लोकसभा में कल पेश होगा वक्फ संशोधन बिल, सरकार के सामने विपक्षी दलों ने रख दी ये मांग

वक्फ संशोधन विधेयक बुधवार को लोकसभा में पेश किया जाएगा। जानकारी के मुताबिक दोपहर 12 बजे विधेयक पेश किए जाने की उम्मीद है। बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक में विधेयक को पेश करने की जानकारी दी गई।

विपक्ष ने बिल पर 12 घंटे चर्चा की मांग की। जबकि सरकार ने आठ घंटे का समय दिया है। इस बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) अपने सभी सांसदों को तीन लाइन का व्हिप भी जारी करेगी। पार्टी के सभी सांसदों को सदन में मौजूद रहना होगा।

वक्फ बोर्ड में सुधार समय की जरूरत

यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हर अच्छे काम का विरोध होता है। ठीक ऐसे ही वक्फ संशोधन विधेयक का विरोध किया जा रहा है। उन्होंने विरोध करने वालों से पूछा कि क्या वक्फ बोर्ड ने मुसलमानों का कल्याण किया है? योगी ने आगे कहा कि इसमें सुधार समय की जरूरत है। वक्फ बोर्ड निजी स्वार्थ और सरकारी जमीन पर जबरन कब्जे का साधन बन गया है।

अभी तक नहीं मिलीं विधेयक की प्रतियां: बीजद सांसद

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बीजू जनता दल (बीजद) के सांसद सस्मित पात्रा ने कहा, "जहां तक विधेयक की बारीकियों का सवाल है तो इसकी प्रतियां अभी तक वितरित नहीं की गई हैं। इस विधेयक पर बीजद की गंभीर चिंताएं हैं। उन्होंने कहा कि चिंता यह नहीं है कि जेपीसी की बैठक हुई, बल्कि यह है कि विपक्ष की आवाज पर विचार किया गया है या नहीं।

हम भी लोहा लेने को तैयार हैं: चंद्रशेखर

आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के सांसद चंद्रशेखर ने कहा कि अगर केंद्र सरकार तैयार है तो हम भी लोहा लेने को तैयार हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की कथनी और करनी में फर्क है। सरकार जैसा कह रही है... वैसा नहीं है। इससे नुकसान के अलावा कुछ नहीं होगा। यह धार्मिक विषय है। संविधान का अनुच्छेद 25 इसकी आजादी देता है। सरकार धार्मिक आजादी पर अतिक्रमण करना चाहती है। हम लोग इसका पुरजोर विरोध करेंगे।

मिलिंद देवड़ा ने विपक्ष को घेरा

शिवसेना सांसद मिलिंद देवड़ा ने कहा कि हम सभी समुदाय को साथ में लेकर चलना चाहते हैं। मेरा मानना है कि वक्फ संशोधन बिल अल्पसंख्यक खासकर मुसलमानों के हित में है। उन्होंने आगे कहा कि जब 2019 में सीएए लाया गया था तब विपक्ष के कुछ लोगों ने फर्जी नैरेटिव चलाया कि ये मुसलमानों के हित में नहीं और उनकी नागरिकता छीन ली जाएगी। आज मैं उनको चुनौती देता हूं कि पिछले पांच साल में एक भी मुसलमान दिखाइये जिसकी नागरिकता छीनी गई हो।

अनुच्छेद 370 के हटाते वक्त भी कहा गया कि यह कश्मीरी मुसलमानों के हित में नहीं है। आज सबसे ज्यादा फायदा कश्मीरी मुसलमानों को हुआ है। उन्होंने कहा कि आज वक्फ विधेयक पर भी फर्जी नैरेटिव चलाया जा रहा है। भारतीय मुसलमानों को तुष्टिकरण नहीं बल्कि सशक्तिकरण की जरूरत है। मैं मुसलमानों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि यह विधेयक उन्हें सशक्त करेगा।


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PM बनने के सवाल पर योगी का जवाब,राजनीति मेरे लिए फुल टाइम जॉब नहीं

" उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर सियासी हलकों में दावा किया जा रहा है कि वह कभी न कभी देश के प्रधानमंत्री बनेंगे. अब इससे जुड़े एक सवाल का सीएम योगी ने बड़ा जवाब दिया है. सीएम ने कहा है कि मैं तो योगी हूं. राजनीति मेरे लिए फुल टाइम जॉब नहीं है. मैं अभी उत्तर प्रदेश राज्य का सीएम हूं.

समाचार एजेंसी पीटीआई को दिए इंटरव्यू में सीएम ने कहा कि 'देखिए, मैं राज्य का मुख्यमंत्री हूं, पार्टी ने मुझे उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए यहां रखा है और राजनीति मेरे लिए पूर्णकालिक काम नहीं है. फिलहाल हम यहां काम कर रहे हैं लेकिन असल में मैं एक योगी हूं. जब तक हम यहां हैं, हम काम कर रहे हैं. इसकी भी एक समय सीमा होगी.'

सड़क पर नमाज पढ़ने की रोक पर भी बोले सीएम

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सड़कों पर नमाज पढ़ने पर रोक लगाने के फैसले को सही बताया और कहा कि लोगों को महाकुंभ के दौरान प्रयागराज आए श्रद्धालुओं से अनुशासन सीखना चाहिए.

सीएम ने कह कि 'सड़कें चलने के लिए हैं और जो ऐसा कह रहे हैं कि सड़क पर नमाज पढना है तो उन्हें हिंदुओं से अनुशासन सीखना चाहिए. प्रयागराज में 66 करोड़ लोग आए. कहीं लूटपाट ,आगजनी ,छेड़छाड़ तोड़फोड़ नहीं हुई. अपहरण नहीं हुआ. यही धार्मिक अनुशासन है. वह श्रद्धा से आए, महास्नान में शामिल हुए और फिर अपने गंतव्य की ओर बढ़ गए. त्योहार और उत्सव या ऐसे कोई भी आयोजन बदतमीजी का माध्यम नहीं बनने चाहिए. अगर सुविधा चाहिए तो उस अनुशासन का पालन करना भी सीखिए.'

बुलडोजर पर भी बोले सीएम

यह पूछे जाने पर कि क्या वह 'बुलडोजर मॉडल' को अपनी उपलब्धियों में से एक मानते हैं, यूपी के सीएम योगी ने कहा- यह कोई उपलब्धि नहीं है. उत्तर प्रदेश की जरूरत थी और उसके संबंध में जो भी जरूरी लगा, वो किया. अगर कहीं कोई अतिक्रमण है, तो हटाने के लिए बुलडोजर का इस्तेमाल होता है.मुझे लगता है कि हमने लोगों को इसका बेहतर तरीके से उपयोग करना सिखाया है।"


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जस्टिस यशवंत वर्मा से न्यायिक कार्य वापस लिया गया, दिल्ली हाई कोर्ट का बड़ा फैसला

 आवास पर नकदी मिलने के मामले में जांच का सामना कर रहे दिल्ली हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा से दिल्ली हाई कोर्ट ने न्यायिक कार्य वापस ले लिया है।

सुप्रीम कोर्ट प्रधान न्यायाधीश संजीव खन्ना ने जस्टिस वर्मा के विरुद्ध उच्च स्तरीय जांच का आदेश देते हुए उन्हें न्यायिक कार्य वापस लेने का दिल्ली हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को आदेश दिया था।

आरोपों की जांच के लिए सीजेआई ने गठित की समिति

जस्टिस वर्मा पर आगे की कार्रवाई दूसरे चरण की जांच से तय होगी। सीजेआई ने जस्टिस यशवंत वर्मा पर आरोपों की जांच के लिए 3 सदस्यीय पैनल गठित किया। वहीं, जस्टिस यशवंत वर्मा के आवास पर मिले कैश के मामले पर राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने बैठक बुलाई है।

सूखे पत्तों के बीच मिले 500-500 रुपये के जले नोटों के टुकड़े

दिल्ली हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा के सरकारी आवास में बेहिसाब नकदी मिलने के मामले में रोज नई-नई जानकारी सामने आ रही हैं। रविवार को तुगलक रोड स्थित उनके सरकारी आवास के बाहर 500-500 रुपये के कई जले हुए नोट पाए गए। ये नोट सूखे पत्तों के बीच मिले हैं।

माना जा रहा है कि 14 मार्च की रात आग लगने की घटना के बाद स्टोर रूम की सफाई करने के बाद में एनडीएमसी के सफाईकर्मियों द्वारा नोटों को कूड़े के साथ आवास के बाहर फेंक दिया गया हो। इन नोटों को स्थानीय तुगलक रोड थाना पुलिस ने जब्त नहीं किया है। जले नोट अभी भी आवास के बाहर ही सूखे पत्तों के बीच पड़े हुए हैं।

डीएफएस प्रमुख के आवास पर पहुंची जांच समिति

रविवार को जांच समिति के दो सदस्य दिल्ली में दिल्ली अग्निशमन सेवा (डीएफएस) के डायरेक्टर अतुल गर्ग के आवास पर पहुंचे। कुछ घंटे बाद वे लोग चले गए। माना जा रहा है कि गर्ग से पूछताछ की गई व कुछ अहम दस्तावेज हासिल किए। हालांकि, अतुल गर्ग ने पूछताछ से इनकार किया है।

नोटों के बंडल मिलने से न्यायपालिका की विश्वसनीयता पर सवाल-आप

दिल्ली हाईकोर्ट के एक जज के यहां करोड़ों रुपये के नोटों के बंडल मिलने पर आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद संजय सिंह ने न्यायपालिका की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि जज के यहां नोटों के बंडल नहीं जल रहे हैं, बल्कि न्यायपालिका की विश्वसनीयता जल रही है।

न्यायपालिका हर तरह के फैसले लेने के लिए स्वतंत्रता है, लेकिन पिछले कुछ सालों में कई फैसले सवालों के घेरे में आए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि संभव है कि उसके पीछे रुपये का लेनदेन और भ्रष्टाचार हो।कहा कि हमने संसद में इसकी चर्चा कराने की मांग की है।


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भारत में बिना वैध पासपोर्ट घुसने पर 5 साल जेल

भारत आने वाले विदेशी नागरिकों की आवाजाही प्रक्रिया को व्यवस्थित बनाने के लिए केंद्र सरकार ने मंगलवार को लोकसभा में इमिग्रेशन और विदेशी विधेयक-2025 पेश किया।

इस बिल के मुताबिक यदि कोई गैर कानूनी तरीके से किसी विदेशी को देश में लाता, ठहराता या बसाता है, तो उसे 3 साल जेल या 2 से 5 लाख रुपए का जुर्माना या फिर दोनों की सजा हो सकती है।

भारत में आने के लिए किसी भी विदेशी के पास 'वैध पासपोर्ट और वीजा' होना अनिवार्य होगा। विपक्ष ने लोकसभा में इस बिल का विरोध किया।

प्रस्तावित कानून के तहत विदेशी नागरिकों को विभिन्न अधिनियमों के तहत सजा दी जा सकती है: पासपोर्ट एक्ट, 1920 विदेशी पंजीकरण एक्ट, 1939 फॉरेनर्स एक्ट, 1946 इमिग्रेशन एक्ट, 2000

विदेशी को भारत आने से रोक सकती है सरकार

यदि कोई शिक्षण या मेडिकल संस्थान, अस्पताल या निजी आवास के मालिक किसी विदेशी नागरिक को रखते हैं तो उन्हें पहले इसकी सूचना सरकार को देनी होगी। कोई भी विदेशी किसी भी संस्थान में दाखिला लेता है तो उसे एक फॉर्मेट में अपनी जानकारी भरकर पंजीकरण अधिकारी को देनी होगी।

इस कानून का मकसद राष्ट्रीय सुरक्षा तय करना है। साथ ही भारत में आने-जाने और रहने से जुड़े नियमों को सख्त बनाना है। इसके तहत अगर सरकार को किसी विदेशी नागरिक से खतरा महसूस होता है, तो सरकार उस विदेशी नागरिक को भारत आने से रोक सकती है।

देश की उन्नति सरकार की जिम्मेदारी

लोकसभा में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने बिल पेश करते हुए कहा, “देश की उन्नति, प्रभुता और शांति सरकार की जिम्मेदारी है। ये बिल हम किसी को रोकने के लिए नहीं ला रहे हैं, ज्यादा से ज्यादा लोग यहां पर आएं, लेकिन हमारे देश का जो कानून है उसका पालन जरूर करें।”

इसके साथ ही उन्होंने बताया कि अगर कोई शख्स बिना परमिट के भारत में घुसता है, अवैध रूप से ज्यादा समय तक ठहरता है या जाली दस्तावेज इस्तेमाल करता है, तो उसे सख्त सजा मिलेगी।

जो भी विदेशी भारत आएंगे, उन्हें अराइवल पर रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी होगा। इसके अलावा, नाम बदलने, एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाने और संरक्षित इलाकों में घूमने पर भी पाबंदियां लगाई जाएंगी।

नियम तोड़ने पर सख्त सजा

इस कानून के मुताबिक विदेशी नागरिकों को भारत में प्रवेश और रहने से जुड़े नियमों का पालन करना होगा। अगर कोई नियम तोड़ता है, तो उसे कड़ी सजा हो सकती है।

बिना सही पासपोर्ट और दस्तावेजों के भारत में घुसने पर 5 साल तक की जेल और 5 लाख रुपए तक का जुर्माना लग सकता है।

जाली पासपोर्ट या वीजा का इस्तेमाल करने पर 7 साल तक की कैद और 1 से 10 लाख रुपए का जुर्माना हो सकता है। वीजा खत्म होने के बाद भी रुकने या प्रतिबंधित इलाकों में जाने पर 3 साल की जेल और 3 लाख तक का जुर्माना लग सकता है।

भारत फिजिकल और ई-वीजा दोनों जारी करता है। जापान, दक्षिण कोरिया और यूएई के नागरिकों को वीजा-ऑन-अराइवल की सुविधा मिलती है। केंद्रीय गृह मंत्रालय के मुताबिक 1 अप्रैल 2023 से 31 मार्च 2024 के बीच 98.40 लाख से ज्यादा विदेशी टूरिस्ट भारत आए।

विपक्ष ने किया विरोध

इमिग्रेशन और फॉरेनर्स बिल 2025 को लेकर विपक्षी दलों ने विरोध किया। तृणमूल सांसद सौगत रॉय ने कहा कि बिल बाहर से आने वाली प्रतिभाओं का प्रवाह रोक सकता है।

जवाब में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि बिल भारत आने से रोकने के लिए नहीं, बल्कि जो आएं, वो भारत के कानून का पालन करें, इसके लिए है।

कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने इसे असंवैधानिक बताया। उनका कहना है कि यह कानून सरकार की विचारधारा से असहमत लोगों को भारत में प्रवेश से रोकने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।



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मोदी को मॉरीशस का सर्वोच्च सम्मान मिला, राष्ट्रीय दिवस समारोह में शामिल हुए मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मॉरीशस दौरे का आज दूसरा दिन है। वे मॉरीशस के 57वें राष्ट्रीय दिवस समारोह में शामिल होने पहुंचे हैं। PM मोदी बतौर मुख्य अतिथि इस समारोह में शामिल हुए हैं।

मॉरीशस को 12 मार्च 1968 को ब्रिटिश से आजादी मिली थी। यह राष्ट्रमंडल के तहत 1992 में गणतंत्र बना। भारतीय मूल के भारतीय मूल के सर शिवसागर रामगुलाम की अगुआई में मॉरीशस को आजादी मिली थी। इस दिन को मॉरीशस राष्ट्रीय दिवस के तौर पर मनाता है।

आज के समारोह में भारतीय सेना की एक टुकड़ी, नौसेना का एक वॉरशिप और एयरफोर्स की आकाश गंगा स्काई डाइविंग टीम भी इस समारोह में हिस्सा ले रही है। इस दौरान भारी बारिश भी हो रही है।

इस दौरान PM मोदी को मॉरीशस के सर्वोच्च पुरस्कार 'द ग्रैंड कमांडर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द स्टार एंड की ऑफ द इंडियन ओशन' दिया गया। मोदी यह सम्मान पाने वाले पहले भारतीय हैं। किसी देश की तरफ से पीएम मोदी को दिया गया यह 21वां अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार है।

भारत और मॉरीशस में 8 समझौते पर सहमति

भारत और मॉरीशस के प्रधानमंत्रियों के बीच आज सुबह द्विपक्षीय बातचीत हुई। दोनों देशों के बीच 8 समझौते हुए हैं। PM मोदी और मॉरीशस PM ने ज्वाइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित भी किया।

इस दौरान मॉरीशस के PM नवीनचंद्र रामगुलाम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमारे स्वतंत्रता के 57वें वर्षगांठ के राष्ट्रीय दिवस समारोह में अपनी उपस्थिति से हमें सम्मानित किया है। उनकी मौजूदगी दोनों देशों के बीच अच्छे संबंधों का सबूत है।

वहीं PM मोदी ने कहा,

140 करोड़ भारतीयों की ओर से मैं मॉरीशस के लोगों को उनके राष्ट्रीय दिवस पर बधाई देता हूं। यह मेरा सौभाग्य है कि मुझे एक बार फिर मॉरीशस के राष्ट्रीय दिवस पर यहां आने का अवसर मिला। भारत और मॉरीशस सिर्फ हिंद महासागर से ही नहीं, बल्कि साझा संस्कृति और मूल्यों से भी जुड़े हुए हैं

उन्होंने बताया कि भारत-मॉरीशस साझेदारी को 'एनहैन्स्ड स्ट्रेटजिक पार्टनरशिप' का दर्जा देने का फैसला किया। भारत मॉरीशस में नया संसद भवन बनवाने में मदद करेगा। इसे PM मोदी ने मॉरीशस के लिए 'लोकतंत्र की जननी' भारत की ओर से एक उपहार बताया।

PM मोदी ने आज मॉरीशस के पूर्व प्रधानमंत्री प्रविंद कुमार जगन्नाथ और नेता प्रतिपक्ष जॉर्जेस पियरे के साथ मुलाकात भी की। 

मॉरीशस के राष्ट्रपति को महाकुंभ का गंगाजल गिफ्ट किया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल मॉरीशस के राष्ट्रपति धरम गोखूल से मुलाकात की। PM ने राष्ट्रपति धरम को गंगाजल और उनकी पत्नी को बनारसी साड़ी गिफ्ट की।

इस विजिट में PM मोदी दोनों देशों के आर्थिक और सुरक्षा संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए कई समझौतों पर हस्ताक्षर करेंगे। 2015 के बाद भारतीय PM की यह दूसरी मॉरीशस यात्रा है।

पीएम मोदी बोले- मॉरीशस से होली के रंग साथ लेकर जाऊंगा

मंगलवार शाम पीएम मोदी ने इंडियन डायस्पोरा को संबोधित किया। उन्होंने भोजपुरी में अपने भाषण की शुरुआत की। उन्होंने कहा, 'जब 10 साल पहले आज की ही तारीख पर मैं मॉरीशस आया था, उस साल होली एक हफ्ते पहले बीती थी, तब मैं भारत से फगवा की उमंग अपने साथ लेकर आया था। अब इस बार मॉरीशस से होली के रंग अपने साथ लेकर भारत जाऊंगा।'

पीएम मोदी ने कहा- 'राम के हाथे-ढोलक होसे, लक्ष्मण हाथ मंजीरा, भरत के हाथ कनक पिचकारी, शत्रुघन हाथ अबीरा... जोगी रा सा रा रा रा रा....'

मॉरीशस की मिट्‌टी में भारत के पूर्वजों का खून-पसीना

मंगलवार रात दिए भाषण में मोदी ने कहा कि यहां की मिट्टी में, हवा में, पानी में अपनेपन का एहसास है। गीत गवाई में, ढोलक की थाप में, दाल पूरी में, कुच्चा में और गातो पिमा में भारत की खुशबू है, क्योंकि यहां की मिट्टी में कितने ही भारतीयों का, हमारे पूर्वजों का खून-पसीना मिला हुआ है।

आपने मुझे सम्मान दिया, इसे मैं विनम्रता से स्वीकारता हूं। यह उन भारतीयों का सम्मान है जिन्होंने पीढ़ी-दर-पीढ़ी इस धरती की सेवा की और मॉरीशस को इस ऊंचाई पर लेकर आए। मैं मॉरीशस के हर नागरिक और यहां की सरकार का इस सम्मान के लिए आभार व्यक्त करता हूं।

भारत के लिए क्यों खास है मॉरीशस

भारत को घेरने और हिंद महासागर में अपना दबदबा बढ़ाने के लिए चीन ने पाकिस्तान के ग्वादर, श्रीलंका के हंबनटोटा से लेकर अफ्रीकी देशों में कई पोर्ट प्रोजेक्ट में पैसा लगाया है। इसके जवाब में भारत सरकार ने 2015 में हिंद महासागर में अपनी मौजूदगी बढ़ाने के लिए सिक्योरिटी एंड ग्रोथ फॉर ऑल इन द रीजन (सागर प्रोजेक्ट) शुरू किया था।

इसके तहत भारत ने मुंबई से 3,729 किमी दूर मॉरीशस के उत्तरी अगालेगा द्वीप पर मिलिट्री बेस के लिए जरूरी इन्फ्रास्ट्रक्चर बनाया है, इसमें रनवे, जेट्टी, विमान के लिए हैंगर शामिल हैं। यहां से भारत-मॉरीशस मिलकर पश्चिमी हिंद महासागर में चीन के सैन्य जहाजों और पनडुब्बियों पर नजर रख सकते हैं।

मॉरीशस में भारतीय मूल के लोग बहुसंख्यक

भारत से करीब 190 साल पहले एटलस नाम का जहाज 2 नवंबर 1834 को भारतीय मजदूरों को लेकर मॉरीशस पहुंचा था। इसकी याद में वहां 2 नवंबर अप्रवासी दिवस मनाया जाता है। एटलस से जो मजदूर मॉरीशस पहुंचे थे, उनमें 80 प्रतिशत तक बिहार से थे।

इन्हें गिरमिटिया मजदूर कहा जाता था यानी समझौते के आधार पर लाए गए मजदूर। इन्हें लाने का मकसद मॉरीशस को एक कृषि प्रधान देश के रूप में विकसित करना। अंग्रेज 1834 से 1924 के बीच भारत के कई मजदूरों को मॉरीशस ले गए। मॉरीशस जाने वालों में सिर्फ मजदूर नहीं थे।

ब्रिटिश कब्जे के बाद मॉरीशस में भारतीय हिंदू और मुस्लिम दोनों व्यापारियों का छोटा, लेकिन समृद्ध समुदाय भी था। यहां आने वाले अधिकांश व्यापारी गुजराती थे। 19वीं शताब्दी में कई ऐसे घटनाक्रम हुए, जिससे मजदूरों के वंशज जमीन खरीद सके। उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार आया है।

मॉरीशस की कुल आबादी में करीब 52% हिंदू हैं। यह देश अफ्रीका में सबसे अधिक प्रतिव्यक्ति आय वाले देशों में से एक है। मॉरीशस पर 1715 में फ्रांस ने कब्जा किया था। तब इसकी अर्थव्यवस्था विकसित हुई, जो चीनी के उत्पादन पर आधारित थी।

1803 से 1815 के दौरान हुए युद्धों में ब्रिटिश इस द्वीप पर कब्जा पाने में कामयाब हुए। भारतीय मूल के सर शिवसागर रामगुलाम की अगुआई में ही मॉरीशस को 1968 में आजादी मिली थी। राष्ट्रमंडल के तहत 1992 में यह गणतंत्र बना।

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JPC की बैठक में एक देश एक चुनाव का प्रेजेंटेशन

'एक देश, एक चुनाव' पर बनी संयुक्त संसदीय समिति (JPC) की मंगलवार को बैठक हुई। बैठक के बाद समिति के अध्यक्ष पीपी चौधरी ने कहा कि बैठक में सभी सदस्यों का सकारात्मक रुख था और वे एक टीम के रूप में काम कर रहे हैं।

चौधरी ने कहा, 'यह एक अच्छी बैठक थी। सभी सदस्यों का सकारात्मक रुख था। पहले जस्टिस अवस्थी ने प्रेजेंटेशन दिया। उसके बाद पूर्व चीफ जस्टिस यूयू ललित ने विचार रखे।'

चौधरी ने कहा- हम सभी मिलकर एक टीम की तरह काम कर रहे हैं। संविधान संशोधन विधेयक, जो 'एक देश, एक चुनाव' के बारे में है, वर्तमान में संयुक्त संसदीय समिति के पास समीक्षा के लिए है। इस बिल का प्रस्ताव है कि लोकसभा और राज्य विधानसभा चुनावों के समय सीमा को एक साथ किया जाए।

कई विपक्षी दलों जैसे कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और DMK ने 'एक देश, एक चुनाव' बिल का विरोध किया है। सरकार का कहना है कि चुनावों के समय को एक साथ लाने से चुनावों के खर्चों में कमी आएगी, लॉजिस्टिक चुनौतियां कम होंगी और बार-बार होने वाले चुनावों से होने वाली परेशानियों में भी कमी आएगी।

समान चुनाव पर उच्च स्तरीय समिति की रिपोर्ट को केंद्र सरकार ने 18 सितंबर 2024 को मंजूरी दी थी। संयुक्त संसदीय समिति की 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' विधेयक पर पहली बैठक 8 जनवरी को हुई थी।

31 जनवरी: दूसरी बैठक

JPC की दूसरी बैठक में बिल पर सुझाव लेने के लिए स्टेक होल्डर्स की लिस्ट बनाई गई थी। इसमें सुप्रीम कोर्ट और देश के अलग-अलग हाई कोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस, चुनाव आयोग, राजनीतिक दल और राज्य सरकारें शामिल हैं।

कमेटी शिक्षकों संगठनों और CII, फिक्की जैसे उद्योग समूहों बैंकों, RBI, बार काउंसिल से भी सुझाव लेगी। बैठक में सदस्यों से चर्चा की गई कि JPC के तय एजेंडे के साथ कैसे आगे बढ़ा जाए।

कॉन्स्टिट्यूशन एक्सपर्ट्स, सुरक्षा एजेंसियों, कई सरकारी विभागों, मीडिया संगठनों, लॉ कमीशन, बार काउंसिल ऑफ इंडिया, पब्लिक सेक्टर्स, थिंक-टैंक, चैंबर ऑफ कॉमर्स, IIM जैसे संस्थानों के सुझाव लिए जा सकते हैं।

दूसरी बैठक में हुई चर्चा, पॉइंट्स में...

प्रियंका गांधी वाड्रा ने सुझाव दिया कि इस मुद्दे पर कई हितधारकों से बात करके व्यापक परामर्श की जरूरत है। सुप्रिया सुले समेत कई दूसरे विपक्षी दलों नेताओं ने इसका समर्थन किया।

कमेटी के अध्यक्ष पीपी चौधरी ने कहा कि शिक्षकों, छात्रों और प्रवासी श्रमिकों के विचार भी लिए जाएंगे।

कुछ सदस्यों ने सुझाव दिया कि इस मुद्दे पर जनता के बीच आम सहमति होनी चाहिए, क्योंकि इस तरह के कानून पर आखिरकार सबसे बड़े स्टेकहोल्डर आम आदमी ही होते हैं, जो वोट देते हैं।

विपक्षी दलों के सदस्यों ने कहा कि उन्हें हर बैठक के दौरान हुई बातचीत की एक-एक कॉपी दी जाए। कमेटी के अध्यक्ष पीपी चौधरी ने इस मांग को खारिज कर दिया।

DMK के पी विल्सन और कांग्रेस के मनीष तिवारी जैसे सदस्यों ने जोर देकर कहा कि उनकी मांग संसदीय समितियों के लिए मार्गदर्शक नियमों के तहत है।

शैक्षणिक संस्थानों को शामिल करने के सुझाव पर कुछ विपक्षी सदस्यों ने आपत्ति जताते हुए कहा कि यह संयुक्त संसदीय समिति के अधिकार क्षेत्र से बाहर है।

8 जनवरी: पहली बैठक

JPC की पहली बैठक में सभी सांसदों को 18 हजार से ज्यादा पेज की रिपोर्ट वाली एक ट्रॉली दी गई थी। इसमें हिंदी और अंग्रेजी में कोविंद समिति की रिपोर्ट और अनुलग्नक की 21 कॉपी शामिल है। इसमें सॉफ्ट कॉपी भी शामिल है।

पहली बैठक की चर्चा, पॉइंट्स में...

कानून मंत्रालय के प्रेजेंटेशन के बाद प्रियंका गांधी समेत कई विपक्षी सांसदों ने एक साथ चुनाव कराने से खर्च कम होने के दावे पर सवाल उठाए थे।

विपक्ष ने पूछा था कि क्या 2004 लोकसभा चुनाव के बाद खर्च का कोई अनुमान लगाया गया था, जब पहली बार सभी 543 सीटों पर EVM का इस्तेमाल किया गया और माना जाता है कि इससे खर्च कम हुआ था।

विपक्ष ने कहा कि एक साथ चुनाव कराने के लिए कई राज्यों की विधानसभा उनका कार्यकाल पूरा होने से पहले भंग करने और उनका कार्यकाल लोकसभा के साथ जोड़ने से संवैधानिक मूल्यों का उल्लंघन होता है।

भाजपा के संजय जायसवाल ने कहा कि 1957 में लोकसभा-विधानसभा चुनाव एक साथ कराने के लिए 7 विधानसभाएं समय से पहले भंग की गई थीं। तब क्या तत्कालीन राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद, जो संविधान सभा के अध्यक्ष भी थे, नेहरू और अन्य सांसदों ने संविधान का उल्लंघन किया था।

भाजपा की सहयोगी पार्टी JDU ने सवाल किया कि क्या मध्यावधि चुनाव के बाद छोटे कार्यकाल के लिए चुनी गई सरकार में शासन के लिए वह फोकस होगा जो पांच साल के कार्यकाल वाली सरकारों में होता है।

संसद में बिल पेश करने के लिए वोटिंग कराई गई थी

कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने 17 दिसंबर को लोकसभा में एक देश-एक चुनाव को लेकर 129वां संविधान संशोधन बिल पेश किया था। विपक्षी सांसदों ने इसका विरोध किया था। इसके बाद बिल पेश करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग कराई गई थी।

कुछ सांसदों की आपत्ति के बाद वोट संशोधित करने के लिए पर्ची से दोबारा मतदान हुआ। इस वोटिंग में बिल पेश करने के पक्ष में 269 और विपक्ष में 198 वोट पड़े। इसके बाद कानून मंत्री ने बिल दोबारा सदन में रखा।

कांग्रेस बोली- बिल पेश करते समय सरकार 272 सांसद नहीं जुटा पाई

कांग्रेस ने एक देश एक चुनाव विधेयक को लेकर 20 दिसंबर को कहा कि भाजपा इस बिल को कैसे पास कराएगी? क्योंकि संविधान संशोधन के लिए उसके पास सदन में दो तिहाई बहुमत (362 सांसद) नहीं हैं। बिल भले ही JPC के पास भेजा गया, लेकिन कांग्रेस इसका विरोध करती है।

दरअसल, 20 दिसंबर को राज्यसभा में इस बिल से जुड़े 12 सदस्यों को नामित करने के प्रस्ताव को ध्वनिमत से पारित किया। सभापति जगदीप धनखड़ ने केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल से राज्यसभा के सदस्यों को समिति में मनोनीत करने के लिए प्रस्ताव पेश करने को कहा था।

इसके बाद संसद की संयुक्त समिति को दोनों विधेयकों की सिफारिश करने वाला प्रस्ताव पारित किया गया। फिर बिल को 39 सदस्यीय JPC के पास भेजने का फैसला किया गया।

एक देश-एक चुनाव क्या है...

भारत में लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के लिए अलग-अलग समय पर चुनाव होते हैं। एक देश-एक चुनाव का मतलब लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराने से है। यानी मतदाता लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के सदस्यों को चुनने के लिए एक ही दिन, एक ही समय वोट डालेंगे।

आजादी के बाद 1952, 1957, 1962 और 1967 में लोकसभा और विधानसभा के चुनाव एक साथ ही हुए थे, लेकिन 1968 और 1969 में कई विधानसभाएं समय से पहले ही भंग कर दी गईं। उसके बाद दिसंबर, 1970 में लोकसभा भी भंग कर दी गई। इस वजह से एक देश-एक चुनाव की परंपरा टूट गई।

एक देश-एक चुनाव पर विचार के लिए पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में 2 सितंबर, 2023 को एक कमेटी बनाई गई थी। कमेटी ने करीब 191 दिनों में स्टेकहोल्डर्स और एक्सपर्ट्स से चर्चा के बाद 14 मार्च, 2024 को अपनी रिपोर्ट राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को सौंपी थी।

एक देश-एक चुनाव को लागू करने के लिए संविधान संशोधन के जरिए संविधान में 1 नया अनुच्छेद जोड़ने और 3 अनुच्छेदों में संशोधन करने की व्यवस्था की जाएगी।


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दिल्ली विधानसभा में CAG रिपोर्ट पेश, आतिशी समेत AAP के 14 विधायक सस्‍पेंड

दिल्ली विधानसभा सत्र का आज दूसरा दिन है। उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने अपना संबोधन शुरू खत्म किया। उपराज्यपाल ने अपने संबोधन में सरकार आने वाले समय में क्या-क्या काम करेगी उसको गिनाया। एलजी के संबोधन के दौरान हंगामा कर रहे AAP के 14 विधायकों को सदन से बाहर किया गया। भाजपा के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार मंगलवार को दिल्ली विधानसभा में पिछली सरकार के कार्यों पर भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG Report) की 14 लंबित रिपोर्ट पेश की। 

उपराज्यपाल के अभिभाषण के बाद इन्हें पेश किया गया। जिस तरह से भाजपा ने शराब नीति पर कैग रिपोर्ट पेश करने के बाद इसको लेकर AAP पर आक्रामक हो गई। उससे आप नेताओं की परेशानी बढ़ गई है। यहां पर पढ़ें विधानसभा की कार्यवाही का पल-पल का अपडेट्स:

Delhi Assembly Session 2025 Live Update:

इन लोगों से पूछा जाए राष्ट्रपति प्रधानमंत्री की फोटो सरकारी कार्यालयों से होने की परंपरा कोकिसने तोड़ा। ये भगत सिंह जी की बात कर रहे हैं, क्या भगत सिंह ने ये कहा है कि शराब का घोटाला कर जेल जाओ।

कैग रिपोर्ट (CAG Report) पर चर्चा में अरविंदर सिंह लवली ने कहा कि इस रिपोर्ट को पढ़ने के बाद हम इस पर विस्तार के चर्चा करेंगे। मगर यह साफ है कि ये आप वाले चाहते हैं कि बाबा साहब की फोटो के पीछे छिपकर कैग रिपोर्ट से बच जाएंगे तो इनकी गलत फहमी है।

अध्यक्ष गुप्ता ने कहा कि आज एक ही रिपोर्ट सदन में रखी जा रही है।

रिपोर्ट पेश किए जाने के बाद विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि रिपोर्ट को लेकर राज्य की पूर्व सरकार ने संवैधानिक प्रावधानों का जानबूझकर उल्लंघन किया। कहा कि दिनांक 24 जनवरी 2025 को दिए गए अपने फैसले में की गई टिप्पणी की तरफ आकर्षित करना चाहता हूं। कहा कि रिपोर्ट हाई कोर्ट पर जो टिप्पणी आती है इस पूरे मामले में कैग की रिपोर्ट को किस तरह से दबाया गया। हाई कोर्ट के फैसले में कहा गया जानबूझकर सरकार ने रिपोर्ट को अपने पास दबा ये रखा।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कैग रिपोर्ट पेश की है। स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि पिछली सरकार ने रिपोर्ट पेश नहीं की। तत्कालीन सरकार ने गैर-संवैधानिक काम किया।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सदन में कैग की रिपोर्ट प्रस्तुत की। यह रिपोर्ट आबकारी विभाग से संबंधित है।

सदन की कार्यवाही फिर शुरू। विधानसभा अध्यक्ष ने उपराज्यपाल के अभिभाषण की हिंदी अंग्रेजी प्रति सदन में प्रस्तुत करने के लिए कहा। विधानसभा अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से कैग की रिपोर्ट सदन में प्रस्तुत करने के लिए कहा

दिल्ली में शराब विनिमय और आपूर्ति पर निष्पादन को लेकर सदन में रखी जाएगी रिपोर्ट, ऐसे में सदन का समय और बढ़ाये जाने की संभावना।

सदन में आज केवल पेश होगी एक ही कैग रिपोर्ट।

विधानसभा में अपने संबोधन के बाद बाहर मीडिया को संबोधित करते एलजी वीके सक्सेना, साथ मौजूद विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता व अन्य विधायक।


एलजी ने कहा कि जिस इमारत में यह सदन चल रहा है इसके बारे में भी लोगों को जागरूक किया जाएगा। इसे इस तरीके से प्रस्तुत किया जाएगा कि देश-विदेश के लोग यहां पर आएं और इसके गौरव के बारे में जानें।

एलजी ने जोर देकर कहा कि अभी तक इस सदन का दुरुपयोग सर्वोच्च पदों पर बैठे सम्मानित लोगों को अपमान करने के लिए किया जा रहा था।

मेरी सरकार जहां प्रभावशाली योजनाओं को लागू रखेगी वहीं प्रशासन को भ्रष्टाचार मुक्त भी बनाएगी।

झुग्गी बस्तियों में अटल कैंटीन स्थापित कर मध्य ₹5 में भोजन उपलब्ध कराया जाएगा।

हर गर्भवती महिला को₹21000 और 8 पोषण किट दी जाएंगी। लोगों को ₹500 में गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जाएगा। बुजुर्गों की पेंशन ₹2500 बढ़कर 3000 की जाएगी।

उपराज्यपाल ने कहा कि हमारी सरकार की कुछ प्रमुखताएं हैं। मेरी सरकार ने कैबिनेट की पहली बैठक में ही आयुष्मान योजना को लागू करने की मंजूरी दे दी है।

माननीय प्रधानमंत्री की आयुष्मान योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना जहां झुग्गी वहां मकान आदि ऐसी योजनाओं को प्रमुखता से लागू किया जाएगा

माननीय प्रधानमंत्री की आयुष्मान योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना जहां झुग्गी वहां मकान आदि ऐसी योजनाओं को प्रमुखता से लागू किया जाएगा।

LG ने कहा अभी तक की सरकार भ्रष्टाचार के दलदल में फंसी हुई थी। मेरी सरकार का उद्देश्य दिल्ली को देश का सबसे स्वच्छ मेट्रो शहर बनाना है।

दिल्ली संकल्प पत्र को नीतिगत दस्तावेज के रूप में अंगीकार किया जाएगा। नीतिगत दस्तावेज वर्तमान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होगी इस संबंध में विकास की रूपरेखा बनाने के लिए निर्देश दिए गए हैं।

यमुना का पुनर्धार होगा दिल्ली वालों को स्वच्छ हवा मिलेगी। एलजी के संबोधन के दौरान सदन में मोदी-मोदी के नारे लग रहे हैं।

उपराज्यपाल ने कहा कि मेरी सरकार दिल्ली की जनता के जनादेश को विनम्रतापूर्वक स्वीकार करती है। हमारी सरकार भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन देगी।

एलजी ने कहा कि मेरी सरकार दिल्ली की जनता के जनादेश को विनम्रतापूर्वक स्वीकार करती है।

एलजी ने अपने अभिभाषण में कहा कि दिल्ली की जनता ने सरकार को अभूतपूर्व समर्थन दिया है

पूर्व सीएम आतिशी समेत कुल 14 विधायकों को पूरे दिन के लिए सदन की कार्यवाही से बाहर किया गया।

आप विधायकों के हंगामा के दौरान उपराज्यपाल ने अपना अभिभाषण शुरू किया।

विधानसभा सदन में उपराज्यपाल का अभिभाषण शुरू। बाबा साहेब की फोटो हटाए जाने का आरोप लगा आप पार्षदों ने लगमा शुरू किया। आप के पांच विधायक पूरे दिन के लिए सदन से बाहर किए गए।

अभिभाषण के लिए दिल्ली विधानसभा में पहुंचे उपराज्यपाल वी के सक्सेना। विधानसभा सत्र के दूसरे दिन एलजी के आभूषण से शुरू होगा सदन।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता समेत वरिष्ठ नेता उपराज्यपाल वीके सक्सेना को रिसीव करने के लिए पहुंचे।

दिल्ली विधानसभा में आज पेश होने वाली सीएजी रिपोर्ट पर बीजेपी विधायक सतीश उपाध्याय ने कहा कि बहुत महत्वपूर्ण दिन है और जिन्होंने दिल्ली की जनता के साथ अन्याय किया, भ्रष्टाचार किया, उन्हें जेल भेजा जाएगा. अरविंद केजरीवाल से लेकर आतिशी, सौरभ भारद्वाज से लेकर सोमनाथ भारती तक सभी को जेल भेजा जाएगा। दिल्ली में परिवहन, स्वास्थ्य, जल बोर्ड जैसे कई घोटाले हुए हैं। जब सीएजी रिपोर्ट आएगी, तो सच्चाई जनता के सामने आ जाएगी।

CAG Report पर दिल्ली के मंत्री परवेश साहिब सिंह ने कहा कि एक महत्वपूर्ण रिपोर्ट जिसका हम इंतजार कर रहे थे, सीएजी रिपोर्ट आज सदन के पटल पर रखी जा रही है। इस रिपोर्ट के जरिए हम देखेंगे कि आप-डीए ने दिल्ली की जनता को कितना भारी लूटा है।

CAG रिपोर्ट पर AAP प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ ने कहा कि पूर्व सीएम आतिशी ने CAG रिपोर्ट स्पीकर को भेज दी और इसे पेश करना एक सामान्य प्रक्रिया है। द्वारका एक्सप्रेसवे बेहद ऊंची लागत पर बनाया गया है, जिसकी भी जांच होनी चाहिए।

 CAG रिपोर्ट पर दिल्ली के मंत्री आशीष सूद ने कहा कि सभी की नजर CAG पर है और रिपोर्ट में क्या-क्या अनियमितताएं सामने आएंगी। जिसने जनता से लूटा है, उसे वापस लौटाना होगा।

सीएजी पर दिल्ली के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि सीएजी रिपोर्ट अरविंद केजरीवाल सरकार के घोटालों को उजागर करेगी। यह शराब घोटाले को उजागर करेगी। पिछले 3 साल में यह पहली सरकार है जिसमें सीएजी रिपोर्ट को सदन के पटल पर रखने के लिए विपक्ष को हाई कोर्ट जाना पड़ा।


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दिल्ली विधानसभा का सत्र शुरू, सीएम रेखा गुप्ता ने ली शपथ

दिल्ली विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर के रूप में भाजपा विधायक अरविंदर सिंह लवली ने शपथ ली। उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने उन्हें शपथ दिलाई।

शपथ ग्रहण के बाद लवली दिल्ली विधानसभा पहुंचे। जहां वे स्पीकर और डिप्टी स्पीकर के चुनाव की प्रक्रिया पूरी कराएंगे। चुनाव संपन्न होने के बाद नवनिर्वाचित स्पीकर और डिप्टी स्पीकर को भी शपथ दिलाई जाएगी। फिलहाल विधानसभा के सभी नवनिर्वाचित विधायक शपथ ले रहे हैं । 

Delhi Vidhan Sabha  Updates:

विजेंद्र गुप्ता माथे पर रोली तिलक लगाकर आए। विपक्ष के भी कई विधायको ने हाथ जोड़ उनका अभिवादन किया। आप विधायक आले मोहम्मद इकबाल और इमरान हुसैन ने उर्दू में शपथ ली।

बहुत से विधायक पारंपरिक वेशभूषा में भी आए। अलग-अलग तरह की पगड़ी पहने हुए हैं। इसके अलावा धोती कुर्ता / पारंपरिक पटका धारण किए हुए हैं। अनिल झा ने मैथिली भाषा में में शपथ ली।

एक-एक कर शपथ लेने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। शपथ लेने के क्रम में पहले मंत्री शपथ ले रहे हैं। सिरसा ने पंजाबी में शपथ ली। वहीं पर कपिल मिश्रा ने संस्कृत में शपथ ली।

दिल्ली विधानसभा सदन में शपथ ग्रहण का शुभारंभ हो गया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शपथ ली। इनके बाद अब मंत्रिमंडल के अन्य सदस्य शपथ ले रहे हैं। इनके बाद बारी-बारी से सभी अन्य विधायक 70 विधायक शपथ लेंगे। प्रोटेम स्पीकर अरविंद सिंह लवली ने कहा कि विधानसभा द्वारा तैयार किए गए लिखित प्रारूप के अनुसार ही सभी सदस्य शपथ लें। उन्होंने कहा कि जो सदस्य अभी शपथ लेने के लिए उपलब्ध नहीं है वह कल 11:00 बजे शपथ ले सकते हैं।

दिल्ली विधानसभा के पहले दिन दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि यह हमारी एक शुरुआत है। मैं उन्हें (आप नेता और नेता प्रतिद्वंद्वी आतिशी) बधाई देता हूं। मुझे उम्मीद है कि वे पहले के विपरीत सकारात्मक सकारात्मकता के साथ काम करेंगे।

दिल्ली की 8वीं विधान सभा के पहले सत्र के लिए दिल्ली विधानसभा पहुंचते ही दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (CM Rekha Gupta) ने विजय चिन्ह दिखाया।

दिल्ली विधानसभा में एलओपी आतिशी (LOP Atishi) ने कहा कि दिल्ली की जनता ने हमें विपक्ष की जिम्मेदारी दी है और हम विधानसभा में जनता की आवाज उठाएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बीजेपी ने दिल्ली की जनता से वादा किया था कि पहली कैबिनेट बैठक में हर महिला को 2500 रुपये प्रति माह देने की योजना पास की जाएगी, लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हुआ। पहली किस्त 8 मार्च तक देने का वादा किया गया था। हम इस मुद्दे को विधानसभा में उठाएंगे... मैंने बीजेपी सरकार के शपथ ग्रहण से पहले ही इसका अनुमान लगा लिया था। भाजपा सरकार अपने वादे पूरे न करने के लिए कोई न कोई बहाना जरूर बनाएगी। जब अरविंद केजरीवाल दिल्ली के मुख्यमंत्री बने, तब दिल्ली का बजट 30,000 करोड़ रुपये था, लेकिन तब भी अरविंद केजरीवाल ने मुनाफे वाली सरकार चलाई, मुफ्त बिजली दी, मुफ्त पानी दिया, अच्छे स्कूल दिए, अच्छे अस्पताल दिए, मुफ्त बस यात्रा की, मुफ्त तीर्थ यात्रा की... वे कह रहे हैं कि खजाना खाली है, पैसे की कमी नहीं है, इरादों की कमी है।

दिल्ली विधानसभा सत्र पर दिल्ली के मंत्री आशीष सूद ने कहा कि भाजपा 27 साल बाद सत्ता में आई है। हमारी पहली प्राथमिकता दिल्ली के लोगों को साफ पानी, बेहतर सीवेज, बेहतर सड़कें, साफ हवा मुहैया कराना होगी। पिछले 10 सालों से पानी का मुद्दा दिल्ली के लोगों के लिए एक बुरे सपने जैसा था।

बीजेपी विधायक रविंदर सिंह नेगी ने कहा कि मैं अपने क्षेत्र के लोगों को धन्यवाद देना चाहता हूं। हमने पीएम मोदी के नेतृत्व में दिल्ली में विधानसभा चुनाव जीता। हमें दिल्ली में बहुत काम करना है। मुख्य मुद्दे पानी और सीवेज हैं। हम यमुना को साफ करेंगे और दिल्ली के लोगों से किए गए वादे पूरे करेंगे।


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दिल्ली में बनी रेखा सरकार, एलजी ने सीएम समेत सभी मंत्रियों को दिलाई शपथ

बीजेपी नेता और शालीमार बाग से विधायक रेखा गुप्ता दिल्ली की नई मुख्यमंत्री बनने जा रही हैं. वह और उनके छह नए मंत्री आज पद की शपथ लेंगी. शपथ ग्रहण समारोह के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और उनका पूरा मंत्रिमंडल यमुना घाट पर नदी की सफाई का जायजा लेने जाएगा. दिल्ली चुनाव के महत्वपूर्ण मुद्दों में यमुना नदी की सफाई का मुद्दा सबसे अहम था. पिछले 10 सालों से दिल्ली पर शासन करने वाली अरविंद केजरीवाल आम आदमी पार्टी (आप) ने बार-बार यमुना को साफ करने का वादा किया था, लेकिन इस प्रतिबद्धता को पूरा करने में विफल रही.

अब, नई भाजपा सरकार ने यमुना की सफाई को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है. शपथ ग्रहण समारोह रामलीला मैदान में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें भाजपा के शीर्ष नेता मौजूद रहेंगे. इस कार्यक्रम में भाजपा कार्यकर्ताओं, समर्थकों और आम जनता की भागीदारी भी देखने को मिलेगी, जो पार्टी की बड़े पैमाने पर लामबंदी को दर्शाता है. समारोह के लिए स्थल पर तीन मंच बनाए गए हैं. शपथ ग्रहण से पहले रेखा गुप्ता ने पारदर्शिता और जवाबदेही के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बताते हुए कहा कि सार्वजनिक धन के एक-एक पैसे का हिसाब लिया जाएगा. हम प्रधानमंत्री के विजन को पूरा करेंगे और दिल्ली में भ्रष्टाचार के खिलाफ पूरी ताकत से लड़ेंगे.

कपिल मिश्रा ने क्या कहा?

भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने भी दोहराया कि नई सरकार दिल्ली के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को लागू करने के लिए सामूहिक रूप से काम करेगी. रेखा गुप्ता दिल्ली की चौथी महिला मुख्यमंत्री होंगी और सुषमा स्वराज के बाद भाजपा की दूसरी महिला मुख्यमंत्री होंगी. स्वराज ने 1998 में कुछ समय के लिए पद संभाला था. काफी लंबे अंतराल के बाद दिल्ली में भाजपा की सत्ता में वापसी के साथ, उनकी नियुक्ति राजधानी में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक बदलाव का संकेत है.

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एक अनुभवी नेता, रेखा गुप्ता की मजबूत राजनीतिक पृष्ठभूमि है. उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्र नेता के रूप में काम किया है. उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ की महासचिव और अध्यक्ष भी रह चुकी हैं. उनके पास दिल्ली विश्वविद्यालय से बी.कॉम और एलएलबी की डिग्री है और वे वर्षों से दिल्ली के नागरिक और राजनीतिक मामलों में सक्रिय रूप से शामिल रही हैं.

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रेखा गुप्ता पहली बार विधायक बनीं, अब दिल्ली CM

50 साल की रेखा गुप्ता जिंदल दिल्ली की नौवीं CM होंगी। भाजपा विधायक दल की बैठक में बुधवार को उन्हें विधायक दल का नेता चुना गया। वे दिल्ली विधानसभा चुनाव में शालीमार बाग सीट से विधायक हैं।

उन्होंने AAP की वंदना कुमारी को 29,595 वोटों से हराया। रेखा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और BJP से जुड़ी हैं। दिल्ली भाजपा की महासचिव और भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी हैं।

दिल्ली की चौथी महिला मुख्यमंत्री के तौर पर RSS ने रेखा गुप्ता का नाम आगे बढ़ाया था और पार्टी ने उस पर मुहर लगा दी। रेखा ने छात्र राजनीति से करियर की शुरुआत की, दो बार विधायक का चुनाव हार चुकी हैं। फिर भी 3 वजहें हैं, जिसके चलते उन्हें मुख्यमंत्री चुना गया...

पहली वजह- केजरीवाल की तरह वैश्य

रेखा भी पूर्व CM अरविंद केजरीवाल की तरह वैश्य हैं। दिल्ली में वैश्य समुदाय व्यापार में होल्ड रखता है। ये हमेशा BJP का कोर वोटर माना जाता है। इसी वजह से भाजपा के तीन नेताओं के नाम CM पद की दौड़ में थे। इनमें रेखा गुप्ता के अलावा विजेंद्र गुप्ता और जीतेन्द्र महाजन का नाम था।

दूसरी वजह- महिला वोट

दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा ने कुल 48 सीटें जीतीं, कुल 45.56% वोट मिला। इसका बड़ा कारण यह भी रहा कि भाजपा ने महिलाओं के लिए कई योजनाओं की घोषणा की थीं।

पांच बड़ी घोषणाएं...

हर महीने 2500 रुपए की आर्थिक मदद। जो 8 मार्च यानी अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस से मिलना शुरू हो सकती है।

दिल्ली में घरेलू मेड के कल्याण के लिए बोर्ड बनाने का ऐलान किया।

गरीब महिलाओं को सिलेंडर पर 500 रुपए की सब्सिडी, होली-दीवाली पर एक-एक मुफ्त सिलेंडर।

मातृ सुरक्षा वंदना योजना के तहत गर्भवती महिलाओं को ₹21 हजार और 6 पोषण किट।

महिलाओं को फ्री बस सर्विस की भी सुविधा दी है।

तीसरी वजह- महिला मुख्यमंत्री बनाना था

दिल्ली में अब तक 3 महिला CM शीला दीक्षित, सुषमा स्वराज और आतिशी रही हैं। भाजपा ने रेखा को CM बनाकर महिलाओं को साधने की कोशिश की है। रेखा गुप्ता RSS की पसंद हैं।

सूत्रों के मुताबिक, विधायक दल की बैठक के पहले RSS ने उनके नाम का प्रस्ताव रखा, जिसे भाजपा ने मान लिया। PM मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और हरियाणा CM नायब सैनी जैसे भाजपा दिग्गजों ने उनके लिए प्रचार किया था।

रेखा का परिवार हरियाणा से, दिल्ली में पली-बढ़ीं

रेखा के दादा मनीराम और परिवार के लोग हरियाणा के जुलाना में रहते थे। उनके पिता जयभगवान 1972-73 में बैंक ऑफ इंडिया में मैनेजर बने। उन्हें दिल्ली में ड्यूटी मिली। इसके बाद परिवार दिल्ली शिफ्ट हो गया।

रेखा की स्कूली पढ़ाई दिल्ली में ही हुई। उन्होंने दिल्ली के ही दौलत राम कॉलेज से BCom किया। इसके बाद LLB की पढ़ाई भी की। उन्होंने कुछ समय तक वकालत भी की।

रेखा के नाम कोई कार नहीं, कुल ₹5.3 करोड़ की संपत्ति

चुनावी हलफनामे के मुताबिक, रेखा गुप्ता की कुल संपत्ति ₹5.3 करोड़ की है। जिसमें देनदारियां ₹1.2 करोड़ और 1 लाख 48 हजार कैश है। बैंक अकाउंट में ₹72.94 लाख डिपॉजिट हैं। रेखा ने कई कंपनियों के शेयर भी ले रखे हैं, जो ₹9.29 लाख से के हैं। इनके पास LIC में ₹53 लाख का इंवेस्टमेंट हैं।

रेखा गुप्‍ता के नाम पर कोई कार नहीं है। उनके पति मनीष गुप्ता के नाम पर मारुति की XL6 कार है। रेखा के पास 225 ग्राम की गोल्ड ज्‍वैलरी है, जिसकी कीमत 18 लाख रुपए है। रेखा के पास कुल 2 करोड़ 72 लाख की चल संपत्ति है।

अचल संपत्तियों में रोहिणी और शालीमार इलाके में एक-एक घर है। रोहिणी दिल्‍ली में इनके पति के नाम पर भी एक घर है। इन घरों की कुल कीमत 2 करोड़ 60 लाख रुपए है।


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