भाजपा को मिला नया नेतृत्व: नितिन नबीन 12वें राष्ट्रीय अध्यक्ष

नितिन नबीन मंगलवार को भाजपा के 12वें राष्ट्रीय अध्यक्ष बने। नई दिल्ली में भाजपा मुख्यालय में उनके नाम का ऐलान किया गया। नितिन को 14 दिसंबर 2025 को पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया था। सोमवार को फुल टाइम अध्यक्ष पद के लिए उनका इकलौता नामांकन आया था, इसके बाद वे निर्विरोध पार्टी अध्यक्ष बन गए।

नए अध्यक्ष के पदभार ग्रहण कार्यक्रम में PM मोदी ने उन्हें माला पहनाई। मोदी ने 55 मिनट के भाषण में कहा, ‘भाजपा ऐसी पार्टी है, जहां लोगों को लगता होगा कि मोदीजी इतनी छोटी उम्र में मुख्यमंत्री बन गए। हेड ऑफ द गवर्नमेंट बन गए हैं। इन सबसे बड़ी चीज है कि मैं BJP का कार्यकर्ता हूं। मैं मानता हूं कि नितिनजी मेरे बॉस हैं, मैं कार्यकर्ता हूं। अब वे मेरे काम का आकलन करेंगे।’

बतौर अध्यक्ष नितिन नबीन का पहला भाषण करीब 20 मिनट का रहा। उन्होंने कहा, ‘हम ऐसे राजनीतिक दल से जुड़े हैं, जहां राजनीति सत्ता नहीं, साधना है। राजनीति भोग नहीं, त्याग है। राजनीति ऐशो-आराम नहीं, तपस्या है। राजनीति कोई पदभार नहीं, उत्तरदायित्व है। राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में मेरा निर्वाचन एक साधारण कार्यकर्ता की असाधारण यात्रा को मिला सम्मान है।'

मोदी और नितिन नबीन से पहले पार्टी के पूर्व अध्यक्ष जेपी नड्डा 10 मिनट बोले। उन्होंने कहा, ''नबीन की लीडरशिप में पार्टी नई राज्यों में अपनी पहुंच बढ़ाएगी। उन क्षेत्रों में भी कमल खिलेगा जहां अब तक भाजपा को सफलता नहीं मिली है, जैसे बंगाल, पुडुचेरी, तमिलनाडु, असम और केरल।'

नबीन ने 20 मिनट का भाषण दिया, कहा- हमें अपने हिस्से का त्याग करना होगा

पीएम की तारीफ की: 'हमने कार्यकर्ता के तौर पर पीएम मोदी के देशसेवा के काम करते हुए देखा। आपको देख कर ही सीखा है कि जो व्यक्ति खुद को लोगों की भावनाओं से जुड़ने वाला बना सकता है,वहीं बड़ा शख्स बनता है। आपने कहा था कि हम जो विकास का काम करते हैं। लोग हमसे उम्मीद करते हैं। हमसे जुड़ते हैं।'

भाजपा के नारों का जिक्र किया: 'भाजपा के कार्यकर्ता कुछ नारों को जनसंघ के समय से गढ़ते थे- राम लला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे, जहां हुए बलिदान मुखर्जी वह कश्मीर हमारा है, एक देश में दो विधान, दो निशान, दो प्रधान नहीं चलेगा। भाजपा के कार्यकर्ताओं ने वह समय देखा, जब अयोध्या में राम मंदिर का मार्ग प्रशस्त हुआ। जम्मू-कश्मीर की जनता ने धारा 370 से मुक्ति का दौर देखा। जब हम श्रीनगर के लाल चौक में तिरंगा लहराते हुए देखते हैं, तो गर्व की अनुभूति होती है।

सबसे पहले राष्ट्र: जब प्रधानमंत्री के नेतृत्व में अनुच्छेद 370 की समाप्ति हुई, तो कश्मीर की फिजा बदली। हम 'राष्ट्र पहले, पार्टी बाद में, और खुद सबसे आखिर में' के आदर्श पर काम करते हैं। हम ऐसे राजनीतिक दल से जुड़े हैं जहां राजनीति सत्ता नहीं, साधना है। राजनीति भोग नहीं, त्याग है। राजनीति ऐशो-आराम नहीं, तपस्या है। राजनीति कोई पदभार नहीं, उत्तरदायित्व है। हमें अपने हिस्से का त्याग करना होगा।

कार्यकर्ताओं से अपील: भाजपा का लक्ष्य अब सिर्फ पारंपरिक राज्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में पार्टी को मजबूत विकल्प के रूप में स्थापित करना है। संगठन की ताकत, कार्यकर्ताओं की मेहनत और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में इन राज्यों में भी भाजपा बेहतर प्रदर्शन करेगी।

मोदी की स्पीच की 5 बड़ी बातें, कहा- जो कांग्रेस की बुराइयों से बचेगा, वही देश में आगे बढ़ेगा

कांग्रेस अपने पतन की जिम्मेदार: ‘आज देश को याद भी नहीं होगा कि 1984 में कांग्रेस को 400 से अधिक सीटें मिली थीं और देश ने कांग्रेस को करीब-करीब 50% वोट दिया था, लेकिन आज कांग्रेस 100 सीटों के लिए तरस गई है। कांग्रेस अपने इस घनघोर पतन की कभी समीक्षा नहीं करती, क्योंकि अगर समीक्षा करेंगे और पतन के कारणों पर जाएंगे तो उसी परिवार पर सवाल उठेंगे, जिस परिवार ने कांग्रेस पर कब्जा कर रखा है। और इसलिए बहाने ढूंढते रहते हैं। पतन का सही कारण ढूंढने की हिम्मत तक खो चुके हैं। जो कांग्रेस की बुराइयों से बचेगा, वही देश में आगे बढ़ेगा।'

घुसपैठियों को देश लूटने नहीं देगा: ‘आज देश के सामने बहुत बड़ी चुनौती घुसपैठियों की है। दुनिया के समर्थ देश भी अपने देश में घुसपैठियों की जांच पड़ताल कर रहे हैं और उनको पकड़-पकड़ कर निकाल रहे हैं। दुनिया में कोई अपने देश में घुसपैठियों को स्वीकार नहीं करता, भारत भी घुसपैठियों को अपने गरीबों, युवाओं के हक लूटने नहीं दे सकता। घुसपैठिए देश की सुरक्षा के लिए बहुत बड़ा खतरा है, उनकी पहचान करके उन्हें वापस उनके देश भेजना बहुत जरूरी है। इसके अलावा ऐसे राजनीतिक दल जो वोट बैंक की राजनीति में घुसपैठियों को बचा रहे हैं, उन्हें हमें पूरी शक्ति से जनता के सामने बेनकाब करना होगा।’

महाराष्ट्र नतीजों ने बताया भाजपा पहली पसंद: ‘भाजपा सिर्फ संसद और विधानसभा की ही नहीं, बल्कि नगरपालिकाओं और नगर निगमों में भी पहली पसंद है। इसका ताजा उदाहरण महाराष्ट्र है। भाजपा, महाराष्ट्र के स्थानीय निकायों में नंबर वन पार्टी बनी है। कुल 29 में से 25 बड़े शहरों की जनता ने भाजपा-एनडीए को चुना है। कुल जितने पार्षद जीते हैं, उनमें से 50% भाजपा के हैं। ऐसे ही केरल में भाजपा के करीब 100 पार्षद हैं। ऐसे ही तिरुवनंतपुरम की जनता ने मेयर चुनाव में 45 साल बाद लेफ्ट से सत्ता छीनी और भाजपा पर भरोसा किया।’

पिछले डेढ़ साल में जीते 4 राज्यों में चुनाव: ‘बीते डेढ़-दो वर्षों में भाजपा पर जनता का भरोसा और मजबूत हुआ है। विधानसभा हो या स्थानीय निकाय, भाजपा की स्ट्राइक रेट अभूतपूर्व रही है। इस दौरान देश में 6 राज्यों में विधानसभा चुनाव हुए हैं, इनमें से 4 चुनाव भाजपा-एनडीए ने जीते हैं।’

भाजपा की परंपरा मेंबरशिप से ज्यादा रिलेशनशिप अहम: 'भाजपा एक संस्कार है। भाजपा एक परिवार है। हमारे यहां 'मेंबरशिप' से भी ज्यादा 'रिलेशनशिप' होती है। भाजपा एक ऐसी परंपरा है, जो पद से नहीं प्रक्रिया से चलती है। हमारे यहां पदभार एक व्यवस्था है और कार्यभार जीवन भर की जिम्मेदारी है। हमारे यहां अध्यक्ष बदलते हैं, लेकिन आदर्श नहीं बदलते। नेतृत्व बदलता है लेकिन दिशा नहीं बदलती।'

नड्डा ने कहा 10 मिनट भाषण दिया, कहा- पार्टी में आगे बढ़ने के लिए मेहनत जरूरी

नितिन नबीन को बधाई और भरोसा: नितिन के नेतृत्व में पार्टी और मज़बूत होगी।

कार्यकर्ता से शीर्ष नेतृत्व तक का संदेश: भाजपा में कार्यकर्ता ही सबसे बड़ी ताकत है। संगठन में मेहनत करने वाला हर व्यक्ति आगे बढ़ सकता है।

पार्टी विस्तार पर जोर: भाजपा का लक्ष्य उन राज्यों में भी मजबूती से आगे बढ़ना है जहां अब तक पार्टी कमजोर रही है, जैसे तमिलनाडु, बंगाल, केरल आदि।

मोदी के नेतृत्व की सराहना: पार्टी पीएम मोदी के विकास और सुशासन की सोच को आगे बढ़ा रही है।

संगठनात्मक अनुशासन और एकता: कार्यकर्ताओं को अनुशासन, एकजुटता और समर्पण के साथ काम करना होगा, ताकि पार्टी के लक्ष्य पूरे किए जा सकें।

20 जनवरी को नामांकन भरा, निर्विरोध चुने गए.

दिल्ली में पार्टी हेडक्वार्टर में नॉमिनेशन प्रक्रिया की गई। पार्टी के राष्ट्रीय चुनाव अधिकारी डॉ. के. लक्ष्मण ने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए केवल नितिन नबीन का ही नाम प्रस्तावित हुआ था। नितिन नबीन के समर्थन में कुल 37 सेट नामांकन पत्र दाखिल किए गए थे। नामांकन पत्रों की जांच की गई, जिसमें सभी वैध पाए गए।


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नितिन नवीन की कुछ ही देर में ताजपोशी, BJP मुख्यालय पहुंचे नेता; शाह-नड्डा की मौजूदगी

भारतीय जनता पार्टी के नेता नितिन नवीन ने निर्विरोध जीत दर्ज करके बीजेपी की कमान संभाल ली है। नितिन नवीन बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बन चुके हैं। आज सुबह दिल्ली के कई मंदिरों में माथा टेकने के बाद नितिन नवीन ने बीजेपी मुख्यालय का रुख किया। कुछ देर में वो अपना पदभार ग्रहण कर सकते हैं।

नई दिल्ली स्थित बीजेपी के मुख्यालय में वरिष्ठ नेताओं का जमावड़ा लगा है। नितिन नवीन की ताजपोशी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्र राजनाथ सिंह समेत कई राज्यों के मुख्यमंत्री भी शामिल होंगे।

गृह मंत्री अमित शाह, पूर्व अध्यक्ष जेपी नड्डा और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह बीजेपी मुख्यालय पहुंच चुके हैं। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राजस्थान के सीएम भजनलाल शर्मा, विदेश मंत्री एस.जयशंकर, केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी भी बीजेपी मुख्यालय पर मौजूद हैं।


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BJP में नया युग: राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए नितिन नवीन ने भरा पर्चा, निर्विरोध चुना जाना तय

बिहार के युवा नेता और पूर्व मंत्री नितिन नवीन ने भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए अपना नामांकन दाखिल कर दिया है। नामांकन के दौरान पार्टी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और जेपी नड्डा मौजूद रहे।

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए नामांकन प्रक्रिया पार्टी मुख्यालय में संपन्न हुई। इस दौरान विभिन्न राज्यों से पार्टी नेताओं ने नितिन नवीन के समर्थन में प्रस्ताव पत्र भी जमा किए। अगले 24 घंटों के भीतर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और राज्य बीजेपी के नेताओं ने भी अपना समर्थन पत्र सौंपा।

नितिन नवीन की नामांकन प्रक्रिया के समय बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, विभिन्न राज्य इकाइयों के अध्यक्ष, सांसद और अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे।

पार्टी सूत्रों के मुताबिक, राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए नितिन नवीन ही एकमात्र उम्मीदवार हैं। ऐसे में उनके निर्विरोध चुने जाने की पूरी संभावना जताई जा रही है। भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष की औपचारिक घोषणा मंगलवार 20 जनवरी को किए जाने की संभावना है।


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बीजेपी को मिलेगा नया राष्ट्रीय अध्यक्ष: नितिन नबीन का नामांकन आज, कल होगी औपचारिक घोषणा

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव के लिए सोमवार से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो रही है। पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन 19 जनवरी को अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल करेंगे। उनके नामांकन के समर्थन में सभी राज्यों से एक-एक प्रस्ताव मंगाया गया है।

राज्यों के प्रस्तावों के अलावा नितिन नबीन के प्रस्तावक के रूप में बीजेपी संसदीय दल की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, नितिन गडकरी, राजनाथ सिंह समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। इससे यह साफ है कि नितिन नबीन को शीर्ष नेतृत्व का पूरा समर्थन प्राप्त है।

नितिन नबीन दोपहर 2 से 4 बजे के बीच अपना नामांकन दाखिल करेंगे। इसके बाद शाम 4 से 5 बजे के बीच नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी, जबकि शाम 5 से 6 बजे के बीच नाम वापस लेने की प्रक्रिया पूरी होगी।

हालांकि, राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए नाम का आधिकारिक ऐलान मंगलवार 20 जनवरी को किया जाएगा।


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BJP विधायक दल की बैठक आज; कल 11:30 बजे नीतीश कुमार लेंगे शपथ

बिहार में नई सरकार के गठन की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है, जिसके केंद्र में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हैं। शपथ ग्रहण से एक दिन पहले, पटना में राजनीतिक हलचल तेज़ हो गई है।

 शपथ ग्रहण समारोह

समय और स्थान: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार गुरुवार को सुबह 11.30 बजे गांधी मैदान में शपथ लेंगे।

विशेष उपस्थिति: समारोह खास होगा, क्योंकि इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल होंगे (जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा द्वारा पुष्टि)।

 NDA की महत्वपूर्ण बैठकें (बुधवार को)

बुधवार को सरकार गठन से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले लिए जाएंगे:

1. भाजपा विधायक दल की बैठक

उद्देश्य: विधायक दल के नेता का चयन करना।

पर्यवेक्षक:

केंद्रीय पर्यवेक्षक: उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य।

सह-पर्यवेक्षक: केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और पूर्व केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति।

संभावित नेता: सूत्रों के अनुसार, सम्राट चौधरी को विधायक दल का नेता चुना जा सकता है।

2. NDA विधायक दल की संयुक्त बैठक

समय: दोपहर 3.30 बजे विधानसभा के सेंट्रल हॉल में।

उपस्थिति: भाजपा, जदयू, लोजपा (आर), हम और आरएलएम के कुल 202 विधायक।

प्रमुख नेता: नीतीश कुमार, चिराग पासवान, संतोष सुमन, उपेंद्र कुशवाहा, सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा सहित अन्य।

अंतिम निर्णय: सभी दलों द्वारा चुने गए नेताओं के प्रस्तावों पर चर्चा के बाद, नीतीश कुमार को सर्वसम्मति से NDA विधायक दल का नेता चुना जाएगा।

अगली प्रशासनिक कार्रवाई

शाम तक: नीतीश कुमार राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपेंगे और नई सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे।

रणनीतिक तैयारी: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी आज पटना पहुंच रहे हैं, जिसके आगमन को NDA की रणनीतिक बैठकों और मंत्रिमंडल के भावी स्वरूप को अंतिम रूप देने की तैयारी माना जा रहा है।

 राजनीतिक माहौल

पटना में राजनीतिक हलचल के बीच चिराग पासवान के समर्थन में पोस्टर लगाए गए हैं, जिनमें उन्हें 'बिहार का शेर' बताया गया है, जिससे राजधानी का सियासी माहौल और गर्म हो गया है।


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जस्टिस सूर्यकांत बनेंगे देश के 53वें मुख्य न्यायाधीश, कानून मंत्रालय ने जारी की अधिसूचना — 24 नवंबर को लेंगे शपथ

केंद्र सरकार ने गुरुवार को जस्टिस सूर्यकांत को भारत का 53वां मुख्य न्यायाधीश (CJI) नियुक्त किया है। इस संबंध में केंद्रीय कानून मंत्रालय के न्याय विभाग ने अधिसूचना जारी कर उनकी नियुक्ति की आधिकारिक घोषणा की। जस्टिस सूर्यकांत 24 नवंबर 2025 को देश के मुख्य न्यायाधीश पद की शपथ लेंगे, और वह मौजूदा मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई का स्थान लेंगे, जिनका कार्यकाल 23 नवंबर को समाप्त हो रहा है।

केंद्रीय कानून मंत्री अरुण राम मेघवाल ने इस नियुक्ति की जानकारी एक्स (X) पर साझा करते हुए लिखा— “भारत के संविधान के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, राष्ट्रपति ने सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत को 24 नवंबर 2025 से प्रभावी रूप से भारत का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया है। मैं उन्हें हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देता हूं।”

15 महीने का कार्यकाल रहेगा

वर्तमान सीजेआई बी.आर. गवई के 23 नवंबर को सेवानिवृत्त होने के बाद जस्टिस सूर्यकांत 24 नवंबर को पदभार संभालेंगे। उनका कार्यकाल लगभग 15 महीनों का होगा, और वह 65 वर्ष की आयु पूरी करने पर 9 फरवरी 2027 को सेवानिवृत्त होंगे।


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बिहार विधानसभा चुनाव: बीजेपी ने जारी की 71 उम्मीदवारों की पहली सूची

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपनी पहली उम्मीदवार सूची जारी कर दी है। पार्टी ने कुल 71 प्रत्याशियों के नामों की घोषणा की है। इस सूची में कई दिग्गज नेताओं को जगह दी गई है।

सूची के अनुसार, सम्राट चौधरी तारापुर सीट से चुनाव लड़ेंगे, जबकि मंगल पांडेय को सिवान से उम्मीदवार बनाया गया है। इसके अलावा, रामकृपाल यादव को दानापुर से टिकट दिया गया है। आरा से संजय सिंह और परिहार से गायत्री देवी मैदान में उतरेंगी।

भाजपा की यह पहली लिस्ट जारी होने के बाद राज्य में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। पार्टी का कहना है कि उम्मीदवारों का चयन जीत की संभावना, संगठन की रिपोर्ट और क्षेत्रीय समीकरणों को ध्यान में रखकर किया गया है।


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पीएम मोदी ने कीर स्टार्मर से की मुलाकात, बोले—भारत-ब्रिटेन संबंधों की जड़ में है लोकतंत्र

पीएम मोदी बोले—भारत-ब्रिटेन संबंधों की नींव में निहित है लोकतंत्र, कीर स्टार्मर से मुलाकात के बाद साझा बयान जारी

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर इस समय भारत की दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर हैं। आज पीएम नरेंद्र मोदी और यूके पीएम की मुलाकात हुई, जो स्टार्मर की ब्रिटेन के पीएम बनने के बाद भारत की पहली यात्रा है। मुलाकात के बाद दोनों नेताओं ने एक संयुक्त बयान जारी किया।

पीएम मोदी ने कहा कि भारत और ब्रिटेन स्वाभाविक साझेदार हैं और यह साझेदारी वैश्विक स्थिरता और आर्थिक प्रगति के लिए महत्वपूर्ण आधार बन रही है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री स्टार्मर के नेतृत्व में दोनों देशों के संबंधों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। इसी जुलाई में पीएम मोदी की ब्रिटेन यात्रा के दौरान दोनों देशों ने व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौते (CETA) पर हस्ताक्षर किए थे।

पीएम मोदी ने बताया कि इस समझौते से दोनों देशों के बीच आयात लागत कम होगी, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा, जिससे उद्योगों और उपभोक्ताओं को लाभ होगा। उन्होंने कहा कि स्टार्मर के नेतृत्व में अब तक का सबसे बड़ा व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल भारत आया है, जो भारत-ब्रिटेन साझेदारी में नए जोश का प्रतीक है।

मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं ने हिंद-प्रशांत और पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता, साथ ही यूक्रेन संघर्ष पर चर्चा की। पीएम मोदी ने कहा कि भारत बातचीत और कूटनीति के माध्यम से शांति प्रयासों का समर्थन करता है। उन्होंने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा बढ़ाने की प्रतिबद्धता भी दोहराई। पीएम मोदी ने अंत में जोर देकर कहा कि लोकतंत्र, स्वतंत्रता और कानून के शासन जैसे साझा मूल्य भारत-ब्रिटेन संबंधों की नींव में निहित हैं।


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राहुल के प्रेज़ेंटेशन में मतदाता सूची से नाम हटाने का आरोप

कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को ‘वोट चोरी’ को लेकर दूसरी बार प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इससे पहले वे 7 अगस्त को मीडिया से बात कर चुके थे। इस बार राहुल ने 31 मिनट का प्रेजेंटेशन दिया, जिसमें उन्होंने चुनाव आयोग पर जानबूझकर कांग्रेस समर्थकों के नाम वोटर लिस्ट से हटाने का आरोप लगाया और कहा कि उनके पास इसके सबूत हैं।

राहुल अपने साथ कर्नाटक के ऐसे मतदाताओं को भी लाए, जिनके नाम वोटर लिस्ट से डिलीट किए जा चुके थे। उन्होंने सीधे आरोप लगाया कि भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार उन लोगों को बचा रहे हैं, जिन्होंने लोकतांत्रिक व्यवस्था को नुकसान पहुंचाया है। राहुल ने कहा कि महाराष्ट्र, हरियाणा और यूपी में भी यही पैटर्न देखा जा रहा है।

राहुल के चार बड़े आरोप

आलंद का उदाहरण: राहुल के अनुसार, कर्नाटक के आलंद विधानसभा क्षेत्र में 2023 के चुनाव के दौरान 6,018 वोटर डिलीट करने की कोशिश की गई। यह संख्या और भी अधिक हो सकती है। मामला तब सामने आया जब एक बूथ-लेवल अधिकारी (BLO) ने पाया कि उनके चाचा का नाम सूची से हटा दिया गया है। जांच करने पर पता चला कि न तो डिलीट करने वाले और न ही जिनका नाम हटाया गया—दोनों को इसकी जानकारी थी। यानी किसी बाहरी ताकत ने सिस्टम हैक करके ये काम किया।

फर्जी लॉगिन का इस्तेमाल: प्रेस कॉन्फ्रेंस में 63 वर्षीय गोदाबाई का वीडियो दिखाया गया, जिनके नाम से नकली लॉगिन बनाकर 12 वोटरों के नाम हटाए गए।

मोबाइल नंबर का खुलासा: राहुल ने दावा किया कि जिन वोटरों को हटाया गया, उनके लिए इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर दूसरे राज्यों से ऑपरेट किए जा रहे थे। उन्होंने इन नंबरों और डिलीट किए गए पड़ोसियों के नाम भी प्रेजेंटेशन में दिखाए।

चुनाव आयोग की चुप्पी: राहुल ने कहा कि कर्नाटक CID ने इस मामले में चुनाव आयोग को 18 बार पत्र लिखे, जिनमें IP एड्रेस, डिवाइस पोर्ट और OTP ट्रेल की जानकारी मांगी गई थी। लेकिन चुनाव आयोग ने कोई जानकारी नहीं दी। राहुल का आरोप है कि यदि यह जानकारी मिल जाए तो साफ हो जाएगा कि यह ऑपरेशन कहां से चलाया जा रहा है।


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सी. पी. राधाकृष्णन ने भारत के 15वें उपराष्ट्रपति पद की शपथ ली

नवनिर्वाचित उपराष्ट्रपति चंद्रपुरम पोन्नुसामी राधाकृष्णन ने 15वें उपराष्ट्रपति पद की शपथ ली। राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राधाकृष्णन को शपथ दिलाई। राधाकृष्णन का कार्यकाल 11 सितंबर 2030 तक होगा।

इस दौरान PM मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत कई राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल हुए।पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी और वेंकैया नायडू भी समारोह में पहुंचे।

इस्तीफा देने के 53 दिन बाद पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ भी किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में नजर आए। धनखड़ ने 21 जुलाई को हेल्थ इश्यू के कारण इस्तीफा दिया था।

सूत्रों के अनुसार, शपथ ग्रहण के तुरंत बाद उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन राज्यसभा के सभी नेताओं के साथ दोपहर 12:30 बजे बैठक करेंगे। इसकी घोषणा गुरुवार देर शाम की गई थी।

NDA उम्मीदवार राधाकृष्णन को 9 सितंबर को भारत का 15वां उपराष्ट्रपति चुना गया। उन्हें विपक्षी उम्मीदवार बी सुदर्शन रेड्डी के मुकाबले 452 वोट मिले। राधाकृष्णन ने रेड्‌डी को 152 वोटों के अंतर से हराया है।

राधाकृष्णन ने एक दिन पहले राज्यपाल पद से इस्तीफा दिया

अपनी नई जिम्मेदारी की तैयारी में राधाकृष्णन ने गुरुवार को महाराष्ट्र के राज्यपाल पद से औपचारिक रूप से इस्तीफा दे दिया। राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी आधिकारिक बयान में इसकी पुष्टि की गई है। उनके इस्तीफे के बाद राष्ट्रपति मुर्मू ने गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत को महाराष्ट्र के राज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है।

राधाकृष्णन को उम्मीद से ज्यादा 14 वोट ज्यादा मिले

राज्यसभा के महासचिव और निर्वाचन अधिकारी पीसी मोदी के मुताबिक 781 में से 767 सांसदों ने वोट डाले, वोटिंग 98.2% हुई। इनमें से 752 मत वैलिड और 15 इनवैलिड थे। एनडीए को 427 सांसदों का समर्थन प्राप्त था, लेकिन YSRCP के 11 सांसदों ने भी राधाकृष्णन का समर्थन किया।

13 सांसदों ने चुनाव में मतदान से परहेज किया। इनमें बीजू जनता दल (BJD) के सात सांसद, भारत राष्ट्र समिति (BRS) के चार, शिरोमणि अकाली दल का एक सांसद और एक निर्दलीय सांसद शामिल हैं।

दिलचस्प बात यह है कि एनडीए उम्मीदवार को उम्मीद से 14 वोट ज्यादा मिले, जिससे विपक्षी खेमे में क्रॉस-वोटिंग की अटकलें हैं।

अब जानिए नए उपराष्ट्रपति बनने वाले सीपी राधाकृष्णन के बारे में

16 साल की उम्र में RSS से जुड़े

सीपी राधाकृष्णन का पूरा नाम चंद्रपुरम पोन्नुसामी राधाकृष्णन है। वे 16 साल की उम्र से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े हुए हैं। राधाकृष्णन 1974 में भारतीय जनसंघ की राज्य कार्यकारिणी समिति के सदस्य बने।

2 बार कोयम्बटूर से सांसद, तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष रहे

राधाकृष्णन ने 1998 और 1999 में कोयम्बटूर लोकसभा सीट से भाजपा के टिकट पर चुनाव जीता। 1998 में उन्होंने 1.5 लाख से ज्यादा वोटों के अंतर से जीत दर्ज की। 1999 में भी वे 55,000 वोटों से जीते।

राधाकृष्णन एक बार केंद्रीय मंत्री बनने के बेहद करीब थे, लेकिन एक जैसे नाम के कारण पार्टी प्रबंधकों से चूक हुई और एक अन्य नेता पोन राधाकृष्णन को पद सौंप दिया गया। इसके बावजूद उन्होंने शिकायत नहीं की और संगठन में सक्रिय रहे।

राधाकृष्णन 2004 से 2007 तक तमिलनाडु के भाजपा अध्यक्ष रहे और 19,000 किमी लंबी रथयात्रा निकाली। इसमें नदियों को जोड़ने, आतंकवाद खत्म करने, समान नागरिक संहिता लागू करने और नशे के खिलाफ आवाज उठाई। 2020 से 2022 तक वे भाजपा के केरल प्रभारी रहे।

संयुक्त राष्ट्र में भारत का प्रतिनिधित्व किया

2004 में वे संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारतीय प्रतिनिधिमंडल के हिस्से के रूप में शामिल हुए और ताइवान गए पहले संसदीय दल के सदस्य भी रहे। 2016 में उन्हें कोच्चि स्थित कॉयर बोर्ड का चेयरमैन बनाया गया। उनके कार्यकाल में भारत का कॉयर निर्यात रिकॉर्ड 2,532 करोड़ रुपए तक पहुंचा।

राधाकृष्णन का एक बेटा और एक बेटी

सीपी राधाकृष्णन की पत्नी का नाम श्रीमती आर सुमति है। उनके एक बेटा और एक बेटी हैं। हालांकि, उनके बेटे और बेटी के बारे में ज्यादा जानकारी उपलब्ध नहीं है।


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