14 वर्षीय प्रतिभाशाली बल्लेबाज़ वैभव सूर्यवंशी के लिए यूएसए के खिलाफ क्वींस स्पोर्ट्स क्लब में खेला गया अंडर-19 विश्व कप का पहला मुकाबला यादगार नहीं रहा। बारिश से प्रभावित इस मैच में वैभव चार गेंदों में केवल दो रन बनाकर आउट हो गए। इस मुकाबले से पहले वह अंडर-19 वनडे क्रिकेट में भारत के लिए सर्वाधिक रन बनाने वालों की सूची में विराट कोहली को पीछे छोड़ने से महज छह रन दूर थे, लेकिन इस पारी के बाद उन्हें इस रिकॉर्ड को तोड़ने के लिए कम से कम एक और मैच का इंतज़ार करना होगा। फिलहाल वैभव के नाम 19 अंडर-19 वनडे मुकाबलों में 975 रन दर्ज हैं और कोहली के 978 रनों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ने के लिए उन्हें अब सिर्फ चार रन की जरूरत है।
मैच के दौरान वैभव भारतीय मूल के तेज गेंदबाज़ ऋत्विक अप्पिडी के तीसरे ओवर की दूसरी गेंद पर आउट हुए। बाएं हाथ के बल्लेबाज़ ने ऑन-साइड में बड़ा शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद उनके बल्ले और पैड के बीच से निकलते हुए स्टंप्स में जा लगी। विकेट लेने के बाद अप्पिडी ने आक्रामक अंदाज़ में जश्न मनाया, जबकि वैभव निराश होकर सिर झुकाए मैदान से बाहर लौटे।
हालांकि, वैभव सूर्यवंशी का अब तक का करियर किसी हाइलाइट रील से कम नहीं रहा है। आईपीएल 2025 में राजस्थान रॉयल्स के लिए उन्होंने 38 गेंदों में शतक जड़ा, वहीं पुरुषों के लिस्ट-ए क्रिकेट में 59 गेंदों में सबसे तेज 150 रन बनाने का रिकॉर्ड भी उनके नाम है। इसके अलावा वह भारत का दूसरा सबसे बड़ा यूथ वनडे स्कोर—95 गेंदों में 171 रन—भी लगा चुके हैं। एशिया कप राइजिंग स्टार्स टी20 में यूएई के खिलाफ 42 गेंदों में 144 रन की विस्फोटक पारी ने उनकी प्रतिभा पर और मुहर लगाई है। लेकिन आंकड़ों से परे, उनके करीबी मानते हैं कि उनके खेल में आया मानसिक बदलाव इस टूर्नामेंट में निर्णायक साबित हो सकता है।
पटना की जेननेक्स क्रिकेट अकादमी में उनके कोच मनीष ओझा, जिन्होंने दस साल की उम्र में वैभव की प्रतिभा को पहचाना था, मानते हैं कि आईपीएल 2025 के बाद उनका खेल काफी परिपक्व हुआ है। समस्तीपुर से करीब 100 किलोमीटर दूर रहने वाले ओझा ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, “मैंने उनके गेम सेंस में बड़ा बदलाव देखा है। वह पहले भी आक्रामक थे, लेकिन अब उनका आत्मविश्वास कहीं ज्यादा मजबूत है। वह अच्छी गेंदों को भी बाउंड्री के पार भेज सकते हैं और पहली गेंद से ही गेंदबाज़ पर दबाव बनाते हैं। ज़रूरत पड़ने पर वह आक्रामक होने से पहले समय लेना भी जानते हैं।”
ओझा के अनुसार वैभव अब खेल को दो-तीन आयामों से देखते हैं। “उनकी मानसिकता पहले से ज्यादा संतुलित और सकारात्मक हो गई है। टी20 और 50 ओवर के मैचों में वह आक्रामक रहते हैं, जबकि रेड-बॉल क्रिकेट में धैर्य दिखाते हैं। अलग-अलग तरह की गेंदों के खिलाफ उनका शॉट चयन बेहतर हुआ है और अब वह बेहतर तरीके से आंकलन करते हैं कि किन गेंदों पर बड़ा शॉट खेला जा सकता है। उनके छक्के भी अब पहले से ज्यादा लंबे और ताकतवर हो गए हैं,” ओझा ने कहा।









