रिलीज से पहले ही ‘धुरंधर’ की सुनामी: 24 घंटे में बिके 53 हजार टिकट, कमाई के आंकड़े देख दंग रह जाएंगे

सनी देओल की 1971 भारत-पाक युद्ध पर बनी फिल्म 'बॉर्डर 2' का फैंस एक लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं। वरुण धवन-दिलजीत दोसांझ और अहान शेट्टी स्टारर इस फिल्म की रिलीज डेट जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, फैंस की एक्साइटमेंट का लेवल भी बढ़ता जा रहा है।

यूट्यूब पर 24 घंटों में ट्रेलर को मिले व्यूज के मामले में 'धुरंधर' का रिकॉर्ड तोड़ चुकी सनी देओल की बॉर्डर 2 लगता है उसे बॉक्स ऑफिस पर भी बख्शने के मूड में नहीं है। अनुराग सिंह के निर्देशन में बनी इस वॉर ड्रामा फिल्म की एडवांस बुकिंग 19 जनवरी सोमवार को शुरू हुई। 24 घंटे में बॉर्डर 2 ने एडवांस बुकिंग में इतनी तगड़ी कमाई की है, जिसे सुनकर आप पूरी तरह से शॉक्ड रह जाएंगे।

बॉर्डर 2 रिलीज से पहले ही लेकर आई सुनामी

1997 में रिलीज हुई बॉर्डर के सीक्वल को लेकर ऑडियंस में कितनी ज्यादा उत्सुकता है, इसका पूरा अंदाजा आपको सनी देओल-दिलजीत दोसांझ की फिल्म की एडवांस बुकिंग कमाई से लग जाएगा। सैकनलिक डॉट कॉम की रिपोर्ट्स की मानें तो, बॉर्डर 2 की एडवांस बुकिंग खुले हुए अभी 24 घंटे हुए हैं और फिल्म की 53 हजार 526 के आसपास टिकट बिक्री हो गई है।

इन ऑनलाइन टिकट बिक्री से फिल्म का टोटल कलेक्शन रिलीज से पहले 1 करोड़ 69 लाख का हुआ है। अगर ब्लॉक सीटों को भी इसमें शामिल किया जाए, तो इसका आंकड़ा 4.56 करोड़ तक जा रहा है। हालांकि, बॉर्डर 2 के मुकाबले 'धुरंधर' का एडवांस बुकिंग कलेक्शन काफी कम था। धुरंधर की 24 घंटे में टोटल 9 से 10 हजार टिकट बिकी थी और कलेक्शन 34 लाख तक का हुआ था।

बॉर्डर 2 

भाषा-हिंदी 

फॉर्मेट- 2D

ग्रॉस कलेक्शन- 1.69 करोड़ 

टिकट सोल्डआउट- 53,526

शोज- 7, 257

बॉर्डर 2 का इन शहरों में है अच्छा रिस्पांस

बॉर्डर 2 को नेशनल चेन में टोटल 7 हजार 257 शोज अभी तक मिले हैं, जैसे-जैसे फिल्म की डिमांड बढ़ती जाएगी, बॉर्डर 2 के शोज भी बढ़ा दिए जाएंगे। बॉर्डर 2 का जिन शहरों में सबसे अच्छा रिस्पांस हैं, उनमें असम है, जहां फिल्म की 24 घंटे में टोटल 1.46 लाख टिकट बिकी हैं। इसके अलावा बिहार, छत्तीसगढ़ में , गुजरात , हरियाणा , झारखंड , कर्नाटक , मध्य प्रदेश , महाराष्ट्र , ओड़िशा , पंजाब , राजस्थान, तेलंगाना , उत्तर प्रदेश , उत्तराखंड , पश्चिम बंगाल , दिल्ली और जम्मू कश्मीर में फिल्म का एडवांस बुकिंग कमाई में अच्छा कलेक्शन हुआ है।

फिल्म की स्टारकास्ट की बात करें तो सनी देओल (लेफ्टिनेट कर्नल फतेह सिंह कलर), वरुण धवन (मेजर होशियार सिंह दहिया), दिलजीत दोसांझ (एयरफोर्स ऑफिसर होशियार सिंह दहिया), अहान शेट्टी (नेवी ऑफिसर एम एस रावत), मोना सिंह, सोनम बाजवा, मेधा राना और आन्या सिंह मुख्य भूमिका में नजर आएंगे। ये फिल्म गणतंत्र दिवस से 3 दिन पहले 23 जनवरी 2026 को सिनेमाघरों में आएगी।


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धमाल मचाने लौट रहे अजय देवगन! ‘धमाल 4’ की रिलीज डेट फाइनल

अजय देवगन एक बार फिर अपनी सुपरहिट कॉमेडी फ्रेंचाइजी के सीक्वल के साथ बड़े पर्दे पर वापसी करने जा रहे हैं। अभिनेता ‘धमाल’ फ्रेंचाइजी की चौथी किस्त ‘धमाल 4’ में अपने ओरिजनल गैंग रितेश देशमुख, तुषार कपूर और अरशद वारसी के साथ दर्शकों को एक बार फिर हंसी का जबरदस्त डोज देने वाले हैं। फिल्म को लेकर फैंस में पहले से ही जबरदस्त उत्साह है और अब मेकर्स ने इसकी रिलीज डेट भी कंफर्म कर दी है।

कॉमेडी और पागलपन से भरपूर ‘धमाल 4’ आधिकारिक तौर पर वापसी के लिए तैयार है। मेकर्स ने इस फिल्म को फेस्टिव सीजन में रिलीज करने का फैसला किया है। निर्देशक इंद्र कुमार के निर्देशन में बनी यह फिल्म 12 जून 2026 को सिनेमाघरों में दस्तक देगी। खास बात यह है कि इस बार भी फिल्म में फ्रेंचाइजी के ओरिजनल कलाकार नजर आएंगे, वहीं कुछ नए चेहरे भी कहानी में नया तड़का लगाते दिखाई देंगे।

‘धमाल 4’ की स्टारकास्ट की बात करें तो फिल्म में अजय देवगन, रितेश देशमुख, अरशद वारसी, संजय मिश्रा और जावेद जाफरी की मशहूर कॉमेडी टीम एक बार फिर साथ नजर आएगी। इनके अलावा ईशा गुप्ता, संजीदा शेख, अंजली आनंद, उपेंद्र लिमये, विजय पाटकर और रवि किशन भी फिल्म का हिस्सा होंगे, जो इस पॉपुलर सीरीज में नई ऊर्जा और ह्यूमर जोड़ेंगे। स्टारकास्ट की घोषणा के बाद से ही फैंस में फिल्म को लेकर उत्सुकता और बढ़ गई है।

धमाल फ्रेंचाइजी ने बॉक्स ऑफिस पर हमेशा शानदार प्रदर्शन किया है। इसकी शुरुआत साल 2007 में आई फिल्म ‘धमाल’ से हुई, जो एक स्लीपर हिट साबित हुई और इसने दुनियाभर में करीब 51.3 करोड़ रुपये की कमाई की। इसके बाद 2011 में रिलीज हुई ‘डबल धमाल’ ने लगभग 71 करोड़ रुपये का वर्ल्डवाइड कलेक्शन किया।

साल 2019 में आई ‘टोटल धमाल’ ने फ्रेंचाइजी को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया। अजय देवगन, अनिल कपूर और माधुरी दीक्षित की मौजूदगी वाली इस फिल्म ने दुनियाभर में करीब 232.18 करोड़ रुपये की शानदार कमाई की और यह सुपरहिट साबित हुई। लगातार बढ़ते बॉक्स ऑफिस कलेक्शन और किरदारों की जबरदस्त लोकप्रियता को देखते हुए ‘धमाल 4’ से भी बड़ी उम्मीदें लगाई जा रही हैं।

इंद्र कुमार के निर्देशन में पुराने पसंदीदा और नए कलाकारों के साथ ‘धमाल 4’ से उम्मीद है कि यह एक बार फिर दर्शकों को हंसा-हंसाकर लोटपोट कर देगी और बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाएगी।


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बॉलीवुड में एक और तलाक, दो साल में टूटा एक्ट्रेस-CEO का रिश्ता

पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री की अभिनेत्री मैंडी ठक्कर और उनके पति शेखर कौशल का वैवाहिक रिश्ता टूट गया है। दोनों ने आपसी सहमति से तलाक ले लिया है। शुक्रवार को फैमिली कोर्ट ने उनकी संयुक्त याचिका पर सुनवाई करते हुए पहले मोशन को मंजूरी दे दी।

मैंडी ठक्कर की ओर से पेश हुए सेलिब्रिटी अधिवक्ता ईशान मुखर्जी ने तलाक की पुष्टि करते हुए बताया कि कोर्ट ने आपसी सहमति से दायर पहली अर्जी को स्वीकार कर लिया है। हालांकि, उन्होंने सेटलमेंट से जुड़ी शर्तों पर कोई जानकारी देने से इनकार करते हुए कहा कि समझौते की सभी जानकारियां गोपनीय रखी गई हैं।

सूत्रों के अनुसार, तलाक की याचिका आपसी सहमति से दाखिल की गई थी, जिसमें दोनों पक्ष बिना किसी विवाद के अलग होने पर सहमत हुए। शुक्रवार को यह पूरी प्रक्रिया दिल्ली के साकेत जिला न्यायालय स्थित फैमिली कोर्ट में संपन्न हुई, जहां दोनों की संयुक्त अर्जी स्वीकार की गई और बयान दर्ज किए गए।

पहले मोशन को मंजूरी मिलने के बाद मामला आपसी सहमति से तलाक की निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ेगा।

ब्रिटिश मूल की भारतीय अभिनेत्री मैंडी ठक्कर ने पंजाबी सिनेमा में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। इसके अलावा वह हिंदी और तमिल प्रोजेक्ट्स में भी नजर आ चुकी हैं। दमदार स्क्रीन प्रेजेंस और अभिनय के चलते रीजनल फिल्म इंडस्ट्री में उनकी अच्छी-खासी फैन फॉलोइंग है।

गौरतलब है कि मैंडी ठक्कर ने 13 फरवरी 2024 को जिम ट्रेनर और CEO शेखर कौशल से विवाह किया था। यह शादी हिंदू और सिख दोनों परंपराओं के अनुसार संपन्न हुई थी। दोनों ने आपसी सहमति से अलग होने का फैसला करते हुए अपने वैवाहिक मतभेदों को निजी और सम्मानजनक तरीके से सुलझाने का रास्ता चुना है।


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BMC चुनाव में दिखा बॉलीवुड का जिम्मेदार चेहरा, वोट डालने पहुंचे कई स्टार्स

मुंबई में BMC चुनाव को लेकर माहौल गर्म है। आम जनता के साथ-साथ बॉलीवुड सेलेब्स ने भी लोकतंत्र के इस पर्व में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। सुबह से ही कई नामी फिल्मी सितारे मतदान करने पोलिंग बूथ पहुंचे, जिनकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं।

तमन्ना भाटिया

एक्ट्रेस तमन्ना भाटिया सुबह पिंक सूट में वोट डालने पहुंचीं। इस दौरान वे अपनी मां का हाथ थामे उन्हें सहारा देती नजर आईं।

सान्या मल्होत्रा

सान्या मल्होत्रा भी नागरिक कर्तव्य निभाते हुए मतदान केंद्र पहुंचीं। हाल ही में वे फिल्म ‘सनी संस्कारी की तुलसी कुमारी’ में नजर आई थीं।

जॉन अब्राहम

एक्टर जॉन अब्राहम कैजुअल लुक में वोट डालने पहुंचे। उन्होंने ब्लैक टी-शर्ट, पजामा और चप्पल पहन रखी थी।

हेमा मालिनी

वरिष्ठ अभिनेत्री हेमा मालिनी ने भी मतदान किया। कैमरे के सामने उन्होंने मुस्कुराते हुए मतदान का निशान दिखाया। हाल ही में 24 नवंबर को उन्होंने अपने पति धर्मेंद्र को खोया है।

अक्षय कुमार

अक्षय कुमार सुबह ही मतदान केंद्र पहुंचे। इस दौरान एक युवती ने उनसे अपने पिता के कर्ज को लेकर मदद की गुहार लगाई, जिस पर अक्षय ने सहयोग का भरोसा दिया।

सुनील शेट्टी

एक्टर सुनील शेट्टी भी वोट डालने पहुंचे। ऑल-ब्लैक लुक में नजर आए सुनील काफी स्मार्ट दिखाई दिए।


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फिल्म ‘जन नायकन’ मामले में सुप्रीम कोर्ट ने एक्टर विजय को दिया झटका

अभिनेता से नेता बने विजय अपनी आखिरी फिल्म ‘जन नायकन’ को लेकर चर्चा में हैं। मद्रास हाईकोर्ट से राहत न मिलने के बाद फिल्म के मेकर्स ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था, लेकिन वहां भी उन्हें झटका लगा। सुप्रीम कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए मामले की सुनवाई हाईकोर्ट में ही जारी रखने का आदेश दिया है।

फिल्म के मेकर्स ने सुप्रीम कोर्ट से तत्काल सुनवाई की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने साफ कहा कि जब मामला पहले से मद्रास हाईकोर्ट में लंबित है और 20 जनवरी की तारीख तय है, तो इसे सुप्रीम कोर्ट में लाने का कोई औचित्य नहीं है। कोर्ट ने कहा कि वह इस मामले में हस्तक्षेप करने के इच्छुक नहीं है।

‘जन नायकन’ को 9 जनवरी को रिलीज होना था, लेकिन केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) से मंजूरी न मिलने के कारण रिलीज टालनी पड़ी। मेकर्स का कहना है कि CBFC ने फिल्म में 10 कट के बाद सर्टिफिकेट देने की बात कही थी और देशभर में करीब 5000 थिएटर भी मिल चुके थे।

सुप्रीम कोर्ट में मेकर्स की ओर से वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने पक्ष रखा, लेकिन कोर्ट ने दो टूक कहा कि हाईकोर्ट में चल रहे मामले को वहीं आगे बढ़ाया जाए।

दरअसल, पिछले साल विजय ने अपनी राजनीतिक पार्टी तमिलग वेत्री कझगम (TVK) की स्थापना की थी। इसी वजह से ‘जन नायकन’ को उनकी आखिरी फिल्म माना जा रहा है। फिल्म को 18 दिसंबर को CBFC के सामने पेश किया गया था, जहां बोर्ड ने कई दृश्यों पर आपत्ति जताते हुए 27 कट सुझाए थे।

इसके बाद मेकर्स मद्रास हाईकोर्ट पहुंचे थे। 9 जनवरी को हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने फिल्म को U/A सर्टिफिकेट देने का आदेश दिया था, लेकिन CBFC ने इस फैसले को चुनौती दी, जिसके बाद उस आदेश पर रोक लग गई। अब इस मामले की अगली सुनवाई 20 जनवरी को होगी।


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विवादों में घिरी यश स्टारर फिल्म ‘टॉक्सिक’

यश स्टारर फिल्म ‘टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स’ रिलीज से पहले ही विवादों में घिर गई है। फिल्म के टीजर को लेकर सोशल एक्टिविस्ट दिनेश कल्लाहल्ली ने केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। उनका आरोप है कि टीजर में मौजूद कुछ दृश्य अश्लील, आपत्तिजनक और नैतिक मूल्यों के खिलाफ हैं।

 CBFC चेयरपर्सन प्रसून जोशी को भेजी गई शिकायत में कहा गया है कि टीजर में अत्यधिक अश्लील, सेक्सुअली एक्सप्लिसिट और वल्गर कंटेंट दिखाया गया है, जो खुले तौर पर सोशल मीडिया पर उपलब्ध है। इससे बच्चे और युवा भी ऐसे दृश्य देख रहे हैं, जो समाज और कानून—दोनों के लिहाज से अनुचित हैं।

एक्टिविस्ट का कहना है कि यह टीजर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की सीमा से बाहर जाता है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के विभिन्न फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि अश्लील और सेक्सुअली एक्सप्लिसिट कंटेंट को संवैधानिक संरक्षण नहीं मिलता। साथ ही उन्होंने सिनेमैटोग्राफ एक्ट, 1952, फिल्म सर्टिफिकेशन नियमों और CBFC की गाइडलाइंस का उल्लेख करते हुए कहा कि फिल्मों और उनके प्रमोशनल कंटेंट में शालीनता, नैतिकता और सामाजिक जिम्मेदारी का पालन अनिवार्य है।

टीजर की समीक्षा और सीन हटाने की मांग

शिकायत में CBFC से टीजर की समीक्षा करने, आपत्तिजनक सीन हटाने और उसके प्रसार पर रोक लगाने की मांग की गई है। इसके अलावा फिल्म से जुड़े निर्देशक, निर्माता और अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमों के तहत कार्रवाई की भी अपील की गई है। शिकायत में कहा गया है कि यह मामला सार्वजनिक नैतिकता, बच्चों की सुरक्षा और कानून के पालन से जुड़ा है, इसलिए इस पर तत्काल कार्रवाई जरूरी है।

फिल्म के निर्माताओं की ओर से अब तक इस शिकायत पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

AAP महिला विंग ने भी दर्ज कराई शिकायत

‘टॉक्सिक’ का टीजर 8 जनवरी को जारी किया गया था, जिसमें यश को एक कार के अंदर एक महिला के साथ बोल्ड सीन में दिखाया गया है। इसी सीन को लेकर विवाद और तेज हो गया। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, आम आदमी पार्टी (AAP) की महिला विंग ने इस टीजर के खिलाफ कर्नाटक राज्य महिला आयोग में शिकायत दर्ज कराई है।

AAP महिला विंग का आरोप है कि टीजर में दिखाया गया दृश्य अश्लील है, महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाता है और बच्चों व समाज पर गलत प्रभाव डालता है। उन्होंने टीजर को सोशल मीडिया से हटाने और भविष्य में ऐसे कंटेंट पर सख्त कानून बनाने की मांग की है।

महिला आयोग ने लिया संज्ञान

शिकायत मिलने के बाद कर्नाटक राज्य महिला आयोग ने CBFC को पत्र लिखकर मामले में आवश्यक कार्रवाई करने को कहा है। आयोग का कहना है कि टीजर के कुछ विजुअल्स अश्लील और आपत्तिजनक हैं, जो महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के साथ-साथ सामाजिक भलाई के लिए भी नुकसानदेह हैं।

आयोग ने यह भी कहा कि बिना सेंसर और बिना किसी चेतावनी के ऐसे टीजर को सार्वजनिक करना महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाता है और कन्नड़ संस्कृति का अपमान करता है। CBFC से नियमों के तहत टीजर की समीक्षा कर रिपोर्ट सौंपने का अनुरोध किया गया है।

‘टॉक्सिक’ और ‘धुरंधर 2’ की टक्कर

गौरतलब है कि यश की पिछली फिल्में ‘केजीएफ’ और ‘केजीएफ 2’ जबरदस्त सुपरहिट रही थीं। हालांकि इस बार राह आसान नहीं दिख रही है। ‘टॉक्सिक’ 19 मार्च को रणवीर सिंह की ‘धुरंधर 2’ के साथ रिलीज होने वाली है। ‘धुरंधर’ का पहला पार्ट दुनियाभर में 1250 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई कर चुका है और अब भी सिनेमाघरों में अच्छा प्रदर्शन कर रहा है।

एक ही दिन दोनों फिल्मों की रिलीज से ‘टॉक्सिक’ को कड़ा बॉक्स ऑफिस मुकाबला मिलने की संभावना है। वहीं, यश कन्नड़ सिनेमा के बड़े स्टार हैं, लेकिन उनके गृह राज्य कर्नाटक में ही फिल्म को लेकर विरोध सामने आना मेकर्स के लिए चिंता का विषय बन गया है। लगातार बढ़ते विवादों का असर फिल्म की छवि और कारोबार—दोनों पर पड़ सकता है।


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‘धुरंधर’ के आगे फीकी पड़ी ‘द राजा साब’, बॉक्स ऑफिस पर बदला खेल

रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर’ बॉक्स ऑफिस पर डेढ़ महीने बाद भी थमने का नाम नहीं ले रही है। सिनेमाघरों में रिलीज हुए फिल्म को 39 दिन पूरे हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद इसकी कमाई की रफ्तार लगातार बनी हुई है।

बीच में ‘इक्कीस’ और प्रभास की ‘द राजा साब’ जैसी बड़ी फिल्में रिलीज हुईं, लेकिन कोई भी ‘धुरंधर’ को बॉक्स ऑफिस के शिखर से हिला नहीं सकी। आदित्य धर के निर्देशन में बनी इस फिल्म ने एक महीना पूरा करने के बाद भी दर्शकों की पकड़ नहीं छोड़ी है। अब सवाल है कि फिल्म ने अब तक कितनी कमाई की है और इसका अगला टारगेट कौन-सी फिल्म है।

1300 करोड़ क्लब के बेहद करीब ‘धुरंधर’

पहले दिन दुनियाभर में 32 करोड़ की ओपनिंग करने वाली ‘धुरंधर’ ने विदेशी बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त प्रदर्शन किया है। उम्मीद से कहीं आगे निकल चुकी यह फिल्म लगातार नए रिकॉर्ड अपने नाम कर रही है।

बॉलीवुड हंगामा की रिपोर्ट के मुताबिक, ‘धुरंधर’ अब तक वर्ल्डवाइड 1284.53 करोड़ रुपये की कमाई कर चुकी है। यानी 1300 करोड़ के क्लब में शामिल होने के लिए इसे सिर्फ 16 करोड़ रुपये और चाहिए। फिल्म पहले ही RRR को पीछे छोड़ चुकी है। अगर यह 1300 करोड़ का आंकड़ा पार कर लेती है, तो इसका अगला लक्ष्य अल्लू अर्जुन की ‘पुष्पा 2’ होगी, जिसने ओवरसीज मार्केट में 272.25 करोड़ की कमाई की है।

कौन रोक पाएगा ‘धुरंधर’ का तूफान?

प्रभास की ‘द राजा साब’ से उम्मीद की जा रही थी कि वह ‘धुरंधर’ की रफ्तार पर ब्रेक लगाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। अब निगाहें 23 जनवरी को रिलीज होने वाली ‘बॉर्डर-2’ पर हैं, जिससे घरेलू बॉक्स ऑफिस पर टक्कर की उम्मीद की जा रही है। वहीं, विदेशी बाजार में अगर कोई फिल्म ‘धुरंधर’ को चुनौती दे सकती है, तो वह शाहिद कपूर की ‘ओ रोमियो’ मानी जा रही है, जो 13 फरवरी को रिलीज होगी।

हालांकि, मेकर्स पहले से ही अगली रणनीति पर काम कर चुके हैं। दर्शकों की दीवानगी कम होने से पहले ही ‘धुरंधर-2’ को मैदान में उतारने की तैयारी है। यह फिल्म 19 मार्च को ‘टॉक्सिक’ के साथ सिनेमाघरों में टकराने वाली है।


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थालापति विजय की सियासत बनी ‘जन नायकन’ फिल्म के लिए गले की फांस

साउथ सुपरस्टार थालापति विजय की फिल्म जन नायकन 9 जनवरी को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली थी, लेकिन अब तक इसे केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) से मंजूरी नहीं मिल पाई है। मामला मद्रास हाईकोर्ट में विचाराधीन है और अगली सुनवाई 21 जनवरी को होगी। ऐसे में फिल्म की रिलीज फिलहाल टल गई है। यह सवाल उठ रहा है कि आखिर इस फिल्म में ऐसा क्या है, जिसकी वजह से अब तक रिलीज की अनुमति नहीं दी गई। क्या इसके पीछे थालापति विजय की राजनीतिक सक्रियता है या फिर फिल्म की कहानी से जुड़ी आपत्तियां इस देरी का कारण बनी हैं।

जन नायकन को लेकर विवाद उस वक्त और बढ़ गया जब मद्रास हाईकोर्ट ने आखिरी समय में फिल्म को सर्टिफिकेट देने से इनकार कर दिया और मामले की अगली सुनवाई 21 जनवरी तय की। विजय के समर्थकों का आरोप है कि फिल्म को जानबूझकर रोका जा रहा है और इसके पीछे अभिनेता की राजनीतिक एंट्री एक बड़ी वजह हो सकती है। समर्थकों का कहना है कि यह विजय के फिल्मी करियर की आखिरी फिल्म मानी जा रही है और इसके बाद वह पूरी तरह से राजनीति में सक्रिय होने वाले हैं, ऐसे में उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।

सीबीएफसी ने फिल्म के कई दृश्यों पर आपत्ति जताते हुए 27 कट्स लगाने के निर्देश दिए थे। बोर्ड ने हिंसक दृश्यों और सांप्रदायिक तनाव भड़काने की आशंका का हवाला देते हुए फिल्म को सर्टिफिकेट देने से फिलहाल इनकार कर दिया है। इसके अलावा फिल्म पर करीब 50 मिनट तक राजनीतिक प्रोपेगेंडा दिखाने के आरोप भी लगाए गए हैं। इन्हीं कारणों के चलते फिल्म की रिलीज अटकी हुई है। अब इस पूरे मामले पर 21 जनवरी को मद्रास हाईकोर्ट में सुनवाई होगी। हालांकि इससे पहले फिल्म के निर्माता सुप्रीम कोर्ट का रुख भी कर सकते हैं।

गौरतलब है कि थालापति विजय अपने फिल्मी करियर को अलविदा कहने की तैयारी में हैं और करीब 400 करोड़ रुपये के बजट में बनी जन नायकन को उनकी आखिरी फिल्म बताया जा रहा है। विजय ने वर्ष 2024 में अपनी राजनीतिक पार्टी ‘मिलागा वेत्री कड़गम’ का गठन किया था और अब वह सक्रिय राजनीति में उतरने की तैयारी कर रहे हैं। ऐसे में उनकी आखिरी फिल्म का विवादों में घिरना चर्चा का विषय बना हुआ है। अब सबकी नजर 21 जनवरी की सुनवाई पर टिकी है, जिसके बाद ही तय होगा कि जन नायकन को रिलीज के लिए हरी झंडी मिलती है या नहीं।


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ऑस्कर 2026: भारत के सिनेमा के लिए सुनहरा पल

ऑस्कर फिल्म समारोह का हिस्सा बनना और दुनियाभर की फिल्मों के साथ मुकाबला करना हर फिल्मकार का सपना होता है, लेकिन यह सपना बहुत कम लोगों के लिए सच हो पाता है। इस साल भारत के लिए यह गर्व का क्षण है क्योंकि ऑस्कर 2026 की रेस में देश की 11 फिल्में शामिल हुई हैं। इनमें ऋषभ शेट्टी की ‘कांतारा: ए लेजेंड – चैप्टर 1’ और अनुपम खेर की ‘तन्वी द ग्रेट’ ने बेस्ट पिक्चर कैटेगरी के लिए क्वालिफाई कर लिया है। दोनों फिल्मों ने एकेडमी ऑफ मोशन पिक्चर आर्ट्स एंड साइंसेज (AMPAS) के सख्त नियमों को पूरा करते हुए 98वें एकेडमी अवॉर्ड्स के लिए एलिजिबल 201 फीचर फिल्मों की सूची में जगह बनाई है।

एकेडमी के अनुसार, इन फिल्मों ने बेसिक एलिजिबिलिटी के साथ-साथ सभी अतिरिक्त शर्तें भी पूरी की हैं। एलिजिबिलिटी प्रक्रिया के तहत फिल्मों को थिएट्रिकल रन पूरा करना, गोपनीय RAISE फॉर्म जमा करना और एकेडमी के चार इंक्लूजन स्टैंडर्ड्स में से कम से कम दो को पूरा करना अनिवार्य था। इसके अलावा, फिल्मों को अमेरिका के टॉप 50 बाजारों में से कम से कम 10 में 45 दिनों के भीतर क्वालिफाइंग थिएट्रिकल रिलीज़ भी देनी थी।

इससे पहले नवंबर 2025 में एकेडमी ने डॉक्यूमेंट्री, एनिमेटेड और इंटरनेशनल फीचर फिल्म कैटेगरी की एलिजिबिलिटी लिस्ट जारी की थी, जिससे कुल एलिजिबल फिल्मों की संख्या 317 हो गई थी। 98वें एकेडमी अवॉर्ड्स के लिए फाइनल नॉमिनेशन 22 जनवरी 2026 को घोषित किए जाएंगे। इसके बाद ही तय होगा कि 11 में से कौन-सी भारतीय फिल्में फाइनल राउंड तक पहुंच पाती हैं।ऑस्कर फिल्म समारोह का हिस्सा बनना और दुनियाभर की फिल्मों के साथ मुकाबला करना हर फिल्मकार का सपना होता है, लेकिन यह सपना बहुत कम लोगों के लिए सच हो पाता है। इस साल भारत के लिए यह गर्व का क्षण है क्योंकि ऑस्कर 2026 की रेस में देश की 11 फिल्में शामिल हुई हैं। इनमें ऋषभ शेट्टी की ‘कांतारा: ए लेजेंड – चैप्टर 1’ और अनुपम खेर की ‘तन्वी द ग्रेट’ ने बेस्ट पिक्चर कैटेगरी के लिए क्वालिफाई कर लिया है। दोनों फिल्मों ने एकेडमी ऑफ मोशन पिक्चर आर्ट्स एंड साइंसेज (AMPAS) के सख्त नियमों को पूरा करते हुए 98वें एकेडमी अवॉर्ड्स के लिए एलिजिबल 201 फीचर फिल्मों की सूची में जगह बनाई है।

एकेडमी के अनुसार, इन फिल्मों ने बेसिक एलिजिबिलिटी के साथ-साथ सभी अतिरिक्त शर्तें भी पूरी की हैं। एलिजिबिलिटी प्रक्रिया के तहत फिल्मों को थिएट्रिकल रन पूरा करना, गोपनीय RAISE फॉर्म जमा करना और एकेडमी के चार इंक्लूजन स्टैंडर्ड्स में से कम से कम दो को पूरा करना अनिवार्य था। इसके अलावा, फिल्मों को अमेरिका के टॉप 50 बाजारों में से कम से कम 10 में 45 दिनों के भीतर क्वालिफाइंग थिएट्रिकल रिलीज़ भी देनी थी।

इससे पहले नवंबर 2025 में एकेडमी ने डॉक्यूमेंट्री, एनिमेटेड और इंटरनेशनल फीचर फिल्म कैटेगरी की एलिजिबिलिटी लिस्ट जारी की थी, जिससे कुल एलिजिबल फिल्मों की संख्या 317 हो गई थी। 98वें एकेडमी अवॉर्ड्स के लिए फाइनल नॉमिनेशन 22 जनवरी 2026 को घोषित किए जाएंगे। इसके बाद ही तय होगा कि 11 में से कौन-सी भारतीय फिल्में फाइनल राउंड तक पहुंच पाती हैं।


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सब्र की परीक्षा लेती है ‘दि राजा साब’, कमजोर कहानी के सहारे चलती फिल्म

प्रभास ने अपनी फिल्म ‘दि राजा साब’ के प्रमोशन के दौरान इसके क्लाइमेक्स को बेहद विस्फोटक बताते हुए इसे मशीन गन की तरह लिखा हुआ कहा था। संभव है कि उन्हें पहले ही यह अंदाजा हो गया हो कि हॉरर–कॉमेडी–फैंटेसी के तौर पर प्रचारित यह फिल्म न तो डर पैदा कर पाती है और न ही हंसाने में सफल होती है। भावनात्मक पक्ष पूरी तरह नदारद है और कमजोर कहानी के चलते दर्शक फिल्म से जुड़ नहीं पाते।

कमजोर पटकथा के कारण प्रभास जैसे बड़े स्टार की मौजूदगी भी फिल्म को डूबने से नहीं बचा पाती। लेखक और निर्देशक मारुति ने धोखा, प्रतिशोध, रोमांस, भ्रम और दिमाग से खेलने जैसे तत्वों को मिलाकर एक ऐसा आइडिया गढ़ने की कोशिश की, जो कागजों पर रोमांचक लगता है, लेकिन पर्दे पर उसका असर नहीं दिखता। नतीजतन, यह फिल्म दर्शकों के धैर्य की कड़ी परीक्षा लेती है।

कहानी की बात करें तो इसकी शुरुआत एक वार्ड बॉय (सत्या) से होती है, जो अस्थियों से भरी हांडी लेकर एक सुनसान और रहस्यमयी हवेली में पहुंचता है। इसके बाद कहानी राजू (प्रभास) के जीवन में प्रवेश करती है, जो अल्जाइमर से पीड़ित अपनी दादी गंगा मां (जरीना वहाब) के साथ रहता है। गंगा को सिर्फ अपने पति कनकराजू (संजय दत्त) की याद है और उन्हें पूरा विश्वास है कि वह अभी जीवित हैं। दादी की जिद पर राजू अपने दादा की तलाश में निकलता है।

इस दौरान उसकी मुलाकात नन बेस्सी (निधि अग्रवाल) और भैरवी (मालविका मोहनन) से होती है। भैरवी के जरिए उसे पता चलता है कि उसके दादा नरसापुर के जंगलों में छिपे हैं। राजू अपने दोस्त और पुलिस कांस्‍टेबल अंकल (वीटीवी गणेश) के साथ रहस्यमयी हवेली पहुंचता है, जहां पहले से वार्ड बॉय कैद है। दादा कहां हैं, उन्होंने परिवार को क्यों छोड़ा और क्या राजू उन्हें दादी से मिला पाएगा—कहानी इन्हीं सवालों के जवाब तलाशती है।

मूल रूप से तेलुगु में बनी यह फिल्म हिंदी सहित अन्य भाषाओं में डब होकर रिलीज हुई है। दादी–पोते के रिश्ते से शुरू हुई कहानी बाद में दादा और पोते के बीच टकराव में बदल जाती है। हिप्नोटिज्म, प्रतिशोध और दुष्ट शक्तियों जैसे तत्वों को मिलाने के बावजूद कहानी अपने मूल मकसद तक पहुंचने में काफी वक्त लेती है। इंटरवल से पहले का हिस्सा बेवजह के रोमांस और खिंचे हुए दृश्यों से भरा है, जिससे दर्शक ऊबने लगते हैं।

मध्यांतर के बाद की कहानी लगभग पूरी तरह हवेली के भीतर सिमट जाती है, जहां न डर का एहसास होता है और न रोमांच का। खलनायक को दुष्ट तो बताया गया है, लेकिन उसकी क्रूरता पर्दे पर प्रभावी ढंग से सामने नहीं आती। भैरवी और उसके नाना का मकसद भी अधूरा लगता है। गाने कहानी में जबरन ठूंसे हुए प्रतीत होते हैं।

प्रभास भले ही फिल्म में स्टाइलिश नजर आते हैं, लेकिन उनके किरदार का लेखन बेहद कमजोर है। हिंदी डबिंग में कई जगह लिप-सिंक की समस्या खटकती है। मालविका मोहनन को एक्शन सीन जरूर मिले हैं, लेकिन उनका किरदार भी प्रभाव छोड़ने में नाकाम रहता है। निधि अग्रवाल और रिद्धि कुमार केवल शोपीस बनकर रह जाती हैं। संजय दत्त ने खलनायक के रूप में ठीक-ठाक काम किया है, जबकि जरीना वहाब दादी के किरदार में न्याय करती हैं। बमन ईरानी की संक्षिप्त भूमिका असर नहीं छोड़ पाती।

तकनीकी पक्ष की बात करें तो फिल्म का बैकग्राउंड स्कोर जरूरत से ज्यादा लाउड है। बप्पी लाहिड़ी के मशहूर गीत ‘नाचे-नाचे’ का रीमिक्स सतही लगता है। क्लाइमेक्स के कुछ दृश्य जरूर बेहतर बन पड़े हैं, लेकिन कहानी की बजाय ग्राफिक्स पर जरूरत से ज्यादा फोकस फिल्म को बेस्वाद बना देता है।

कुल मिलाकर, मारुति हॉरर, कॉमेडी, फैंटेसी और इमोशन के बीच संतुलन बनाने में असफल नजर आते हैं। क्लाइमेक्स को छोड़ दिया जाए तो फिल्म में ऐसा बहुत कम है जो देर तक याद रह सके। अंत में पार्ट-2 का संकेत दिया गया है, लेकिन बेहतर होता कि मेकर्स पहले इसी फिल्म को मजबूती से पूरा करते।


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