा।

पांच मैचों की यह टी-20 सीरीज भारत की वर्ल्ड कप तैयारियों का आखिरी और अहम टेस्ट मानी जा रही है। टीम इंडिया को 7 फरवरी से अपने घरेलू मैदानों पर टी-20 वर्ल्ड कप खेलना है, ऐसे में यह सीरीज खिलाड़ियों के फॉर्म और टीम कॉम्बिनेशन को परखने का बड़ा मौका होगी।

कप्तान सूर्यकुमार यादव के प्रदर्शन पर खास नजरें रहेंगी। वे हाल के मुकाबलों में रन बनाने के लिए संघर्ष करते दिखे हैं। पिछले 19 टी-20 मैचों में वे एक भी अर्धशतक नहीं लगा सके हैं और इस दौरान उनके बल्ले से कुल 218 रन ही निकले हैं।

इस सीरीज में तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की भी वापसी हो रही है। बुमराह को न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज से आराम दिया गया था। वहीं ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या भी टीम में लौट रहे हैं, जिससे भारतीय टीम का संतुलन मजबूत होगा।

भारत के पास इस टी-20 सीरीज में वनडे सीरीज की हार का हिसाब चुकता करने का मौका भी है। टीम इंडिया को हाल ही में तीन मैचों की वनडे सीरीज में न्यूजीलैंड के खिलाफ 1-2 से हार का सामना करना पड़ा था।

टीम चयन की बात करें तो तिलक वर्मा चोट के कारण टी-20 सीरीज से बाहर हो गए हैं। उनकी जगह ईशान किशन को नंबर-3 पर बल्लेबाजी का मौका मिलेगा। कप्तान सूर्यकुमार यादव ने इसकी पुष्टि भी कर दी है।

हेड-टु-हेड रिकॉर्ड

भारत और न्यूजीलैंड के बीच अब तक 25 टी-20 इंटरनेशनल मैच खेले गए हैं। इनमें भारत ने 12 मुकाबले जीते हैं, जबकि न्यूजीलैंड को 10 मैचों में जीत मिली है। तीन मुकाबले टाई रहे हैं। घरेलू मैदानों पर भारत का रिकॉर्ड मजबूत रहा है, जहां टीम ने 11 में से 7 मैच जीते हैं। यानी घर में भारत की जीत का प्रतिशत करीब 63% रहा है।

पिच और मौसम रिपोर्ट

नागपुर की पिच आमतौर पर धीमी मानी जाती है और यहां उछाल भी कम रहता है। शुरुआती ओवरों में तेज गेंदबाजों को थोड़ी मदद मिल सकती है, लेकिन बाद में बल्लेबाजी आसान होती जाती है। स्पिनरों को भी यहां अच्छी सहायता मिलने की संभावना रहती है।

इस मैदान पर पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम ने 8 मैच जीते हैं, जबकि लक्ष्य का पीछा करने वाली टीम 4 बार सफल रही है। पहली पारी का औसत स्कोर 146 रन रहा है, जबकि दूसरी पारी में यह घटकर 125 रन के आसपास आ जाता है, जिससे चेज करना आसान नहीं माना जाता।

मौसम की बात करें तो नागपुर में बारिश की कोई संभावना नहीं है। अधिकतम तापमान 29 डिग्री और न्यूनतम 16 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। शाम के समय हल्की ओस पड़ने की उम्मीद है।

संभावित प्लेइंग-11

भारत:

सूर्यकुमार यादव (कप्तान), अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), ईशान किशन (विकेटकीपर), हार्दिक पंड्या, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, हर्षित राणा, जसप्रीत बुमराह, कुलदीप यादव, वरुण चक्रवर्ती

न्यूजीलैंड:

मिचेल सैंटनर (कप्तान), टिम रॉबिन्सन, डेवोन कॉनवे (विकेटकीपर), रचिन रवींद्र, डेरिल मिचेल, ग्लेन फिलिप्स, मार्क चैपमैन, जेम्स नीशम, मैट हेनरी, ईश सोढ़ी, जैकब डफी


...

साइना नेहवाल ने पेशेवर बैडमिंटन से अपने करियर को समाप्त करने की घोषणा की है।

भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल ने प्रोफेशनल बैडमिंटन से संन्यास लेने की आधिकारिक पुष्टि कर दी है। उन्होंने बताया कि घुटने की पुरानी बीमारी के कारण अब उनके लिए खेलना संभव नहीं रह गया है।

साइना आखिरी बार 2023 में सिंगापुर ओपन में खेली थीं। हालांकि, उस समय उन्होंने संन्यास की कोई औपचारिक घोषणा नहीं की थी।

एक पॉडकास्ट में साइना ने कहा, 'मैंने दो साल पहले ही खेलना बंद कर दिया था। मैंने अपने सिद्धांतों पर खेल शुरू किया और अपने सिद्धांतों पर ही छोड़ा, इसलिए मुझे घोषणा जरूरी नहीं लगी।'

गंभीर घुटने की बीमारी बनी संन्यास की वजह

साइना के मुताबिक उनके घुटनों का कार्टिलेज पूरी तरह घिस चुका है और उन्हें आर्थराइटिस हो गया है।

उन्होंने कहा, 'जब आप खेल ही नहीं पा रहे तो वहीं रुक जाना चाहिए। मेरे लिए इसे आगे बढ़ाना बहुत मुश्किल हो गया था।' पहले जहां वह दिन में 8–9 घंटे ट्रेनिंग कर पाती थीं, वहीं अब 1–2 घंटे में ही घुटने में सूजन आ जाती थी, जिससे आगे अभ्यास संभव नहीं था।'

चोट के बावजूद शानदार वापसी, फिर भी नहीं मिली राहत

साइना का करियर रियो ओलिंपिक 2016 के दौरान लगी घुटने की चोट से काफी प्रभावित हुआ। इसके बावजूद उन्होंने 2017 में वर्ल्ड चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल और 2018 कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीतकर शानदार वापसी की।

हालांकि, घुटने की समस्या बार-बार उभरती रही। 2024 में साइना ने सार्वजनिक रूप से बताया था कि उन्हें घुटनों में आर्थराइटिस है और कार्टिलेज पूरी तरह घिस चुका है, जिससे शीर्ष स्तर पर खेलना लगभग असंभव हो गया है।

ओलिंपिक मेडल जीतने वाली भारत की पहली बैडमिंटन खिलाड़ी

पूर्व वर्ल्ड नंबर-1 साइना ने लंदन ओलिंपिक-2012 में भारत को ब्रॉन्ज मेडल दिलाया था। वे ओलिंपिक मेडल जीतने वाली पहली भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी हैं। उन्होंने 3 ओलिंपिक गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व किया। साइना ने 2010 और 2018 के कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीते हैं।

कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीत चुकीं

साइना ने 2010 और 2018 के कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीता था। साइना ने 2008 में बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन (BWF) वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप जीतकर सुर्खियां बटोरी थीं। उसी साल उन्होंने पहली बार ओलिंपिक में हिस्सा लिया। वह ओलिंपिक क्वार्टर-फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनीं।

अर्जुन अवॉर्ड और राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार मिला

उन्होंने हॉन्गकॉन्ग की तत्कालीन वर्ल्ड नंबर-5 खिलाड़ी वांग चेन को हराया था, लेकिन इंडोनेशिया की मारिया क्रिस्टिन युलियांती से हार गईं। 2009 में, साइना BWF सुपर सीरीज प्रतियोगिता जीतने वाली पहली भारतीय बनीं। साइना को 2009 में अर्जुन अवॉर्ड और 2010 में राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया।


...

T20 वर्ल्ड कप 2026 में बांग्लादेश की भागीदारी पर इस दिन होगा फैसला

टी20 वर्ल्ड कप 2026 का आगाज 7 फरवरी से होना है, लेकिन इस आईसीसी टूर्नामेंट में बांग्लादेश की भागीदारी को लेकर स्थिति अब भी साफ नहीं है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि बांग्लादेश की टीम इस टूर्नामेंट के लिए भारत आएगी या नहीं। इस विवाद को सुलझाने के लिए आईसीसी ने बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) को 21 जनवरी तक की डेडलाइन दी है। आईसीसी ने स्पष्ट किया है कि इसी तारीख तक यह तय किया जाएगा कि बांग्लादेश टी20 वर्ल्ड कप में खेलेगा या नहीं।

हालांकि बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने एक बार फिर आईसीसी को बताया है कि वह टी20 वर्ल्ड कप में भाग लेना चाहता है, लेकिन साथ ही यह भी साफ कर दिया है कि उसकी टीम भारत में खेलने के लिए तैयार नहीं है। बांग्लादेश ने अपने मुकाबलों को श्रीलंका शिफ्ट करने की मांग दोहराई है।

ESPN क्रिकइंफो की रिपोर्ट के अनुसार, आईसीसी की एक टीम शनिवार को बांग्लादेश पहुंची थी। इस दौरान आईसीसी अधिकारियों ने बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड और बांग्लादेश सरकार के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। यह एक हफ्ते के भीतर दोनों पक्षों के बीच दूसरी बैठक थी। इससे पहले वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए भी इस मुद्दे पर चर्चा की जा चुकी है। शनिवार की बैठक में बांग्लादेश ने एक बार फिर भारत में अपनी टीम की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई।

रिपोर्ट में आगे बताया गया है कि आईसीसी ने बांग्लादेश की इस मांग को खारिज कर दिया है। आईसीसी ने साफ कहा है कि अगर बांग्लादेश को टी20 वर्ल्ड कप में हिस्सा लेना है तो उसे अपने सभी मैच भारत में ही खेलने होंगे। आईसीसी ने BCB को अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि 21 जनवरी तक यह फैसला करके बताए कि वह टूर्नामेंट में भाग लेना चाहता है या नहीं और क्या भारत में मैच खेलने को तैयार है। यदि ऐसा नहीं होता है तो 21 जनवरी को आईसीसी खुद इस मामले पर फैसला लेगी।

टी20 वर्ल्ड कप 2026 में बांग्लादेश को अपने तीन लीग मैच कोलकाता के ईडन गार्डन्स में खेलने हैं। इसके बाद एक मैच मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में निर्धारित है। बांग्लादेश की टीम वेस्टइंडीज, इटली और इंग्लैंड के खिलाफ ईडन गार्डन्स में मुकाबले खेलेगी, जबकि नेपाल के खिलाफ उसका मैच 17 फरवरी को वानखेड़े स्टेडियम में होना है। बांग्लादेश अपना अभियान 7 फरवरी को इंग्लैंड के खिलाफ मैच से शुरू करेगा।

इस बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि अगर बांग्लादेश टी20 वर्ल्ड कप से बाहर होता है तो उसकी जगह किस टीम को मौका मिलेगा। आईसीसी रैंकिंग के आधार पर बांग्लादेश के बाहर होने की स्थिति में स्कॉटलैंड को टूर्नामेंट में शामिल किया जा सकता है।


...

विराट कोहली ने तोड़ा रिकी पोंटिंग का ऐतिहासिक रिकॉर्ड, शतक जड़कर रचा नया इतिहास

इंदौर में खेले गए तीसरे वनडे मैच में टीम इंडिया के दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली ने शानदार शतक लगाया। लेकिन उनकी ये पारी इस मैच में टीम इंडिया को जीत नहीं दिला सकी और अंत में उन्हें 41 रनों से हार का सामना करना पड़ा। इस मैच में विराट कोहली ने 108 बॉल पर 124 रन बनाए। इस मैच में वह नंबर 3 पर बैटिंग करने उतरे थे। विराट अब वनडे क्रिकेट में नंबर 3 पर सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। इस मामले में उन्होंने रिकी पोंटिंग का रिकॉर्ड तोड़ा है।

वनडे में नंबर 3 पर सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बने विराट

तीसरे वनडे से पहले तक ODI में नंबर 3 पर सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड रिकी पोंटिंग के नाम था। उन्होंने वनडे में नंबर 3 पर बैटिंग करते हुए 335 मैचों में 12662 रन बनाए थे। वहीं विराट कोहली ने नंबर 3 पर बैटिंग करते हुए अब 247 मैचों में 12676 रन बना लिए हैं और उन्होंने पोंटिंग का रिकॉर्ड तोड़ते हुए इस लिस्ट में नंबर 1 पर अपना कब्जा जमा लिया है। लिस्ट में तीसरे नंबर पर कुमार संगकारा का नाम है। उन्होंने 243 मैचों में 9747 रन बनाए थे। कोहली और पोंटिंग ही ऐसे दो बल्लेबाज हैं जिन्होंने वनडे क्रिकेट में नंबर 3 पर बल्लेबाजी करते हुए 10000 से ज्यादा रन बनाए हैं।

इंदौर के मैदान पर विराट कोहली ने लगाया अपना पहला शतक

विराट कोहली के लिए यह इंदौर के मैदान पर पहला शतक था। इस मैच से पहले उन्होंने इस मैदान पर 4 वनडे मैच खेले थे और इस दौरान वह सिर्फ 99 रन ही बना पाए थे। पिछली 4 पारियों में विराट एक अर्धशतक भी नहीं जमा सके थे लेकिन इस बार उन्होंने इस मैदान पर शतक ठोक दिया। कोहली का वनडे क्रिकेट में ये 54वां शतक है, जबकि इंटरनेशनल क्रिकेट में उनका ये 85वां शतक है।

पहले वनडे में शतक लगाने से चूक गए थे कोहली

इस सीरीज में विराट कोहली ने पहले मैच में 93 रनों की पारी खेली थी। उस मैच में उनके पास शतक करने का मौका था लेकिन वहां वह नर्वस 90 का शिकार बने थे और सेंचुरी पूरा करने से सिर्फ 7 रन दूर रह गए थे। वहीं राजकोट में खेले गए दूसरे वनडे में विराट के बल्ले से सिर्फ 23 रन आए थे। उस मैच में भी भारत को हार का सामना करना पड़ा था। वनडे सीरीज के खत्म होने के बाद अब टीम इंडिया 21 जनवरी से न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज खेलेगी।


...

कोहली का रिकॉर्ड खतरे में! वैभव सूर्यवंशी रचने जा रहे नया अंडर-19 इतिहास

14 वर्षीय प्रतिभाशाली बल्लेबाज़ वैभव सूर्यवंशी के लिए यूएसए के खिलाफ क्वींस स्पोर्ट्स क्लब में खेला गया अंडर-19 विश्व कप का पहला मुकाबला यादगार नहीं रहा। बारिश से प्रभावित इस मैच में वैभव चार गेंदों में केवल दो रन बनाकर आउट हो गए। इस मुकाबले से पहले वह अंडर-19 वनडे क्रिकेट में भारत के लिए सर्वाधिक रन बनाने वालों की सूची में विराट कोहली को पीछे छोड़ने से महज छह रन दूर थे, लेकिन इस पारी के बाद उन्हें इस रिकॉर्ड को तोड़ने के लिए कम से कम एक और मैच का इंतज़ार करना होगा। फिलहाल वैभव के नाम 19 अंडर-19 वनडे मुकाबलों में 975 रन दर्ज हैं और कोहली के 978 रनों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ने के लिए उन्हें अब सिर्फ चार रन की जरूरत है।

मैच के दौरान वैभव भारतीय मूल के तेज गेंदबाज़ ऋत्विक अप्पिडी के तीसरे ओवर की दूसरी गेंद पर आउट हुए। बाएं हाथ के बल्लेबाज़ ने ऑन-साइड में बड़ा शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद उनके बल्ले और पैड के बीच से निकलते हुए स्टंप्स में जा लगी। विकेट लेने के बाद अप्पिडी ने आक्रामक अंदाज़ में जश्न मनाया, जबकि वैभव निराश होकर सिर झुकाए मैदान से बाहर लौटे।

हालांकि, वैभव सूर्यवंशी का अब तक का करियर किसी हाइलाइट रील से कम नहीं रहा है। आईपीएल 2025 में राजस्थान रॉयल्स के लिए उन्होंने 38 गेंदों में शतक जड़ा, वहीं पुरुषों के लिस्ट-ए क्रिकेट में 59 गेंदों में सबसे तेज 150 रन बनाने का रिकॉर्ड भी उनके नाम है। इसके अलावा वह भारत का दूसरा सबसे बड़ा यूथ वनडे स्कोर—95 गेंदों में 171 रन—भी लगा चुके हैं। एशिया कप राइजिंग स्टार्स टी20 में यूएई के खिलाफ 42 गेंदों में 144 रन की विस्फोटक पारी ने उनकी प्रतिभा पर और मुहर लगाई है। लेकिन आंकड़ों से परे, उनके करीबी मानते हैं कि उनके खेल में आया मानसिक बदलाव इस टूर्नामेंट में निर्णायक साबित हो सकता है।

पटना की जेननेक्स क्रिकेट अकादमी में उनके कोच मनीष ओझा, जिन्होंने दस साल की उम्र में वैभव की प्रतिभा को पहचाना था, मानते हैं कि आईपीएल 2025 के बाद उनका खेल काफी परिपक्व हुआ है। समस्तीपुर से करीब 100 किलोमीटर दूर रहने वाले ओझा ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, “मैंने उनके गेम सेंस में बड़ा बदलाव देखा है। वह पहले भी आक्रामक थे, लेकिन अब उनका आत्मविश्वास कहीं ज्यादा मजबूत है। वह अच्छी गेंदों को भी बाउंड्री के पार भेज सकते हैं और पहली गेंद से ही गेंदबाज़ पर दबाव बनाते हैं। ज़रूरत पड़ने पर वह आक्रामक होने से पहले समय लेना भी जानते हैं।”

ओझा के अनुसार वैभव अब खेल को दो-तीन आयामों से देखते हैं। “उनकी मानसिकता पहले से ज्यादा संतुलित और सकारात्मक हो गई है। टी20 और 50 ओवर के मैचों में वह आक्रामक रहते हैं, जबकि रेड-बॉल क्रिकेट में धैर्य दिखाते हैं। अलग-अलग तरह की गेंदों के खिलाफ उनका शॉट चयन बेहतर हुआ है और अब वह बेहतर तरीके से आंकलन करते हैं कि किन गेंदों पर बड़ा शॉट खेला जा सकता है। उनके छक्के भी अब पहले से ज्यादा लंबे और ताकतवर हो गए हैं,” ओझा ने कहा।


...