PM बनने के सवाल पर योगी का जवाब,राजनीति मेरे लिए फुल टाइम जॉब नहीं

" उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर सियासी हलकों में दावा किया जा रहा है कि वह कभी न कभी देश के प्रधानमंत्री बनेंगे. अब इससे जुड़े एक सवाल का सीएम योगी ने बड़ा जवाब दिया है. सीएम ने कहा है कि मैं तो योगी हूं. राजनीति मेरे लिए फुल टाइम जॉब नहीं है. मैं अभी उत्तर प्रदेश राज्य का सीएम हूं.

समाचार एजेंसी पीटीआई को दिए इंटरव्यू में सीएम ने कहा कि 'देखिए, मैं राज्य का मुख्यमंत्री हूं, पार्टी ने मुझे उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए यहां रखा है और राजनीति मेरे लिए पूर्णकालिक काम नहीं है. फिलहाल हम यहां काम कर रहे हैं लेकिन असल में मैं एक योगी हूं. जब तक हम यहां हैं, हम काम कर रहे हैं. इसकी भी एक समय सीमा होगी.'

सड़क पर नमाज पढ़ने की रोक पर भी बोले सीएम

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सड़कों पर नमाज पढ़ने पर रोक लगाने के फैसले को सही बताया और कहा कि लोगों को महाकुंभ के दौरान प्रयागराज आए श्रद्धालुओं से अनुशासन सीखना चाहिए.

सीएम ने कह कि 'सड़कें चलने के लिए हैं और जो ऐसा कह रहे हैं कि सड़क पर नमाज पढना है तो उन्हें हिंदुओं से अनुशासन सीखना चाहिए. प्रयागराज में 66 करोड़ लोग आए. कहीं लूटपाट ,आगजनी ,छेड़छाड़ तोड़फोड़ नहीं हुई. अपहरण नहीं हुआ. यही धार्मिक अनुशासन है. वह श्रद्धा से आए, महास्नान में शामिल हुए और फिर अपने गंतव्य की ओर बढ़ गए. त्योहार और उत्सव या ऐसे कोई भी आयोजन बदतमीजी का माध्यम नहीं बनने चाहिए. अगर सुविधा चाहिए तो उस अनुशासन का पालन करना भी सीखिए.'

बुलडोजर पर भी बोले सीएम

यह पूछे जाने पर कि क्या वह 'बुलडोजर मॉडल' को अपनी उपलब्धियों में से एक मानते हैं, यूपी के सीएम योगी ने कहा- यह कोई उपलब्धि नहीं है. उत्तर प्रदेश की जरूरत थी और उसके संबंध में जो भी जरूरी लगा, वो किया. अगर कहीं कोई अतिक्रमण है, तो हटाने के लिए बुलडोजर का इस्तेमाल होता है.मुझे लगता है कि हमने लोगों को इसका बेहतर तरीके से उपयोग करना सिखाया है।"


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बांग्लादेश में नहीं थम रहा यूनुस सरकार के खिलाफ प्रदर्शन, सड़कों पर उतरीं हजारों महिलाएं

बांग्लादेश में महिलाओं के खिलाफ लगातार हिंसा बढ़ रही है। बांग्लादेश के कई जिलों में बच्चियों के साथ बलात्कार के रोज नए मामले सामने आ रहे हैं। महिलाओं के खिलाफ बढ़ रहे अपराध के विरोध में बांग्लादेश में जबरदस्त विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहा है।

दरअसल, बांग्लादेश में यूनुस सरकार के खिलाफ महिलाएं सड़कों पर हैं। बांग्लादेश में लैंगिक हिंसा के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच, छह और बच्चों के साथ बलात्कार की घटनाएं सामने आई हैं। इस बात की जानकारी स्थानीय मीडिया ने दी है। छह जिलों में बलात्कार के आरोप में सोमवार को कम से कम सात लोगों को गिरफ्तार किया गया।

बच्चों के साथ यौन उत्पीड़न की घटनाएं बढ़ रहीं

प्राप्त जानकारी के अनुसार जिन बच्चों का यौन उत्पीड़न किया गया, वे सभी छह से चौदह वर्ष की आयु के हैं। समाचार एजेंसी पीटीआई ने प्रमुख बांग्लादेशी समाचार पत्र द डेली स्टार की रिपोर्ट के हवाले से बताया कि यौन उत्पीड़न की शिकार एक किशोरी ने स्थानीय मध्यस्थता बैठक के दौरान झूठा आरोप लगाए जाने और बदनाम किए जाने के बाद आत्महत्या कर ली।

बांग्लादेश में बिगड़ रही कानून व्यवस्था

पड़ोसी मुल्क में महिलाओं के खिलाफ बढ़ रही घटनाओं के विरोध में लोग सड़कों पर उतर आए हैं। महिलाओं के खिलाफ हिंसा की बढ़ती घटनाओं के खिलाफ देश के कई जिलों में विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहा है। देश भर में चल रहे प्रदर्शन के बीच फिर से बच्चियों के साथ हुए अपराध की घटनाओं ने बांग्लादेश में कानून और व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति को उजागर किया है।

सड़कों पर क्यों उतरीं हजारों महिलाएं

बांग्लादेश में इस लगातार महिलाओं के खिलाफ हिंसा की घटनाओं में बढ़ोत्तरी हुई है। इसकी वजह से देश के विभिन्न हिस्सों में यूनुस सरकार के विरोध में महिलाएं सड़कों पर प्रदर्शन कर रही हैं। बांग्लादेश में महिलाएं बलात्कार के लिए न्याय, अपराधियों के लिए सख्त सजा और गृह मामलों के सलाहकार जहांगीर आलम चौधरी के इस्तीफे की मांग को लेकर सड़कों पर उतरीं।

हाल के दिनों में मगुरा में आठ वर्षीय एक बच्ची के साथ दरिंदी की गई, जो वर्तमान में अस्पाताल में भर्ती है और जिंदगी और मौत से जूझ रही है। इस घटना के बाद लोगों में गुस्सा बढ़ा और देश भर के तमाम विश्वविद्यालयों के छात्रों और शिक्षकों ने इस घटना के विरोध में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने अपराधियों के लिए कठोर सजा की मांग की।

नहीं थम रहे अपराध

बता दें कि बांग्लादेश में अगस्त 2024 में मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के सत्ता में आने के बाद से पूरे बांग्लादेश में महिलाओं के खिलाफ हिंसा के कई मामले सामने आए हैं। महिलाओं के खिलाफ लगातार बढ़ रहे अपराध के खिलाफ अंतरिम सरकार के प्रति जनता में आक्रोश फैल गया है। छात्रों ने जहांगीर आलम चौधरी के इस्तीफे की मांग की और अंतरिम सरकार को देश भर में कानून और व्यवस्था की स्थिति को खराब करने के लिए जवाबदेह ठहराया।


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यूपी के गाजीपुर में भीषण सड़क हादसा, महाकुंभ से लौट रहे 8 श्रद्धालुओं की मौत

उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में शुक्रवार को बड़ा हादसा हो गया। वाराणसी-गाजीपुर-गोरखपुर फोरलेन पर कुंभ से लौट रही पिकअप का डाला टूट गया, ज‍िससे उसमें बैठे लोग सड़क पर ग‍िर गए। इन लोगों पर पीछे से आ रहा तेज रफ्तार ट्रक चढ़ गया। हादसे में आठ लोगों के मौत की खबर है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस-प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं।

हादसा नंदगंज क्षेत्र के कुसम्ही कलां में हुआ है। यूपी 53 जेटी-0756 मैक्स पर सवार होकर लोग प्रयागराज से स्नान कर लौट रहे थे। वाराणसी-गाजीपुर फोरलेन पर अचानक पिकअप का डाला टूट गया, जिससे उस पर सवार लोग नीचे गिर गए। इस दौरान पीछे से आया ट्रक ने सभी को कुचल द‍िया। हादसे में आठ से अधिक लोगों की मौत की सूचना है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस-प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं।


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मुंबई में डीजल-पेट्रोल गाड़ियों पर बैन की तैयारी

महाराष्ट्र सरकार ने बढ़ते प्रदूषण की वजह से मुंबई महानगर पालिका क्षेत्र में डीजल-पेट्रोल गाड़ियों पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी शुरू कर दी है। राज्य सरकार ने इसके लिए 7 सदस्यों की एक कमेटी बनाई है, जो अगले 3 महीने में अपने सुझाव सौंपेगी।

22 जनवरी को जारी आदेश में रिटायर्ड IAS अधिकारी सुधीर श्रीवास्तव कमेटी को लीड करेंगे। इसमें ट्रांसपोर्ट कमिश्नर, जॉइंट पुलिस कमिश्नर ट्रैफिक, महानगर गैस लिमिटेड के MD, पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर, सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) के अध्यक्ष और जॉइंट ट्रांसपोर्ट कमिश्नर सदस्य होंगे।

आदेश के मुताबिक यह कमेटी स्टडी के लिए अलग-अलग एक्सपर्ट्स को भी पैनल में शामिल कर सकेगी। मुंबई महानगर (MMR) में पड़ोसी ठाणे, रायगढ़ और पालघर जिले के क्षेत्र भी शामिल हैं। यानी डीजल-पेट्रोल गाड़ियों पर प्रतिबंध को लेकर इन इलाकों में भी स्टडी होगी।

कोर्ट का BMC-MPCB को निर्देश

कोर्ट ने बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (MPCB) को निर्देश दिया कि लकड़ी और कोयले का उपयोग करने वाली शहर की बेकरी निर्धारित एक साल की समय सीमा के बजाय 6 महीने में गैस या अन्य हरित ईंधन का इस्तेमाल करना शुरू करें।

कोर्ट ने कहा था कि अब से कोयले या लकड़ी पर चलने वाली बेकरी या इसी तरह के व्यवसाय खोलने के लिए कोई नई मंजूरी नहीं दी जाएगी। नए लाइसेंस इस शर्त का पालन करने के बाद दिए जाएंगे कि वे केवल हरित ईंधन का उपयोग करें।

इसके बाद राज्य सरकार ने मुंबई महानगर क्षेत्र में पेट्रोल-डीजल वाहनों पर प्रतिबंध लगाने, CNG और इलेक्ट्रिक वाहनों को अनुमति देने पर स्टडी करने और रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए एक्सपर्ट्स कमेटी बनाई है। कोर्ट ने BMC और MPCB को निर्माण स्थलों पर प्रदूषण इंडिकेटर्स लगाने का भी निर्देश दिया।


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हिजबुल्लाह ने इजरायल की राजधानी तेल अवीव पर दागे 20 रॉकेट

इजरायल और लेबनान के बीच जारी संघर्ष के बीच हिजबुल्लाह ने दावा किया है कि उन्होंने तेल अवीव पर मिसाइल से हमला किया है. अपने बयान में ईरान समर्थित समूह ने कहा कि उसने इजरायल की राजधानी में स्थित निरीट क्षेत्र पर मिसाइलों से हमला किया है. टेलीग्राम पर एक पोस्ट में लेबनानी समूह ने कहा कि उन्होंने हलिया हमला गाजा में फिलिस्तीनियों के साथ एकजुटता और लेबनानी लोगों की रक्षा के समर्थन में किया है. हिजबुल्लाह का बयान अल जज़ीरा की सनद एजेंसी द्वारा सत्यापित वीडियो के बाद आया है.

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक हवाई हमले के दौरान तेल अवीव में चारो तरफ सायरन बज उठे. फिलहाल हमले में किसी के घायल होने की रिपोर्ट नहीं है. इजरायली मीडिया रिपोर्टों के हवाले से अल जज़ीरा ने बताया कि हिजबुल्लाह द्वारा हवाई हमले किए जाने के बाद बेन गुरियन हवाई अड्डे पर सभी हवाई यातायात रोक दिया गया है और इजरायली सेना ने तेल अवीव क्षेत्र में आपातकाल की स्थिति घोषित कर दी है.

इजरायली सेना ने पुष्टि की है कि हिजबुल्लाह ने कम से कम 20 रॉकेट तेल अवीव की तरफ दागे हैं. आसमन ने उड़ते रॉकेट का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.

सैन्य खुफिया यूनिट पर भी किया हमला

इजरायली मीडिया ने पुलिस के हवाले से बताया कि उत्तरी इजरायली शहर मागन माइकल में इंटरसेप्टर के टुकड़े गिरे, जिससे एक इमारत के साथ-साथ वाहनों को भी नुकसान पहुंचा. हिजबुल्लाह ने कहा कि उसने मिसाइल हमले से तेल अवीव के उपनगरीय इलाके में स्थित सैन्य खुफिया यूनिट 8200 के गिलोट बेस को निशाना बनाया. उन्होंने यह भी कहा कि उसने हाइफ़ा के पास एक नौसैनिक अड्डे को निशाना बनाया.


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नोएडा में 3.5 करोड़ की जमीन पर गरजा बुलडोजर, अथॉरिटी ने कई दुकानों को किया ध्वस्त

सेक्टर-42 स्थित पांच प्रतिशत विकसित भूखंड पर कब्जा कर भूमाफिया अवैध रूप से दुकानों को निर्माण करा रहे थे। इसका वाणिज्यिक उपयोग जल्द होने वाला था।

जानकारी पर बृहस्पतिवार वर्क सर्किल-3 वरिष्ठ प्रबंधक राजकमल के नेतृत्व में प्राधिकरण पुलिस साथ तोड़फोड़ टीम पहुंची, उन्होंने अवैध निर्माण ध्वस्त कर एक हजार वर्ग मीटर जमीन को अपने कब्जे में लिया।

जमीन की कीमत करीब 3.5 करोड़ रुपये आंकी गई है। कार्रवाई के दौरान स्थानीय लोगों की ओर से इसका विरोध किया गया, लेकिन मौके पर मौजूद पुलिस बल व अधिकारियों ने आक्रोशित लोगों केा शांत कराया और समझाकर वापस भेज दिया।

बता दें कि अब तक करीब छह लाख वर्गमीटर जमीन को अवैध कब्जा मुक्त कराया जा चुका है, जिसकी कीमत करीब दो हजार करोड़ रुपये के आसपास है। प्राधिकरण सीईओ डॉ. लोकेश एम ने स्पष्ट कहा कि अवैध निर्माण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

ऐसे में जो लोग भी निवेश कर रहे है वह पहले प्राधिकरण से भूमि संबंधित पूरी जानकारी प्राप्त कर ले। वर्क सर्किल तीन वरिष्ठ प्रबंधक राज कमल ने बताया कि प्राधिकरण का अवैध निर्माण हटाने का अभियान जारी है।

इसी क्रम में यह कार्रवाई हुई है। आवासीय मद की यह जमीन थी, जिस पर कब्जा कर कुछ लोगों की ओर से अवैध तरीके से दुकानों को बनाकर व्यवसायिक इस्तेमाल करने का प्रयास किया जा रहा था।

यह प्राधिकरण की अधिग्रहित व कब्जा प्राप्त जमीन है। बार बार नोटिस देने के बाद भी अवैध निर्माण को ध्वस्त नहीं किया गया। ऐसे में प्राधिकरण ने सुबह अभियान चलाकर यहां अवैध निर्माण को ध्वस्त किया। इस दौरान प्राधिकरण के 50 कर्मचारियों के साथ दो जेसीबी रही। वहीं स्थानीय पुलिस मौजूद रही।


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कोटे में कोटा के विरोध में बिहार में ट्रेन-हाइवे जाम, राजस्‍थान-MP में नहीं खुले स्‍कूल; पंजाब में बंद का विरोध

सुप्रीम कोर्ट के अनुसूचित जाति व जनजाति आरक्षण में क्रीमीलेयर लागू करने की इजाजत देने के फैसले के विरोध में बुधवार को दलित-आदिवासी संगठनों ने 14 घंटे का भारत बंद का आह्वान किया है।

नेशनल कन्फेडरेशन ऑफ दलित एंड आदिवासी ऑर्गेनाइजेशन (NACDAOR) ने कोर्ट के इस फैसले को दलित और आदिवासियों के संवैधानिक अधिकारों के खिलाफ बताया है। साथ ही मांग की है कि इस फैसले को वापस लिया जाना चाहिए।

भारत बंद का सबसे ज्यादा असर बिहार में नजर आ रहा है। वहीं उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्‍यप्रदेश में भी पुलिस-प्रशासन अलर्ट है।  भारत बंद में दलित व आदिवासी संगठनों के अलावा राजनीतिक पार्टियां भी समर्थन कर रही हैं।

इनमें बहुजन समाजवादी पार्टी, समाजवादी पार्टी, भीम आर्मी, आजाद समाज पार्टी (काशीराम),  भारत आदिवासी पार्टी, बिहार में राष्ट्रीय जनता दल, एलजेपी (R) और झारखंड में झामुमो समेत कई पार्टियों शामिल हैं। कांग्रेस ने भी बंद का समर्थन किया है। 

भारत बंद का असर राज्‍यवार

बिहार में सबसे ज्यादा असर

बिहार में भारत बंद के दौरान प्रदर्शनकारियों ने रेल पटरियों पर नारेबाजी की। इससे गाड़ियों की आवाजाही रुक गई। प्रदर्शनकारियों ने  आरा और दरभंगा में ट्रेनें रोकीं। इसके अलावा जहानाबाद, सहरसा और पूर्णिया में हाईवे जाम कर दिया, जिससे आम लोगों को खासा परेशानी हो रही है। नवादा और छपरा समेत कई शहरों में नारेबाजी और प्रदर्शन जारी। 

पटना में प्रदर्शनकारियों द्वारा आगजनी और तोड़फोड़ की। शहर में डाकबंगला चौराहे बेरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने पहले वाटर केनन चलाई, फिर लाठीचार्ज की।

राजस्थान में स्कूल बंद

राजस्थान के सवाई माधोपुर प्रदर्शनकारियों डंडे लहराते हुए नारेबाजी की। राज्‍य में जयपुर समेत 16 जिलों में स्कूल बंद हैं। अनहोनी की आशंका को देखते हुए भरतपुर में एहतियातन इंटरनेट बंद कर दिया गया है। अलवर में रोडवेज की बसों की आवाजाही भी रोक दी गई है। अजमेर और जोधपुर में प्रदर्शन जारी है।

मध्य प्रदेश: दुकानदार और प्रदर्शनकारी भिड़े

मध्य प्रदेश में महाकाल की नगरी उज्जैन में बाजार बंद कराने को लेकर दुकानदारों की प्रदर्शनकारियों से झड़प हुई।इसके अलावा, आज ग्वालियर में एहतियातन स्कूल बंद हैं।

उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था सख्त

उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में भारत बंद को लेकर प्रदर्शनकारियों ने रैली निकाली और नारेबाजी की। इसके अलावा, मुरादाबाद, मेरठ, कासगंज, एटा और बरेली में सुरक्षा व्यवस्था के कड़े प्रबंध किए गए हैं। गाजियाबाद और नोएडा में भारत बंद बेअसर रहा है। आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति ने SC-ST आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ भारत बंद का आह्वान किया है।

पंजाब में बंद का विरोध

पंजाब के फाजिल्का के बाजारों में भारत बंद का जरा भी असर नजर नहीं आया। यहां हर रोज की तरह ही बाजार और स्‍कूल खुले हैं। यातायात भी जारी है। यहां कई शहरों में एक पक्ष में बंद का आह्वान तो दूसरा भारत बंद का विरोध कर रहा है। इसे देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स की तैनाती की गई है।

झारखंड में  बैनर लिए सड़क पर उतरे प्रदर्शनकारी

झारखंड की राजधानी रांची में भारत बंद के समर्थकों ने SC-ST आरक्षण में क्रीमीलेयर लागू करने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ सड़क पर टायर जलाकर विरोध किया। राष्ट्रीय ओबीसी मोर्चा और झामुमो के लोग हाथों में बैनर लिए सड़क पर उतरे और नारेबाजी की। 



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हर घंटे तीन सेमी बढ़ रहीं गंगा-यमुना, प्रशासन ने जारी किया अलर्ट

जिले में बारिश के बाद गंगा-यमुना के जल स्तर में पुन: वृद्धि शुरू हो गई है। पहाड़ों पर हो रही वर्षा के कारण यहां पानी आने का क्रम लगातार जारी है। बारिश के बाद शुक्रवार को तेजी के साथ दोनों नदियों में हलचल तेज दिखी। जल स्तर की गति धीमी है लेकिन इसमें निरंतरता बनी हुई है।

शुक्रवार की सुबह आठ बजे गंगा नदी में फाफामऊ का जल स्तर 78.28 मीटर था जो रात आठ बजे 78.40 पहुंच गया। 12 घंटे में 12 सेंटीमीटर यहां जल स्तर में वृद्धि रिकार्ड की गई। वहीं, छतनाग में 75.97 मीटर से जल स्तर बढ़कर 76.31 हो गया, यहां 12 घंटे में 34 सेमी पानी बढ़ा है।

यमुना नदी में नैनी में जल स्तर सुबह 76.65 मीटर था जो रात आठ बजे 32 सेमी बढ़कर 76.97 मीटर हो गया। जबकि एक दिन पहले गुरुवार से शुक्रवार की सुबह आठ बजे तक के आंकड़ों के अुनसार फाफामऊ में छह सेंटीमीटर, छतनाग में 12 सेंटीमीटर, नैनी में यमुना का जल स्तर 17 सेंटीमीटर ही बढ़ा है।

शुक्रवार को अचानक तेजी आने से फिर से बाढ़ के संकेत मिलने लगे हैं। गंगा-यमुना अभी खतरे के निशान से लगभग आठ मीटर नीचे बह रही हैं, लेकिन बीते 24 घंटे में जिस गति से गंगा-यमुना का जल स्तर बढ़ रहा है और इसी गति से पानी बढ़ता रहा तो अगस्त महीने के अंत तक जल स्तर के खतरे के निशान के आस-पास पहुंचने की संभावना है।

हालांकि जल स्तर जैसे जैसे बढ़ेगा उसका फैलाव कछारी इलाके में होगा, इससे तेज गति मंद पड़ेगी। जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है और सभी को खास कर तटीय इलाके में रहने वाले लोगों को सावधान रहने को कहा है।

प्रयागराज में बड़ी संख्या में तटीय इलाके में बने घरों में किराये के कमरे में छात्र रहते हैं। पानी बढ़ने से छोटा बघाड़ा, सलोरी, गोविंदपुर, शिवकुटी, मेंहदौरी, शंकरढाल, बेली कछार, दारागंज आदि इलाकों में 50 हजार से अधिक छात्र-छात्राओं के माथे पर भी चिंता की लकीरें खिंचने लगी है।

गंगा-यमुना

चेतावनी लेवल - 83.73 मीटर

खतरे का निशान - 84.73 मीटर

सेवटी नदी पर बना रपटा डूबा, आधा दर्जन गांवों का टूट गया संपर्क

कोरांव क्षेत्र में लपरी, सेवटी व अन्य पहाड़ी नदियों में उफान आ गया है। लपरी नदी के किनारे बसे बिसरी व जमुआ गांव में नदी पार करने के लिए बनाया गया रास्ता पूरी तरह से पानी में डूब गया है। सेवटी नदी पर छड़गड़ा गांव में बनाया गया रपटा भी पानी में डूबा हुआ है।

क्षेत्र के कोरांव-कोहड़ार घाट मार्ग से जुड़े बिसरी संपर्क मार्ग पर लपरी नदी में उफान के कारण रपटा के तीन फिट ऊपर पानी बह रहा है। शुक्रवार सुबह से ही गांव के लोगों का संपर्क मुख्य मार्ग से टूट गया है। छड़गड़ा गांव में बना रपटा डूबने से भी कई गांव की आवाजाही प्रभावित है।

तहसीलदार राजेश कुमार पाल ने बताया की जिन गांवों में नदियों में उफान के कारण रपटे डूबे हुए हैं, वहां क्षेत्रीय लेखपालों के माध्यम से लोगों को आवागमन में सतर्कता बरतने का निर्देश दिया जा रहा है।

जिला प्रशासन ने जारी किया अलर्ट

गंगा-यमुना अभी खतरे के निशान से लगभग आठ मीटर नीचे बह रही हैं, लेकिन बीते 24 घंटे में जिस गति से गंगा-यमुना का जल स्तर बढ़ रहा है और इसी गति से पानी बढ़ता रहा तो महीने के अंत तक जल स्तर के खतरे के निशान के पास पहुंचने की संभावना है।

जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है और सभी को खासकर तटीय इलाके में रहने वाले लोगों को सावधान रहने को कहा है। पानी बढ़ने से कछारी क्षेत्र में रहने वाले 50 हजार से अधिक लोगों के माथे पर भी चिंता की लकीरें खिंचने लगी हैं।


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'इजरायल को चुकानी होगी भारी कीमत', ईरान ने हमास चीफ इस्माइल हानिया की हत्या पर दे डाली धमकी

हमास चीफ इस्माइल हानिया की आज एयरस्ट्राइक हमले में मौत हो गई। ईरान की राजधानी तेहरान में उसके आवास पर एयर स्ट्राइक की गई। इस हमले में वो और उसका बॉडीगार्ड मारा गया। हमास चीफ का मारा जाना इजरायल के लिए बड़ी सफलता मानी जा रही है।

ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के पूर्व कमांडर मोहसेन रेजाई ने बुधवार को इजरायल को कड़ी चेतावनी दी है। रेजाई ने कहा कि तेहरान में हमास नेता इस्माइल हानिया की हत्या के लिए इजरायल को "भारी कीमत चुकानी पड़ेगी"। 

हमारे भाई की मौत बेकार नहीं जाएगी- अबू जुहरी

हमास के वरिष्ठ अधिकारी सामी अबू जुहरी ने कहा, हमारे भाई (इस्माइल हानिया) की मौत के बाद भी इजरायल अपने मंसूबे में कामयाब नहीं हो सकेगा। हमास एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक विचारधारा है। एक संस्था है। हमास जीत की ओर निरंतर बढ़ता जाएगा। वहीं, हमास ने धमकी दी है कि उसके चीफ की मौत बेकार नहीं जाएगी। हमास इस हत्या का बदला जरूर लेगा।

हमास ने इजरायल पर लगाए हत्या के आरोप

ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने बुधवार को तेहरान में इस्माइल हानिया की मौत की पुष्टि कर दी है। हमास ने इस हमले के लिए इजरायल को जिम्मेदार ठहराया है।

दरअसल, पिछले साल 7 अक्टूबर को हमास के लड़ाकों ने इजरायल में हमला किया था। इस हमले में 1200 लोगों की मौत हुई थी। जबकि 250 लोगों को बंधक बनाया गया था। इस हमले के बाद से हमास के टॉप लीडर्स इजरायल के निशाने पर हैं।

2019 में हानिया ने छोड़ी थी गाजा पट्टी

हानिया ने 2019 में गाजा पट्टी छोड़ दी थी और कतर में रह रहे थे। गाजा में हमास के शीर्ष नेता येह्या सिनवार हैं, जिसने 7 अक्टूबर के हमले की साजिश रची थी। इससे पहले अप्रैल में हानिया के परिवार पर इजरायल की ओर से हमला किया गया था।

इजरायली एयरस्ट्राइक में हमास के तीन बेटे और चार पोते मारे गए थे। हमास ने इस हमले को आतंकी कार्रवाई बताया था। कुछ समय पहले इस्माइल हानिया ने कहा था कि इजरायल के साथ इस जंग में उसके परिवार के 60 लोगों की मौत हुई है। इजरायल से इस जंग में फिलिस्तीन में अब तक करीब 38 हजार लोग मारे गए हैं।


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यूपी में आईएएस अधिकारियों के तबादले, दीक्षा जैन को मिली कानपुर सीडीओ की कमान

उत्तर प्रदेश में एक बार फिर प्रदेश सरकार ने आईएएस अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं। बुधवार को प्रशासनिक अधिकारियों को तबादलों की लिस्ट जारी की गई। मुख्य विकास अधिकारी कानपुर नगर सुधीर कुमार को नगर आयुक्त कानपुर बनाया गया है।

करीब एक माह से केडीए उपाध्यक्ष मदन सिंह गर्ब्याल अतिरिक्त नगर आयुक्त का काम देख रहे थे। इसी तरह कानपुर विकास प्राधिरकरण (केडीए) में करीब तीन साल से सचिव के पद पर तैनात शत्रोहन वैश्य का तबादला कर दिया गया है। उन्हें मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) फिरोजाबाद बनाकर भेजा गया है। वहीं दीक्षा जैन सीडीओ फिरोजाबाद को कानपुर नगर का सीडीओ बनाया गया है

सिद्धार्थ को मिली एडीएम वित्त कानपुर की कमान

न्यू कानपुर सिटी योजना को धरातल पर उतारने में शत्रोहन वैश्य का काफी योगदान रहा है। उनके कार्यकाल में किसानों से बातकर के रजिस्ट्री शुरु करायी। अब तक 30 हेक्टेयर जमीन की रजिस्ट्री करायी जा चुकी है।

वहीं, एडीएम वित्त एवं राजस्व राजेश कुमार को रामपुर भेजा गया है। सिद्धार्थ को एडीएम वित्त एवं राजस्व कानपुर नगर बनाया गया है।


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