भारत-EU के बीच हुआ FTA, पीएम मोदी बोले—27 देशों के साथ बड़ी डील साइन

18 साल के लंबे इंतजार के बाद भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच मुक्त व्यापार समझौता (FTA) का सपना साकार हो गया है। दोनों पक्षों ने FTA को हरी झंडी दिखा दी है। इस ऐतिहासिक समझौते को'मदर ऑफ ऑल डील्स' कहा जा रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूरोपियन यूनियन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपिय परिषद के राष्ट्रपति एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा के साथ मीडिया को संबोधित किया है।

पीएम मोदी ने किया एलान

नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में प्रेस मीट के दौरान पीएम मोदी ने कहा, "कल एक ऐतिहासिक क्षण था, जब पहली बार यूरोपीयन यूनियन के लीडर्स भारत के गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। आज एक और ऐतिहासिक अवसर है, जब विश्व की दो सबसे बड़ी लोकतांत्रिक शक्तियां अपने संबंधों में एक निर्णायक अध्याय जोड़ रही हैं।"

किसानों और छोटे उद्योगों को होगा फायदा: PM मोदी

पीएम मोदी ने ट्रेड डील के फायदे गिनाते हुए कहा, "यह ऐतिहासिक समझौता हमारे किसानों और हमारे छोटे उद्योगों के लिए यूरोपीय मार्केट तक पहुंच को आसान बनाएगा, मैन्युफैक्चरिंग में नए अवसर पैदा करेगा और हमारे सर्विसेज सेक्टर के बीच सहयोग को और मजबूत करेगा। यह सिर्फ व्यापार समझौता नहीं है। यह साझा समृद्धि का नया ब्लू प्रिंट है।"

27 देशों से हुई डील

पीएम मोदी ने डील की घोषणा करते हुए कहा-

आज भारत ने अपने इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा मुक्त व्यापर समझौता संपन्न किया है। आज 27 तारीख है और ये सुखद संयोग है कि आज ही के दिन, यूरोपीय संघ के 27 देशों के साथ भारत ये FTA कर रहा है।

ट्राइ-लटरल प्रोजेक्ट्स का होगा विस्तार: PM मोदी

पीएम मोदी के अनुसार, "भारत और यूरोपीय संघ का सहयोग एक वैश्विक साझेदारी साबित होगी है। हम इंडो-पैसिफिक से लेकर कैरेबियन तक ट्राइ-लेटरल प्रोजेक्ट्स का विस्तार देंगे। इससे सस्टेनेबल एग्रीकल्चर, क्लीन एनर्जी और महिला सशक्तिकरण को समर्थन मिलेगा।"


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तेज हवा, भारी बारिश और बर्फबारी के साथ UK में दस्तक देगा तूफान ‘चंद्रा’, इंग्लैंड से लेकर आयरलैंड तक अलर्ट

ब्रिटेन में आज मंगलवार को चंद्रा तूफान दस्तक देने जा रहा है। मेट ऑफिस ने चेतावनी दी है कि मंगलवार को पूरे यूनाइटेड किंगडम में तेज हवाएं चलेंगी। भारी बारिश के साथ बर्फबारी होने का भी अनुमान है।

तूफान चंद्रा से बहुत तेज़ हवाओं के चलने से इमारतों को नुकसान हो सकता है। छतों से टाइलें और मलबे के उड़ने से जानलेवा चोटें लग सकती हैं। ये तूफान मौसम को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर सकता है।

इंग्लैंड से लेकर आयरलैंड तक अलर्ट

ब्रिटेन में इस तूफान को लेकर कई मौसम संबंधी चेतावनी जारी की गई हैं, जिसमें दक्षिण-पश्चिम इंग्लैंड के लिए बारिश और उत्तरी आयरलैंड के पूर्वी तट पर तेज हवाओं के चलने की चेतावनी दी गई है।

सबसे तेज हवाएं दक्षिण पश्चिम और वेल्स में चलेंगी। पेम्ब्रोकशायर और आइल्स ऑफ सिली में  80mph की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। उत्तरी आयरलैंड में 75mph की रफ्तार से हवाओं के चलने की आशंका है।

बाढ़ का भी अलर्ट

यूनाइटेड किंगडम में इस सप्ताह बाढ़ भी एक बड़े खतरे के तौर पर सामने आने वाली है। पर्यावरण एजेंसी ने इंग्लैंड के लिए 97 बाढ़ अलर्ट और 19 चेतावनी जारी की हैं।

यूनाइटेड किंगडम की स्वास्थ्य सुरक्षा एजेंसी ने कमजोर लोगों के जीवन के लिए इस बड़े जोखिम के बीच सोमवार की शाम 6 बजे से शुक्रवार तक उत्तरी इंग्लैंड के लिए ठंड स्वास्थ्य अलर्ट सक्रिय कर दिया है।


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भारत-EU के बीच मुक्त व्यापार समझौते पर मुहर, पीएम बोले—दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच ऐतिहासिक समझौता

भारत और यूरोपिय संघ के बीच ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौता (FTA) साइन हो चुका है। 18 साल की बातचीत के बाद दोनों पक्षों ने नई दिल्ली में इसे हरी झंडी दिखा दी है। यूरोपीय संघ के एक प्रतिनिधिमंडल ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ बैठक की, जिसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इसकी घोषणा कर दी है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडिया एनर्जी वीक 2026 के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए कहा, "यूरोपीय देशों से भारत की डील को लोग दुनिया में 'मदर ऑफ ऑल डील' कह रहे हैं।"

पीएम मोदी ने की घोषणा

भारत-ईयू के बीच ऐतिहासिक समझौते की घोषणा करते हुए पीएम मोदी ने कहा, "कल ही भारत और European Union के बीच एक बहुत बड़ा एग्रीमेंट हुआ है। दुनिया में लोग इसकी चर्चा ‘मदर ऑफ ऑल डील’ के रूप में कर रहे हैं। यह समझौता भारत के 140 करोड़ लोगों और यूरोपीय देशों के करोड़ों लोगों के लिए बहुत बड़ा अवसर लेकर आया है।"

पीएम मोदी ने कहा-

यह समझौता दुनिया की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच तालमेल का एक शानदार उदाहरण है। यह समझौता ग्लोबल GDP के करीब 25 प्रतिशत और ग्लोबल ट्रेड के लगभग एक-तिहाई हिस्से का प्रतिनिधित्व करता है। यह समझौता ट्रेड के साथ-साथ डेमोक्रेसी और रूल ऑफ लॉ के प्रति हमारी साझा प्रतिबद्धता को भी सशक्त करता है।

रिफाइनिंग कैपेसिटी में भारत दूसरे स्थान पर: PM मोदी

पीएम मोदी के अनुसार, "भारत में बहुत बड़ी रिफाइनिंग कैपेसिटी मौजूद है। हम रिफाइनिंग कैपेसिटी में दुनिया में दूसरे स्थान पर हैं और जल्द ही दुनिया में पहले नंबर पर होंगे। आज भारत की रिफाइनिंग कैपेसिटी करीब 260 MMTPA है। इसे 300 MMTPA तक ले जाने के लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं। यह इन्वेस्टर्स के लिए बहुत बड़ा मौका है।"

भारत-ईयू FTA

बता दें कि भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच 2007 से ही FTA पर बातचीत चल रही थी। 18 सालों के लंबे इंतजार के बाद दोनों पक्षों ने इसे मंजूरी दे दी है। यूरोपिय संघ की तरफ से यूरोपियन यूनियन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपिय परिषद के राष्ट्रपति एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा ने FTA डील को हरी झंडी दिखाई है।


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26 जनवरी पर बड़ी खुशखबरी: 110% से घटकर 40% हुआ टैरिफ, यूरोप से आने वाले सामान पर महाबचत

यूरोपीय यूनियन के साथ India-EU Trade Deal को लेकर एक बड़ी और अहम खबर सामने आई है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, सूत्रों ने बताया है कि भारत लंबे समय से लंबित मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के तहत यूरोप से आने वाली कारों पर आयात शुल्क में बड़ी कटौती करने की तैयारी कर रहा है। इस फैसले का औपचारिक ऐलान मंगलवार को किया जा सकता है।

प्रस्तावित समझौते के अनुसार, भारत सरकार यूरोपीय संघ में निर्मित कारों पर मौजूदा 110 प्रतिशत आयात शुल्क को घटाकर 40 प्रतिशत करने की योजना बना रही है। अगर यह फैसला लागू होता है, तो इसे भारतीय ऑटोमोबाइल सेक्टर का अब तक का सबसे बड़ा उदारीकरण माना जाएगा।

टैरिफ घटते ही सस्ती होंगी यूरोपीय कारें

सूत्रों के अनुसार, शुरुआती चरण में यह शुल्क कटौती 15,000 यूरो (करीब 16.3 लाख रुपये) से अधिक कीमत वाली सीमित संख्या में पूरी तरह से बनी कारों (CBU) पर लागू होगी। आने वाले वर्षों में इन शुल्कों को और घटाकर 10 प्रतिशत तक लाने की संभावना है। इससे फॉक्सवैगन, मर्सिडीज-बेंज और बीएमडब्ल्यू जैसी यूरोपीय कंपनियों के लिए भारतीय बाजार में एंट्री आसान हो जाएगी।

आयात शुल्क में कमी से यूरोपीय कार निर्माता भारत में अपने आयातित मॉडलों की कीमतों को प्रतिस्पर्धी बनाए रख सकेंगे। इसके साथ ही वे बड़े स्तर पर स्थानीय विनिर्माण में निवेश से पहले भारतीय बाजार में नए मॉडलों का परीक्षण भी कर पाएंगे।

ऑटो सेक्टर को मिलेगा बड़ा बूस्टर डोज

सूत्रों का कहना है कि भारत हर साल करीब 2 लाख आंतरिक दहन इंजन (ICE) वाहनों पर तत्काल शुल्क कटौती के लिए सहमत हो गया है, हालांकि अंतिम कोटा में बदलाव संभव है। घरेलू ऑटो कंपनियों के हितों को ध्यान में रखते हुए बैटरी इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) को पहले पांच वर्षों तक इस टैरिफ राहत से बाहर रखा जाएगा।

उम्मीद जताई जा रही है कि भारत और यूरोपीय संघ जल्द ही इस व्यापक मुक्त व्यापार समझौते पर वार्ता पूरी होने की घोषणा कर सकते हैं। गौरतलब है कि भारत अमेरिका और चीन के बाद दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा कार बाजार है, लेकिन इसके बावजूद यह सबसे अधिक संरक्षित बाजारों में शामिल है। फिलहाल पूरी तरह से निर्मित कारों पर आयात शुल्क 70 से 110 प्रतिशत के बीच है।


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टैरिफ पर बड़ी राहत की उम्मीद: भारत से 25% टैक्स हटा सकता है अमेरिका, ट्रंप के मंत्री का दावा

अमेरिका ने रूस से कच्चा तेल खरीदने के चलते भारत पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगा रखा है। हालांकि अब इस टैरिफ को हटाने को लेकर सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं। अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने दावा किया है कि भारत ने रूस से तेल आयात में बड़ी कटौती की है, जिसके चलते अमेरिका जल्द ही 25 प्रतिशत टैरिफ हटाने पर विचार कर सकता है।

पॉलिटिको को दिए एक इंटरव्यू में स्कॉट बेसेंट ने कहा कि भारत पर टैरिफ फिलहाल लागू है, लेकिन रूस से कच्चे तेल की खरीद में कमी आने से अमेरिका को अपनी टैरिफ नीति पर दोबारा विचार करने का मौका मिला है। उन्होंने बताया कि यूक्रेन पर रूसी हमले के बाद अमेरिका ने भारत को रूसी तेल खरीदने से हतोत्साहित करने के लिए यह टैरिफ लगाया था। उस समय अमेरिकी प्रशासन का दावा था कि भारतीय रिफाइनरियों ने भारी छूट पर मिलने वाले रूसी कच्चे तेल की खरीद काफी बढ़ा दी थी।

बेसेंट के मुताबिक, अब भारत की ओर से रूसी कच्चे तेल की खरीद लगभग बंद हो चुकी है। ऐसे में अमेरिका इस 25 प्रतिशत टैरिफ को हटाने पर गंभीरता से विचार कर सकता है। उन्होंने इसे अमेरिका की टैरिफ नीति की सफलता बताया और कहा कि इससे भारत-रूस के व्यापारिक संबंधों पर असर पड़ा है।

इस दौरान स्कॉट बेसेंट ने यूरोपीय देशों की नीति की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि एक तरफ यूरोपीय देश सार्वजनिक मंचों पर रूस की आलोचना कर रहे हैं, जबकि दूसरी ओर वही देश भारतीय रिफाइनरियों में प्रोसेस किए गए रूसी कच्चे तेल से बने रिफाइंड उत्पादों की खरीद कर रहे हैं। बेसेंट ने इसे दोहरे मापदंडों की नीति बताते हुए यूरोपीय सरकारों की आलोचना की।


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अमेरिका में पारिवारिक झगड़े में खूनखराबा, जॉर्जिया में भारतीय महिला समेत चार की हत्या

अमेरिका के जॉर्जिया राज्य से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। लॉरेंसविले शहर में कथित पारिवारिक विवाद के दौरान चार लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई, जिनमें एक भारतीय नागरिक भी शामिल है। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यह घटना शुक्रवार सुबह हुई, जब घर के अंदर मौजूद चार वयस्कों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के समय घर में तीन बच्चे भी मौजूद थे, जिन्होंने सूझबूझ दिखाते हुए अलमारी में छिपकर अपनी जान बचाई और पुलिस को सूचना दी।

घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए अटलांटा स्थित भारतीय दूतावास ने गहरा दुख व्यक्त किया है। दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जारी बयान में कहा कि यह एक बेहद दुखद गोलीबारी की घटना है, जो कथित तौर पर पारिवारिक विवाद से जुड़ी है और इसमें एक भारतीय नागरिक की भी जान गई है। बयान में यह भी बताया गया कि कथित आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है।

ग्विनेट काउंटी पुलिस के अनुसार, इस मामले में संदिग्ध की पहचान 51 वर्षीय विजय कुमार के रूप में हुई है। पुलिस ने मृतकों की पहचान विजय कुमार की पत्नी मीमू डोगरा (43), गौरव कुमार (33), निधि चंदर (37) और हरीश चंदर (38) के रूप में की है। रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी पर चार मामलों में गंभीर हमला, चार मामलों में हत्या, चार मामलों में दुर्भावनापूर्ण हत्या, बच्चों के प्रति क्रूरता के पहले दर्जे का एक मामला और तीसरे दर्जे के दो अन्य मामलों में आरोप लगाए गए हैं।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गोलीबारी शुरू होते ही घर में मौजूद तीनों बच्चे डर के कारण एक अलमारी में छिप गए। इसके बाद बच्चों में से एक ने 911 पर कॉल कर घटना की जानकारी दी, जिसके आधार पर पुलिस कुछ ही मिनटों में मौके पर पहुंच गई। तीनों बच्चे सुरक्षित हैं और उन्हें परिवार के एक सदस्य की देखरेख में सौंप दिया गया है।


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अमेरिका में बर्फीले तूफान का कहर: 15 राज्यों में इमरजेंसी, 1800 से ज्यादा उड़ानें रद्द

अमेरिका इस समय एक भीषण शीतकालीन तूफान की चपेट में है। इस शक्तिशाली तूफान के चलते अब तक 1,800 से अधिक उड़ानें रद्द की जा चुकी हैं, कई क्षेत्रों में यात्रा बुरी तरह प्रभावित हुई है और कड़ाके की ठंड के बीच व्यापक स्तर पर बिजली कटौती देखने को मिल रही है। मध्य अमेरिका में भारी बर्फबारी हुई है, जबकि स्थानीय समयानुसार शुक्रवार सुबह उत्तर-पश्चिमी टेक्सास और ओक्लाहोमा सिटी में मूसलाधार बारिश के साथ भारी हिमपात दर्ज किया गया। खराब मौसम, खतरनाक ठंड और बिजली संकट को देखते हुए अब तक 15 राज्यों में आपातकाल घोषित कर दिया गया है।

अमेरिकी राष्ट्रीय मौसम सेवा (NWS) के अनुसार, ओक्लाहोमा से लेकर पूर्वोत्तर राज्यों तक भारी बर्फबारी की संभावना जताई गई है, जहां सोमवार तक कुछ इलाकों में एक फुट से अधिक बर्फ गिर सकती है। इसके अलावा दक्षिणी मैदानों, निचली मिसिसिपी घाटी, टेनेसी घाटी और दक्षिण-पूर्वी हिस्सों में व्यापक स्तर पर बर्फीली बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग का कहना है कि भारी बर्फ जमने से स्थानीय स्तर पर विनाशकारी हालात बन सकते हैं, जिससे लंबे समय तक बिजली आपूर्ति बाधित रह सकती है, पेड़ों को भारी नुकसान पहुंच सकता है और यात्रा बेहद खतरनाक हो सकती है। अनुमान है कि इस तूफान से करीब 18 करोड़ लोग प्रभावित हो सकते हैं।

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, यह शीतकालीन तूफान कई दिनों तक असर दिखाएगा और आगे चलकर घनी आबादी वाले मध्य-अटलांटिक और उत्तर-पूर्वी राज्यों की ओर बढ़ेगा। टेक्सास से लेकर न्यू इंग्लैंड तक करीब 2,000 मील से अधिक क्षेत्र में बर्फ और हिमपात फैलने की संभावना है, जिससे पूरे अमेरिका में बर्फीली हवाएं चलेंगी और ठंड में और इजाफा होगा। बर्फबारी और तेज हवाओं के कारण देश के दक्षिणी, पूर्वी और मध्य क्षेत्रों के प्रमुख व क्षेत्रीय हवाई अड्डों पर उड़ान संचालन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। फ्लाइटअवेयर वेबसाइट के अनुसार, अब तक 1,800 से ज्यादा उड़ानें रद्द की जा चुकी हैं।

तूफान के मद्देनजर प्रभावित इलाकों में लोगों ने आवश्यक वस्तुओं की जमकर खरीदारी शुरू कर दी है। मिसिसिपी, टेक्सास और वाशिंगटन डीसी समेत कई राज्यों के किराना स्टोरों में सामान तेजी से खत्म हो रहा है, जिससे पानी, दूध और अन्य जरूरी वस्तुओं की कमी देखने को मिल रही है।


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ट्रम्प का बड़ा फैसला: इन 8 यूरोपीय देशों पर 10% टैरिफ नहीं लगेगा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 8 यूरोपीय देशों पर 10% टैरिफ लगाने का फैसला फिलहाल टाल दिया है। ये टैरिफ 1 फरवरी से लागू होने वाले थे। बुधवार को ट्रम्प ने बताया कि दावोस में NATO के महासचिव मार्क रुट से हुई बातचीत के बाद उन्होंने यह निर्णय लिया।

ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर लिखा कि NATO प्रमुख के साथ ग्रीनलैंड को लेकर होने वाले समझौते की बुनियादी रूपरेखा तय हो गई है। उन्होंने कहा कि अगर यह डील पूरी होती है तो यह अमेरिका के साथ-साथ NATO के सभी सदस्य देशों के लिए फायदेमंद साबित होगी।

ट्रम्प के मुताबिक अमेरिका, NATO और अन्य सहयोगी देश मिलकर पूरे आर्कटिक क्षेत्र की सुरक्षा पर काम करेंगे, जिसमें ग्रीनलैंड भी शामिल होगा। हालांकि उन्होंने इस समझौते की पूरी जानकारी साझा नहीं की। ट्रम्प ने कहा कि मामला संवेदनशील और जटिल है, इसलिए डिटेल्स बाद में सार्वजनिक की जाएंगी।

ग्रीनलैंड डील का फ्रेमवर्क क्या है

ट्रम्प और NATO के बीच हुए ग्रीनलैंड फ्रेमवर्क के तहत कई अहम बिंदुओं पर सहमति बनी है। इसके अनुसार ग्रीनलैंड और पूरे आर्कटिक क्षेत्र की सुरक्षा की जिम्मेदारी अमेरिका और NATO मिलकर संभालेंगे। ट्रम्प ने संकेत दिया कि इस डील को जल्द सार्वजनिक किया जाएगा।

डेली मेल की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका को ग्रीनलैंड के कुछ सीमित इलाकों में सैन्य ठिकाने बनाने की अनुमति मिल सकती है। इन ठिकानों का इस्तेमाल जमीन, समुद्र और हवा—तीनों स्तरों पर निगरानी और रक्षा के लिए किया जाएगा।

इसके अलावा NATO, अमेरिका के प्रस्तावित ‘गोल्डन डोम’ मिसाइल डिफेंस सिस्टम में भी सहयोग करेगा। फ्रेमवर्क में यह भी शामिल है कि ग्रीनलैंड के खनिज संसाधनों को लेकर अमेरिका साझेदारी करेगा और रूस व चीन को इस क्षेत्र में आर्थिक या सैन्य पकड़ बनाने से रोका जाएगा।

ग्रीनलैंड पर कब्जा नहीं करेगा अमेरिका

CBS न्यूज ने सूत्रों के हवाले से बताया कि इस समझौते में अमेरिका के ग्रीनलैंड पर कब्जा करने या उसे अपने नियंत्रण में लेने की कोई बात नहीं है। सूत्रों के अनुसार, यह ढांचा 1951 के अमेरिका-डेनमार्क रक्षा समझौते से भी ज्यादा मजबूत सुरक्षा व्यवस्था तैयार करेगा।

1951 का अमेरिका-डेनमार्क समझौता क्या था

1951 में अमेरिका और डेनमार्क के बीच एक रक्षा समझौता हुआ था, जिसके तहत अमेरिका को ग्रीनलैंड में सैन्य ठिकाने बनाने की अनुमति मिली थी। उस दौर में कई बेस बनाए गए थे, लेकिन फिलहाल केवल पिटुफिक स्पेस बेस ही सक्रिय है।

1951 से ज्यादा मजबूत सुरक्षा का मतलब क्या है

NATO की भूमिका को और मजबूत किया जाएगा

सुरक्षा केवल अमेरिका तक सीमित नहीं रहेगी

रूस और चीन को मुख्य चुनौती माना जाएगा

रडार, सैटेलाइट ट्रैकिंग और मिसाइल अलर्ट सिस्टम को अपग्रेड किया जाएगा

बर्फ पिघलने से खुल रहे आर्कटिक समुद्री रास्तों पर निगरानी बढ़ेगी

पिटुफिक स्पेस बेस की क्षमताओं का विस्तार किया जाएगा

CBS न्यूज के मुताबिक सबसे अहम बात यह है कि अमेरिका ग्रीनलैंड का मालिक नहीं बनेगा और हर फैसला डेनमार्क व ग्रीनलैंड की सहमति से ही लिया जाएगा।

NATO ने भी समझौते की ज्यादा जानकारी साझा नहीं की। गठबंधन की प्रवक्ता एलिसन हार्ट ने कहा कि ट्रम्प और मार्क रुट की मुलाकात बेहद सकारात्मक रही। आने वाली बातचीत का मकसद NATO देशों के साथ मिलकर आर्कटिक क्षेत्र की सुरक्षा मजबूत करना होगा।

डेनमार्क के विदेश मंत्री लार्स लोके रासमुसेन ने भी बयान जारी कर कहा कि दिन की शुरुआत भले तनावपूर्ण रही हो, लेकिन अंत बेहतर हुआ। उन्होंने कहा कि डेनमार्क इस बात का स्वागत करता है कि ट्रम्प ने ग्रीनलैंड पर जबरन कब्जे की बात से इनकार किया और यूरोप के साथ व्यापार युद्ध फिलहाल रोक दिया।

गोल्डन डोम प्रोजेक्ट पर चर्चा जारी

ट्रम्प ने ट्रुथ सोशल पर लिखा कि ग्रीनलैंड से जुड़े गोल्डन डोम प्रोजेक्ट पर बातचीत जारी है। आगे की जानकारी समय-समय पर साझा की जाएगी। उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, विदेश मंत्री मार्को रुबियो, विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और अन्य अधिकारी इस बातचीत को आगे बढ़ाएंगे।

गोल्डन डोम अमेरिका का मिसाइल डिफेंस प्रोजेक्ट है, जो इजराइल के आयरन डोम से प्रेरित है। इसका मकसद चीन और रूस जैसे देशों से संभावित हमलों से अमेरिका को बचाना है। ट्रम्प कई बार ग्रीनलैंड को इस प्रोजेक्ट के लिए रणनीतिक रूप से अहम बता चुके हैं।

जून से 25% टैरिफ लगाने की धमकी दी थी

ट्रम्प ने 17 जनवरी को 8 यूरोपीय देशों पर टैरिफ लगाने की घोषणा की थी। उन्होंने चेतावनी दी थी कि अगर ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका के साथ समझौता नहीं हुआ, तो 1 जून से यह टैरिफ बढ़ाकर 25% कर दिया जाएगा।

इन देशों में डेनमार्क, नॉर्वे, स्वीडन, फ्रांस, जर्मनी, यूनाइटेड किंगडम, नीदरलैंड और फिनलैंड शामिल हैं। इसके जवाब में यूरोपीय यूनियन ने भी अमेरिका के खिलाफ ट्रेड पाबंदियों पर चर्चा शुरू कर दी थी।

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डोनाल्ड ट्रम्प के एयरफोर्स-1 विमान में तकनीकी खराबी, उड़ान में आई बाधा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का विमान दावोस जाते समय टेकऑफ के कुछ देर बाद ही वॉशिंगटन लौट आया। व्हाइट हाउस के मुताबिक विमान में तकनीकी खराबी सामने आई थी, जिसके चलते सुरक्षा कारणों से उड़ान रद्द करने का फैसला लिया गया।

व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलीन लीविट ने बताया कि टेकऑफ के तुरंत बाद क्रू को विमान में एक मामूली इलेक्ट्रिकल खराबी का संकेत मिला। एहतियात के तौर पर पायलट ने विमान को वापस लाने का निर्णय लिया।

हालांकि इस घटना से राष्ट्रपति ट्रम्प के कार्यक्रम में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ। कुछ देर बाद वे एक अन्य विमान से स्विट्जरलैंड के लिए रवाना हो गए। ट्रम्प आज दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) में हिस्सा लेंगे।

चार दशक पुराने विमान का इस्तेमाल

फिलहाल ट्रम्प की आधिकारिक यात्राओं के लिए बोइंग 747-200B को एयर फोर्स वन के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। इस फ्लीट में मौजूद दोनों विमान करीब 40 साल पुराने हैं। अमेरिकी विमान निर्माता बोइंग इनके नए विकल्प तैयार कर रहा है, लेकिन यह परियोजना लगातार देरी का शिकार रही है।

पिछले साल कतर के शाही परिवार ने ट्रम्प को एक लग्जरी बोइंग 747-8 जंबो जेट उपहार में दिया था, जिसे भविष्य में एयर फोर्स वन फ्लीट में शामिल किया जाना है। इस फैसले पर उस वक्त काफी विवाद हुआ था। फिलहाल उस विमान को अमेरिकी सुरक्षा मानकों के अनुरूप तैयार किया जा रहा है।

ग्रीनलैंड और वैश्विक राजनीति पर नजर

राष्ट्रपति ट्रम्प आज ग्रीनलैंड के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर दुनिया को संबोधित करेंगे। यह भाषण ऐसे समय में हो रहा है जब वैश्विक राजनीति में तनाव, व्यापार युद्ध और सुरक्षा चिंताएं तेजी से बढ़ रही हैं।

दावोस में ट्रम्प की मौजूदगी को बेहद अहम माना जा रहा है। उनके हर बयान पर दुनिया की नजर रहेगी। भाषण के बाद वे एक उच्चस्तरीय कार्यक्रम की मेजबानी भी करेंगे, जिसमें भारत के सात बड़े कारोबारी नेताओं को आमंत्रित किया गया है।

WEF 2026 की प्रमुख बातें

वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम 2026 में ट्रम्प अमेरिका का अब तक का सबसे बड़ा प्रतिनिधिमंडल लेकर पहुंचे हैं, जिसमें पांच कैबिनेट मंत्री शामिल हैं। पहली बार दावोस में अमेरिका के लिए अलग ‘USA हाउस’ बनाया गया है।

इस बैठक में 130 से ज्यादा देशों के लगभग 3,000 प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। इनमें 64 देशों के राष्ट्राध्यक्ष या सरकार प्रमुख, 1,700 से ज्यादा कारोबारी नेता और करीब 400 बड़े राजनीतिक नेता शामिल हैं।

भारत से चार केंद्रीय मंत्री, छह राज्यों के मुख्यमंत्री और 100 से ज्यादा उद्योगपति इस सम्मेलन में भाग ले रहे हैं, जिससे वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती भूमिका साफ दिखाई देती है।

छह साल बाद दावोस में वापसी

डोनाल्ड ट्रम्प करीब छह साल बाद दावोस लौटे हैं। इससे पहले उन्होंने जनवरी 2020 में अपने पहले कार्यकाल के दौरान यहां भाषण दिया था। इस बार उनका दौरा इसलिए ज्यादा अहम माना जा रहा है क्योंकि अमेरिका की विदेश और व्यापार नीति में आक्रामक बदलाव साफ नजर आ रहे हैं।

ट्रम्प के सलाहकारों के मुताबिक, वे दावोस में यह स्पष्ट संदेश देंगे कि अमेरिका अब पुराने वैश्विक नियमों से आगे बढ़ चुका है और व्यापार को रणनीतिक दबाव के हथियार के तौर पर इस्तेमाल करेगा।




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अमेरिका में भीषण हादसा: 100 से ज्यादा गाड़ियां आपस में टकराईं, कई घायल

अमेरिका के मिशिगन राज्य में बर्फीले तूफान की वजह से बड़ा सड़क हादसा हुआ है। सोमवार को एक इंटरस्टेट हाईवे पर 100 से ज्यादा गाड़ियां आपस में टकरा गईं। कई गाड़ियां सड़क से फिसल गईं।

फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक 30 से ज्यादा सेमी-ट्रेलर ट्रक फंसे हुए हैं। हादसे के बाद पुलिस को हाईवे के दोनों तरफ का ट्रैफिक बंद करना पड़ा।

यह दुर्घटना मिशिगन के ग्रैंड रैपिड्स शहर के दक्षिण-पश्चिम में इंटरस्टेट 196 पर हुई। मिशिगन स्टेट पुलिस के मुताबिक, हादसे में कई लोग घायल हुए हैं, लेकिन अब तक किसी की मौत की पुष्टि नहीं हुई है।

पुलिस ने बताया कि फंसे हुए वाहनों को हटाने के लिए राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया।

सड़क पर गाड़ियां मुश्किल से दिखीं

फॉक्स न्यूज से बात करते हुए लोगों ने बताया कि बर्फीली हवा के चलते आगे चल रही गाड़ियां भी मुश्किल से दिख रही थीं। एक पिकअप ड्राइवर ने बताया कहा कि वह 20 से 25 मील प्रति घंटे की रफ्तार से गाड़ी चला रहे थे और किसी तरह अपना वाहन ट्रक रोक पाए।

उन्होंने कहा

पीछे से लगातार टकराने की आवाजें आ रही थीं। आगे तो दिख रहा था, लेकिन पीछे क्या हो रहा है, यह साफ नजर नहीं आ रहा था। हालात काफी डरावने थे।

सैकड़ों लोग फंसे, स्कूल में ठहराया गया

मिशिगन के ओटावा काउंटी शेरिफ ऑफिस ने बताया कि इलाके में कई जगह दुर्घटनाएं हुईं और कई ट्रक जैकनाइफ हो गए। कई कारें सड़क से फिसलकर बाहर चली गईं।

फंसे हुए यात्रियों को बसों के जरिए हडसनविल हाई स्कूल ले जाया गया, जहां वे मदद के लिए कॉल कर सके या अपने घर जाने की व्यवस्था कर सके।

अधिकारियों का कहना है कि सफाई और वाहनों को हटाने का काम पूरा होने तक सड़क कई घंटों तक बंद रह सकती है।

प्रशासन ने चेतावनी दी कि क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाने और जमी हुई सड़क का ट्रीटमेंट करने में कई घंटे लग सकते हैं, इस दौरान इंटरस्टेट-196 बंद रहेगी।

अमेरिका में कई राज्यों में बर्फीले तूफान का असर

अमेरिका के कई राज्य इन दिनों बर्फीले तूफान का सामना कर रहे हैं। नेशनल वेदर सर्विस ने चेतावनी जारी की है कि उत्तरी मिनेसोटा से लेकर विस्कॉन्सिन, इंडियाना, ओहायो, पेंसिल्वेनिया और न्यूयॉर्क तक बेहद ठंडा मौसम या बर्फीले तूफान की स्थिति बन सकती है।

मौसम विभाग ने यह भी चेतावनी दी है कि सोमवार रात से मंगलवार सुबह तक नॉर्थ-सेंट्रल फ्लोरिडा और साउथईस्ट जॉर्जिया में तापमान जीरो डिग्री तक गिर सकता है।



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