नीतीश कैबिनेट की बैठक में 43 प्रस्तावों पर मुहर, रोजगार-निवेश को बढ़ावा, मुंबई में बनेगा बिहार भवन

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को बिहार मंत्रिपरिषद की अहम बैठक हुई, जिसमें कुल 43 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। वर्ष 2026 में मुख्य सचिवालय स्थित कैबिनेट हॉल में आयोजित यह नई सरकार की पहली बैठक थी, जिसे कई मायनों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बैठक में दोनों उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा सहित सभी कैबिनेट मंत्री उपस्थित रहे।

सूत्रों के अनुसार, यह बैठक खास इसलिए रही क्योंकि इसमें विधानसभा चुनाव 2025 के दौरान एनडीए द्वारा किए गए वादों को अमलीजामा पहनाने की दिशा में ठोस फैसले लिए गए। सरकार ने साफ संकेत दिया है कि नए साल में विकास, रोजगार और निवेश उसकी सर्वोच्च प्राथमिकताएं रहेंगी।

कैबिनेट बैठक में राज्य में नौकरी और रोजगार सृजन को लेकर विशेष कार्ययोजना तैयार करने पर सहमति बनी। विभिन्न सरकारी विभागों में लंबे समय से खाली पड़े पदों को भरने की प्रक्रिया तेज करने का निर्णय लिया गया है। माना जा रहा है कि आने वाले महीनों में बड़े पैमाने पर बहाली से जुड़े प्रस्ताव सामने आ सकते हैं, जिससे युवाओं को सीधा लाभ मिलेगा।

इसके साथ ही निजी क्षेत्र से निवेश आकर्षित करने पर भी विशेष जोर दिया गया है। सरकार का मानना है कि उद्योगों और निजी कंपनियों को प्रोत्साहन देकर बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा किए जा सकते हैं। इसी उद्देश्य से औद्योगिक विकास, आधारभूत संरचना, स्टार्टअप और कौशल विकास से जुड़ी योजनाओं को गति देने के लिए अहम फैसले लिए गए हैं।

कैबिनेट ने कई विकास योजनाओं के क्रियान्वयन, प्रशासनिक सुधारों और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों से जुड़े प्रस्तावों को भी मंजूरी दी। इसके अलावा मुंबई में बिहार भवन के निर्माण के प्रस्ताव पर भी सहमति बनी, जिससे बाहर रहने वाले बिहारवासियों को सुविधा मिल सकेगी।

बैठक के बाद यह स्पष्ट संकेत मिला है कि नीतीश सरकार नए साल में आक्रामक विकास एजेंडे के साथ आगे बढ़ने की तैयारी में है। रोजगार, निवेश और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में लिए गए ये फैसले आने वाले समय में राज्य की दिशा और दशा को प्रभावित कर सकते हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इन निर्णयों का असर न सिर्फ प्रशासनिक स्तर पर, बल्कि आगामी चुनावी समीकरणों पर भी देखने को मिलेगा।


...

ओडिशा के राउरकेला में विमान हादसा, 9 सीटर प्लेन की क्रैश लैंडिंग

शनिवार दोपहर भुवनेश्वर से राउरकेला आ रही इंडिया वन एयर की 9 सीटर सेसना ग्रैंड कारवां EX विमान में उड़ान के दौरान अचानक तकनीकी खराबी आ गई। पायलट ने तुरंत एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को इसकी सूचना दी और सूझबूझ दिखाते हुए दोपहर करीब 1.40 बजे जलदा कंसर क्षेत्र के गड़िया टोली गांव के पास एक खेत में आपात लैंडिंग कराई।

लैंडिंग के दौरान विमान का दाहिना विंग पास के एक पेड़ की डाल से टकरा गया, जिससे वह क्षतिग्रस्त हो गया। इसके बाद विमान जमीन से टकराते हुए करीब 100 मीटर तक घिसटता चला गया। हादसे के तुरंत बाद गड़िया टोली के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और राहत कार्य में जुट गए। ग्रामीणों ने यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने में अहम भूमिका निभाई।

इस हादसे में विमान के पायलट कैप्टन नवीन कडंगा (PIC), फर्स्ट ऑफिसर कैप्टन तरुण श्रीवास्तव सहित यात्री सुशांत कुमार विश्वाल, अनिता साहू, सुनील अग्रवाल और सबिता अग्रवाल घायल हुए हैं। सभी को राउरकेला के अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।

तकनीकी खराबी की सूचना मिलते ही ATC ने जिला प्रशासन को अलर्ट कर दिया। इसके बाद पुलिस, अग्निशमन विभाग और एंबुलेंस की टीमें तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना की गईं। मौके पर पहुंचकर पुलिस अधीक्षक नितेश वाधवानी ने स्थिति का जायजा लिया, जबकि डीआईजी ब्रजेश राय भी घटनास्थल के लिए रवाना हुए।

सूत्रों के अनुसार यह विमान ‘इंडिया वन एयर’ सेवा के तहत भुवनेश्वर से राउरकेला की नियमित उड़ान पर था। दोपहर करीब 1.18 बजे विमान का संपर्क कोलकाता एटीसी के रडार से अस्थायी रूप से टूट गया था, जिसके बाद सभी संबंधित एजेंसियों को सतर्क कर दिया गया।

घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में लोगों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनजर क्षेत्र की घेराबंदी कर दी है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक जांच में तकनीकी खराबी को हादसे का कारण माना जा रहा है।


...

बिग बॉस के बाद पहली बार साथ नजर आए ईशा-अविनाश

बिग बॉस 18 के कंटेस्टेंट्स अविनाश मिश्रा और ईशा सिंह की दोस्ती तो फैंस के बीच काफी चर्चित रही है, लेकिन अब दोनों का साथ में पहला गाना 'काला शा काला' रिलीज हो चुका है। इस गाने में दोनों की जबरदस्त परफॉर्मेंस और शानदार केमिस्ट्री ने दर्शकों का दिल जीत लिया है।

इस गाने को मूडी और आखर ने लिखा है, जबकि रामजी गुलाटी ने अपनी आवाज दी है। वहीं, रामजी गुलाटी, अविनाश और ईशा ने दैनिक भास्कर से खास बातचीत की। पढ़िए इंटरव्यू की प्रमुख बातें…

आपने अपने नए गाने में ईशा और अविनाश को क्यों कास्ट किया और जब उन्हें इसके बारे में पता चला, तो रिएक्शन कैसा था?

जवाब/रामजी- मैं भगवान का शुक्रिया अदा करता हूं कि इस गाने में ईशा और अविनाश हैं। मेरे ख्याल से इनसे बेहतर इस गाने को कोई और नहीं कर सकता था। इनके फैंस इन्हें साथ में काफी पसंद करते हैं और यह उनका पहला प्रोजेक्ट है। इनके साथ काम करके मुझे बहुत अच्छा लगा। मैं खुद इनके साथ काम करने के लिए काफी एक्साइटेड था। खास बात यह है कि मुझे हर शॉट एक ही टेक में मिल गया। इन दोनों से मुझे पूरी तरह से फैमिली जैसा एहसास होता है।

बिग बॉस के बाद आपने पहली बार साथ में काम किया। क्या कोई मुश्किलें आईं या सब कुछ आसान था?

अविनाश- सच कहूं तो, यह इतना आसान नहीं था। हां, पाजी (रामजी) के साथ काम करना आसान था, लेकिन ईशा के साथ थोड़ी मुश्किलें आईं। जब आप किसी को-स्टार के साथ काम करते हैं, तो एक फॉर्मलिटी होती है। लेकिन बिग बॉस के बाद हमारा कनेक्शन इतना गहरा हो गया है कि ईशा मुझे तंग करती रहती हैं, ‘ऐसा करो, वैसा करो!। हम को-एक्टर के तौर पर नहीं बल्कि एक-दूसरे को तंग करते हुए काम करते हैं, जिससे साथ में काम करने में बहुत मजा आता है।

दुबई आपकी लकी डेस्टिनेशन रही है, जहां आपने अधिकतर गाने शूट किए हैं। लेकिन इस बार लोकेशन बदलने की कोई खास वजह?

रामजी- पहले हम इस गाने की शूटिंग आर्मेनिया में करना चाहते थे, लेकिन मौसम की वजह से ऐसा नहीं हो सका। मैं चाहता था कि यह वीडियो बिल्कुल फ्रेश लगे और हम ऐसी लोकेशन पर शूट करें, जहां पहले कभी शूटिंग न हुई हो। इस बारे में मैंने यश जी से भी बात की थी कि मैं काफी समय बाद कोई गाना कर रहा हूं और जोड़ी भी नई है, तो मैं इसे एक नए और हट के तरीके से करना चाहता था। उसी सोच को ध्यान में रखते हुए फिर हमने इस गाने की शूटिंग थाईलैंड में की। इस दौरान हमें कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा, क्योंकि वहां बहुत गर्मी थी। कुछ गाने की शूटिंग बैंकॉक और पटाया में भी हुई।

ईशा और अविनाश में आपको सबसे अच्छी कौन सी क्वालिटी लगी?

रामजी- इन दोनों में सभी क्वालिटी अच्छी और यूनिक हैं। वैसे तो मैं हर किसी के साथ काम करता हूं, लेकिन मेरे लिए सबसे जरूरी है कि इंसान अच्छा हो और ये दोनों बहुत अच्छे हैं।

अविनाश- राम जी भी बहुत अच्छे हैं। उन्होंने हमारा बहुत ख्याल रखा। जब शूट हो रहा था, तो वे समय-समय पर हमारा हाल-चाल पूछते रहते थे और हमें कहीं घूमने जाने के लिए भी प्रेरित करते थे। मैं कहना चाहूंगा कि राम जी खुद इतने अच्छे इंसान हैं कि जो भी उनके साथ काम करेगा, उसे फैमिली जैसा एहसास जरूर होगा।

ईशा- मैंने और राम जी ने पहले कभी साथ में काम नहीं किया था, इसलिए मेरी मम्मी थोड़ी चिंतित थीं। क्योंकि यह पहली बार था जब मैं उनके बिना कहीं जा रही थी। लेकिन बाद में सब कुछ ठीक हो गया और मेरी मम्मी भी काफी खुश हो गई थीं।

ईशा और अविनाश, आपके लिए सेट पर सबसे अच्छी बात कौन सी थी, जो आपके दिल के सबसे ज्यादा रही?

अविनाश- मेरे लिए सबसे खास बात यह रही कि मैं बाहर जाकर भी इंडिया का फूड खाना चाहता था और मैंने ऐसा किया भी। हां, टीम के कुछ मेंबर्स की पसंद अलग थी, लेकिन ईशा और पाजी ने मेरा पूरा साथ दिया। हमने मिलकर इंडियन फूड ही खाया।

ईशा- मेरा थोड़ा अलग नजरिया है। जब भी मैं बाहर जाती हूं, मेरी कोशिश रहती है कि मैं उस शहर का फूड खाऊं, जो उसकी पहचान होती है। हालांकि, मैंने अविनाश से कहा था कि मैं इंडियन फूड नहीं खाऊंगी, लेकिन फिर एक दिन बाद मैंने पूरा इंडियन फूड ही खा लिया। जैसे, मैं खड़ी चावल कभी नहीं खाती, लेकिन उस दिन मैंने खड़ी चावल भी खाए।

रामजी- मेरे लिए तो पूरी जर्नी ही यादगार रही। क्योंकि जब हम शूट शुरू करने वाले थे, तब कई सारी मुश्किलें थीं। लेकिन भगवान का शुक्रिया, सब कुछ बिल्कुल ठीक हो गया और फाइनल आउटकम बेहतरीन रहा।



...

PM बनने के सवाल पर योगी का जवाब,राजनीति मेरे लिए फुल टाइम जॉब नहीं

" उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर सियासी हलकों में दावा किया जा रहा है कि वह कभी न कभी देश के प्रधानमंत्री बनेंगे. अब इससे जुड़े एक सवाल का सीएम योगी ने बड़ा जवाब दिया है. सीएम ने कहा है कि मैं तो योगी हूं. राजनीति मेरे लिए फुल टाइम जॉब नहीं है. मैं अभी उत्तर प्रदेश राज्य का सीएम हूं.

समाचार एजेंसी पीटीआई को दिए इंटरव्यू में सीएम ने कहा कि 'देखिए, मैं राज्य का मुख्यमंत्री हूं, पार्टी ने मुझे उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए यहां रखा है और राजनीति मेरे लिए पूर्णकालिक काम नहीं है. फिलहाल हम यहां काम कर रहे हैं लेकिन असल में मैं एक योगी हूं. जब तक हम यहां हैं, हम काम कर रहे हैं. इसकी भी एक समय सीमा होगी.'

सड़क पर नमाज पढ़ने की रोक पर भी बोले सीएम

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सड़कों पर नमाज पढ़ने पर रोक लगाने के फैसले को सही बताया और कहा कि लोगों को महाकुंभ के दौरान प्रयागराज आए श्रद्धालुओं से अनुशासन सीखना चाहिए.

सीएम ने कह कि 'सड़कें चलने के लिए हैं और जो ऐसा कह रहे हैं कि सड़क पर नमाज पढना है तो उन्हें हिंदुओं से अनुशासन सीखना चाहिए. प्रयागराज में 66 करोड़ लोग आए. कहीं लूटपाट ,आगजनी ,छेड़छाड़ तोड़फोड़ नहीं हुई. अपहरण नहीं हुआ. यही धार्मिक अनुशासन है. वह श्रद्धा से आए, महास्नान में शामिल हुए और फिर अपने गंतव्य की ओर बढ़ गए. त्योहार और उत्सव या ऐसे कोई भी आयोजन बदतमीजी का माध्यम नहीं बनने चाहिए. अगर सुविधा चाहिए तो उस अनुशासन का पालन करना भी सीखिए.'

बुलडोजर पर भी बोले सीएम

यह पूछे जाने पर कि क्या वह 'बुलडोजर मॉडल' को अपनी उपलब्धियों में से एक मानते हैं, यूपी के सीएम योगी ने कहा- यह कोई उपलब्धि नहीं है. उत्तर प्रदेश की जरूरत थी और उसके संबंध में जो भी जरूरी लगा, वो किया. अगर कहीं कोई अतिक्रमण है, तो हटाने के लिए बुलडोजर का इस्तेमाल होता है.मुझे लगता है कि हमने लोगों को इसका बेहतर तरीके से उपयोग करना सिखाया है।"


...

बांग्लादेश में नहीं थम रहा यूनुस सरकार के खिलाफ प्रदर्शन, सड़कों पर उतरीं हजारों महिलाएं

बांग्लादेश में महिलाओं के खिलाफ लगातार हिंसा बढ़ रही है। बांग्लादेश के कई जिलों में बच्चियों के साथ बलात्कार के रोज नए मामले सामने आ रहे हैं। महिलाओं के खिलाफ बढ़ रहे अपराध के विरोध में बांग्लादेश में जबरदस्त विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहा है।

दरअसल, बांग्लादेश में यूनुस सरकार के खिलाफ महिलाएं सड़कों पर हैं। बांग्लादेश में लैंगिक हिंसा के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच, छह और बच्चों के साथ बलात्कार की घटनाएं सामने आई हैं। इस बात की जानकारी स्थानीय मीडिया ने दी है। छह जिलों में बलात्कार के आरोप में सोमवार को कम से कम सात लोगों को गिरफ्तार किया गया।

बच्चों के साथ यौन उत्पीड़न की घटनाएं बढ़ रहीं

प्राप्त जानकारी के अनुसार जिन बच्चों का यौन उत्पीड़न किया गया, वे सभी छह से चौदह वर्ष की आयु के हैं। समाचार एजेंसी पीटीआई ने प्रमुख बांग्लादेशी समाचार पत्र द डेली स्टार की रिपोर्ट के हवाले से बताया कि यौन उत्पीड़न की शिकार एक किशोरी ने स्थानीय मध्यस्थता बैठक के दौरान झूठा आरोप लगाए जाने और बदनाम किए जाने के बाद आत्महत्या कर ली।

बांग्लादेश में बिगड़ रही कानून व्यवस्था

पड़ोसी मुल्क में महिलाओं के खिलाफ बढ़ रही घटनाओं के विरोध में लोग सड़कों पर उतर आए हैं। महिलाओं के खिलाफ हिंसा की बढ़ती घटनाओं के खिलाफ देश के कई जिलों में विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहा है। देश भर में चल रहे प्रदर्शन के बीच फिर से बच्चियों के साथ हुए अपराध की घटनाओं ने बांग्लादेश में कानून और व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति को उजागर किया है।

सड़कों पर क्यों उतरीं हजारों महिलाएं

बांग्लादेश में इस लगातार महिलाओं के खिलाफ हिंसा की घटनाओं में बढ़ोत्तरी हुई है। इसकी वजह से देश के विभिन्न हिस्सों में यूनुस सरकार के विरोध में महिलाएं सड़कों पर प्रदर्शन कर रही हैं। बांग्लादेश में महिलाएं बलात्कार के लिए न्याय, अपराधियों के लिए सख्त सजा और गृह मामलों के सलाहकार जहांगीर आलम चौधरी के इस्तीफे की मांग को लेकर सड़कों पर उतरीं।

हाल के दिनों में मगुरा में आठ वर्षीय एक बच्ची के साथ दरिंदी की गई, जो वर्तमान में अस्पाताल में भर्ती है और जिंदगी और मौत से जूझ रही है। इस घटना के बाद लोगों में गुस्सा बढ़ा और देश भर के तमाम विश्वविद्यालयों के छात्रों और शिक्षकों ने इस घटना के विरोध में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने अपराधियों के लिए कठोर सजा की मांग की।

नहीं थम रहे अपराध

बता दें कि बांग्लादेश में अगस्त 2024 में मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के सत्ता में आने के बाद से पूरे बांग्लादेश में महिलाओं के खिलाफ हिंसा के कई मामले सामने आए हैं। महिलाओं के खिलाफ लगातार बढ़ रहे अपराध के खिलाफ अंतरिम सरकार के प्रति जनता में आक्रोश फैल गया है। छात्रों ने जहांगीर आलम चौधरी के इस्तीफे की मांग की और अंतरिम सरकार को देश भर में कानून और व्यवस्था की स्थिति को खराब करने के लिए जवाबदेह ठहराया।


...

यूपी के गाजीपुर में भीषण सड़क हादसा, महाकुंभ से लौट रहे 8 श्रद्धालुओं की मौत

उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में शुक्रवार को बड़ा हादसा हो गया। वाराणसी-गाजीपुर-गोरखपुर फोरलेन पर कुंभ से लौट रही पिकअप का डाला टूट गया, ज‍िससे उसमें बैठे लोग सड़क पर ग‍िर गए। इन लोगों पर पीछे से आ रहा तेज रफ्तार ट्रक चढ़ गया। हादसे में आठ लोगों के मौत की खबर है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस-प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं।

हादसा नंदगंज क्षेत्र के कुसम्ही कलां में हुआ है। यूपी 53 जेटी-0756 मैक्स पर सवार होकर लोग प्रयागराज से स्नान कर लौट रहे थे। वाराणसी-गाजीपुर फोरलेन पर अचानक पिकअप का डाला टूट गया, जिससे उस पर सवार लोग नीचे गिर गए। इस दौरान पीछे से आया ट्रक ने सभी को कुचल द‍िया। हादसे में आठ से अधिक लोगों की मौत की सूचना है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस-प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं।


...

मुंबई में डीजल-पेट्रोल गाड़ियों पर बैन की तैयारी

महाराष्ट्र सरकार ने बढ़ते प्रदूषण की वजह से मुंबई महानगर पालिका क्षेत्र में डीजल-पेट्रोल गाड़ियों पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी शुरू कर दी है। राज्य सरकार ने इसके लिए 7 सदस्यों की एक कमेटी बनाई है, जो अगले 3 महीने में अपने सुझाव सौंपेगी।

22 जनवरी को जारी आदेश में रिटायर्ड IAS अधिकारी सुधीर श्रीवास्तव कमेटी को लीड करेंगे। इसमें ट्रांसपोर्ट कमिश्नर, जॉइंट पुलिस कमिश्नर ट्रैफिक, महानगर गैस लिमिटेड के MD, पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर, सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) के अध्यक्ष और जॉइंट ट्रांसपोर्ट कमिश्नर सदस्य होंगे।

आदेश के मुताबिक यह कमेटी स्टडी के लिए अलग-अलग एक्सपर्ट्स को भी पैनल में शामिल कर सकेगी। मुंबई महानगर (MMR) में पड़ोसी ठाणे, रायगढ़ और पालघर जिले के क्षेत्र भी शामिल हैं। यानी डीजल-पेट्रोल गाड़ियों पर प्रतिबंध को लेकर इन इलाकों में भी स्टडी होगी।

कोर्ट का BMC-MPCB को निर्देश

कोर्ट ने बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (MPCB) को निर्देश दिया कि लकड़ी और कोयले का उपयोग करने वाली शहर की बेकरी निर्धारित एक साल की समय सीमा के बजाय 6 महीने में गैस या अन्य हरित ईंधन का इस्तेमाल करना शुरू करें।

कोर्ट ने कहा था कि अब से कोयले या लकड़ी पर चलने वाली बेकरी या इसी तरह के व्यवसाय खोलने के लिए कोई नई मंजूरी नहीं दी जाएगी। नए लाइसेंस इस शर्त का पालन करने के बाद दिए जाएंगे कि वे केवल हरित ईंधन का उपयोग करें।

इसके बाद राज्य सरकार ने मुंबई महानगर क्षेत्र में पेट्रोल-डीजल वाहनों पर प्रतिबंध लगाने, CNG और इलेक्ट्रिक वाहनों को अनुमति देने पर स्टडी करने और रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए एक्सपर्ट्स कमेटी बनाई है। कोर्ट ने BMC और MPCB को निर्माण स्थलों पर प्रदूषण इंडिकेटर्स लगाने का भी निर्देश दिया।


...

हिजबुल्लाह ने इजरायल की राजधानी तेल अवीव पर दागे 20 रॉकेट

इजरायल और लेबनान के बीच जारी संघर्ष के बीच हिजबुल्लाह ने दावा किया है कि उन्होंने तेल अवीव पर मिसाइल से हमला किया है. अपने बयान में ईरान समर्थित समूह ने कहा कि उसने इजरायल की राजधानी में स्थित निरीट क्षेत्र पर मिसाइलों से हमला किया है. टेलीग्राम पर एक पोस्ट में लेबनानी समूह ने कहा कि उन्होंने हलिया हमला गाजा में फिलिस्तीनियों के साथ एकजुटता और लेबनानी लोगों की रक्षा के समर्थन में किया है. हिजबुल्लाह का बयान अल जज़ीरा की सनद एजेंसी द्वारा सत्यापित वीडियो के बाद आया है.

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक हवाई हमले के दौरान तेल अवीव में चारो तरफ सायरन बज उठे. फिलहाल हमले में किसी के घायल होने की रिपोर्ट नहीं है. इजरायली मीडिया रिपोर्टों के हवाले से अल जज़ीरा ने बताया कि हिजबुल्लाह द्वारा हवाई हमले किए जाने के बाद बेन गुरियन हवाई अड्डे पर सभी हवाई यातायात रोक दिया गया है और इजरायली सेना ने तेल अवीव क्षेत्र में आपातकाल की स्थिति घोषित कर दी है.

इजरायली सेना ने पुष्टि की है कि हिजबुल्लाह ने कम से कम 20 रॉकेट तेल अवीव की तरफ दागे हैं. आसमन ने उड़ते रॉकेट का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.

सैन्य खुफिया यूनिट पर भी किया हमला

इजरायली मीडिया ने पुलिस के हवाले से बताया कि उत्तरी इजरायली शहर मागन माइकल में इंटरसेप्टर के टुकड़े गिरे, जिससे एक इमारत के साथ-साथ वाहनों को भी नुकसान पहुंचा. हिजबुल्लाह ने कहा कि उसने मिसाइल हमले से तेल अवीव के उपनगरीय इलाके में स्थित सैन्य खुफिया यूनिट 8200 के गिलोट बेस को निशाना बनाया. उन्होंने यह भी कहा कि उसने हाइफ़ा के पास एक नौसैनिक अड्डे को निशाना बनाया.


...

नोएडा में 3.5 करोड़ की जमीन पर गरजा बुलडोजर, अथॉरिटी ने कई दुकानों को किया ध्वस्त

सेक्टर-42 स्थित पांच प्रतिशत विकसित भूखंड पर कब्जा कर भूमाफिया अवैध रूप से दुकानों को निर्माण करा रहे थे। इसका वाणिज्यिक उपयोग जल्द होने वाला था।

जानकारी पर बृहस्पतिवार वर्क सर्किल-3 वरिष्ठ प्रबंधक राजकमल के नेतृत्व में प्राधिकरण पुलिस साथ तोड़फोड़ टीम पहुंची, उन्होंने अवैध निर्माण ध्वस्त कर एक हजार वर्ग मीटर जमीन को अपने कब्जे में लिया।

जमीन की कीमत करीब 3.5 करोड़ रुपये आंकी गई है। कार्रवाई के दौरान स्थानीय लोगों की ओर से इसका विरोध किया गया, लेकिन मौके पर मौजूद पुलिस बल व अधिकारियों ने आक्रोशित लोगों केा शांत कराया और समझाकर वापस भेज दिया।

बता दें कि अब तक करीब छह लाख वर्गमीटर जमीन को अवैध कब्जा मुक्त कराया जा चुका है, जिसकी कीमत करीब दो हजार करोड़ रुपये के आसपास है। प्राधिकरण सीईओ डॉ. लोकेश एम ने स्पष्ट कहा कि अवैध निर्माण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

ऐसे में जो लोग भी निवेश कर रहे है वह पहले प्राधिकरण से भूमि संबंधित पूरी जानकारी प्राप्त कर ले। वर्क सर्किल तीन वरिष्ठ प्रबंधक राज कमल ने बताया कि प्राधिकरण का अवैध निर्माण हटाने का अभियान जारी है।

इसी क्रम में यह कार्रवाई हुई है। आवासीय मद की यह जमीन थी, जिस पर कब्जा कर कुछ लोगों की ओर से अवैध तरीके से दुकानों को बनाकर व्यवसायिक इस्तेमाल करने का प्रयास किया जा रहा था।

यह प्राधिकरण की अधिग्रहित व कब्जा प्राप्त जमीन है। बार बार नोटिस देने के बाद भी अवैध निर्माण को ध्वस्त नहीं किया गया। ऐसे में प्राधिकरण ने सुबह अभियान चलाकर यहां अवैध निर्माण को ध्वस्त किया। इस दौरान प्राधिकरण के 50 कर्मचारियों के साथ दो जेसीबी रही। वहीं स्थानीय पुलिस मौजूद रही।


...

कोटे में कोटा के विरोध में बिहार में ट्रेन-हाइवे जाम, राजस्‍थान-MP में नहीं खुले स्‍कूल; पंजाब में बंद का विरोध

सुप्रीम कोर्ट के अनुसूचित जाति व जनजाति आरक्षण में क्रीमीलेयर लागू करने की इजाजत देने के फैसले के विरोध में बुधवार को दलित-आदिवासी संगठनों ने 14 घंटे का भारत बंद का आह्वान किया है।

नेशनल कन्फेडरेशन ऑफ दलित एंड आदिवासी ऑर्गेनाइजेशन (NACDAOR) ने कोर्ट के इस फैसले को दलित और आदिवासियों के संवैधानिक अधिकारों के खिलाफ बताया है। साथ ही मांग की है कि इस फैसले को वापस लिया जाना चाहिए।

भारत बंद का सबसे ज्यादा असर बिहार में नजर आ रहा है। वहीं उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्‍यप्रदेश में भी पुलिस-प्रशासन अलर्ट है।  भारत बंद में दलित व आदिवासी संगठनों के अलावा राजनीतिक पार्टियां भी समर्थन कर रही हैं।

इनमें बहुजन समाजवादी पार्टी, समाजवादी पार्टी, भीम आर्मी, आजाद समाज पार्टी (काशीराम),  भारत आदिवासी पार्टी, बिहार में राष्ट्रीय जनता दल, एलजेपी (R) और झारखंड में झामुमो समेत कई पार्टियों शामिल हैं। कांग्रेस ने भी बंद का समर्थन किया है। 

भारत बंद का असर राज्‍यवार

बिहार में सबसे ज्यादा असर

बिहार में भारत बंद के दौरान प्रदर्शनकारियों ने रेल पटरियों पर नारेबाजी की। इससे गाड़ियों की आवाजाही रुक गई। प्रदर्शनकारियों ने  आरा और दरभंगा में ट्रेनें रोकीं। इसके अलावा जहानाबाद, सहरसा और पूर्णिया में हाईवे जाम कर दिया, जिससे आम लोगों को खासा परेशानी हो रही है। नवादा और छपरा समेत कई शहरों में नारेबाजी और प्रदर्शन जारी। 

पटना में प्रदर्शनकारियों द्वारा आगजनी और तोड़फोड़ की। शहर में डाकबंगला चौराहे बेरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने पहले वाटर केनन चलाई, फिर लाठीचार्ज की।

राजस्थान में स्कूल बंद

राजस्थान के सवाई माधोपुर प्रदर्शनकारियों डंडे लहराते हुए नारेबाजी की। राज्‍य में जयपुर समेत 16 जिलों में स्कूल बंद हैं। अनहोनी की आशंका को देखते हुए भरतपुर में एहतियातन इंटरनेट बंद कर दिया गया है। अलवर में रोडवेज की बसों की आवाजाही भी रोक दी गई है। अजमेर और जोधपुर में प्रदर्शन जारी है।

मध्य प्रदेश: दुकानदार और प्रदर्शनकारी भिड़े

मध्य प्रदेश में महाकाल की नगरी उज्जैन में बाजार बंद कराने को लेकर दुकानदारों की प्रदर्शनकारियों से झड़प हुई।इसके अलावा, आज ग्वालियर में एहतियातन स्कूल बंद हैं।

उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था सख्त

उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में भारत बंद को लेकर प्रदर्शनकारियों ने रैली निकाली और नारेबाजी की। इसके अलावा, मुरादाबाद, मेरठ, कासगंज, एटा और बरेली में सुरक्षा व्यवस्था के कड़े प्रबंध किए गए हैं। गाजियाबाद और नोएडा में भारत बंद बेअसर रहा है। आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति ने SC-ST आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ भारत बंद का आह्वान किया है।

पंजाब में बंद का विरोध

पंजाब के फाजिल्का के बाजारों में भारत बंद का जरा भी असर नजर नहीं आया। यहां हर रोज की तरह ही बाजार और स्‍कूल खुले हैं। यातायात भी जारी है। यहां कई शहरों में एक पक्ष में बंद का आह्वान तो दूसरा भारत बंद का विरोध कर रहा है। इसे देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स की तैनाती की गई है।

झारखंड में  बैनर लिए सड़क पर उतरे प्रदर्शनकारी

झारखंड की राजधानी रांची में भारत बंद के समर्थकों ने SC-ST आरक्षण में क्रीमीलेयर लागू करने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ सड़क पर टायर जलाकर विरोध किया। राष्ट्रीय ओबीसी मोर्चा और झामुमो के लोग हाथों में बैनर लिए सड़क पर उतरे और नारेबाजी की। 



...