थालापति विजय की सियासत बनी ‘जन नायकन’ फिल्म के लिए गले की फांस

साउथ सुपरस्टार थालापति विजय की फिल्म जन नायकन 9 जनवरी को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली थी, लेकिन अब तक इसे केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) से मंजूरी नहीं मिल पाई है। मामला मद्रास हाईकोर्ट में विचाराधीन है और अगली सुनवाई 21 जनवरी को होगी। ऐसे में फिल्म की रिलीज फिलहाल टल गई है। यह सवाल उठ रहा है कि आखिर इस फिल्म में ऐसा क्या है, जिसकी वजह से अब तक रिलीज की अनुमति नहीं दी गई। क्या इसके पीछे थालापति विजय की राजनीतिक सक्रियता है या फिर फिल्म की कहानी से जुड़ी आपत्तियां इस देरी का कारण बनी हैं।

जन नायकन को लेकर विवाद उस वक्त और बढ़ गया जब मद्रास हाईकोर्ट ने आखिरी समय में फिल्म को सर्टिफिकेट देने से इनकार कर दिया और मामले की अगली सुनवाई 21 जनवरी तय की। विजय के समर्थकों का आरोप है कि फिल्म को जानबूझकर रोका जा रहा है और इसके पीछे अभिनेता की राजनीतिक एंट्री एक बड़ी वजह हो सकती है। समर्थकों का कहना है कि यह विजय के फिल्मी करियर की आखिरी फिल्म मानी जा रही है और इसके बाद वह पूरी तरह से राजनीति में सक्रिय होने वाले हैं, ऐसे में उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।

सीबीएफसी ने फिल्म के कई दृश्यों पर आपत्ति जताते हुए 27 कट्स लगाने के निर्देश दिए थे। बोर्ड ने हिंसक दृश्यों और सांप्रदायिक तनाव भड़काने की आशंका का हवाला देते हुए फिल्म को सर्टिफिकेट देने से फिलहाल इनकार कर दिया है। इसके अलावा फिल्म पर करीब 50 मिनट तक राजनीतिक प्रोपेगेंडा दिखाने के आरोप भी लगाए गए हैं। इन्हीं कारणों के चलते फिल्म की रिलीज अटकी हुई है। अब इस पूरे मामले पर 21 जनवरी को मद्रास हाईकोर्ट में सुनवाई होगी। हालांकि इससे पहले फिल्म के निर्माता सुप्रीम कोर्ट का रुख भी कर सकते हैं।

गौरतलब है कि थालापति विजय अपने फिल्मी करियर को अलविदा कहने की तैयारी में हैं और करीब 400 करोड़ रुपये के बजट में बनी जन नायकन को उनकी आखिरी फिल्म बताया जा रहा है। विजय ने वर्ष 2024 में अपनी राजनीतिक पार्टी ‘मिलागा वेत्री कड़गम’ का गठन किया था और अब वह सक्रिय राजनीति में उतरने की तैयारी कर रहे हैं। ऐसे में उनकी आखिरी फिल्म का विवादों में घिरना चर्चा का विषय बना हुआ है। अब सबकी नजर 21 जनवरी की सुनवाई पर टिकी है, जिसके बाद ही तय होगा कि जन नायकन को रिलीज के लिए हरी झंडी मिलती है या नहीं।


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ऑस्कर 2026: भारत के सिनेमा के लिए सुनहरा पल

ऑस्कर फिल्म समारोह का हिस्सा बनना और दुनियाभर की फिल्मों के साथ मुकाबला करना हर फिल्मकार का सपना होता है, लेकिन यह सपना बहुत कम लोगों के लिए सच हो पाता है। इस साल भारत के लिए यह गर्व का क्षण है क्योंकि ऑस्कर 2026 की रेस में देश की 11 फिल्में शामिल हुई हैं। इनमें ऋषभ शेट्टी की ‘कांतारा: ए लेजेंड – चैप्टर 1’ और अनुपम खेर की ‘तन्वी द ग्रेट’ ने बेस्ट पिक्चर कैटेगरी के लिए क्वालिफाई कर लिया है। दोनों फिल्मों ने एकेडमी ऑफ मोशन पिक्चर आर्ट्स एंड साइंसेज (AMPAS) के सख्त नियमों को पूरा करते हुए 98वें एकेडमी अवॉर्ड्स के लिए एलिजिबल 201 फीचर फिल्मों की सूची में जगह बनाई है।

एकेडमी के अनुसार, इन फिल्मों ने बेसिक एलिजिबिलिटी के साथ-साथ सभी अतिरिक्त शर्तें भी पूरी की हैं। एलिजिबिलिटी प्रक्रिया के तहत फिल्मों को थिएट्रिकल रन पूरा करना, गोपनीय RAISE फॉर्म जमा करना और एकेडमी के चार इंक्लूजन स्टैंडर्ड्स में से कम से कम दो को पूरा करना अनिवार्य था। इसके अलावा, फिल्मों को अमेरिका के टॉप 50 बाजारों में से कम से कम 10 में 45 दिनों के भीतर क्वालिफाइंग थिएट्रिकल रिलीज़ भी देनी थी।

इससे पहले नवंबर 2025 में एकेडमी ने डॉक्यूमेंट्री, एनिमेटेड और इंटरनेशनल फीचर फिल्म कैटेगरी की एलिजिबिलिटी लिस्ट जारी की थी, जिससे कुल एलिजिबल फिल्मों की संख्या 317 हो गई थी। 98वें एकेडमी अवॉर्ड्स के लिए फाइनल नॉमिनेशन 22 जनवरी 2026 को घोषित किए जाएंगे। इसके बाद ही तय होगा कि 11 में से कौन-सी भारतीय फिल्में फाइनल राउंड तक पहुंच पाती हैं।ऑस्कर फिल्म समारोह का हिस्सा बनना और दुनियाभर की फिल्मों के साथ मुकाबला करना हर फिल्मकार का सपना होता है, लेकिन यह सपना बहुत कम लोगों के लिए सच हो पाता है। इस साल भारत के लिए यह गर्व का क्षण है क्योंकि ऑस्कर 2026 की रेस में देश की 11 फिल्में शामिल हुई हैं। इनमें ऋषभ शेट्टी की ‘कांतारा: ए लेजेंड – चैप्टर 1’ और अनुपम खेर की ‘तन्वी द ग्रेट’ ने बेस्ट पिक्चर कैटेगरी के लिए क्वालिफाई कर लिया है। दोनों फिल्मों ने एकेडमी ऑफ मोशन पिक्चर आर्ट्स एंड साइंसेज (AMPAS) के सख्त नियमों को पूरा करते हुए 98वें एकेडमी अवॉर्ड्स के लिए एलिजिबल 201 फीचर फिल्मों की सूची में जगह बनाई है।

एकेडमी के अनुसार, इन फिल्मों ने बेसिक एलिजिबिलिटी के साथ-साथ सभी अतिरिक्त शर्तें भी पूरी की हैं। एलिजिबिलिटी प्रक्रिया के तहत फिल्मों को थिएट्रिकल रन पूरा करना, गोपनीय RAISE फॉर्म जमा करना और एकेडमी के चार इंक्लूजन स्टैंडर्ड्स में से कम से कम दो को पूरा करना अनिवार्य था। इसके अलावा, फिल्मों को अमेरिका के टॉप 50 बाजारों में से कम से कम 10 में 45 दिनों के भीतर क्वालिफाइंग थिएट्रिकल रिलीज़ भी देनी थी।

इससे पहले नवंबर 2025 में एकेडमी ने डॉक्यूमेंट्री, एनिमेटेड और इंटरनेशनल फीचर फिल्म कैटेगरी की एलिजिबिलिटी लिस्ट जारी की थी, जिससे कुल एलिजिबल फिल्मों की संख्या 317 हो गई थी। 98वें एकेडमी अवॉर्ड्स के लिए फाइनल नॉमिनेशन 22 जनवरी 2026 को घोषित किए जाएंगे। इसके बाद ही तय होगा कि 11 में से कौन-सी भारतीय फिल्में फाइनल राउंड तक पहुंच पाती हैं।


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सब्र की परीक्षा लेती है ‘दि राजा साब’, कमजोर कहानी के सहारे चलती फिल्म

प्रभास ने अपनी फिल्म ‘दि राजा साब’ के प्रमोशन के दौरान इसके क्लाइमेक्स को बेहद विस्फोटक बताते हुए इसे मशीन गन की तरह लिखा हुआ कहा था। संभव है कि उन्हें पहले ही यह अंदाजा हो गया हो कि हॉरर–कॉमेडी–फैंटेसी के तौर पर प्रचारित यह फिल्म न तो डर पैदा कर पाती है और न ही हंसाने में सफल होती है। भावनात्मक पक्ष पूरी तरह नदारद है और कमजोर कहानी के चलते दर्शक फिल्म से जुड़ नहीं पाते।

कमजोर पटकथा के कारण प्रभास जैसे बड़े स्टार की मौजूदगी भी फिल्म को डूबने से नहीं बचा पाती। लेखक और निर्देशक मारुति ने धोखा, प्रतिशोध, रोमांस, भ्रम और दिमाग से खेलने जैसे तत्वों को मिलाकर एक ऐसा आइडिया गढ़ने की कोशिश की, जो कागजों पर रोमांचक लगता है, लेकिन पर्दे पर उसका असर नहीं दिखता। नतीजतन, यह फिल्म दर्शकों के धैर्य की कड़ी परीक्षा लेती है।

कहानी की बात करें तो इसकी शुरुआत एक वार्ड बॉय (सत्या) से होती है, जो अस्थियों से भरी हांडी लेकर एक सुनसान और रहस्यमयी हवेली में पहुंचता है। इसके बाद कहानी राजू (प्रभास) के जीवन में प्रवेश करती है, जो अल्जाइमर से पीड़ित अपनी दादी गंगा मां (जरीना वहाब) के साथ रहता है। गंगा को सिर्फ अपने पति कनकराजू (संजय दत्त) की याद है और उन्हें पूरा विश्वास है कि वह अभी जीवित हैं। दादी की जिद पर राजू अपने दादा की तलाश में निकलता है।

इस दौरान उसकी मुलाकात नन बेस्सी (निधि अग्रवाल) और भैरवी (मालविका मोहनन) से होती है। भैरवी के जरिए उसे पता चलता है कि उसके दादा नरसापुर के जंगलों में छिपे हैं। राजू अपने दोस्त और पुलिस कांस्‍टेबल अंकल (वीटीवी गणेश) के साथ रहस्यमयी हवेली पहुंचता है, जहां पहले से वार्ड बॉय कैद है। दादा कहां हैं, उन्होंने परिवार को क्यों छोड़ा और क्या राजू उन्हें दादी से मिला पाएगा—कहानी इन्हीं सवालों के जवाब तलाशती है।

मूल रूप से तेलुगु में बनी यह फिल्म हिंदी सहित अन्य भाषाओं में डब होकर रिलीज हुई है। दादी–पोते के रिश्ते से शुरू हुई कहानी बाद में दादा और पोते के बीच टकराव में बदल जाती है। हिप्नोटिज्म, प्रतिशोध और दुष्ट शक्तियों जैसे तत्वों को मिलाने के बावजूद कहानी अपने मूल मकसद तक पहुंचने में काफी वक्त लेती है। इंटरवल से पहले का हिस्सा बेवजह के रोमांस और खिंचे हुए दृश्यों से भरा है, जिससे दर्शक ऊबने लगते हैं।

मध्यांतर के बाद की कहानी लगभग पूरी तरह हवेली के भीतर सिमट जाती है, जहां न डर का एहसास होता है और न रोमांच का। खलनायक को दुष्ट तो बताया गया है, लेकिन उसकी क्रूरता पर्दे पर प्रभावी ढंग से सामने नहीं आती। भैरवी और उसके नाना का मकसद भी अधूरा लगता है। गाने कहानी में जबरन ठूंसे हुए प्रतीत होते हैं।

प्रभास भले ही फिल्म में स्टाइलिश नजर आते हैं, लेकिन उनके किरदार का लेखन बेहद कमजोर है। हिंदी डबिंग में कई जगह लिप-सिंक की समस्या खटकती है। मालविका मोहनन को एक्शन सीन जरूर मिले हैं, लेकिन उनका किरदार भी प्रभाव छोड़ने में नाकाम रहता है। निधि अग्रवाल और रिद्धि कुमार केवल शोपीस बनकर रह जाती हैं। संजय दत्त ने खलनायक के रूप में ठीक-ठाक काम किया है, जबकि जरीना वहाब दादी के किरदार में न्याय करती हैं। बमन ईरानी की संक्षिप्त भूमिका असर नहीं छोड़ पाती।

तकनीकी पक्ष की बात करें तो फिल्म का बैकग्राउंड स्कोर जरूरत से ज्यादा लाउड है। बप्पी लाहिड़ी के मशहूर गीत ‘नाचे-नाचे’ का रीमिक्स सतही लगता है। क्लाइमेक्स के कुछ दृश्य जरूर बेहतर बन पड़े हैं, लेकिन कहानी की बजाय ग्राफिक्स पर जरूरत से ज्यादा फोकस फिल्म को बेस्वाद बना देता है।

कुल मिलाकर, मारुति हॉरर, कॉमेडी, फैंटेसी और इमोशन के बीच संतुलन बनाने में असफल नजर आते हैं। क्लाइमेक्स को छोड़ दिया जाए तो फिल्म में ऐसा बहुत कम है जो देर तक याद रह सके। अंत में पार्ट-2 का संकेत दिया गया है, लेकिन बेहतर होता कि मेकर्स पहले इसी फिल्म को मजबूती से पूरा करते।


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मद्रास हाईकोर्ट ने ‘Jana Nayagan’ पर सुनाया बड़ा फैसला

सेंसर सर्टिफिकेट को लेकर चले हाई-स्टेक ड्रामे के बाद मद्रास हाई कोर्ट ने शुक्रवार को सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) को अभिनेता विजय की फिल्म ‘जना नायगन’ के लिए UA सर्टिफिकेट जारी करने का आदेश दिया। यह फिल्म विजय की आखिरी फिल्म बताई जा रही है, जिसके बाद वह पूरी तरह से अपने राजनीतिक करियर पर ध्यान केंद्रित करेंगे।

कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि आवश्यक बदलाव किए जाने के बाद सर्टिफिकेट जारी किया जाए। फिल्म ‘जना नायगन’ की मूल रिलीज डेट 9 जनवरी तय थी। सुनवाई के दौरान मद्रास हाई कोर्ट ने सेंसर बोर्ड की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि इस तरह की शिकायतों पर ध्यान देना एक खतरनाक परंपरा बनती जा रही है। कोर्ट ने टिप्पणी की कि ‘जना नायगन’ के खिलाफ की गई शिकायत सुनियोजित प्रतीत होती है।

मद्रास हाई कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि फिल्म को दोबारा CBFC की रिव्यू पैनल के पास नहीं भेजा जाएगा। कोर्ट ने बुधवार, 7 जनवरी को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था और शुक्रवार को मामले की सुनवाई की गई। सुनवाई के बाद मेकर्स ने फिल्म की रिलीज टालने का फैसला किया।

फिल्म के प्रोडक्शन हाउस KVN प्रोडक्शंस ने कोर्ट का रुख किया था, क्योंकि फिल्म को एक महीने से अधिक समय पहले सबमिट करने के बावजूद CBFC से सर्टिफिकेट नहीं मिला था। 19 दिसंबर को बोर्ड ने कुछ दृश्यों में कट लगाने और कुछ डायलॉग म्यूट करने के सुझाव दिए थे, जिनका पालन किए जाने का दावा मेकर्स ने किया।

बुधवार देर रात मेकर्स ने अपने एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर एक बयान जारी कर फिल्म की रिलीज टाले जाने की जानकारी दी। बयान में कहा गया कि कुछ अपरिहार्य परिस्थितियों के कारण 9 जनवरी को रिलीज होने वाली ‘जना नायगन’ को फिलहाल स्थगित किया गया है। मेकर्स ने दर्शकों से धैर्य बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि नई रिलीज डेट जल्द घोषित की जाएगी।

फिल्म के पोस्टपोन होते ही टिकटों का रिफंड भी शुरू कर दिया गया। यूके डिस्ट्रीब्यूटर अहिंसा एंटरटेनमेंट ने इसकी पुष्टि की। थिएटर मालिकों के अनुसार, ऑनलाइन टिकट बुक करने वाले दर्शकों को ऑटोमैटिक रिफंड मिलेगा, जबकि काउंटर से टिकट खरीदने वाले दर्शक थिएटर जाकर रिफंड ले सकते हैं।

कोर्ट की कार्यवाही के अनुसार, CBFC के सदस्यों ने शुरुआत में फिल्म में दिखाए गए अत्यधिक हिंसक दृश्यों पर आपत्ति जताई थी। इसके अलावा कुछ दृश्यों में डिफेंस एम्बलम के कथित इस्तेमाल को लेकर स्पष्टीकरण और आधिकारिक अनुमति की मांग की गई थी। इन्हीं आपत्तियों के चलते फिल्म के सर्टिफिकेशन में देरी हुई।

प्रोड्यूसर्स द्वारा कोर्ट में जमा किए गए दस्तावेजों के अनुसार, हिंसा से जुड़े कट्स के बाद 22 दिसंबर 2025 को उन्हें सूचित किया गया था कि फिल्म को UA सर्टिफिकेट दिया जाएगा। एच. विनोद के निर्देशन में बनी ‘जना नायगन’ में पूजा हेगड़े, बॉबी देओल, मामिथा बैजू, गौतम वासुदेव मेनन, प्रियामणि और नारायण अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे।


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थलापति विजय की आखिरी फिल्म ‘जना नायकन’ की रिलीज टली, फैंस को करना होगा और इंतजार

थलापति विजय की आखिरी फिल्म ‘जन नायकन’ की रिलीज फिलहाल टाल दी गई है। यह फिल्म इसी महीने की 9 तारीख को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली थी, लेकिन भारत में आई कुछ मुश्किलों के चलते अब इसकी रिलीज डेट आगे बढ़ा दी गई है।

मलेशियाई डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी मलिक स्ट्रीम्स कॉर्पोरेशन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर इस फैसले की जानकारी दी है। पोस्ट में बताया गया है कि फिल्म की रिलीज को “अनएक्सपेक्टेड सरकमस्टेंस” यानी असंभावित परिस्थितियों के कारण टालना पड़ा है।

कंपनी ने अपने बयान में लिखा, “हम इस फिल्म को लेकर दर्शकों की उम्मीदों, उत्साह और भावनाओं को पूरी तरह समझते हैं। यह फैसला हमारे लिए भी आसान नहीं था। नई रिलीज डेट की घोषणा जल्द की जाएगी। तब तक हम आप सभी से धैर्य और लगातार मिल रहे प्यार के लिए अनुरोध करते हैं। आपका अटूट समर्थन पूरी ‘जन नायकन’ टीम के लिए सबसे बड़ी ताकत है।”

सर्टिफिकेट को लेकर फंसा मामला

फिल्म की रिलीज में यह देरी सर्टिफिकेशन को लेकर चल रहे तनावपूर्ण गतिरोध के बीच सामने आई है। बुधवार को मद्रास हाईकोर्ट ने फिल्म की रिलीज से जुड़े मामले में अपना आदेश सुरक्षित रख लिया और केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) को फिल्म की समीक्षा के लिए एक नई समिति गठित करने का निर्देश दिया।

निर्माताओं ने अदालत का रुख तब किया, जब एक महीने पहले फिल्म सबमिट किए जाने के बावजूद उसे सेंसर सर्टिफिकेट नहीं मिल पाया। इससे पहले CBFC ने 19 दिसंबर को फिल्म में कुछ कट लगाने और संवादों को म्यूट करने का सुझाव दिया था।

अब सभी की नजरें कोर्ट के फैसले और CBFC की नई समीक्षा प्रक्रिया पर टिकी हैं, जिसके बाद ही ‘जन नायकन’ की नई रिलीज डेट का ऐलान किया जाएगा।


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यश की टॉक्सिक का धांसू टीजर रिलीज, ‘धुरंधर 2’ को टक्कर तय!

केजीएफ और केजीएफ 2 से बॉक्स ऑफिस पर इतिहास रचने वाले कन्नड़ के रॉकिंग स्टार यश जल्द ही गैंगस्टर ड्रामा फिल्म ‘टॉक्सिक’ में नजर आने वाले हैं। फिल्म से उनका हैट लगाए पहला लुक सामने आते ही फैंस इसकी एक झलक देखने के लिए बेताब हो गए थे।

8 जनवरी को अपने जन्मदिन के खास मौके पर यश ने फैंस को बड़ा तोहफा देते हुए अपनी मोस्ट अवेटेड फिल्म टॉक्सिक का टीजर रिलीज कर दिया है। साल 2026 की सबसे चर्चित फिल्मों में शामिल इस टीजर को देखकर इतना तय है कि 19 मार्च को रिलीज होने वाली धुरंधर-2 के मेकर्स की टेंशन जरूर बढ़ने वाली है। करीब 2 मिनट 51 सेकंड का यह टीजर इतना दमदार है कि शुरू से अंत तक नजरें स्क्रीन से हटाना मुश्किल हो जाता है।

एक डायलॉग ने लूट ली पूरी लाइमलाइट

गीतू मोहनदास के निर्देशन में बनी टॉक्सिक का पहला टीजर केवीएन प्रोडक्शन के यूट्यूब चैनल पर रिलीज किया गया है, जिसे महज 2 घंटे में ही 30 लाख से ज्यादा व्यूज मिल चुके हैं। टीजर की शुरुआत एक माफिया गैंग के क्रिमेशन ग्राउंड से होती है, जहां किसी की मौत पर मातम मनाया जा रहा होता है। तभी अचानक माहौल बदल जाता है और वहां अफरा-तफरी मच जाती है।

इसके बाद सभी की नजरें एक कार पर टिक जाती हैं, लेकिन काफी देर तक उसमें से कोई बाहर नहीं आता। कार के अंदर के कुछ बोल्ड सीन्स के बाद मेकर्स यश के किरदार की एंट्री कराते हैं। बड़े कोट, हाथ में सिगार, भारी-भरकम बंदूक, बढ़ी दाढ़ी और दमदार हेयरस्टाइल में यश का स्वैग देखते ही बनता है। फिल्म में उनके किरदार का नाम ‘राया’ है, जो माफिया की दुनिया का मास्टरमाइंड बताया गया है।

टीजर का सबसे बड़ा हुक पॉइंट यश का डायलॉग है—‘डैडी इज होम’। इस एक लाइन ने ही पूरे टीजर की लाइमलाइट लूट ली है और फैंस को सीटियां और तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया है।

‘धुरंधर-2’ के लिए बढ़ सकती हैं मुश्किलें

अब तक माना जा रहा था कि धुरंधर की जबरदस्त सफलता के बाद उसका अगला पार्ट भी बॉक्स ऑफिस पर धमाका करेगा। लेकिन टॉक्सिक के टीजर को मिल रहा जबरदस्त रिस्पॉन्स देखकर साफ है कि इस स्पाई थ्रिलर के लिए राह आसान नहीं होने वाली।

खास बात यह है कि टॉक्सिक और धुरंधर-2 दोनों ही फिल्में 19 मार्च 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली हैं। टॉक्सिक पहले से ही पांच भाषाओं में रिलीज की जा रही है, जबकि धुरंधर की सफलता को देखते हुए इसके मेकर्स ने भी इसे हिंदी, तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और मलयालम में रिलीज करने का ऐलान किया है।

ऐसे में मार्च 2026 में बॉक्स ऑफिस पर दो बड़ी फिल्मों की सीधी टक्कर देखने को मिलेगी। अब दर्शकों का फैसला ही तय करेगा कि इस मुकाबले में कौन बाजी मारता है।


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देशभक्ति की भावनाओं से सजा ‘बॉर्डर 2’ का गाना ‘घर कब आओगे’ लॉन्च

राजस्थान के जैसलमेर में भारत–पाकिस्तान बॉर्डर के पास स्थित ऐतिहासिक लोंगेवाला–तनोट इलाके में फिल्म ‘बॉर्डर 2’ के गीत ‘घर कब आओगे’ का लॉन्च कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह आयोजन BSF जवानों की मौजूदगी में तनोट माता मंदिर के सामने बने एम्फीथिएटर में हुआ, जहां लाइव परफॉर्मेंस भी दी गई।

इस मौके पर फिल्म की स्टार कास्ट और टीम मौजूद रही। कार्यक्रम में सनी देओल, वरुण धवन, अहान शेट्टी, सिंगर सोनू निगम, को-प्रोड्यूसर भूषण कुमार और निधि दत्ता सहित कई कलाकार शामिल हुए। मंच पर पहुंचते ही अहान शेट्टी ने सनी देओल के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया।

इवेंट के दौरान वरुण धवन ने 1971 के युद्ध का जिक्र करते हुए देशभक्ति का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भारत शांति और अमन में विश्वास रखता है, लेकिन ‘बॉर्डर’ जैसी फिल्मों का बनना जरूरी है, ताकि युवाओं को यह एहसास हो कि देश मजबूत है और जरूरत पड़ने पर जवाब देने में सक्षम है। उन्होंने कहा, “जब हम दूसरे देश को आजादी दिला सकते हैं, तो अपने देश के लिए लड़ने से कभी पीछे नहीं हटेंगे।”

वरुण धवन ने फिल्म का एक दमदार डायलॉग भी सुनाया—

“इस बार हम बॉर्डर में घुसेंगे ही नहीं, हम बॉर्डर ही बदल देंगे।”

डायलॉग सुनते ही दर्शकों ने जोरदार तालियों से स्वागत किया।

वहीं सनी देओल ने बताया कि बचपन में उन्होंने अपने पिता की फिल्म ‘हकीकत’ देखी थी, जिसने उन्हें गहराई से प्रभावित किया। एक्टर बनने के बाद उन्होंने भी देशभक्ति पर आधारित फिल्म करने का सपना देखा और इसी सोच के साथ जे. पी. दत्ता से बात की, जिसके बाद फिल्म ‘बॉर्डर’ बनी।

1997 की फिल्म बॉर्डर का गीत ‘घर कब आओगे’ हिंदी सिनेमा के सबसे लोकप्रिय देशभक्ति गीतों में शामिल है। इसके नए वर्जन में सोनू निगम और रूप कुमार राठौड़ के साथ अरिजीत सिंह, दिलजीत दोसांझ और विशाल मिश्रा की आवाजें भी शामिल हैं। संगीत को मिथुन ने नए सिरे से तैयार किया है, जबकि बोलों में जावेद अख्तर के मूल शब्दों के साथ मनोज मुंतशिर की पंक्तियां जोड़ी गई हैं।

नया वर्जन 10 मिनट 34 सेकेंड लंबा है, जबकि ओरिजिनल गीत की अवधि 13 मिनट 49 सेकेंड थी। हालांकि, आज के दौर के हिसाब से यह अब भी एक लंबा गीत माना जा रहा है। गीत का वीडियो लगभग 3 मिनट 10 सेकेंड का है।

फिल्म की को-प्रोड्यूसर निधि दत्ता ने सोशल मीडिया पर लिखा कि यह गीत मूल रूप से 29 साल पहले उनके पिता जेपी दत्ता, जावेद अख्तर, अनु मलिक, सोनू निगम और रूप कुमार राठौड़ ने रचा था। उन्होंने कहा कि नए वर्जन में गीत की आत्मा को बदला नहीं गया है, बल्कि इसे सैनिकों और उनके परिवारों की भावनाओं से जोड़ते हुए नए तरीके से प्रस्तुत किया गया है।

‘बॉर्डर 2’ का निर्देशन अनुराग सिंह ने किया है। फिल्म में सनी देओल, वरुण धवन, दिलजीत दोसांझ, अहान शेट्टी, मोना सिंह, मेधा राणा, सोनम बाजवा और आन्या सिंह नजर आएंगे। यह फिल्म 23 जनवरी 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।


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रणवीर सिंह की Dhurandhar ने छावा को पछाड़ा, बॉक्स ऑफिस पर बना नया कीर्तिमान

आदित्य धर की 'धुरंधर' बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा रही है। करोड़ों कमाने के साथ-साथ फिल्म ने लोगों के दिलों में भी जगह बनाई है फिल्म के म्यूजिक, स्टोरी, डायलॉग, स्टोरी की चारों तरफ चर्चा है। अब फिल्म ने एक और कामयाबी हासिल की है।

इस प्लेटफॉर्म पर नंबर 1 बनी धुरंधर

इस फिल्म ने दुनिया भर में बॉक्स ऑफिस पर ₹1100 करोड़ से ज्यादा की कमाई की है और अब यह टिकट प्लेटफॉर्म BookMyShow पर सबसे ज्यादा बिकने वाली बॉलीवुड फिल्म बन गई है। धुरंधर ने इस प्लेटफॉर्म पर 1.3 करोड़ टिकट बेचे हैं, जिससे पिछले साल विक्की कौशल की छलावा का बनाया रिकॉर्ड टूट गया है।

धुरंधर ने बनाया ये रिकॉर्ड

Sacnilk के मुताबिक BookMyShow पर धुरंधर की 1.3 करोड़ टिकटों की बिक्री हुई है जो कि विक्की कौशल की Chhaava से ज्यादा है, जिसने पिछले साल इसी प्लेटफॉर्म पर 1.2 करोड़ से कुछ ज्यादा टिकट बेचे थे। शाहरुख खान की जवान 1.2 करोड़ बिक्री के साथ प्लेटफॉर्म पर तीसरे स्थान पर है। Stree 2 जो एक और ब्लॉकबस्टर फिल्म है, BookMyShow पर 1 करोड़ से ज्यादा टिकट बुक करने वाली हिंदी फिल्म है।

जल्द तोड़ेगी 'पुष्पा 2' का रिकॉर्ड

'धुरंधर' अभी भी किसी इंडियन फिल्म के ओवरऑल रिकॉर्ड से कुछ दूरी पर है, जो पुष्पा 2: द रूल के नाम है। अल्लू अर्जुन-स्टारर इस फिल्म ने 2024 में रिलीज होने पर प्लेटफॉर्म पर 2 करोड़ टिकट बेचे थे।

पूरे भारत में बिके 3 करोड़ से ज्यादा टिकट

हाल के सालों में, BookMyShow बड़ी फिल्मों के सभी टिकटों की बिक्री का लगभग एक-तिहाई हिस्सा बन गया है, खासकर उन फिल्मों के लिए जो टियर-1 और टियर-2 शहरों को टारगेट करती हैं। धुरंधर के लिए भी यही सच है। ट्रेड से जुड़े लोगों का कहना है कि धुरंधर ने अब तक पूरे भारत में 3.5 करोड़ से ज्यादा टिकट बेचे हैं और बॉक्स ऑफिस पर ₹886 करोड़ से ज्यादा की कमाई की है। इनमें से, अनुमानित 1.3 करोड़ टिकट BookMyShow पर बिके हैं, जबकि 2 करोड़ से ज्यादा टिकट स्पॉट बुकिंग के जरिए बिके हैं।

धुरंधर के बारे में

आदित्य धर द्वारा निर्देशित धुरंधर में रणवीर सिंह एक भारतीय जासूस की भूमिका में हैं जो पाकिस्तान के लियारी में एक बलूच गैंग में घुसपैठ करता है। यह फिल्म सच्ची घटनाओं पर आधारित है, जिसमें अक्षय खन्ना ने रहमान बलूच का किरदार निभाया है, जो कराची का एक असली गैंगस्टर था जिसे 2009 में गोली मार दी गई थी। 'धुरंधर' में आर माधवन और अर्जुन रामपाल भी अहम भूमिकाओं में हैं। फिल्म का दूसरा पार्ट मार्च 2026 में रिलीज होगा।


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अरे बाप रे! Dhurandhar की आंधी से हिल गया बॉक्स ऑफिस, Pushpa 2 को टक्कर देने उतरे रणवीर सिंह

रणवीर सिंह के करियर की अब तक की सबसे सफल फिल्म बन चुकी धुरंधर (Dhurandhar) ने बॉक्स ऑफिस पर इतिहास रच दिया है। यह फिल्म शाहरुख खान, सलमान खान, आमिर खान और रणबीर कपूर जैसे सुपरस्टार्स की फिल्मों के रिकॉर्ड तोड़ चुकी है और अब किसी पर रहम करने के मूड में नजर नहीं आ रही। रणवीर सिंह की यह पैन-इंडिया फिल्म अब सीधे अल्लू अर्जुन की पुष्पा 2: द रूल को चुनौती देती दिखाई दे रही है।

आदित्य धर के निर्देशन में बनी इस स्पाई थ्रिलर को लेकर पहले से ही जबरदस्त बज बना हुआ था, लेकिन शायद ही किसी को अंदाजा था कि धुरंधर सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों की सूची में शामिल हो जाएगी। फिल्म ने न सिर्फ घरेलू बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया, बल्कि विदेशी बाजारों में भी इसका दबदबा देखने को मिला। खाड़ी देशों में बैन के बावजूद फिल्म ने कमाई के मामले में नया इतिहास रच दिया है।

पुष्पा 2 पर भारी पड़ती दिख रही धुरंधर

रिलीज के 29 दिन बाद भी धुरंधर की कमाई डबल डिजिट में बनी हुई है। बीते गुरुवार तक फिल्म ने दुनियाभर में 1164 करोड़ रुपये का कारोबार कर लिया था, जिससे इसने शाहरुख खान की जवान (1148 करोड़) का रिकॉर्ड तोड़ दिया। शुक्रवार को हुई जबरदस्त कमाई के बाद अब यह फिल्म अल्लू अर्जुन की पुष्पा 2 को पीछे छोड़ने की ओर तेजी से बढ़ रही है।

वर्ल्डवाइड कलेक्शन में मचाई सुनामी

2024 में रिलीज हुई पुष्पा 2 ने दुनियाभर में 1742.1 करोड़ रुपये का कारोबार किया था, जिसे अब तक कोई फिल्म पार नहीं कर पाई है। हालांकि, धुरंधर की रफ्तार को देखते हुए माना जा रहा है कि यह रिकॉर्ड भी ज्यादा दिन सुरक्षित नहीं रहेगा। बॉलीवुड हंगामा के अनुसार, धुरंधर ने 29 दिनों में दुनियाभर में 1191.59 करोड़ रुपये की कमाई कर ली है, जबकि एक दिन का वर्ल्डवाइड कलेक्शन करीब 27 करोड़ रुपये रहा।

क्या है धुरंधर की कहानी?

आदित्य धर द्वारा निर्देशित धुरंधर सच्ची घटनाओं से प्रेरित फिल्म है, जिसकी कहानी ल्यारी क्षेत्र में सक्रिय आतंकी नेटवर्क के इर्द-गिर्द घूमती है। फिल्म में रणवीर सिंह के साथ अक्षय खन्ना, संजय दत्त, आर. माधवन, अर्जुन रामपाल, राकेश बेदी और सारा अर्जुन अहम भूमिकाओं में नजर आते हैं।


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2 घंटे 16 मिनट की सस्पेंस थ्रिलर ने OTT पर मचाया तहलका, हर सीन करेगा रोंगटे खड़े

कुछ फिल्में ऐसी होती हैं, जिनकी कहानी सीधे दर्शकों के दिल को छू जाती है। ऐसी ही एक दमदार फिल्म पिछले साल नवंबर में रिलीज हुई थी, जिसमें ‘कौम या कानून’ की जंग को बेहद संवेदनशील और साहसी तरीके से दिखाया गया है। सुपर्णा वर्मा के निर्देशन में बनी इस फिल्म को समीक्षकों से 3 से ज्यादा स्टार रेटिंग मिली थी और अपने बोल्ड सब्जेक्ट की वजह से इसे खूब सराहना भी मिली।

अब करीब डेढ़ महीने के लंबे इंतजार के बाद यह फिल्म ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज हो चुकी है और आते ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपनी मजबूत पकड़ बना ली है। 2 घंटे 16 मिनट की इस फिल्म की कहानी इतनी प्रभावशाली है कि दर्शक आखिर तक अपनी सीट से हिल नहीं पाएंगे। आखिर कौन-सी है यह फिल्म, क्या है इसकी कहानी और आप इसे किस ओटीटी प्लेटफॉर्म पर देख सकते हैं—आइए जानते हैं पूरी डिटेल।

एक आम महिला की निजी लड़ाई की कहानी

फिल्म की कहानी एक आम महिला की है, जो अपने बच्चों के भरण-पोषण के लिए कानूनी लड़ाई लड़ती है। उसका पति पेशे से वकील है, लेकिन इसके बावजूद वह हार नहीं मानती। फिल्म की शुरुआत कोर्टरूम ड्रामा से पहले 17 साल पुराने फ्लैशबैक से होती है, जहां शाजिया और अब्बास के बीच गहरा प्यार दिखाया गया है। नौ साल तक दोनों का रिश्ता ठीक चलता है, लेकिन कहानी में मोड़ तब आता है, जब पाकिस्तान से लौटते समय अब्बास अपनी नई बेगम को साथ ले आता है, जिसके बाद दोनों का तलाक हो जाता है।

अब्बास न सिर्फ शाजिया को छोड़ देता है, बल्कि अपने तीनों बच्चों की जिम्मेदारी उठाने से भी इनकार कर देता है और उन्हें गुजारा भत्ता देने से मना कर देता है। इसके बाद शाजिया अदालत का दरवाजा खटखटाती है। अब्बास ‘तीन तलाक’ का हवाला देकर उसकी आवाज दबाने की कोशिश करता है, लेकिन शाजिया पीछे नहीं हटती। जल्द ही एक मुस्लिम महिला की यह निजी लड़ाई राष्ट्रीय बहस का मुद्दा बन जाती है।

यह फिल्म पत्रकार जिग्ना वोरा की किताब ‘बानो: भारत की बेटी’ से प्रेरित है। फिल्म में यामी गौतम ने शाजिया बानो और इमरान हाशमी ने अब्बास खान का किरदार निभाया है। इस फिल्म का नाम है ‘हक’।

किस ओटीटी प्लेटफॉर्म पर देख सकते हैं ‘हक’?

फिल्म को लेकर विवाद भी सामने आए थे। साल 2025 में शाह बानो की बेटी सिद्दीका बेगम ने सीबीएफसी और फिल्म के निर्माताओं को कानूनी नोटिस भेजा था। उन्होंने आरोप लगाया था कि 1985 के सुप्रीम कोर्ट केस को फिल्म में दिखाने के लिए उनकी सहमति नहीं ली गई और उनकी मां की कहानी को गलत तरीके से पेश किया गया है।

अगर आप किसी वजह से यामी गौतम और इमरान हाशमी स्टारर यह फिल्म थिएटर्स में नहीं देख पाए थे, तो अब आप इसे ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स (Netflix) पर देख सकते हैं।


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