अब 12 लाख रुपए तक की कमाई टैक्स फ्री होगी

नया बजट आज से लागू हो जाएगा। यानी, 1 फरवरी को सरकार ने बजट पेश करते हुए जो ऐलान किए थे उन पर काम शुरू होगा। हालांकि, योजनाओं का फायदा कब से मिलेगा यह योजना के प्रकार और लागू करने की प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।

आयकर छूट या सब्सिडी जैसे फायदे 1 अप्रैल 2025 से लागू हो जाते हैं, क्योंकि ये वित्तीय वर्ष के साथ जुड़े होते हैं। वहीं इन्फ्रास्ट्रक्चर और विकास परियोजनाएं, सामाजिक कल्याण योजनाओं का फायदा मिलने में समय लगता है, क्योंकि इन पर काम करने की एक लंबी प्रोसेस होती है।

6 बदलाव जो कल से लागू होंगे...

1. टैक्स स्लैब में बदलाव: 20 से 24 लाख की इनकम के लिए नया स्लैब

क्या बदलाव हुआ है: न्यू टैक्स रिजीम के तहत अब 12 लाख रुपए तक की कमाई पर कोई टैक्स नहीं देना होगा। नौकरीपेशा लोगों के लिए 75 हजार के स्टैंडर्ड डिडक्शन के साथ यह छूट 12.75 लाख रुपए हो जाएगी। न्यू टैक्स रिजीम में 20 से 24 लाख की इनकम के लिए 25% टैक्स का नया स्लैब भी शामिल किया गया है।

असर क्या होगा: पहले 30% की अधिकतम दर 15 लाख रुपए से ऊपर की आय पर लागू होती थी, लेकिन अब यह सीमा बढ़ाकर 24 लाख रुपए कर दी गई है। इससे मध्यम और उच्च-मध्यम आय वर्ग को कर में बचत होगी।

2. TDS लिमिट की सीमा बढ़ी: ₹6 लाख तक की रेंटल इनकम पर टैक्स नहीं

क्या बदलाव हुआ है: कुछ भुगतानों पर TDS (टैक्स डिडक्शन एट सोर्स) की सीमा को बढ़ाया गया है...

रेंट से होने वाली इनकम पर TDS छूट दोगुनी : रेंट से होने वाली इनकम पर TDS की सीमा ₹2.4 लाख से बढ़कर ₹6 लाख हो गई है।

वरिष्ठ नागरिकों को ब्याज आय पर छूट दोगुनी : बैंक FD से ब्याज आय अर्जित करने वाले वरिष्ठ नागरिकों के लिए TDS सीमा ₹50 हजार से बढ़कर ₹1 लाख हो गई है।

प्रोफेशनल सर्विस पर TDS सीमा में बढ़ोतरी: प्रोफेशनल सर्विस पर TDS की सीमा अब 30 हजार से बढ़कर 50 हजार हो गई है।

असर क्या होगा: इससे कम आय वाले व्यक्तियों पर TDS का बोझ कम होगा और नकदी प्रवाह में सुधार होगा।

3. TCS लिमिट की सीमा बढ़ी: विदेश में पढ़ाई के लिए ₹10 लाख तक भेजने पर टैक्स नहीं

क्या बदलाव हुआ है: विदेश में पढ़ाई के लिए पैसा भेजने पर टैक्स कलेक्टेड एट सोर्स (TCS) की लिमिट अब 7 लाख रुपए से बढ़कर 10 लाख रुपए हो गई है। वहीं अगर पैसा किसी फाइनेंशियल आर्गनाइजेशन जैसे बैंक आदि से लोन लिया गया हो TCS नहीं लगेगा।

असर क्या होगा: TCS हटने से छात्रों और उनके परिवारों दोनों को फायदा होगा। पहले 7 लाख से ज्यादा कि राशि पर 0.5%-5% TCS कटता था। इससे ट्रांसफरिंग प्रोसेस थोड़ी हेक्टिक बन जाती थी। वहीं अब दूसरे छोर पर 10 लाख रुपए तक की पूरी राशि पहुंच पाएगी।

4. अपडेटेड रिटर्न भरने के लिए ज्यादा समय: 48 महीने तक दाखिल कर सकेंगे

क्या बदलाव हुआ है: अब टैक्सपेयर्स असेसमेंट ईयर के अंत से 24 महीने के बजाय 48 महीने तक अपडेटेड रिटर्न दाखिल कर सकेंगे। इसकी कुछ शर्तें हैं...

24 से 36 महीने के बीच दाखिल रिटर्न पर 60% अतिरिक्त टैक्स।

36 से 48 महीने के बीच दाखिल रिटर्न पर 70% अतिरिक्त टैक्स।

असर क्या होगा: इससे करदाताओं को अपनी गलतियों को सुधारने के लिए अधिक समय मिलेगा। स्वैच्छिक अनुपालन भी बढ़ेगा। यानी, किसी व्यक्ति या संगठन का अपनी मर्जी से नियमों, कानूनों का पालन करना।

5. यूलिप पर कैपिटल गेन टैक्स: ₹2.5 लाख से ज्यादा प्रीमियम कैपिटल एसेट माना जाएगा

क्या बदलाव हुआ है: यदि यूलिप यानी, यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान का प्रीमियम प्रति वर्ष 2.5 लाख रुपए से अधिक है, तो इसे कैपिटल एसेट माना जाएगा। ऐसे यूलिप को भुनाने से होने वाले किसी भी फायदे पर कैपिटल गेन टैक्स लगेगा। यूलिप एक ऐसा प्रोडक्ट है जिसमें प्रीमियम का एक हिस्सा शेयर बाजार में निवेश किया जाता है।

यदि इसे 12 महीने से अधिक समय तक रखा जाता है, तो इस पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) के रूप में 12.5% टैक्स लगेगा।

यदि इसे 12 महीने से कम समय तक रखा जाता है, तो इस पर शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन (STCG) के रूप में 20% टैक्स लगेगा।

असर क्या होगा: उच्च प्रीमियम वाले ULIP में निवेश करने वालों को अब टैक्स देना होगा। सरकार ने ये बदलाव हाई-इनकम टैक्स पेयर्स को यूलिप को टैक्स-फ्री इन्वेस्टमेंट इंस्ट्रूमेंट के रूप में उपयोग करने से रोकने के लिए किए हैं। यूलिप प्रीमियम का एक बड़ा हिस्सा शेयर बाजार में निवेश किया जाता है, इसलिए सरकार का तर्क था कि इसे ट्रेडिशनल इंश्योरेंस की तरह टैक्स छूट नहीं मिलनी चाहिए।

6. सस्ता-महंगा: कस्टम ड्यूटी बदलने का 150-200 प्रोडक्ट पर असर

क्या बदलाव हुआ है: सरकार ने फरवरी में पेश किए गए बजट में कुछ प्रोडक्ट पर कस्टम ड्यूटी घटाई थी और कुछ पर बढ़ाई थी। इससे करीब 150-200 प्रोडक्ट प्रभावित होंगे। आम तौर पर वित्तीय वर्ष की शुरुआत यानी 1 अप्रैल 2025 से कस्टम ड्यूटी में हुए बदलाव लागू होते हैं।

हालांकि, कुछ बदलावों की लागू होने की तारीखें केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) के नोटिफिकेशन पर निर्भर करती हैं। जैसे, पिछले बजट में कुछ कस्टम ड्यूटी बदलाव (जैसे मोबाइल फोन और कीमती धातुओं पर) 24 जुलाई 2024 से लागू हुए थे।

असर क्या होगा: कुछ चीजें सस्ती और कुछ महंगी हो सकती है। कस्टम ड्यूटी के घटने-बढ़ने का इनडायरेक्ट असर चीजों की कीमतों पर पड़ता है।

आइटम जो सस्ते हो सकते हैं:

40 हजार डॉलर से ज्यादा कीमत या 3 हजार CC से ज्यादा की इंजन क्षमता वाली आयातित कारें।

CBU यूनिट के रूप में आयातित मोटरसाइकिलें जिनकी इंजन क्षमता 1600 CC से अधिक नहीं है।

36 लाइफ सेविंग दवाओं से कस्टम ड्यूटी हटाने से क्रिटिकल ट्रीटमेंट की कॉस्ट कम हो जाएगी।

EV सस्ते हो सकते हैं। सकार ने बैटरी मैन्युफैक्चरिंग के लिए 35 कैपिटल गुड्स की ड्यूटी हटा दी है।

मोबाइल फोन बैटरी प्रोडक्शन के लिए 28 कैपिटल गुड्स को कस्टम ड्यूटी से छूट दी गई।

आइटम जो महंगे हो सकते हैं:

स्मार्ट मीटर सौर सेल, आयातित जूते, आयातित मोमबत्तियां, आयातित नौकाएं और अन्य जहाज, PVC फ्लेक्स फिल्म्स, PVC फ्लेक्स शीट्स, PVC फ्लेक्स बैनर, निटिंग प्रोसेस से बना कपड़ा, LCD/LED टीवी

बजट में जिन योजनाओं की घोषणा हुई थी उनका फायदा कब से मिलेगा?

सामाजिक कल्याण योजनाएं जैसे किसानों, महिलाओं के लिए स्कीम्स, या रोजगार योजनाओं का फायदा जून-जुलाई से मिलना शुरू हो सकता है।

सड़क, रेल, या स्कूल-हॉस्पिटल जैसी परियोजनाओं का फायदा मिलने में समय लगता है, क्योंकि इनके लिए योजना, टेंडर और निर्माण की प्रक्रिया होती है।

7 पॉइंट में जानें बजट की पूरी प्रोसेस...

बजट की तैयारी: बजट वित्त मंत्रालय द्वारा तैयार किया जाता है। वित्त मंत्री के नेतृत्व में विभिन्न मंत्रालयों, विभागों और विशेषज्ञों से परामर्श लिया जाता है।

बजट का प्रस्तुति: हर साल 1 फरवरी को वित्त मंत्री लोकसभा में वार्षिक बजट पेश करते हैं। बजट भाषण में सरकार की आय और व्यय की डिटेल्स होती है।

संसद में चर्चा: बजट पेश होने के बाद, लोकसभा और राज्यसभा में इस पर विस्तृत चर्चा होती है। सांसद विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार रखते हैं।

विनियोग विधेयक: चर्चा के बाद, दोनों सदनों में इसे पेश किया जाता है, जो सरकार को समेकित निधि से धन निकालने की अनुमति देता है।

फाइनेंस बिल: बजट में प्रस्तावित टैक्स संबंधी बदलावों को लागू करने के लिए वित्त विधेयक लोकसभा और राज्यसभा दोनों में पेश किया जाता है।

राष्ट्रपति की मंजूरी: दोनों बिल (विनियोग और फाइनेंस) के संसद से पारित होने के बाद, इन्हें राष्ट्रपति के पास मंजूरी के लिए भेजा जाता है।

अमल में लाना: राष्ट्रपति की सहमति के बाद ये कानून बन जाते हैं और बजट लागू हो जाता है। बजट 1 अप्रैल से शुरू होने वाले वित्तीय वर्ष के लिए लागू होता है।


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कॉमर्शियल सिलेंडर ₹44.50 तक सस्ता हुआ

नया महीना यानी अप्रैल अपने साथ कई बदलाव लेकर आया है। अब 12 लाख रुपए तक की कमाई पर इनकम टैक्स नहीं देना होगा। इसके अलावा आज से मारुति सुजुकी, टाटा मोटर्स, किआ इंडिया, हुंडई इंडिया और होंडा की गाड़ियों के दाम बढ़ गए हैं।

अप्रैल महीने में होने वाले 10 बदलाव...

1.कॉमर्शियल सिलेंडर ₹44.50 सस्ता, घरेलू सिलेंडर की कीमतों में बदलाव नहीं

आज से 19 किलो वाला कॉमर्शियल सिलेंडर ₹44.50 तक सस्ता हो गया है। दिल्ली में इसकी कीमत ₹41 घटकर ₹1762 हो गईं। पहले ये ₹1803 में मिल रहा था। कोलकाता में यह ₹44.50 घटकर ₹1868.50 में मिल रहा है, पहले इसके दाम ₹1913 थे।

मुंबई में सिलेंडर ₹1755.50 से ₹42 घटकर ₹1713.50 रुपए हो गया है। चेन्नई में सिलेंडर ₹1921.50 का मिल रहा है। हालांकि, 14.2 KG वाले घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। दिल्ली में यह ₹803 और मुंबई में ₹802.50 का मिल रहा है।

2. न्यू टैक्स रिजीम में 12 लाख रुपए तक की इनकम टैक्स फ्री

अब न्यू टैक्स रिजीम के तहत अब 12 लाख रुपए तक की कमाई पर कोई टैक्स नहीं देना होगा। नौकरीपेशा लोगों के लिए 75 हजार के स्टैंडर्ड डिडक्शन के साथ यह छूट 12.75 लाख रुपए हो जाएगी। सरकार ने न्यू टैक्स रिजीम के स्लैब में भी बदलाव किया गया है। पुरानी टैक्स रिजीम में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

3. 'महिला सम्मान सेविंग्स सर्टिफिकेट' स्कीम (MSSC) बंद

सरकार द्वारा महिलाओं के लिए चलाई जा रही खास इन्वेस्टमेंट स्कीम 'महिला सम्मान सेविंग्स सर्टिफिकेट' (MSSC) बंद हो गई। इस स्कीम की डेडलाइन 31 मार्च 2025 थी। इस स्कीम में 7.5% सालाना ब्याज दिया जाता था। इसमें कम से कम 1000 रुपए से लेकर अधिकतम 2 लाख रुपए का निवेश 2 साल के लिए निवेश करने होते थे।

4. फोर व्हीलर खरीदना हुआ महंगा

मारुति सुजुकी, टाटा मोटर्स, किआ इंडिया, हुंडई इंडिया और होंडा कार्स ने आज से अपनी गाड़ियों की कीमतें बढ़ा दी हैं। मारुति सुजुकी की गाड़ियां 4% तक महंगी हो गई हैं, यह मॉडल के आधार पर अलग-अलग होगी।

5. इनएक्टिव मोबाइल नंबरों पर काम नहीं करेगा UPI

अगर आप UPI से ट्रांजैक्शन करते हैं और बैंक से लिंक्ड आपका मोबाइल नंबर लंबे समय से इनएक्टिव है तो इस नंबर पर UPI का इस्तेमाल नहीं कर सकेगा। ऐसे नंबरों को UPI सिस्टम से हटा दिया जाएगा। ऐसे में आपको पेमेंट करने में परेशानी हो सकती है।

6. वरिष्ठ नागरिकों को ब्याज से आय पर दोगुनी छूट

वरिष्ठ नागरिकों को बैंक और पोस्ट ऑफिस के ब्याज से होने वाली कमाई पर मिलने वाली टैक्स छूट को 50 हजार से बढ़ाकर 1 लाख रुपए किया गया है। यानी अब ब्याज की इनकम पर वरिष्ठ नागरिकों को 1 लाख रुपए तक की राहत मिलेगी।

7. केंद्रीय कर्मचारियों के लिए यूनिफाइड पेंशन स्कीम शुरू होगी

नेशनल पेंशन स्कीम (NPS) तहत आने वाले केंद्रीय कर्मचारी अब यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) का फायदा ले सकते हैं। इस स्कीम में कम से कम 25 साल की सर्विस वाले कर्मचारी अपने अंतिम 12 महीनों के औसत मूल वेतन के 50% के बराबर पेंशन के लिए पात्र होंगे। इसमें न्यूनतम पेंशन 10 हजार रुपए महीने की गारंटी भी है।

यह योजना पुरानी पेंशन स्कीम (OPS), नई पेंशन स्कीम (NPS) और कर्मचारियों की विभिन्न मांगों के बीच एक संतुलन बनाने के लिए लाई गई है। UPS के तहत कर्मचारी अपनी सैलरी का 10% योगदान देंगे, जबकि सरकार 18.5% का योगदान करेगी (NPS में सरकार 14% देती थी)। मौजूदा NPS के तहत आने वाले कर्मचारी UPS चुन सकते हैं या NPS में ही रह सकते हैं।

8. यूलिप पर कैपिटल गेन टैक्स

यदि यूलिप यानी, यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान का प्रीमियम प्रति वर्ष 2.5 लाख रुपए से अधिक है, तो इसे कैपिटल एसेट माना जाएगा। ऐसे यूलिप को भुनाने से होने वाले किसी भी फायदे पर कैपिटल गेन टैक्स लगेगा। यूलिप एक ऐसा प्रोडक्ट है जिसमें प्रीमियम का एक हिस्सा शेयर बाजार में निवेश किया जाता है।

यदि इसे 12 महीने से अधिक समय तक रखा जाता है, तो इस पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) के रूप में 12.5% टैक्स लगेगा।

यदि इसे 12 महीने से कम समय तक रखा जाता है, तो इस पर शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन (STCG) के रूप में 20% टैक्स लगेगा।

9. बैंक में मिनिमम बैलेंस से जुड़े कई नियम में बदलाव

SBI, पंजाब नेशनल बैंक, केनरा बैंक और कुछ अन्य बैंकों ने मिनिमम बैलेंस से जुड़े कई नियम में बदलाव किया है। अब यह बैलेंस इस बात पर निर्भर करता है कि आपका खाता शहरी, अर्ध-शहरी या ग्रामीण इलाके में है। आपको तय राशि से कम बैलेंस पर जुर्माना भी देना पड़ सकता है।

10. ATF 6,064.1 रुपए तक सस्ता: हवाई सफर सस्ता हो सकता है

ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों को घटाया है। इससे हवाई सफर सस्ता हो सकता है। इंडियन ऑयल की वेबसाइट के अनुसार, चेन्नई में ATF 6,064.10 रुपए सस्ता होकर 92,503.80 रुपए प्रति किलोलीटर (1000 लीटर) हो गया है।

पेट्रोल-डीजल के दाम में बदलाव नहीं

पेट्रोल-डीजल की कीमतों में आज यानी 1 अप्रैल को भी कोई बदलाव नहीं हुआ है। फिलहाल दिल्ली में पेट्रोल 94.72 रुपए लीटर है, तो डीजल 87.62 रुपए लीटर के हिसाब से बिक रहा है। वहीं, मुंबई में पेट्रोल 103.44 रुपए और डीजल 89.97 रुपए प्रति लीटर मिल रहा है।


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1 अप्रैल से लागू हो रहा बजट, 6 बड़े बदलाव

नया बजट कल 1 अप्रैल 2025 से लागू हो जाएगा। यानी, 1 फरवरी को सरकार ने बजट पेश करते हुए जो ऐलान किए थे उनपर काम शुरू होगा। हालांकि, योजनाओं का फायदा कब से मिलेगा यह योजना के प्रकार और लागू करने की प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।

आयकर छूट या सब्सिडी जैसे फायदे 1 अप्रैल 2025 से लागू हो जाते हैं, क्योंकि ये वित्तीय वर्ष के साथ जुड़े होते हैं। वहीं इन्फ्रास्ट्रक्चर और विकास परियोजनाएं, सामाजिक कल्याण योजनाओं का फायदा मिलने में समय लगता है, क्योंकि इनपर काम करने की एक लंबी प्रोसेस होती है।

6 बदलाव जो कल से लागू होंगे...

1. टैक्स स्लैब में बदलाव: 20 से 24 लाख की इनकम के लिए नया स्लैब

क्या बदलाव हुआ है: न्यू टैक्स रिजीम के तहत अब 12 लाख रुपए तक की कमाई पर कोई टैक्स नहीं देना होगा। नौकरीपेशा लोगों के लिए 75 हजार के स्टैंडर्ड डिडक्शन के साथ यह छूट 12.75 लाख रुपए हो जाएगी। न्यू टैक्स रिजीम में 20 से 24 लाख की इनकम के लिए 25% टैक्स का नया स्लैब भी शामिल किया गया है।

असर क्या होगा: पहले 30% की अधिकतम दर 15 लाख रुपए से ऊपर की आय पर लागू होती थी, लेकिन अब यह सीमा बढ़ाकर 24 लाख रुपए कर दी गई है। इससे मध्यम और उच्च-मध्यम आय वर्ग को कर में बचत होगी।

2. TDS लिमिट की सीमा बढ़ी: ₹6 लाख तक की रेंटल इनकम पर टैक्स नहीं

क्या बदलाव हुआ है: कुछ भुगतानों पर TDS (टैक्स डिडक्शन एट सोर्स) की सीमा को बढ़ाया गया है...

रेंट से होने वाली इनकम पर TDS छूट दोगुनी : रेंट से होने वाली इनकम पर TDS की सीमा ₹2.4 लाख से बढ़कर ₹6 लाख हो गई है।

वरिष्ठ नागरिकों को ब्याज आय पर छूट दोगुनी : बैंक एफडी से ब्याज आय अर्जित करने वाले वरिष्ठ नागरिकों के लिए टीडीएस सीमा ₹50 हजार से बढ़कर ₹1 लाख हो गई है।

प्रोफेशनल सर्विस पर TDS सीमा में बढ़ोतरी: प्रोफेशनल सर्विस पर TDS की सीमा अब 30 हजार से बढ़कर 50 हजार हो गई है।

असर क्या होगा: इससे कम आय वाले व्यक्तियों पर TDS का बोझ कम होगा और नकदी प्रवाह में सुधार होगा।

3. TCS लिमिट की सीमा बढ़ी: विदेश में पढ़ाई के लिए ₹10 लाख तक भेजने पर टैक्स नहीं

क्या बदलाव हुआ है: विदेश में पढ़ाई के लिए पैसा भेजने पर टैक्स कलेक्टेड एट सोर्स (TCS) की लिमिट अब 7 लाख रुपए से बढ़कर 10 लाख रुपए हो गई है। वहीं अगर पैसा किसी फाइनेंशियल आर्गनाइजेशन जैसे बैंक आदि से लोन लिया गया हो टीसीएस नहीं लगेगा।

असर क्या होगा: टीसीएस हटने से छात्रों और उनके परिवारों दोनों को फायदा होगा। पहले 7 लाख से ज्यादा कि राशि पर 0.5%-5% टीसीएस कटता था। इससे ट्रांसफरिंग प्रोसेस थोड़ी हेक्टिक बन जाती थी। वहीं अब दूसरे छोर पर 10 लाख रुपए तक की पूरी राशि पहुंच पाएगी।

4. अपडेटेड रिटर्न भरने के लिए ज्यादा समय: 48 महीने तक दाखिल कर सकेंगे

क्या बदलाव हुआ है: अब टैक्सपेयर्स असेसमेंट ईयर के अंत से 24 महीने के बजाय 48 महीने तक अपडेटेड रिटर्न दाखिल कर सकेंगे। इसकी कुछ शर्तें हैं...

24 से 36 महीने के बीच दाखिल रिटर्न पर 60% अतिरिक्त टैक्स।

36 से 48 महीने के बीच दाखिल रिटर्न पर 70% अतिरिक्त टैक्स।

असर क्या होगा: इससे करदाताओं को अपनी गलतियों को सुधारने के लिए अधिक समय मिलेगा। स्वैच्छिक अनुपालन भी बढ़ेगा। यानी, किसी व्यक्ति या संगठन का अपनी मर्जी से नियमों, कानूनों का पालन करना।

5. यूलिप पर कैपिटल गेन टैक्स: ₹2.5 लाख से ज्यादा प्रीमियम कैपिटल एसेट माना जाएगा

क्या बदलाव हुआ है: यदि यूलिप यानी, यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान का प्रीमियम प्रति वर्ष 2.5 लाख रुपए से अधिक है, तो इसे कैपिटल एसेट माना जाएगा। ऐसे यूलिप को भुनाने से होने वाले किसी भी फायदे पर कैपिटल गेन टैक्स लगेगा। यूलिप एक ऐसा प्रोडक्ट है जिसमें प्रीमियम का एक हिस्सा शेयर बाजार में निवेश किया जाता है।

यदि इसे 12 महीने से अधिक समय तक रखा जाता है, तो इस पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) के रूप में 12.5% टैक्स लगेगा।

यदि इसे 12 महीने से कम समय तक रखा जाता है, तो इस पर शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन (STCG) के रूप में 20% टैक्स लगेगा।

असर क्या होगा: उच्च प्रीमियम वाले ULIP में निवेश करने वालों को अब टैक्स देना होगा। सरकार ने ये बदलाव हाई-इनकम टैक्स पेयर्स को यूलिप को टैक्स-फ्री इन्वेस्टमेंट इंस्ट्रूमेंट के रूप में उपयोग करने से रोकने के लिए किए हैं। यूलिप प्रीमियम का एक बड़ा हिस्सा शेयर बाजार में निवेश किया जाता है, इसलिए सरकार का तर्क था कि इसे ट्रेडिशनल इंश्योरेंस की तरह टैक्स छूट नहीं मिलनी चाहिए।

6. सस्ता-महंगा: कस्टम ड्यूटी बदलने का 150-200 प्रोडक्ट पर असर

क्या बदलाव हुआ है: सरकार ने फरवरी में पेश किए गए बजट में कुछ प्रोडक्ट पर कस्टम ड्यूटी घटाई थी और कुछ पर बढ़ाई थी। इससे करीब 150-200 प्रोडक्ट प्रभावित होंगे। आम तौर पर वित्तीय वर्ष की शुरुआत यानी 1 अप्रैल 2025 से कस्टम ड्यूटी में हुए बदलाव लागू होते हैं।

हालांकि, कुछ बदलावों की लागू होने की तारीखें केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) के नोटिफिकेशन पर निर्भर करती हैं। जैसे, पिछले बजट में कुछ कस्टम ड्यूटी बदलाव (जैसे मोबाइल फोन और कीमती धातुओं पर) 24 जुलाई 2024 से लागू हुए थे।

असर क्या होगा: कुछ चीजें सस्ती और कुछ महंगी हो सकती है। कस्टम ड्यूटी के घटने-बढ़ने का इनडायरेक्ट असर चीजों की कीमतों पर पड़ता है।

आइटम जो सस्ते हो सकते हैं:

40 हजार डॉलर से ज्यादा कीमत या 3 हजार सीसी से ज्यादा की इंजन क्षमता वाली आयातित कारें।

सीबीयू यूनिट के रूप में आयातित मोटरसाइकिलें जिनकी इंजन क्षमता 1600 सीसी से अधिक नहीं है।

36 लाइफ सेविंग दवाओं से कस्टम ड्यूटी हटाने से क्रिटिकल ट्रीटमेंट की कॉस्ट कम हो जाएगी।

EV सस्ते हो सकते हैं। सकार ने बैटरी मैन्युफैक्चरिंग के लिए 35 कैपिटल गुड्स की ड्यूटी हटा दी है।

मोबाइल फोन बैटरी प्रोडक्शन के लिए 28 कैपिटल गुड्स को कस्टम ड्यूटी से छूट दी गई।

आइटम जो महंगे हो सकते हैं:

स्मार्ट मीटर सौर सेल, आयातित जूते, आयातित मोमबत्तियां, आयातित नौकाएं और अन्य जहाज, पीवीसी फ्लेक्स फिल्म्स, पीवीसी फ्लेक्स शीट्स, पीवीसी फ्लेक्स बैनर, नीटिंग प्रोसेस से बना कपड़ा, एलसीडी/एलईडी टीवी

बजट में जिन योजनाओं की घोषणा हुई थी उनका फायदा कब से मिलेगा?

सामाजिक कल्याण योजनाएं जैसे किसानों के लिए नकद सहायता, महिलाओं के लिए स्कीम्स, या रोजगार योजनाओं का फायदा जून-जुलाई से मिलना शुरू हो सकता है।

सड़क, रेल, या स्कूल-हॉस्पिटल जैसी परियोजनाओं का फायदा मिलने में समय लगता है, क्योंकि इनके लिए योजना, टेंडर और निर्माण की प्रक्रिया होती है।

7 पॉइंट में जानें बजट की पूरी प्रोसेस...

बजट की तैयारी: बजट वित्त मंत्रालय द्वारा तैयार किया जाता है। वित्त मंत्री के नेतृत्व में विभिन्न मंत्रालयों, विभागों और विशेषज्ञों से परामर्श लिया जाता है।

बजट का प्रस्तुति: हर साल 1 फरवरी को वित्त मंत्री लोकसभा में वार्षिक बजट पेश करते हैं। बजट भाषण में सरकार की आय और व्यय की डिटेल्स होती है।

संसद में चर्चा: बजट पेश होने के बाद, लोकसभा और राज्यसभा में इस पर विस्तृत चर्चा होती है। सांसद विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार रखते हैं।

विनियोग विधेयक: चर्चा के बाद, दोनों सदनों में इसे पेश किया जाता है, जो सरकार को समेकित निधि से धन निकालने की अनुमति देता है।

फाइनेंस बिल: बजट में प्रस्तावित टैक्स संबंधी बदलावों को लागू करने के लिए वित्त विधेयक लोकसभा और राज्यसभा दोनों में पेश किया जाता है।

राष्ट्रपति की मंजूरी: दोनों बिल (विनियोग और फाइनेंस) के संसद से पारित होने के बाद, इन्हें राष्ट्रपति के पास मंजूरी के लिए भेजा जाता है।

अमल में लाना: राष्ट्रपति की सहमति के बाद ये कानून बन जाते हैं और बजट लागू हो जाता है। बजट 1 अप्रैल से शुरू होने वाले वित्तीय वर्ष के लिए लागू होता है।


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निर्माताओं को अब टू व्‍हीलर्स के साथ देने होंगे दो हेलमेट, केंद्रीय मंत्री Nitin Gadkari ने की घोषणा

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की ओर से घोषणा की गई है कि देश में दो पहिया वाहन निर्माताओं को अपने वाहन के साथ अब से दो हेलमेट देना अनिवार्य होगा। केंद्रीय मंत्री की ओर से ऐसी घोषणा क्‍यों की गई है। घोषणा के बाद हेलमेट मैन्‍युफैक्‍चरर्स एसोसिएशन की ओर से क्‍या प्रतिक्रिया दी गई है। हम आपको इस खबर में बता रहे हैं।

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने की घोषणा

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की ओर से घोषणा की गई है कि अब से देश में दो पहिया वाहनों को खरीदते समय हर निर्माता को दो हेलमेट देने होंगे। यह हेलमेट आईएसआई प्रमाणित होंगे और इनको देना अनिवार्य होगा। दिल्‍ली में आयोजित एक ऑटो समिट के दौरान इसकी घोषणा केंद्रीय मंत्री की ओर से की गई है।

THMA ने दी यह प्रतिक्रिया

टू व्‍हीलर हेलमेट मैन्‍युफैक्‍चरर्स एसोसिएशन की ओर से इस घोषणा का स्‍वागत किया गया है। THMA के अध्‍यक्ष राजीव कपूर ने कहा कि यह केवल एक नियम नहीं, बल्कि देश की आवश्यकता है। जो परिवार सड़क दुर्घटनाओं में अपनों को खो चुके हैं – उनके लिए यह फैसला उम्मीद की किरण है कि अब ऐसी त्रासदियों को रोका जा सकेगा। हेलमेट निर्माता संघ ने आश्वासन दिया कि वे गुणवत्तापूर्ण आईएसआई हेलमेट के उत्पादन में वृद्धि करेंगे और देशभर में इनकी उपलब्धता सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने मंत्री जी की इस पहल को सड़क सुरक्षा में मील का पत्थर बताते हुए कहा कि यह कदम भारत में सुरक्षित और समझदारी भरी दोपहिया यात्रा के नए युग की शुरुआत करेगा।

हर साल होते हैं बड़ी संख्‍या में हादसे

भारत में हर साल बड़ी संख्‍या में सड़क हादसे होते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक हर साल देश में 4.80 लाख सड़क हादसे होते हैं। इन हादसों में 1.88 लाख लोगों की मौत हो जाती है। खासकर दो पहिया वाहनों से जुड़े हादसों में हर साल 69 हजार लोगों की मौत होती है। जिसमें से 50 फीसदी मौत हेलमेट न पहनने के कारण होती हैं।

हेलमेट पहनने से क्‍या होता है फायदा

दो पहिया वाहन चलाते हुए अगर हेलमेट न पहना जाए तो हादसे के समय हेड इंजरी होने का खतरा बढ़ जाता है। लेकिन अगर हेलमेट पहना हुआ हो तो हादसा होने पर भी सिर को बचाने में हेलमेट काम आता है। इसके अलावा सर्वाइकल स्‍पाइन इंजरी होने का खतरा भी कम हो जाता है। हेलमेट पहनने के कारण सिर को तो बचाया ही जा सकता है, साथ ही आंखों को तेज हवा और धूल से भी सुरक्षित रखने में मदद मिलती है। 


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सेंसेक्स ने लगाई 800 अंक की उछाल, शेयर बाजार में तूफानी तेजी

इस हफ्ते के पहले कारोबारी दिन यानी सोमवार को शेयर बाजार में तूफानी तेजी देखी जा रही है। शेयर बाजार के मुख्य इंडेक्स बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। अभी लिखते समय बीएसई सेंसेक्स लगभग 800 अंक से अधिक चढ़ चुका है। वहीं एनएसई निफ्टी में भी अच्छी खासी बढ़तोतरी है। एनएसई निफ्टी 270 अंक उछलकर 23,616 पर ट्रेड कर रहा है।

आज बाजार में मिड कैप और स्मॉल कैप में बढ़ोतरी दिख रही है। वहीं आईटी स्टॉक में भी उछाल देखा जा रहा है। चलिए जानते हैं कि शेयर बाजार में लगातार दूसरे हफ्ते भी तेजी आने का क्या कारण है।

क्या है शेयर बाजार में तेजी का कारण?

चौथी तिमाही के नतीजों में अच्छी ग्रोथ की उम्मीद की जा रही है। जिसकी वजह से ही शेयर बाजार में हरियाली छाई हुई है।

वहीं देश की केंद्रीय बैंक, आरबीआई (रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया) जल्द ही मौद्रिक नीति समिति की बैठक करने वाली है। ऐसा माना जा रहा है कि केंद्रीय बैंक इस बैठक के दौरान ब्याज दरों में कटौती कर सकती है।

इससे पहले आरबीआई ने रेपो रेट में कटौती की थी। जिसका असर बैंकों के ब्याज दर में भी देखने को मिला था।

इसके साथ ही हाल ही में जारी हुए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) में गिरावट आई है। जो एक तरह आम आदमी के लिए अच्छी खबर है। पीआईबी के मुताबिक सीपीआई में गिरावट दर्ज की गई है। जनवरी के मुकाबले फरवरी में सीपीआई 0.65 फीसदी तक गिरा है। फरवरी में सपीआई 3.61 फीसदी दर्ज किया गया।

सरल शब्दों में कहा जाए, तो कुल मिलाकर सरकारी आंकड़ों के मुताबिक महंगाई कम हुई है।

आज के टॉप गैनर्स और टॉप लूजर्स

निफ्टी टॉप गैनर्स और लूजर्स- 24 मार्च सोमवार को एनएसई निफ्टी में अच्छी खासी बढ़ोतरी देखी जा रही है। आज एनएसई निफ्टी में pearlpoly, amdind, lambodhara, goldtech और salasar टॉप गैनर बन चुके हैं। वहीं IKIO, quintegra, rcom, kesoramind और alpsindus टॉप लूजर की लिस्ट में शामिल हो चुके हैं।

निफ्टी स्टॉक- 50 शेयर वाले एनएसई निफ्टी में अभी बैंक स्टॉक सबसे आगे चल रहे हैं। इनमें करीब 2 फीसदी की बढ़त देखी जा रही है। वहीं प्राइवेट बैंक और पीएसयू बैंक स्टॉक में भी अच्छी ग्रोथ है। इसके अलावा फाइनेंशियल सर्विस, Reality और आईटी स्टॉक भी लगभग 2 फीसदी बढ़ चुके है।

बीएसई सेंसेक्स टॉप गैनर्स और लूजर्स- बीएसई सेंसेक्स में भी लगातार हरियाली देखी जा रही है। बीएसई सेंसेक्स में आज salasar, fincables, powermech, IIFcaps और rajeshexpo टॉप गैनर बन चुके हैं। वही्ं jyotistruc, jsl, kec, suvenphar और Apl ltd टॉप लूजर बन चुके हैं।

इससे पहले कैसा रहा शेयर बाजार

इससे पहले 21 मार्च शुक्रवार को शेयर बाजार अच्छी बढ़ोतरी के साथ बंद हुए। शेयर बाजार के मुख्य इंडेक्स बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी में हरियाली देखी गई। बीएसई सेंसेक्स 557 अंक बढ़कर 76,905 पर क्लोज हुआ। वहीं एनएसई निफ्टी में बढ़ोतरी देखी गई है। एनएसई निफ्टी 159 अंक चढ़कर 23,350 पर बंद हुआ है।


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पीएम मित्र पार्क योजना में कपड़ा क्षेत्र में 18,500 करोड़ रुपये के निवेश को मिली मंजूरी

केंद्र सरकार ने कपड़ा क्षेत्र में उत्पादन, रोजगार और निर्यात को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पीएम मित्र पार्क योजना के तहत प्राप्त प्रस्तावों के तहत 18,500 करोड़ रुपये के निवेश पर हस्ताक्षर किए हैं. मंगलवार को यह जानकारी लोकसभा को दी गई. कपड़ा उद्योग की वैल्यू चेन के लिए इंटीग्रेटेड लार्ज स्केल और मॉडर्न इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर सुविधा डेवलप करने के उद्देश्य से केंद्र ने 4,445 करोड़ रुपये की योजना परिव्यय के साथ ग्रीनफील्ड/ब्राउनफील्ड साइटों में सात पीएम मित्र पार्क स्थापित करने को मंजूरी दी है. यह योजना 2021-22 से 2027-28 की अवधि के लिए मंजूर की गई है.

सरकार ने पीएम मित्र पार्क स्थापित करने के लिए सात साइटों को फाइनल किया है, जिसमें तमिलनाडु (विरुद्धनगर), तेलंगाना (वारंगल), गुजरात (नवसारी), कर्नाटक (कलबुर्गी), मध्य प्रदेश (धार), उत्तर प्रदेश (लखनऊ) और महाराष्ट्र (अमरावती) को शामिल किया गया है.

केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने संसद में एक लिखित उत्तर में कहा कि एक बार पूरा हो जाने पर, यह उम्मीद की जाती है कि प्रत्येक पीएम मित्र पार्क लगभग 10,000 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित करेगा और लगभग 3 लाख (प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष दोनों) रोजगार के अवसर पैदा करेगा.

केंद्रीय मंत्री ने जानकारी देते हुए कहा कि कपड़ा क्षेत्र के विकास को बढ़ावा देने के लिए कार्यान्वित की जा रही दूसरी पहलों में इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल पार्क (एसआईटीपी), इंटीग्रेटेड प्रोसेसिंग डेवलपमेंट स्कीम (आईपीडीएस), उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना, नेशनल टेक्निकल टेक्सटाइल मिशन (एनटीटीएम), समर्थ - वस्त्र क्षेत्र में क्षमता निर्माण के लिए योजना (एटीयूएफएस), रेशम समग्र-2, राष्ट्रीय हथकरघा विकास कार्यक्रम (एनएचडीपी) और राष्ट्रीय हस्तशिल्प विकास कार्यक्रम (एनएचडीपी) शामिल हैं.

इसके अलावा, सरकार हथकरघा क्षेत्र को बढ़ावा देने और देश भर में हथकरघा श्रमिकों के कल्याण और लाभ के लिए राष्ट्रीय हथकरघा विकास कार्यक्रम और कच्चा माल आपूर्ति योजना का संचालन कर रही है.

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि योजनाओं के तहत, एलिजिबल हथकरघा एजेंसियों/श्रमिकों को कच्चे माल, अपग्रेडेड लूम और एक्सेसरीज की खरीद, सोलर लाइटिंग यूनिट्स, वर्क शेडों के निर्माण, प्रोडक्ट डाइवर्सिफिकेशन और डिजाइन इनोवेशन, टेक्निकल और कॉमन इंफ्रास्ट्रक्चर, घरेलू और विदेशी बाजारों में हथकरघा उत्पादों की मार्केटिंग, बुनकरों की मुद्रा योजना के तहत रियायती ऋण और विभिन्न सामाजिक सुरक्षा लाभों के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है.


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सोना ₹88,680 के ऑलटाइम हाई पर पहुंचा

सोने की कीमत आज यानी 19 मार्च को ऑल टाइम हाई पर पहुंच गई है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का दाम ₹326 बढ़कर ₹88,680 हो गया है। इससे पहले मंगलवार को सोने की कीमत ₹88,354 थी।

वहीं, एक किलो चांदी आज ₹152 सस्ती होकर ₹1,00,248 प्रति किलो पर आ गई है। इससे पहले कल चांदी का भाव ₹1,00,400 प्रति किलो था, जो इसका ऑल टाइम हाई भी रहा। केडिया एडवाइजरी के डायरेक्टर अजय केडिया के अनुसार इस साल सोना ₹92 हजार तक जा सकता है।

4 महानगरों और भोपाल में सोने की कीमत

दिल्ली: 10 ग्राम 22 कैरेट सोने की कीमत 83,050 रुपए और 10 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत 90,590 रुपए है।

मुंबई: 10 ग्राम 22 कैरेट सोने की कीमत 82,900 रुपए और 10 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत 90,440 रुपए है।

कोलकाता: 10 ग्राम 22 कैरेट गोल्ड की कीमत 82,900 रुपए और 24 कैरेट 10 ग्राम सोने की कीमत 90,440 रुपए है।

चेन्नई: 10 ग्राम 22 कैरेट सोने की कीमत 82,900 रुपए और 10 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत 90,440 रुपए है।

भोपाल: 10 ग्राम 22 कैरेट सोने की कीमत 82,950 रुपए और 10 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत 90,490 रुपए है।

इस साल अब तक 12,518 रुपए महंगा हो चुका है सोना

इस साल यानी 1 जनवरी से अब तक 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का दाम 76,162 रुपए से 12,518 रुपए बढ़कर 88,680 रुपए पर पहुंच गया है। वहीं, चांदी का भाव भी 86,017 रुपए प्रति किलो से 14,231 रुपए बढ़कर 1,00,248 रुपए पर पहुंच गया है। वहीं पिछले साल यानी 2024 में सोना 12,810 रुपए महंगा हुआ था।

सोने में तेजी के 3 कारण

ट्रम्प के अमेरिका के राष्ट्रपति बनने से जियो पॉलिटिकल टेंशन बढ़ गई हैं।

डॉलर के मुकाबले रुपए के कमजोर होने से सोना महंगा हो रहा है।

शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ने से लोग गोल्ड में निवेश बढ़ा रहे हैं।

इस साल 92 हजार रुपए तक जा सकता है सोना

केडिया एडवाइजरी के डायरेक्टर अजय केडिया कहते हैं कि एक बड़ी रैली के बाद सोने में गिरावट आनी थी, वह आ चुकी है। जियो पॉलिटिकल टेंशन बढ़ने से गोल्ड को सपोर्ट मिल रहा है। वहीं गोल्ड ETF में निवेश भी बढ़ रहा है। इससे गोल्ड की डिमांड बढ़ रही है। ऐसे में इस साल सोना 92 हजार रुपए प्रति 10 ग्राम के पार पहुंच सकता है।

वहीं अगर चांदी की बात करें तो HDFC सिक्योरिटीज के कमोडिटी और करेंसी हेड अनुज गुप्ता के अनुसार इसकी कीमत में आगे भी तेजी देखने को मिल सकती है। साल के आखिर चांदी 1 लाख 8 हजार रुपए तक जा सकती है।

सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें

हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। सोने पर 6 अंकों का हॉलमार्क कोड रहता है। इसे हॉलमार्क यूनीक आइडेंटिफिकेशन नंबर यानी HUID कहते हैं। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह होता है- AZ4524। हॉलमार्किंग के जरिए ये पता करना संभव है कि कोई सोना कितने कैरेट का है।




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सोने की बढ़ी चमक, चांदी की घटी, आज दोनों के रेट में बड़ा बदलाव

शादियों का सीजन खत्म होने के बावजूद सोने की कीमतों में तेजी जारी है। आज भी सोने की चमक बढ़ी है जबकि, चांदी की घट गई है। सर्राफा बाजार के लेटेस्ट भाव के मुताबिक होली से पहले आज 13 मार्च को 24 कैरेट सोना बुधवार के बंद भाव 86143 रुपये के मुकाबले 529 रुपये महंगा होकर 86672 रुपये प्रति 10 ग्राम पर खुला। वहीं, चांदी के रेट 150 रुपये टूटकर 97950 रुपये प्रति किलो पर आ गए।

सर्राफा बाजार के रेट इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) ने जारी किए हैं, जिनमें जीएसटी नहीं लगा है। हो सकता है आपके शहर में इससे 1000 से 2000 रुपये का अंतर आ रहा हो। आईबीजेए दिन में दो बार रेट जारी करता है। एक बार दोपहर 12 बजे के करीब दूसरा 5 बजे के आसपास।

आईबीजेए रेट्स के मुताबिक 23 कैरेट गोल्ड भी 527 रुपये महंगा होकर 86325 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव से खुला। वहीं, 22 कैरेट गोल्ड का औसत हाजिर भाव दोपहर 485 रुपये उछलकर 79392 रुपये पर खुला। 18 कैरेट का भाव भी 397 रुपये महंगा होकर 65004 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है। जबकि, 14 कैरेट गोल्ड की कीमत 309 रुपये चढ़कर 50703 रुपये पर पहुंच गई है।

इस साल सोना 10932 और चांदी 11933 रुपये महंगी

मार्च में अब तक सोना 1616 रुपये और चांदी 4470 रुपये उछल चुकी है। 28 फरवरी को सोने का भाव 85056 रुपये था। जबकि चांदी की कीमत 93480 रुपये। साल 2025 में अब तक सोना 10932 रुपये और चांदी 11933 रुपये महंगी हो चुकी है। 31 दिसंबर 24 को सोना 75740 रुपये पर बंद हुआ था। चांदी भी 86017 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई थी।

दिल्ली से लखनऊ तक के लेटेस्ट भाव

लाइव मिंट पर दिए गए रेट के मुताबिक दिल्ली में 24 कैरेट गोल्ड का भाव 88163 रुपये प्रति 10 ग्राम है। जबकि, 22 कैरेट गोल्ड की कीमत 470 रुपए बढ़कर 80833 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गई है। दिल्ली में आज चांदी का रेट 103200 रुपये प्रति किलोग्राम है। जयपुर में आज सोने का भाव 88156 रुपये प्रति 10 ग्राम है। जबकि, यहां आज चांदी की कीमत 103600 रुपये प्रति किलोग्राम है। लखनऊ में सोने का भाव आज 88179 और चंडीगढ़ में 88172 रुपये प्रति 10 ग्राम है।


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एयरटेल के बाद जियो की भी स्पेस-X से डील ,देश में सैटेलाइट से इंटरनेट मिलेगा

एयरटेल के बाद अब देश की सबसे बड़ी टेलिकॉम सर्विस प्रोवाइडर रिलायंस जियो ने भी इलॉन मस्क की कंपनी स्टार लिंक के साथ सैटेलाइट इंटरनेट प्रोवाइड करने के लिए करार किया है।

कल यानी मंगलवार (11 मार्च) को टेलिकॉम कंपनी भारती एयरटेल ने अमेरिकी कंपनी के साथ करार किया था। एयरटेल ने कल स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में इसकी जानकारी दी है।

समझौते के तहत, स्पेसएक्स और एयरटेल बिजनेस, शैक्षणिक संस्थानों, स्वास्थ्य सेवा केंद्रों और दूरदराज के क्षेत्रों में स्टारलिंक सर्विसेस देने के लिए मिलकर काम करेंगे। एयरटेल के मौजूदा नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर में स्टारलिंक टेक्नोलॉजी इंटीग्रेट करने की संभावनाएं तलाशी जाएंगी।

6 सवाल-जवाब में स्टारलिंक के बारे में जानें...

सवाल 1- स्टारलिंक क्या है?

जवाब- स्टारलिंक 100 से ज्यादा देशों में सैटेलाइट के जरिए इंटरनेट देती है। उसके पास पृथ्वी की निचली कक्षा में 7 हजार से ज्यादा सैटेलाइट का सबसे बड़ा सैटेलाइट नेटवर्क है। स्टारलिंक इंटरनेट के जरिए स्ट्रीमिंग, ऑनलाइन गेमिंग, वीडियो कॉल आसानी से किया जा सकता है।

इसमें कंपनी एक किट उपलब्ध करवाती है जिसमें राउटर, पावर सप्लाई, केबल और माउंटिंग ट्राइपॉड दिया जाता है। हाई-स्पीड इंटरनेट के लिए डिश को खुले आसमान के नीचे रखा जाता है। iOS और एंड्रॉयड पर स्टारलिंक का एप मौजूद है, जो सेटअप से लेकर मॉनिटरिंग करता है।

सवाल 2- यह कैसे अलग है?

जवाब- जियो और एयरटेल जैसी कंपनियां फाइबर ऑप्टिक्स, मोबाइल टावर से इंटरनेट देती हैं। स्टारलिंक सैटेलाइट नेटवर्क पर आधारित है। ये छोटे उपग्रहों, ग्राउंड स्टेशनों और यूजर टर्मिनल्स के जरिए काम करती है। इसमें फिजिकल इन्फ्रास्ट्रक्चर की जरूरत नहीं पड़ती।

सवाल 3- इसकी स्पीड क्या ज्यादा है?

जवाब- स्टारलिंक के सैटेलाइट ट्रेडिशनल सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस के मुकाबले धरती से ज्यादा करीब (550 किमी) हैं। इससे तेज इंटरनेट मिलता है। स्टारलिंक का दावा है कि वह 150 MBPS तक स्पीड देती है, जो फाइबर ब्रॉडबैंड से कम है लेकिन पारंपरिक सैटेलाइट इंटरनेट से बेहतर।

सवाल 4- भारत में क्या बदलाव होगा?

जवाब- स्टारलिंक का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह उन क्षेत्रों में इंटरनेट सर्विस दे सकता है जहां ट्रेडिशनल ब्रॉडबैंड प्रोवाइडर्स अपनी सर्विस नहीं दे सकते। इसमें ग्रामीण क्षेत्र, दूरदराज के स्थान और यहां तक कि प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित क्षेत्र भी शामिल हैं।

हमारे देश में दूर-दराज के कई इलाकों में इंटरनेट की पहुंच नहीं है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, मार्च 2024 तक ग्रामीण टेली-डेंसिटी 59.1% थी। स्टारलिंक इन क्षेत्रों के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकती है। दुर्गम इलाकों में ऑनलाइन शिक्षा और डिजिटल स्वास्थ्य सेवा बढ़ेगी।

सवाल 5- क्या स्टारलिंक मौजूदा कंपनियों के लिए चुनौती है?

जवाब- स्टारलिंक और अन्य सैटकॉम सर्विसेज पारंपरिक इंटरनेट कंपनियों के लिए प्रतिस्पर्धी नहीं, बल्कि इनकी पूरक सर्विस है। हालांकि, इनकी लागत ज्यादा है। स्टारलिंक के प्लान्स मौजूदा ब्रॉडबैंड प्लान्स के मुकाबले 18 गुना तक महंगे हैं। सरकार चाहे तो डिजिटल इंडिया योजना में यूनिवर्सल सर्विस ऑब्लिगेशन फंड का इस्तेमाल करके कीमतें कम करने में मदद कर सकती है।

सवाल 6- भारत में कैसा होगा भविष्य?

जवाब- देश में सैटेलाइट कम्युनिकेशन का बाजार तेजी से बढ़ रहा है। KPMG की 2024 में आई एक रिपोर्ट के मुताबिक, यह बाजार साल 2028 तक 1.7 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच सकता है।

सैटेलाइट्स से आप तक कैसे पहुंचता है इंटरनेट?

सैटेलाइट धरती के किसी भी हिस्से से बीम इंटरनेट कवरेज को संभव बनाता है। सैटेलाइट के नेटवर्क से यूजर्स को हाई-स्पीड, लो-लेटेंसी इंटरनेट कवरेज मिलता है। लेटेंसी का मतलब उस समय से होता है जो डेटा को एक पॉइंट से दूसरे तक पहुंचाने में लगता है।

एयरटेल के रिटेल स्टोर पर मिलेंगे स्टारलिंक उपकरण

एयरटेल और स्पेसएक्स एयरटेल के रिटेल स्टोर में स्टारलिंक उपकरण ऑफर करने की संभावनाओं को तलाशेंगे।

एयरटेल के जरिए बिजनेस कस्टमर्स को स्टारलिंक सर्विसेज ऑफर करने की संभावनाएं भी तलाशी जाएंगी।

समुदायों, स्कूलों और स्वास्थ्य केंद्रों को जोड़ने और ग्रामीण इलाकों में भी सर्विस देने की संभावना तलाशेंगे।

46 करोड़ ग्राहकों के साथ जियो सबसे बड़ा ऑपरेटर

रिलायंस इंडस्ट्रीज ने टेलिकॉम, इंटरनेट और डिजिटल बिजनेस के लिए 5 सालों में करीब 26 हजार करोड़ रुपए खर्च किए हैं। रिलायंस जियो देश का सबसे बड़ा दूरसंचार ऑपरेटर है, जिसके दिसंबर के अंत में 46 करोड़ वायरलेस ग्राहक हैं। पिछले साल जून में टैरिफ बढ़ाने से सितंबर तिमाही में इसके प्रॉफिट में उछाल देखने को मिला था।


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आज सोने में गिरावट, चांदी महंगी हुई

सोने दाम में आज यानी 20 फरवरी को गिरावट रही। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का दाम 213 रुपए गिरकर 86,520 रुपए हो गया है। इससे पहले सोना 86,733 रुपए पर था, जो इसका ऑलटाइम हाई बनाया है।

वहीं एक किलो चांदी की कीमत आज 223 रुपए बढ़कर 97,789 रुपए किलो हो गई है। कल चांदी का भाव 97,566 रुपए किलो था। चांदी ने 23 अक्टूबर 2024 को अपना ऑल टाइम हाई बनाया था, तब ये 99,151 रुपए प्रति किलो पर पहुंच गई थी।

4 महानगरों और भोपाल में सोने की कीमत

दिल्ली : 10 ग्राम 22 कैरेट सोने की कीमत 80,850 रुपए और 10 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत 88,190 रुपए है।

मुंबई : 10 ग्राम 22 कैरेट सोने की कीमत 80,700 रुपए और 10 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत 88,040 रुपए है।

कोलकाता : 10 ग्राम 22 कैरेट गोल्ड की कीमत 80,700 रुपए और 24 कैरेट 10 ग्राम सोने की कीमत 88,040 रुपए है।

चेन्नई : 10 ग्राम 22 कैरेट सोने की कीमत 80,700 रुपए और 10 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत 88,040 रुपए है।

भोपाल : 10 ग्राम 22 कैरेट सोने की कीमत 80,750 रुपए और 10 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत 88,090 रुपए है।

1 जनवरी से अब तक सोना ₹10,358 महंगा हुआ इस साल यानी 1 जनवरी से अब तक 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का दाम 76,162 रुपए से 10,358 रुपए बढ़कर 86,520 रुपए पर पहुंच गया है। वहीं, चांदी का भाव भी 86,017 रुपए प्रति किलो से 11,772 रुपए बढ़कर 97,789 रुपए पर पहुंच गया है।

सोने में तेजी के 4 कारण

ट्रम्प के अमेरिका के राष्ट्रपति बनने से जियो पॉलिटिकल टेंशन बढ़ गई हैं।

डॉलर के मुकाबले रुपए के कमजोर होने से सोना महंगा हो रहा है।

महंगाई बढ़ने से भी सोने की कीमत को सपोर्ट मिल रहा है ।

शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ने से लोग गोल्ड में निवेश बढ़ा रहे हैं।

इस साल 90 हजार रुपए तक जा सकता है सोना केडिया एडवाइजरी के डायरेक्टर अजय केडिया कहते हैं कि एक बड़ी रैली के बाद सोने में गिरावट आनी थी, वह आ चुकी है। अमेरिका के बाद UK ने ब्याज दरों में कटौती और जियो पॉलिटिकल टेंशन बढ़ने से गोल्ड को सपोर्ट मिल रहा है। वहीं गोल्ड ETF में निवेश भी बढ़ रहा है। इससे भी गोल्ड की डिमांड बढ़ रही है। ऐसे में इस साल सोना 90 हजार रुपए प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकता है।

सोना खरीदते समय इन 3 बातों का रखें ध्यान

1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। सोने पर 6 अंकों का हॉलमार्क कोड रहता है। इसे हॉलमार्क यूनीक आइडेंटिफिकेशन नंबर यानी HUID कहते हैं। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह होता है- AZ4524। हॉलमार्किंग के जरिए ये पता करना संभव है कि कोई सोना कितने कैरेट का है।

2. कीमत क्रॉस चेक करें सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें। सोने का भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होता है। 24 कैरेट सोने को सबसे शुद्ध सोना माना गया है, लेकिन इसकी ज्वेलरी नहीं बनती, क्‍योंकि वो बेहद मुलायम होता है।

3. कैश पेमेंट न करें, बिल लें सोना खरीदते वक्त कैश पेमेंट की जगह UPI (जैसे भीम ऐप) और डिजिटल बैंकिंग के जरिए पेमेंट करना अच्छा रहता है। आप चाहें तो डेबिट या क्रेडिट कार्ड के माध्यम से भी पेमेंट कर सकते हैं। इसके बाद बिल लेना न भूलें। यदि ऑनलाइन ऑर्डर किया है तो पैकेजिंग जरूर चेक करें।


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