उत्तर भारत में बारिश से बढ़ेगी ठंड, अगले तीन दिन पहाड़ों पर जमकर बर्फबारी

अगले दो से तीन दिन में भारत के मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। आईएमडी के मुताबिक पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली-एनसीआर में हल्की बारिश का अनुमान हैं।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के वैज्ञानिक डॉ. नरेश कुमार ने उत्तर भारत के मौसम को लेकर अहम जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि इस समय उत्तर पाकिस्तान के ऊपर एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ बना हुआ है, जिसके प्रभाव से आने वाले दो से तीन दिनों तक मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा।

डॉ. नरेश कुमार के अनुसार, पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी की संभावना है। खास तौर पर बुधवार को कश्मीर घाटी में कहीं-कहीं भारी बारिश या बर्फबारी भी हो सकती है। इससे पहाड़ी इलाकों में ठंड और बढ़ने के साथ-साथ जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है।

मैदानी इलाकों की बात करें तो पंजाब, हरियाणा और उत्तरी राजस्थान के कई हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है। वहीं, दिल्ली-एनसीआर समेत आसपास के क्षेत्रों में कल बहुत हल्की से हल्की बारिश होने का अनुमान जताया गया है।

मौसम विभाग का कहना है कि इस पश्चिमी विक्षोभ के असर से तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है और ठंड का असर बढ़ सकता है। आने वाले दिनों में मौसम पर नजर रखने और आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है।


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कड़ाके की ठंड: मध्य प्रदेश में 1.7° तापमान, छत्तीसगढ़ में ओस जमने लगी

जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी हो रही है। इसका असर मैदानी राज्यों पर नजर आ रहा है। जम्मू-कश्मीर की सोनमर्ग टनल के पास तेज बर्फबारी हुई।

हिमाचल में के लाहौल स्पीति में 30 दिसंबर की शाम से बर्फबारी जारी है। यहां तापमान -10°C तक जा सकता है। मध्य प्रदेश में शहडोल के कल्याणपुर में तापमान 1.7°C रहा।

छत्तीसगढ़ के मैनपाट में रात का तापमान 2°C पहुंचा। अंबिकापुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में ओस जम गई। 4 संभाग कोल्ड वेव की चपेट में हैं। राजस्थान में कड़ाके की सर्दी के बीच 2 दिन बारिश की भी चेतावनी है।

दिल्ली-NCR में बुधवार की सुबह घनी धुंध के साथ हुई। दिल्ली के कई इलाकों में विजिबिलिटी शून्य रही। IGI एयरपोर्ट पर आज 148 फ्लाइट कैंसिल की गई हैं। 150 फ्लाइट देरी से ऑपरेट हो रही हैं।

एयरपोर्ट ने यात्रियों को एडवाइजरी जारी की। इसमें कहा गया कि CAT III लागू किया गया है। फ्लाइट्स में देरी हो सकती है। फ्लाइट कैंसिल भी हो सकती हैं।

सर्दी और खराब मौसम का असर

श्रीनगर एयरपोर्ट पर बुधवार को 6 फ्लाइट रद्द की गईं। इनमें इंडिगो की 1, एअर इंडिया की 3 और एअर इंडिया एक्सप्रेस की 1 फ्लाइट शामिल है। स्पाइसजेट की 1 फ्लाइट ऑपरेशनल कारणों से कैंसिल की गई है।

असम के कामरूप मेट्रोपॉलिटन जिले में सर्दी और खराब मौसम के कारण सभी सरकारी और प्रोविंसिलाइज्ड स्कूलों की छुट्टी 6 जनवरी तक के लिए की गई है। प्राइवेट स्कूलों को खुद से फैसला लेने का कहा गया है।

1 जनवरी: बारिश-बर्फबारी के आसार

पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार, मध्य प्रदेश, झारखंड और छत्तीसगढ़ में कोहरे का अलर्ट।

जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय रहने के संकेत।

पहाड़ी राज्यों के निचले इलाकों में हल्की बारिश, जबकि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हो सकती है।

बारिश, बर्फबारी और ठंडी हवाओं के कारण कई इलाकों में सर्दी और शीतलहर का असर बढ़ सकता है।

2 जनवरी: पहाड़ी राज्यों में भारी बर्फबारी

पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार, मध्य प्रदेश, झारखंड, छत्तीसगढ़ में घने कोहरे का अलर्ट।

जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के निचले इलाकों में बारिश हो सकती है।

पहाड़ी राज्यों के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भारी बर्फबारी के आसार, जिससे सर्दी और बढ़ेगी।


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शीतलहर का कहर: 8वीं तक के छात्रों को बड़ी राहत, स्कूल बंद करने के निर्देश

कड़ाके की ठंड और घने कोहरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने छात्र-छात्राओं के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए बड़ा फैसला लिया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. विनीता ने कक्षा 8 तक के विद्यार्थियों के लिए दो दिनों का अवकाश घोषित किया है। यह अवकाश 29 दिसंबर से 30 दिसंबर तक प्रभावी रहेगा।

जारी आदेश के अनुसार यह निर्णय जिले के सभी परिषदीय विद्यालयों के साथ-साथ सभी बोर्डों से मान्यता प्राप्त और अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों पर भी लागू होगा। लगातार गिरते तापमान, शीतलहर और घने कोहरे के कारण सुबह के समय बच्चों को स्कूल आने-जाने में होने वाली परेशानियों और स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।

8वीं तक के छात्रों की छुट्टी, शिक्षक आएंगे स्कूल

हालांकि विद्यार्थियों के लिए स्कूल बंद रहेंगे, लेकिन सभी शिक्षक एवं शिक्षिकाओं को प्रशासनिक और विभागीय कार्यों के लिए विद्यालय में उपस्थित रहना अनिवार्य होगा। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि शिक्षक सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक स्कूल में रहकर यू-डायस, अपार आईडी और अन्य आवश्यक शैक्षिक एवं प्रशासनिक कार्य पूरे करेंगे।

सभी विद्यालयों को आदेश का सख्ती से पालन करने के निर्देश

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों, प्रधानाध्यापकों और विद्यालय प्रबंधकों को आदेश का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन के इस फैसले का अभिभावकों ने स्वागत किया है। उनका कहना है कि भीषण ठंड में छोटे बच्चों का स्कूल जाना स्वास्थ्य के लिए जोखिम भरा हो सकता है। वहीं शिक्षा विभाग ने संकेत दिए हैं कि मौसम की स्थिति को देखते हुए आगे भी आवश्यक निर्णय लिए जा सकते हैं।




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ठंड का कहर: कश्मीर में पारा 0°, राजस्थान के सीकर में 2.1°

उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड का प्रकोप लगातार जारी है। रविवार को राजस्थान के सीकर जिले के फतेहपुर में न्यूनतम तापमान 2.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा करौली में 2.4 डिग्री, सीकर में 3.5 डिग्री, पाली में 3.6 डिग्री और दौसा में 3.9 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।

पंजाब और हरियाणा में भी शीतलहर का असर तेज बना हुआ है। हरियाणा के हिसार में न्यूनतम तापमान 2.5 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं पंजाब के फरीदकोट में 3.4 डिग्री, पटियाला में 4.6 डिग्री और अमृतसर तथा लुधियाना में 4.4 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में इस समय जेट स्ट्रीम का प्रभाव बना हुआ है। जेट स्ट्रीम जमीन से लगभग 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर बहने वाली तेज हवाएं होती हैं, जिनकी रफ्तार इस बार 262 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच गई है।

मौसम विभाग का कहना है कि जम्मू-कश्मीर, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, राजस्थान और मध्य प्रदेश में अगले पांच दिनों तक तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है।

इस बीच देश के 23 राज्यों में घने कोहरे का अलर्ट जारी किया गया है। कोहरे का असर रेल और हवाई यातायात पर साफ नजर आ रहा है। रविवार को 13 उड़ानों को रद्द करना पड़ा, जबकि कई अन्य फ्लाइट्स देरी से संचालित हुईं।

नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने 10 दिसंबर से 10 फरवरी तक की अवधि को ‘फॉग विंडो’ घोषित किया है। इस दौरान कम दृश्यता के कारण उड़ानों के संचालन पर असर पड़ सकता है।

मौसम विज्ञानियों के अनुसार, जेट स्ट्रीम ठंडी और गर्म हवा की नदी की तरह आसमान में बहती हैं। ये आमतौर पर उत्तर के ध्रुवीय क्षेत्रों की ठंडी हवा और दक्षिण के गर्म इलाकों की हवा के बीच चलती हैं। जब जेट स्ट्रीम झुक जाती है या नीचे की ओर खिसकती है, तो यह उत्तर की बेहद ठंडी हवा को भारत तक खींच लाती है, जिससे अचानक ठंड बढ़ जाती है।

अगर जेट स्ट्रीम की रफ्तार कम हो जाती है या यह किसी एक स्थान पर ठहर जाती है, तो ठंडी हवा वहीं फंस जाती है। इससे कई दिनों तक कड़ाके की ठंड और शीतलहर का असर बना रहता है।

आगे कैसा रहेगा मौसम

29 दिसंबर:

पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में घना कोहरा छाने की संभावना है। वहीं जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में तेज सर्दी और कोल्ड वेव का असर रहेगा। ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी के आसार हैं।

30 दिसंबर:

मैदानी इलाकों में कोहरे की तीव्रता में हल्की कमी आ सकती है, लेकिन ठंड बरकरार रहेगी। सुबह के समय कई राज्यों में घना कोहरा देखने को मिल सकता है। पहाड़ी राज्यों में मौसम ज्यादातर शुष्क रहेगा, हालांकि ऊंचे इलाकों में कड़ाके की ठंड बनी रहेगी।

31 दिसंबर:

मौसम में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। मैदानी राज्यों में हल्का कोहरा छा सकता है, जबकि जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना है। इससे कई इलाकों में हल्की बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हो सकती है, जिससे ठंड और बढ़ने के आसार हैं।


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दिल्ली से बिहार और कश्मीर से पंजाब तक ठंड का कहर जारी, घने कोहरे ने रोकी रफ्तार

पूरा उत्तर भारत इस समय घने कोहरे की चपेट में है। शीतलहर के कारण लोग घरों में कैद रहने को मजबूर हैं। दिल्ली से बिहार तक कड़ाके की ठंड पड़ रही है। उत्तर प्रदेश के अधिकांश जिलों में घना कोहरा छाया हुआ है, जिससे दृश्यता काफी कम हो गई है।

इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बताया है कि अगले दो दिनों तक ऐसी ही स्थिति बनी रह सकती है। विभाग ने उत्तर भारत के अधिकांश राज्यों में शीतलहर और कोहरे को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान में 30 दिसंबर तक शीतलहर का अलर्ट रहेगा। हालांकि, 1 जनवरी के बाद कोहरे से कुछ राहत मिलने की संभावना जताई गई है।

रविवार को कैसा रहा मौसम

रविवार को दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और पंजाब में घना कोहरा देखने को मिला, जिससे रेल, सड़क और हवाई यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। दिल्ली में हवा की गुणवत्ता भी काफी खराब दर्ज की गई।

मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले कुछ दिनों तक पंजाब और हरियाणा के अधिकांश इलाकों में ऐसा ही मौसम बना रहेगा। शनिवार को पंजाब के बल्लोवाल सौंखरी में न्यूनतम तापमान 4.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि चंडीगढ़ में यह 6.9 डिग्री सेल्सियस रहा।

राजस्थान के मौसम का हाल

रविवार को राजस्थान में भी कड़ाके की ठंड महसूस की गई। विभाग का कहना है कि अगले तीन दिनों तक अलवर, झुंझुनू, सीकर, चुरु और डीडवाना-कुचामन जिलों में शीतलहर चलने की संभावना है।

उत्तर प्रदेश के मौसम की स्थिति

पूर्वी उत्तर प्रदेश इस समय भीषण ठंड की चपेट में है। शनिवार को राज्य के कई हिस्सों में शीतलहर का असर देखा गया और दिन का तापमान सामान्य से नीचे रहा। IMD ने चेतावनी दी है कि पश्चिमी यूपी के कुछ जिलों में सोमवार और मंगलवार को घना कोहरा छा सकता है, जबकि पूर्वी यूपी में भी आने वाले दिनों में घना कोहरा और शीतलहर बनी रह सकती है।

राज्य के कई जिलों में दिन का तापमान सामान्य से कम दर्ज किया गया। गोरखपुर में अधिकतम तापमान 13.2 डिग्री सेल्सियस और प्रयागराज में 15.8 डिग्री सेल्सियस रहा।

पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी से सैलानी खुश

कश्मीर में चिल्लेकलां के दौरान कड़ाके की ठंड जारी है और सोनमर्ग सबसे ठंडा स्थान रहा। श्रीनगर सहित अधिकांश क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान जमाव बिंदु से नीचे दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार, 29 दिसंबर से पश्चिमी विक्षोभ के कारण 2 जनवरी तक ताजा बर्फबारी और बारिश की संभावना है। विशेष रूप से 31 दिसंबर और 1 जनवरी को निचले इलाकों में भी बर्फबारी हो सकती है।

कोहरे ने थामी रफ्तार

लगातार कोहरे और शीतलहर के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। सड़क, रेल और हवाई यातायात पर इसका खासा असर पड़ा है। दिल्ली एयरपोर्ट पर रविवार को 10 से अधिक उड़ानें देरी से संचालित हुईं, जबकि कई उड़ानों को रद्द करना पड़ा। कोहरे के कारण रेल सेवाएं भी प्रभावित हुईं और कई ट्रेनें 10 घंटे से अधिक की देरी से चलीं। सड़कों पर वाहन बेहद धीमी गति से चलते नजर आए।


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यूपी के 30 से अधिक जिलों में घना कोहरा, 3 शहरों में भीषण ठंड का अलर्ट जारी

प्रदेश में ठंड का प्रकोप और बढ़ने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटों में प्रयागराज, श्रावस्ती, सीतापुर, कानपुर नगर, बाराबंकी और बहराइच में अत्यंत ठंड पड़ने की संभावना है। इसके साथ ही यूपी के 30 से अधिक जिलों में घने से अत्यधिक घने कोहरे का असर बना रहेगा।

वरिष्ठ मौसम विज्ञानी डॉ. अतुल कुमार सिंह के मुताबिक कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, मीरजापुर, संत रविदास नगर, जौनपुर, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, बस्ती, कुशीननगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, कानपुर देहात, कानपुर नगर, बाराबंकी, रायबरेली, अमेठी, अयोध्या, सहारनपुर, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, बिजनौर, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर और आसपास के इलाकों में शुक्रवार को अत्यधिक कोहरा छाने की संभावना है।

इन जिलों में दृश्यता घटकर 50 मीटर या उसके आसपास रह सकती है। इसके अलावा सोनभद्र, चंदौली, वाराणसी, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, फर्रुखाबाद, कन्नौज, सुलतानपुर, अंबेडकर नगर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, गौतम बुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, कासगंज, एटा, अमरोहा, संभल, बदायूं समेत कई अन्य जिलों में भी घना कोहरा पड़ने की संभावना है, जिससे दृश्यता में भारी कमी आएगी।

कोहरे का असर खासतौर पर सुबह और रात के समय ज्यादा देखने को मिलेगा। गुरुवार को मेरठ और सहारनपुर में अत्यधिक कोहरे के कारण दृश्यता 50 मीटर से भी कम दर्ज की गई थी। मेरठ में जहां दृश्यता 30 मीटर तक रही, वहीं शाहजहांपुर में यह 40 मीटर तक आंकी गई।

मौसम विभाग का कहना है कि अगले दो दिनों तक पूर्वी से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के तापमान में हल्की बढ़ोतरी हो सकती है, लेकिन कोहरे से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। लखनऊ और आसपास के जिलों में भी कहीं-कहीं घना कोहरा छाया रहेगा।

मध्य और पूर्वी यूपी में पश्चिमी विक्षोभ का असर खत्म होने के बाद पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी का प्रभाव मैदानी इलाकों में दिखाई देगा। उत्तरी-पछुआ हवाएं चलने से गलन बढ़ेगी और खासतौर पर रात के समय ठंड और ज्यादा महसूस होगी।

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दिल्ली से बिहार तक शीतलहर का कहर, यूपी में ठंड से दो की मौत

पूरा उत्तर भारत इस समय कड़ाके की ठंड की चपेट में है। पहाड़ी इलाकों से लेकर मैदानी क्षेत्रों तक तापमान लगातार गिरता जा रहा है। पहाड़ों पर हो रही लगातार बर्फबारी का असर मैदानी इलाकों में भी साफ नजर आ रहा है, जिससे ठिठुरन बढ़ गई है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान सहित कई राज्यों में सोमवार को घना कोहरा छाया रहा, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ।

उत्तर प्रदेश में भी शीतलहर और भीषण ठंड का प्रकोप जारी है। ठंड की वजह से बांदा जिले में एक किसान और एक युवक की मौत की खबर सामने आई है। वहीं, घने कोहरे के चलते सड़क, रेल और हवाई यातायात पर भी असर पड़ा है। सोमवार को कानपुर, बाराबंकी, अयोध्या, लखनऊ समेत प्रदेश के 40 से अधिक जिलों में कोहरा छाया रहा।

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी सोमवार सुबह कड़ाके की ठंड ने लोगों को कंपकंपा दिया। गलन वाली सर्दी के कारण कई इलाकों में लोग अलाव तापते नजर आए। हालांकि घना कोहरा नहीं दिखा, लेकिन ठंडी हवाओं की वजह से तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार 25 दिसंबर तक ठंड में और इजाफा हो सकता है।

उत्तर प्रदेश में मौसम की मार को देखते हुए कई जिलों में जिला प्रशासन ने स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी है। लोगों से बेवजह घर से बाहर न निकलने की अपील की गई है। घने कोहरे के कारण हाईवे पर वाहनों की रफ्तार सीमित कर दी गई है।

उधर, पहाड़ी राज्यों में भारी बर्फबारी का सिलसिला जारी है। बर्फ से ढकी वादियों ने सैलानियों को आकर्षित किया है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में भी बर्फबारी जारी रहने की संभावना है। कश्मीर में रविवार को बारिश और बर्फबारी के साथ 40 दिन की भीषण ठंड ‘चिल्लै कलां’ की शुरुआत हो गई। घाटी के मैदानी इलाकों में हल्की जबकि गुलमर्ग और सोनमर्ग जैसे ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी दर्ज की गई। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भी बर्फबारी जारी रहने का अनुमान है।

घने कोहरे और बढ़ती ठंड का सीधा असर यातायात पर पड़ा है। सड़क, रेल और हवाई सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। देशभर के कई एयरपोर्ट से सैकड़ों उड़ानें रद करनी पड़ी हैं, जबकि 100 से अधिक ट्रेनें देरी से चल रही हैं। कम दृश्यता के कारण सड़कों पर वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।


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AQI पर सरकार का बयान, फेफड़ों की बीमारी से सीधा संबंध नहीं

केंद्र सरकार ने कहा है कि एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) के ऊंचे स्तर और फेफड़ों की बीमारियों के बीच सीधा संबंध साबित करने वाले ठोस वैज्ञानिक प्रमाण फिलहाल उपलब्ध नहीं हैं। हालांकि, यह जरूर माना गया है कि वायु प्रदूषण श्वसन संबंधी रोगों को बढ़ाने वाले प्रमुख कारणों में से एक है। यह जानकारी पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने राज्यसभा में एक लिखित जवाब के जरिए दी। भाजपा सांसद लक्ष्मीकांत बाजपेयी ने सवाल उठाया था कि क्या दिल्ली-एनसीआर में लंबे समय तक खतरनाक AQI रहने से लोगों की फेफड़ों की क्षमता प्रभावित हो रही है।

सरकार के इस बयान के बीच मेडिकल जर्नल ऑफ एडवांस्ड रिसर्च इंडिया में प्रकाशित एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि खराब हवा के कारण फेफड़ों की कार्यक्षमता कम हो रही है। इस अध्ययन में दिल्ली-एनसीआर और राजस्थान के कुछ इलाकों में 15 से 29 वर्ष के युवाओं को शामिल किया गया था।

दिल्ली में सांस की बीमारियों के बढ़ते मामले

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने 3 दिसंबर को राज्यसभा में बताया कि 2022 से 2024 के बीच दिल्ली के छह बड़े सरकारी अस्पतालों में सांस से जुड़ी समस्याओं के 2,04,758 मामले दर्ज किए गए। इनमें से करीब 35 हजार मरीजों को अस्पताल में भर्ती करना पड़ा। मंत्रालय के अनुसार, इन मामलों की एक बड़ी वजह वायु प्रदूषण रहा है।

प्रदूषण नियंत्रण के लिए सख्त अभियान

दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि 18 दिसंबर की शाम शुरू हुए विशेष अभियान के तहत 24 घंटे में 11,700 से अधिक चालान काटे गए। दिल्ली पॉल्यूशन कंट्रोल कमेटी (DPCC) सहित कई विभाग उत्सर्जन स्रोतों पर नियंत्रण के लिए चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं। सरकार ने वाहन प्रवर्तन, धूल नियंत्रण, कचरा प्रबंधन और सड़क सफाई को मिलाकर मल्टी-लेवल रणनीति अपनाई है, जिससे पिछली सर्दियों की तुलना में वायु गुणवत्ता में कुछ सुधार देखा गया है।

धूल नियंत्रण के तहत नगर एजेंसियों ने 12,164 मीट्रिक टन से अधिक कचरा हटाया। 2,068 किलोमीटर सड़कों पर मैकेनिकल स्वीपिंग और 1,830 किलोमीटर सड़कों पर पानी का छिड़काव किया गया। मोबाइल एंटी-स्मॉग गन ने 5,500 किलोमीटर से अधिक क्षेत्र को कवर किया, जबकि प्रमुख निर्माण स्थलों पर करीब 160 एंटी-स्मॉग गन तैनात की गईं।

मंत्री के अनुसार, बीते 24 घंटे में औसतन करीब 30,000 मीट्रिक टन पुराने कचरे की बायो-माइनिंग की गई। नागरिक शिकायत निवारण के तहत 311 हेल्पलाइन, ग्रीन दिल्ली ऐप, समीर और सोशल मीडिया के माध्यम से मिली 57 शिकायतों का समाधान किया गया।

ट्रकों की एंट्री पर रोक

प्रदूषण नियंत्रण के तहत शहर में प्रवेश करने से 542 ट्रकों को रोका और डायवर्ट किया गया, जबकि 34 ट्रैफिक जाम वाले स्थानों को खाली कराया गया। मंत्री ने नागरिकों और संस्थानों से अपील की कि वायु प्रदूषण से निपटने और हवा की गुणवत्ता सुधारने के लिए सभी की सामूहिक जिम्मेदारी जरूरी है।


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दिल्ली समेत 5 राज्यों में आज घना कोहरा, अलर्ट जारी

उत्तर भारत के कई राज्यों में गुरुवार को घने कोहरे ने जनजीवन प्रभावित किया। उत्तर प्रदेश से लेकर दिल्ली, पंजाब और हरियाणा तक कोहरे की इतनी घनी चादर छाई रही कि कई इलाकों में दृश्यता 5 से 20 मीटर तक सिमट गई। सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आए, जबकि नोएडा, गाजियाबाद और दिल्ली समेत एनसीआर में बर्फीली हवाओं ने ठंड का असर बढ़ा दिया। मौसम विभाग ने पहले ही इन राज्यों में घने और अत्यधिक घने कोहरे की चेतावनी जारी की थी और कहा है कि यह स्थिति अगले पांच दिनों तक बनी रह सकती है।

भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार 19 और 20 दिसंबर को पंजाब, उत्तराखंड और बिहार में, जबकि उत्तर प्रदेश और हरियाणा में सुबह के समय घने से अत्यधिक घने कोहरे का असर रहेगा। अकेले उत्तर प्रदेश के 50 से अधिक जिलों में 19 दिसंबर को कोहरे और शीत लहर की संभावना जताई गई है। गंगा के मैदानी इलाकों—कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज, उन्नाव से लेकर गोरखपुर तक—अत्यधिक घना कोहरा छाए रहने का अनुमान है, जिससे वाराणसी, लखनऊ और हिंडन एयरपोर्ट पर उड़ानों में दिक्कतें आ सकती हैं।

दिल्ली-एनसीआर में 12 से 15 दिसंबर के बीच कोहरे ने सड़क, रेल और हवाई यातायात को बुरी तरह प्रभावित किया था। हालांकि 16 और 17 दिसंबर को तेज हवाओं से राहत मिली, लेकिन 17 दिसंबर की रात से कोहरा फिर लौट आया और 18 दिसंबर को दोबारा हालात बिगड़ गए। मौसम विभाग का कहना है कि दिल्ली में अगले पांच दिनों तक कोहरे का असर बना रहेगा, हालांकि न्यूनतम तापमान 9 से 12 डिग्री और अधिकतम तापमान 23 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है।

पूर्वी उत्तर प्रदेश के बरेली, शाहजहांपुर, मुरादाबाद, लखनऊ, गोरखपुर, कुशीनगर, कानपुर, बहराइच और आसपास के जिलों में दृश्यता 20 से 50 मीटर के बीच रहने का अनुमान है। उत्तराखंड के पंतनगर और खटीमा में भी घने कोहरे से विजिबिलिटी काफी कम दर्ज की गई। मौसम विभाग ने 18 से 22 दिसंबर के दौरान उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा के कई इलाकों में शीत लहर का अलर्ट भी जारी किया है।

मौसम विभाग के अनुसार 18 से 23 दिसंबर के बीच जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगिट-बाल्टिस्तान और मुजफ्फरबाद में बारिश और बर्फबारी की संभावना है, जबकि 20-21 दिसंबर को हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी कुछ स्थानों पर बारिश और बर्फबारी हो सकती है। पंजाब के सीमावर्ती इलाकों और राजस्थान के बीकानेर संभाग में भी घना कोहरा छाया रहा। जयपुर मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार नागौर और सीकर के फतेहपुर में न्यूनतम तापमान 4 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक उत्तर भारत में कोहरे और ठंड के ऐसे ही हालात बने रहने की संभावना जताई है।


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खराब विजिबिलिटी के कारण कई फ्लाइट्स रद, IMD ने मौसम को लेकर दिया ताजा अपडेट

दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) एयरपोर्ट पर मंगलवार को खराब विजिबिलिटी के चलते उड़ान संचालन प्रभावित रहा। सुबह से अब तक 49 प्रस्थान और 77 आगमन वाली उड़ानें रद की जा चुकी हैं।

इससे पहले सोमवार को भी घने कोहरे ने हवाई यातायात को बुरी तरह प्रभावित किया। सुबह 3:30 बजे से 9 बजे के बीच केवल चार उड़ानें ही टेकऑफ कर सकीं। एयरलाइन और एयरपोर्ट सूत्रों के मुताबिक, इस दौरान कुल 228 उड़ानें रद हुईं, जिनमें 131 प्रस्थान और 97 आगमन शामिल हैं।

रविवार देर रात से लेकर सोमवार दोपहर तक मौसम साफ होने तक 700 से ज्यादा उड़ानें देरी से चलीं। इनमें घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों तरह की फ्लाइट्स शामिल थीं। सात विमानों को स्टार्टअप क्लियरेंस मिल चुका था, लेकिन सुबह 3:30 बजे विजिबिलिटी अचानक घटने के कारण टेकऑफ की अनुमति नहीं मिली, जिससे यात्रियों को विमान के अंदर करीब 10 घंटे तक इंतजार करना पड़ा।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने घने कोहरे को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है और आने वाले कुछ दिनों तक इसी तरह की स्थिति बने रहने की चेतावनी दी है।


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