हिमाचल में भारी बर्फबारी का कहर: 592 रूटों पर बस सेवाएं ठप, 187 मार्गों पर सैकड़ों बसें फंसीं

हिमपात के बाद हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) की बस सेवाएं प्रदेश के कई इलाकों में तीसरे दिन भी सामान्य नहीं हो सकीं। फिलहाल राज्यभर में 592 रूटों पर बसों का संचालन पूरी तरह ठप है, जबकि 187 रूटों पर बसें अलग-अलग स्थानों पर फंसी हुई हैं। रविवार को मौसम में आंशिक सुधार के बाद प्रशासन ने सड़क बहाली का काम तेज किया, जिससे कुल्लू, शिमला, मंडी, कांगड़ा और चंबा जिलों की कई प्रमुख सड़कों को आंशिक रूप से खोल दिया गया। इसके बाद एचआरटीसी की बसों को संबंधित डिपुओं तक पहुंचाया गया। हालांकि, ऊपरी शिमला क्षेत्र में भारी बर्फ जमने के कारण सड़कें अब भी पूरी तरह साफ नहीं हो पाई हैं, जिससे आवाजाही बाधित है और स्थानीय लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।


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बारिश-बर्फबारी का कहर: हिमाचल में 535 सड़कें ठप, मनाली-शिमला जाम से जूझे, श्रीनगर की उड़ानें रद्द

जम्मू-कश्मीर से लेकर उत्तराखंड तक पहाड़ी इलाकों में भारी बर्फबारी जारी है। जहां एक ओर पर्यटक बर्फ की चादर से ढके पहाड़ों का आनंद ले रहे हैं, वहीं स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कई इलाकों में दो से तीन फुट तक बर्फ जमने से जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हुआ है और आवश्यक सेवाएं ठप पड़ गई हैं। जम्मू-कश्मीर के मैदानी क्षेत्रों में करीब एक फुट बर्फबारी दर्ज की गई है, जबकि ऊंचाई वाले इलाकों में दो से तीन फुट तक बर्फ जमी है। भूस्खलन, पेड़ गिरने और भारी बर्फबारी के कारण हाईवे और लिंक रोड बंद हो गए हैं, वहीं कई क्षेत्रों में तापमान शून्य से नीचे चला गया है। भारी बारिश और बर्फबारी के चलते शुक्रवार को जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे (NH-44) को बंद कर दिया गया, जबकि उधमपुर के जखानी चौक पर भी यातायात रोक दिया गया।

बर्फबारी का असर हवाई सेवाओं पर भी पड़ा है। बारामूला, बडगाम, रामबन और बटोटे जैसे पहाड़ी पर्यटन स्थलों में जमकर बर्फ गिरी, जिससे पूरा इलाका सफेद चादर में तब्दील हो गया। खराब मौसम के कारण श्रीनगर एयरपोर्ट से आने-जाने वाली कई उड़ानों को रद्द या अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया है। एयरपोर्ट प्रशासन ने यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी कर उन्हें उड़ान की स्थिति पहले जांचने की सलाह दी है।

वहीं हिमाचल प्रदेश में भारी बर्फबारी के कारण चार नेशनल हाईवे समेत कुल 535 सड़कें बंद हो गई हैं। लोक निर्माण विभाग (PWD) के अनुसार, बर्फबारी से राज्य को करीब छह करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। नैनीताल, उत्तरकाशी और टिहरी गढ़वाल के ऊंचाई वाले इलाकों में कई वाहन और यात्री फंस गए, जिन्हें SDRF और जिला आपदा प्रबंधन की टीमों ने रेस्क्यू कर सुरक्षित बाहर निकाला। रामगढ़-मुक्तेश्वर और धनाचूली बैंड क्षेत्रों में JCB मशीनों की मदद से बर्फ हटाकर 20 से 25 वाहनों को सुरक्षित निकाला गया।


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जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश-बर्फबारी से जनजीवन अस्त-व्यस्त, माता वैष्णो देवी यात्रा अस्थायी रूप से रोकी गई

जम्मू-कश्मीर में पिछले 24 घंटों के दौरान मौसम ने अचानक रुख बदल लिया, जिससे कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जमकर बर्फबारी हुई। मौसम विभाग के मुताबिक, तेज आंधी और खराब मौसम के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए श्री माता वैष्णो देवी यात्रा मार्ग को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। इस दौरान पटनीटॉप, नथाटॉप और सनासर जैसे इलाकों में भारी हिमपात दर्ज किया गया।

तेज हवाओं की बात करें तो शोपियां में 155 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं, जबकि पुंछ में 80, रियासी में 76, जम्मू में 63 और श्रीनगर में 84 किमी प्रति घंटे की गति दर्ज की गई। भारी बारिश के आंकड़ों के अनुसार ऊधमपुर में 77 मिमी, कटड़ा में 79 मिमी, जम्मू में 69 मिमी, सांबा में 63 मिमी, राजौरी में 56 मिमी, काजीगुंड में 45 मिमी और श्रीनगर में 37 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। वहीं ऊंचाई वाले क्षेत्रों में गुलमर्ग में 45 सेमी, शोपियां में 55 सेमी, कुपवाड़ा में 20 सेमी, पहलगाम में 17 सेमी, बनिहाल में 16 सेमी और सोनमर्ग में 15 सेमी तक बर्फ जम चुकी है।

मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर के अनुसार डोडा, किश्तवाड़, भद्रवाह, पीर-पंचाल क्षेत्र और दक्षिण कश्मीर के कुछ हिस्सों में आज शाम तक हल्की से मध्यम बारिश व बर्फबारी के साथ कहीं-कहीं भारी हिमपात की संभावना है। 24 और 25 जनवरी को छिटपुट इलाकों में हल्की बारिश या बर्फबारी हो सकती है, जबकि 26 और 27 जनवरी को अधिकतर क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश-बर्फबारी और कुछ स्थानों पर भारी हिमपात, गरज-चमक व तेज हवाएं चलने की आशंका जताई गई है। 28 से 31 जनवरी के बीच मौसम के आंशिक रूप से साफ रहने की उम्मीद है।

मौसम विभाग ने पीर-पंचाल रेंज, चिनाब घाटी और दक्षिण कश्मीर के कुछ जिलों में तेज हवाओं, ओलावृष्टि और भारी बारिश-बर्फबारी को लेकर चेतावनी जारी की है। संवेदनशील इलाकों में भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और सतर्क रहने की अपील की है, वहीं किसानों को भी इस अवधि में कृषि कार्य स्थगित रखने की सलाह दी गई है।


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सर्दी की पहली बारिश से दिल्ली में भीषण जाम, सड़कों पर भरा पानी

दिल्ली-एनसीआर में शुक्रवार सुबह से तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर जारी है। बारिश के साथ चली ठंडी हवाओं ने राजधानी और आसपास के इलाकों में एक बार फिर ठिठुरन बढ़ा दी है।

दिल्ली में सुबह-सुबह हुई बारिश के चलते ऑफिस जाने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई इलाकों में सड़कों पर पानी भर गया, जिससे ट्रैफिक की रफ्तार धीमी पड़ गई और प्रमुख मार्गों पर लंबा जाम देखने को मिला।

बारिश के बीच पूर्वी दिल्ली के लक्ष्मी नगर विकास मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे लोगों को दफ्तर और अन्य जरूरी कामों के लिए निकलने में काफी दिक्कत हुई।

राजधानी के अलग-अलग इलाकों से बारिश की तस्वीरें सामने आ रही हैं। एनएच-9 पर अक्षरधाम के पास बारिश के दौरान वाहनों को धीमी रफ्तार से गुजरते देखा गया। वहीं गुरुग्राम की साइबर सिटी में भी सुबह से रुक-रुककर बारिश हो रही है, जिससे कई सड़कों पर जलभराव की स्थिति बन गई है।


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यूपी समेत राजस्थान और हरियाणा के 27 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

देश के पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी के बाद अब मौसम का मिजाज बदलने वाला है। मौसम विभाग ने बारिश और ओलावृष्टि के दौर की चेतावनी जारी की है। आज से राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और पंजाब-हरियाणा में पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) सक्रिय हो रहा है।

इस सिस्टम के प्रभाव से उत्तर प्रदेश के 15, जबकि राजस्थान और हरियाणा के 6-6 जिलों में बारिश की संभावना है। इस दौरान 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ इलाकों में ओलावृष्टि का भी अलर्ट जारी किया गया है।

हिमाचल प्रदेश के चंबा, कुल्लू और लाहौल-स्पीति जिलों में आज बर्फबारी को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। यहां 22 से 24 जनवरी के बीच तेज बारिश और ओलावृष्टि की आशंका जताई गई है।

उत्तराखंड के 5 जिलों में आज और कल बर्फबारी का अलर्ट है। राज्य के ऊंचाई वाले इलाकों में तापमान शून्य से नीचे बना हुआ है। चमोली जिले के वाण गांव में झरना जमने की तस्वीरें सामने आई हैं।

मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में अगले 7 दिनों के दौरान लगातार दो पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकते हैं। इसके चलते जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश समेत 9 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मौसम और बिगड़ सकता है।

पश्चिमी विक्षोभ पश्चिम दिशा से आने वाली हवाओं और बादलों का एक सिस्टम होता है। इसके सक्रिय होने पर पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी और मैदानी क्षेत्रों में बारिश होती है। साथ ही तापमान में गिरावट, पाले और शीतलहर की स्थिति बन सकती है।

अगले 2 दिन का मौसम पूर्वानुमान

23 जनवरी:

पश्चिमी विक्षोभ के असर से उत्तर भारत के कई हिस्सों में बादल छाए रहेंगे। राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, चंडीगढ़ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। दिन के तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की जा सकती है, जबकि सुबह और शाम ठंड बनी रहेगी।

24 जनवरी:

पश्चिमी विक्षोभ का असर धीरे-धीरे कमजोर पड़ेगा, लेकिन मौसम पूरी तरह साफ नहीं होगा। कई इलाकों में बादल छाए रहेंगे और कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक और तेज हवाएं चलने का अनुमान है। बारिश की गतिविधियां कम होने के बाद ठंडी हवाओं के कारण सर्दी का असर बढ़ सकता है।


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श्रीनगर में वायु प्रदूषण 7 साल के उच्चतम स्तर पर, AQI 308 पहुंचा

जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर में वायु प्रदूषण बीते सात वर्षों के सबसे खराब स्तर पर पहुंच गया है। बुधवार को शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 308 दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। एयर मॉनिटरिंग डेटा के अनुसार जनवरी महीने में श्रीनगर की हवा लगातार खराब बनी हुई है।

शहर में PM2.5 का औसत स्तर 115 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर रिकॉर्ड किया गया है, जो विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा तय सुरक्षित सीमा से कई गुना अधिक है। विशेषज्ञों के मुताबिक इस स्तर की हवा में सांस लेना एक दिन में चार से ज्यादा सिगरेट पीने के बराबर स्वास्थ्य जोखिम पैदा करता है।

डेटा बताता है कि 2019 के बाद से 2026 श्रीनगर के लिए सबसे प्रदूषित साल रहा है, जहां औसत AQI 159 दर्ज किया गया। इसके मुकाबले 2023 में पिछले सात वर्षों की सबसे साफ हवा रही थी, जब औसत AQI 49 रहा था।

उधर राजधानी दिल्ली में भी हालात गंभीर बने हुए हैं। बुधवार को दिल्ली का AQI 339 रिकॉर्ड किया गया, जबकि जहांगीरपुरी इलाके में यह 390 तक पहुंच गया, जो ‘बेहद गंभीर’ श्रेणी में आता है।

शाम के वक्त ज्यादा खराब होती है हवा

AQI ट्रेंड के अनुसार श्रीनगर में सुबह के समय हवा अपेक्षाकृत साफ रहती है, लेकिन शाम होते-होते प्रदूषण तेजी से बढ़ता है। शाम के समय औसत AQI 228 तक पहुंच जाता है। पिछले सात दिनों में AQI लगातार 100 से ऊपर बना हुआ है। 16 जनवरी को शहर में सबसे खराब स्थिति दर्ज की गई थी, जब AQI 415 तक पहुंच गया था।

सेहत पर क्या पड़ रहा है असर

हवा को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाने वाले तत्व PM2.5 और PM10 होते हैं। PM2.5 वे कण होते हैं जिनका आकार 2.5 माइक्रोन या उससे कम होता है, जबकि PM10 का आकार 2.5 से 10 माइक्रोन तक होता है। ये कण इतने सूक्ष्म होते हैं कि फेफड़ों के एल्वियोलर बैरियर को पार कर सीधे ब्लडस्ट्रीम में पहुंच जाते हैं और पूरे शरीर को प्रभावित करते हैं।

कलकत्ता मेडिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट के डॉक्टरों के अनुसार, ये प्रदूषक कण हृदय तक पहुंचकर हार्ट अटैक का खतरा बढ़ाते हैं। यदि ये दिमाग तक पहुंचते हैं, तो सिरदर्द, डिमेंशिया और बच्चों के मानसिक विकास पर भी बुरा असर डाल सकते हैं।

यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो की एक स्टडी के मुताबिक, वायु प्रदूषण के कारण भारत में लोगों की औसत जीवन अवधि 3 से 4 साल तक कम हो सकती है। PM2.5 और PM10 के संपर्क में आने से 5 से 10 साल के बच्चों की फेफड़ों की क्षमता 10 से 15 फीसदी तक घट सकती है।

भारत की स्टेट ऑफ ग्लोबल एयर रिपोर्ट 2024 के अनुसार, वायु प्रदूषण के कारण देश में हर दिन पांच साल से कम उम्र के 464 बच्चों की मौत हो रही है। यह संख्या तंबाकू और डायबिटीज से होने वाली मौतों से भी अधिक बताई गई है।

दिल्ली स्थित इंद्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल के वरिष्ठ विशेषज्ञों के मुताबिक, प्रदूषित हवा से अस्थमा, फेफड़ों का कैंसर, आंखों में जलन और त्वचा संक्रमण जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा भी तेजी से बढ़ रहा है।




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राजस्थान में आंधी-बारिश का अलर्ट, विजिबिलिटी 50 मीटर से भी कम होने की चेतावनी

देश के उत्तरी इलाकों में मंगलवार को भी मौसम में ज्यादा बदलाव नहीं हुआ है। राजस्थान में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के आने का अलर्ट है। यहां 5 दिन बाद आंधी-बारिश की चेतावनी जारी की गई है। फिलहाल कई जिले कोहरे की चपेट में हैं, जिसके कारण विजिबिलिटी 50 मीटर तक रह गई है।

वहीं, उत्तर प्रदेश के 10 शहरों में आज भी कोहरा छाया है। आगरा में ताज महल धुंध में छिप गया है। अगले 5 दिन तक यहां भी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। लखनऊ, बाराबंकी, हाथरस समेत 5 शहरों में बारिश हुई, जबकि अलीगढ़ और लखीमपुर खीरी में एक दिन पहले ओले भी गिरे।

उत्तराखंड के पिथौरागढ़, चमोली, उत्तरकाशी और रुद्रप्रयाग जिलों के ऊंचाई वाले इलाकों में नदी-नाले और झरने जम चुके हैं। औली में पारा माइनस 8 डिग्री तक पहुंच गया है, जिसके कारण पानी जमने लगा है।

मौसम यह पूरा बदलाव पश्चिमी विक्षोभ के आने से पहले ही होने लगा है। दरअसल, यह पश्चिम से आने वाली हवा और बादलों का एक सिस्टम है। जैसे ही यह एक्टिव होगा, पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी, मैदानी क्षेत्रों में बारिश होगी। तापमान में गिरावट आएगी, साथ ही पाला पड़ने और कोल्डवेव के हालात बन सकते हैं।

अगले 2 दिन के मौसम का हाल…

21 जनवरी

उत्तर भारत में सर्द हवाओं के चलते ठिठुरन बनी रहेगी। कई इलाकों में कोहरा छाया रह सकता है।

राजस्थान और आसपास के क्षेत्रों में हल्की बारिश की संभावना है। मिनिमम टेम्परेचर में गिरावट रहेगी।

22 जनवरी

उत्तर भारत आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। सुबह के समय हल्के से मध्यम कोहरा छाया रह सकता है।

राजस्थान और आसपास के क्षेत्र में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। पश्चिमी राजस्थान में कोहरा भी छाया रह सकता है।


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सोमवार को छाएगा घना कोहरा, दिल्ली-NCR में बारिश की तारीख तय

देश के उत्तरी हिस्सों में शीतलहर का प्रकोप जारी है। रविवार को जम्मू-कश्मीर में न्यूनतम तापमान में और गिरावट दर्ज की गई, जहां सोनमर्ग सबसे ठंडा स्थान रहा। यहां न्यूनतम तापमान माइनस 8.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में खासतौर पर घाटी के ऊंचे इलाकों में बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई है।

राजधानी श्रीनगर में न्यूनतम तापमान माइनस 4.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दक्षिण कश्मीर के शोपियां में पारा माइनस 6.7 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया, जबकि पहलगाम में न्यूनतम तापमान माइनस 6 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं हिमाचल प्रदेश की ऊंची पहाड़ियों पर कुछ स्थानों पर हल्की बर्फबारी हुई। लाहौल एवं स्पीति जिले के कोक्सर और हंसा गांवों में बर्फबारी दर्ज की गई, जबकि राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क बना रहा।

मौसम विभाग के अनुसार, हिमाचल प्रदेश के ऊंचे इलाकों में 20 जनवरी तक हल्की बर्फबारी जारी रह सकती है, जबकि निचले और मैदानी इलाकों में मौसम शुष्क रहेगा। राज्य के मैदानी जिलों में भी ठंड का असर देखने को मिला। हमीरपुर, ऊना और मंडी में न्यूनतम तापमान क्रमशः 2.1, 2.7 और 3.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

दिल्ली-एनसीआर में भी ठंड और कोहरे का असर बना रहा। रविवार सुबह राजधानी दिल्ली घने कोहरे की चपेट में रही और न्यूनतम तापमान 5.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.3 डिग्री कम है। चंडीगढ़ में भी रात ठंडी रही और न्यूनतम तापमान 5.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो औसत से करीब दो डिग्री कम रहा।

पंजाब में अमृतसर सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 1.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। होशियारपुर में पारा 3.4 डिग्री, जबकि पटियाला और फरीदकोट में 5.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। लुधियाना में न्यूनतम तापमान 6.4 डिग्री, गुरदासपुर में 5.8 डिग्री और बठिंडा में 7 डिग्री सेल्सियस रहा।

हरियाणा में भी शीतलहर का असर जारी रहा। नारनौल में न्यूनतम तापमान 5.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि गुरुग्राम में 5.6 डिग्री सेल्सियस रहा। अंबाला में पारा 6.8 डिग्री और रोहतक में 7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

मौसम विभाग ने बताया कि झारखंड के कुछ हिस्सों में भी शीतलहर की स्थिति बनी हुई है। राज्य के 11 जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया। सबसे कम तापमान गुमला में 3.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, इसके बाद खूंटी में 3.9 डिग्री और पलामू में 4.7 डिग्री सेल्सियस रहा। राजधानी रांची में न्यूनतम तापमान 6.6 डिग्री, चाईबासा में 8.2 डिग्री और जमशेदपुर में 9.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।


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घने कोहरे की चादर में ढका उत्तर भारत

हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और कश्मीर के ऊंचाई वाले इलाकों में हुई भारी बर्फबारी का असर अब मैदानी क्षेत्रों तक साफ दिखाई देने लगा है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड समेत करीब 12 राज्यों में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे ने जनजीवन प्रभावित कर दिया है। राजधानी दिल्ली सहित उत्तर प्रदेश के 53 शहरों में घना कोहरा छाया हुआ है। कानपुर, गोरखपुर और वाराणसी में दृश्यता शून्य तक पहुंच गई, जिससे सड़क, रेल और हवाई यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। ठंड के चलते नोएडा, ग्रेटर नोएडा, सहारनपुर, बदायूं और संभल में कक्षा आठ तक के स्कूल बंद कर दिए गए हैं।

पंजाब, हरियाणा और मध्य प्रदेश में भी तापमान रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया है। अमृतसर में सुबह सात बजे तक कोहरे के कारण दृश्यता शून्य रही, जबकि दिल्ली में कई इलाकों में विजिबिलिटी 20 मीटर से भी कम दर्ज की गई। मध्य प्रदेश के मंदसौर में न्यूनतम तापमान 2.5 डिग्री सेल्सियस, हरियाणा के भिवानी में 1.5 डिग्री और पंजाब के नवांशहर में पारा 0.9 डिग्री तक गिर गया। उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में नदियां, झरने और जलस्रोत जम गए हैं, वहीं कई जगह पाइपलाइनों में पानी जमने की घटनाएं सामने आई हैं। कश्मीर घाटी में भी ठंड का प्रकोप जारी है, जहां श्रीनगर में न्यूनतम तापमान माइनस 1.5 डिग्री और पुलवामा में माइनस 4.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

उत्तराखंड के उत्तरकाशी और चमोली में नदियां और झरने जम चुके हैं, जबकि पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बर्फबारी हो रही है। मौसम विभाग के अनुसार 17 जनवरी को उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ के ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना है। वहीं हिमाचल प्रदेश में लाहौल-स्पीति और चंबा की ऊंची चोटियों पर हल्की बर्फबारी दर्ज की गई है। कांगड़ा, चंबा, किन्नौर और लाहौल-स्पीति के ऊंचाई वाले इलाकों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है और अगले छह दिनों तक बर्फबारी व हल्की बारिश के आसार बने हुए हैं।

उत्तर प्रदेश में सीजन का सबसे घना कोहरा देखने को मिल रहा है। लखनऊ, कानपुर सहित 53 जिलों में सुबह के समय विजिबिलिटी बेहद कम रही। पिछले 24 घंटों में आजमगढ़, कानपुर, अयोध्या और हरदोई सबसे ठंडे जिले रहे, जहां न्यूनतम तापमान 4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बिहार में भी ठंड का असर बरकरार है। राज्य के 10 जिलों में न्यूनतम तापमान 8 डिग्री से नीचे बना हुआ है, जबकि भागलपुर का सबौर सबसे ठंडा रहा, जहां पारा 5 डिग्री तक गिर गया।

छत्तीसगढ़ में दो दिन की राहत के बाद ठंड फिर बढ़ गई है। अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 3.9 डिग्री और रायपुर के माना इलाके में 7.8 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ के 14 जिलों में शीतलहर की चेतावनी जारी की है। राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम में बदलाव के संकेत हैं। उत्तर-पश्चिमी जिलों में बादल छाने और 22–23 जनवरी को हल्की बूंदाबांदी की संभावना जताई गई है। शुक्रवार को राज्य के 10 शहरों में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया, जबकि हनुमानगढ़ और अलवर के ग्रामीण इलाकों में पाला पड़ने से ओस जम गई।

पंजाब और हरियाणा में भी मौसम का मिजाज बदल सकता है। मौसम विभाग के अनुसार 18 जनवरी से बारिश की संभावना है, जबकि हरियाणा में 17 जनवरी को बादल छाए रहने और कुछ इलाकों में हल्की बूंदाबांदी के आसार हैं। भिवानी राज्य का सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान 1.5 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम विभाग के मुताबिक 18 और 19 जनवरी को भी उत्तर भारत में सर्दी और घना कोहरा बना रहेगा। सुबह और शाम के समय दृश्यता कम रहेगी, जबकि पहाड़ी इलाकों में हल्की बारिश और बर्फबारी के आसार बने रहेंगे।


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राजधानी पर 4 डिग्री का टॉर्चर! घने कोहरे में डूबी दिल्ली, हवा ‘बहुत खराब’

शनिवार सुबह राजधानी के कई इलाकों में मध्यम से घना कोहरा छाया रहा, जिससे सड़क, रेल और हवाई यातायात प्रभावित हुआ। इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सुबह साढ़े छह बजे दृश्यता घटकर करीब 350 मीटर रह गई, जबकि सुबह नौ बजे इसमें कुछ सुधार हुआ और दृश्यता 500 मीटर दर्ज की गई। सफदरजंग में हालात और खराब रहे, जहां सुबह साढ़े छह बजे दृश्यता 250 मीटर रही, जो नौ बजे घटकर 200 मीटर तक पहुंच गई। राजधानी के अन्य कई क्षेत्रों में भी घने कोहरे के कारण वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा, वहीं कुछ उड़ानों और ट्रेनों की आवाजाही पर भी असर पड़ा। मौसम विभाग ने कोहरे को लेकर यलो अलर्ट जारी किया था।

ठंड का असर भी बरकरार रहा। राजधानी में न्यूनतम तापमान 4.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि अधिकतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। दिन के समय आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना जताई गई है।

प्रदूषण के मोर्चे पर भी हालात गंभीर बने हुए हैं। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के समीर ऐप के अनुसार सुबह नौ बजे दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 376 दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। राजधानी के 14 इलाकों में AQI 400 से अधिक यानी ‘गंभीर’ श्रेणी में दर्ज हुआ। इनमें आनंद विहार सबसे अधिक प्रदूषित रहा, जहां AQI 451 मापा गया। मौसम विभाग के अनुसार दिनभर राजधानी की हवा ‘बहुत खराब’ श्रेणी में बने रहने की आशंका है।


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