देशभक्ति की भावनाओं से सजा ‘बॉर्डर 2’ का गाना ‘घर कब आओगे’ लॉन्च

राजस्थान के जैसलमेर में भारत–पाकिस्तान बॉर्डर के पास स्थित ऐतिहासिक लोंगेवाला–तनोट इलाके में फिल्म ‘बॉर्डर 2’ के गीत ‘घर कब आओगे’ का लॉन्च कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह आयोजन BSF जवानों की मौजूदगी में तनोट माता मंदिर के सामने बने एम्फीथिएटर में हुआ, जहां लाइव परफॉर्मेंस भी दी गई।

इस मौके पर फिल्म की स्टार कास्ट और टीम मौजूद रही। कार्यक्रम में सनी देओल, वरुण धवन, अहान शेट्टी, सिंगर सोनू निगम, को-प्रोड्यूसर भूषण कुमार और निधि दत्ता सहित कई कलाकार शामिल हुए। मंच पर पहुंचते ही अहान शेट्टी ने सनी देओल के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया।

इवेंट के दौरान वरुण धवन ने 1971 के युद्ध का जिक्र करते हुए देशभक्ति का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भारत शांति और अमन में विश्वास रखता है, लेकिन ‘बॉर्डर’ जैसी फिल्मों का बनना जरूरी है, ताकि युवाओं को यह एहसास हो कि देश मजबूत है और जरूरत पड़ने पर जवाब देने में सक्षम है। उन्होंने कहा, “जब हम दूसरे देश को आजादी दिला सकते हैं, तो अपने देश के लिए लड़ने से कभी पीछे नहीं हटेंगे।”

वरुण धवन ने फिल्म का एक दमदार डायलॉग भी सुनाया—

“इस बार हम बॉर्डर में घुसेंगे ही नहीं, हम बॉर्डर ही बदल देंगे।”

डायलॉग सुनते ही दर्शकों ने जोरदार तालियों से स्वागत किया।

वहीं सनी देओल ने बताया कि बचपन में उन्होंने अपने पिता की फिल्म ‘हकीकत’ देखी थी, जिसने उन्हें गहराई से प्रभावित किया। एक्टर बनने के बाद उन्होंने भी देशभक्ति पर आधारित फिल्म करने का सपना देखा और इसी सोच के साथ जे. पी. दत्ता से बात की, जिसके बाद फिल्म ‘बॉर्डर’ बनी।

1997 की फिल्म बॉर्डर का गीत ‘घर कब आओगे’ हिंदी सिनेमा के सबसे लोकप्रिय देशभक्ति गीतों में शामिल है। इसके नए वर्जन में सोनू निगम और रूप कुमार राठौड़ के साथ अरिजीत सिंह, दिलजीत दोसांझ और विशाल मिश्रा की आवाजें भी शामिल हैं। संगीत को मिथुन ने नए सिरे से तैयार किया है, जबकि बोलों में जावेद अख्तर के मूल शब्दों के साथ मनोज मुंतशिर की पंक्तियां जोड़ी गई हैं।

नया वर्जन 10 मिनट 34 सेकेंड लंबा है, जबकि ओरिजिनल गीत की अवधि 13 मिनट 49 सेकेंड थी। हालांकि, आज के दौर के हिसाब से यह अब भी एक लंबा गीत माना जा रहा है। गीत का वीडियो लगभग 3 मिनट 10 सेकेंड का है।

फिल्म की को-प्रोड्यूसर निधि दत्ता ने सोशल मीडिया पर लिखा कि यह गीत मूल रूप से 29 साल पहले उनके पिता जेपी दत्ता, जावेद अख्तर, अनु मलिक, सोनू निगम और रूप कुमार राठौड़ ने रचा था। उन्होंने कहा कि नए वर्जन में गीत की आत्मा को बदला नहीं गया है, बल्कि इसे सैनिकों और उनके परिवारों की भावनाओं से जोड़ते हुए नए तरीके से प्रस्तुत किया गया है।

‘बॉर्डर 2’ का निर्देशन अनुराग सिंह ने किया है। फिल्म में सनी देओल, वरुण धवन, दिलजीत दोसांझ, अहान शेट्टी, मोना सिंह, मेधा राणा, सोनम बाजवा और आन्या सिंह नजर आएंगे। यह फिल्म 23 जनवरी 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।


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भारतीय सेना ने 2026 का रणनीतिक रोडमैप किया तैयार

पाकिस्तान के साथ ऑपरेशन सिंदूर के तहत हुई 88 घंटे की जंग के गहन विश्लेषण के बाद भारतीय सेना ने बड़े रणनीतिक बदलावों की रूपरेखा तैयार की है। सेना ने अपनी नई रणनीति को अल्पकालिक (शॉर्ट टर्म), मध्यकालिक (मीडियम टर्म) और दीर्घकालिक (लॉन्ग टर्म)—तीन हिस्सों में बांटा है। अल्पकालिक रणनीति के तहत 2026 के लिए स्पष्ट रोडमैप तैयार किया गया है।

सेना के सूत्रों के मुताबिक, 2026 में हथियारों की नई खरीद से ज्यादा जोर युद्ध के पूरे वातावरण की त्वरित जानकारी, मजबूत नेटवर्क और तेजी से निर्णय लेने की क्षमता पर रहेगा। यह ऑपरेशन सिंदूर से मिला सबसे बड़ा सबक माना जा रहा है। सेना ने 2026 को ‘नेटवर्किंग और डेटा सेंट्रिसिटी’ का वर्ष और 2027 को ऑपरेशंस में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के पूर्ण एकीकरण के वर्ष के रूप में चिन्हित किया है। शीर्ष अधिकारियों के अनुसार, यह सेना की लंबे समय से चल रही परिवर्तन योजना का अगला चरण है।

भारतीय सेना ने 2023 से 2032 के कालखंड को परिवर्तन का दशक घोषित किया है। इसके तहत 2023 में संगठनात्मक ढांचे, सोच और काम करने के तरीकों में सुधार किया गया। 2024 को ‘तकनीक आत्मसात’, 2025 को जमीनी स्तर पर बदलाव और अब 2026 को नेटवर्क और डेटा आधारित युद्ध प्रणाली पर केंद्रित किया गया है। उल्लेखनीय है कि 6–7 मई 2025 को सेना ने ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया था।

स्ट्रैटजिक कम्युनिकेशन में भी बदलाव

सेना ने रणनीतिक संचार (स्ट्रैटजिक कम्युनिकेशन) में भी बड़े बदलाव करने का फैसला किया है। योजना के तहत अंतरराष्ट्रीय बिरादरी, दुश्मन और घरेलू जनसंचार के लिए अलग-अलग कंटेंट और माध्यम तय किए जाएंगे। नैरेटिव वॉर में दुश्मन के दुष्प्रचार तंत्र को विफल करना प्राथमिकता होगी। राजनीतिक नेतृत्व, तीनों सेनाओं के बीच समन्वय और मीडिया के साथ तालमेल को सर्वोच्च महत्व दिया जाएगा। सेना की आंतरिक स्टडी में सामने आया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सही समय पर सटीक जानकारी कितनी निर्णायक साबित होती है।

AI और ऑटोमेशन से तेज फैसले

भविष्य की रणनीति में AI और ऑटोमेशन का व्यापक इस्तेमाल किया जाएगा। यह व्यवस्था तीन स्तंभों—डेटा, नेटवर्क और सैन्य आंकड़ों—पर आधारित होगी। साइबर सिस्टम के जरिए यह तय होगा कि कौन-सी जानकारी कहां से आएगी, कैसे प्रोसेस होगी और उसे सुरक्षित कैसे रखा जाएगा।

साझा डिजिटल प्लेटफॉर्म की तैयारी

सेना देशभर में फैले अपने डिजिटल नेटवर्क, डेटा सेंटर्स और सॉफ्टवेयर सिस्टम्स को एक साझा प्लेटफॉर्म पर लाने की तैयारी कर रही है। इससे जंग के मैदान में तैनात सैनिक से लेकर शीर्ष कमांडर तक सभी को रियल-टाइम अपडेट्स मिल सकेंगे।

ऑपरेशन सिंदूर के बाद सेना की बढ़ी ताकत

ऑपरेशन सिंदूर के बाद सेना की सैन्य क्षमताओं में भी अहम बढ़ोतरी हुई है।

29 दिसंबर 2025 को ओडिशा के चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज से पिनाका लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट (LRGR-120) का पहला सफल फ्लाइट टेस्ट किया गया। रॉकेट ने अपनी अधिकतम 120 किलोमीटर रेंज तक सभी तय इन-फ्लाइट मैन्युवर पूरे करते हुए लक्ष्य पर सटीक प्रहार किया। यह परीक्षण DRDO ने किया।

17 दिसंबर 2025 को भारतीय सेना को अमेरिका से अंतिम तीन अपाचे AH-64E हेलिकॉप्टर मिले, जिसके साथ सेना का 6 अपाचे हेलिकॉप्टरों का बेड़ा पूरा हो गया। इन हेलिकॉप्टरों को पाकिस्तान सीमा के पास जोधपुर स्थित 451 आर्मी एविएशन स्क्वाड्रन में तैनात किया जाएगा। रक्षा मंत्रालय ने 2020 में बोइंग से 600 मिलियन डॉलर (करीब 5,691 करोड़ रुपये) का करार किया था, हालांकि सप्लाई चेन और तकनीकी कारणों से इसमें देरी हुई।

इसके अलावा 23 अक्टूबर 2025 को सेना की इन्फैंट्री विंग के डीजी लेफ्टिनेंट जनरल अजय कुमार ने बताया कि अगले छह महीनों में भैरव लाइट कमांडो की 20 बटालियनें सेना में शामिल हो जाएंगी। इनमें से 4 बटालियन पहले से सक्रिय हैं, कुछ लगभग तैयार हैं, जबकि बाकी अगले छह महीनों में ऑपरेशनल हो जाएंगी।


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दिल्ली हिंसा मामला: कोर्ट ने उमर खालिद-शरजील इमाम की जमानत याचिका खारिज की

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को 2020 दिल्ली दंगों से जुड़े मामले में आरोपी उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत देने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने यह भी कहा कि दोनों आरोपी एक साल तक दोबारा जमानत याचिका दाखिल नहीं कर सकेंगे। हालांकि, इसी मामले में अन्य 5 आरोपियों को कड़ी शर्तों के साथ जमानत दे दी गई है।

उमर खालिद, शरजील इमाम, गुलफिशा फातिमा, मीरान हैदर, शिफाउर रहमान, मोहम्मद सलीम खान और शादाब अहमद पिछले 5 साल 3 महीने से तिहाड़ जेल में बंद हैं। सभी आरोपियों ने दिल्ली हाईकोर्ट के उस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, जिसमें 2020 के दिल्ली दंगों से जुड़े मामले में UAPA के तहत जमानत देने से इनकार किया गया था।

फरवरी 2020 में दिल्ली में भड़की हिंसा में 53 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 250 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। इस दौरान 750 से अधिक FIR दर्ज की गई थीं।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले की 4 अहम बातें

सुप्रीम कोर्ट की बेंच, जिसमें जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस एनवी अंजारिया शामिल थे, ने कहा कि अभियोजन और सबूतों के आधार पर उमर खालिद और शरजील इमाम की भूमिका अन्य आरोपियों से अलग है। कोर्ट के अनुसार, कथित अपराधों में इन दोनों की भूमिका केंद्रीय और गंभीर रही है।

अदालत ने स्पष्ट किया कि भले ही दोनों आरोपी लंबे समय से न्यायिक हिरासत में हों, लेकिन यह अवधि न तो संवैधानिक प्रावधानों का उल्लंघन करती है और न ही UAPA के तहत लगे कानूनी प्रतिबंधों को कमजोर करती है। कोर्ट ने कहा कि ट्रायल से पहले जेल को सजा नहीं माना जा सकता, लेकिन स्वतंत्रता से वंचित करना मनमाना भी नहीं होना चाहिए।

कोर्ट ने यह भी कहा कि UAPA एक विशेष कानून है, जिसमें ट्रायल से पहले जमानत देने की शर्तें अलग और सख्त हैं। राज्य की सुरक्षा और अखंडता से जुड़े मामलों में सुनवाई में देरी को अपने-आप जमानत का आधार नहीं बनाया जा सकता।

अन्य पांच आरोपियों—गुलफिशा फातिमा, मीरान हैदर, मोहम्मद सलीम खान, शादाब अहमद और शिफाउर रहमान—को लगभग 12 शर्तों के साथ जमानत दी गई है। कोर्ट ने साफ किया कि जमानत मिलने से आरोपों में कोई नरमी नहीं आती और शर्तों के उल्लंघन पर ट्रायल कोर्ट जमानत रद्द कर सकता है।

लंबी हिरासत पर आरोपियों की दलील, पुलिस ने किया विरोध

आरोपियों की ओर से दलील दी गई कि लंबे समय से ट्रायल शुरू नहीं हुआ है और वे पांच साल से ज्यादा समय से जेल में हैं। उनका कहना था कि अब तक दंगे भड़काने से जुड़ा कोई ठोस सबूत सामने नहीं आया है।

हालांकि, दिल्ली पुलिस ने इन दलीलों का विरोध करते हुए कहा कि सुनवाई में देरी के लिए आरोपी खुद जिम्मेदार हैं। पुलिस का दावा है कि अगर आरोपी सहयोग करें, तो ट्रायल दो साल के भीतर पूरा किया जा सकता है।

पुलिस का दावा: ट्रम्प की भारत यात्रा के दौरान दंगे कराने की थी साजिश

दिल्ली पुलिस के मुताबिक, 2020 के दंगे अचानक नहीं हुए, बल्कि यह पैन-इंडिया स्तर पर रची गई साजिश का हिस्सा थे। पुलिस का आरोप है कि नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ आंदोलन को कट्टरपंथीकरण का जरिया बनाया गया और दंगों की योजना तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की भारत यात्रा के दौरान बनाई गई थी, ताकि अंतरराष्ट्रीय मीडिया का ध्यान भारत की ओर खींचा जा सके।

पुलिस ने दावा किया कि इस साजिश को देशभर में दोहराने की कोशिश की गई, जिसमें कई व्हाट्सएप ग्रुप, दिल्ली प्रोटेस्ट सपोर्ट ग्रुप (DPSG) और जामिया अवेयरनेस कैंपेन का इस्तेमाल किया गया।



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रेल यात्रियों के लिए अलर्ट: आधार बिना लिंक IRCTC बुकिंग पर सख्ती

आज यानी, 5 जनवरी से बिना आधार लिंक वाले IRCTC यूजर्स सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक टिकट बुक नहीं कर पाएंगे। ये नियम केवल रिजर्व रेल टिकट बुकिंग खुलने के पहले दिन पर लागू होगा। रिजर्व टिकट की बुकिंग ट्रेन डिपार्चर की तारीख के 60 दिन पहले खुलती है।

रेलवे इस नियम को तीन फेज में लागू कर रहा है। पहला फेज 29 दिसंबर से लागू हुआ था। वहीं दूसरे फेज में आज से शुरू हो गया है और तीसरा फेज 12 जनवरी से लागू होगा।

29 दिसंबर से बिना आधार सुबह 8 बजे से 12 बजे तक टिकट बुकिंग बंद की थी।

आज (5 जनवरी) से सुबह 8 से शाम 4 बजे तक टिकट बुकिंग पर पाबंदी रहेगी।

12 जनवरी से सुबह 8 से रात 12 बजे तक ऐसे यूजर्स की टिकट बुक नहीं होगी।

फर्जी अकाउंट्स से बुकिंग रोकना इस नियम का मकसद

इसका मकसद ओपनिंग डे पर ज्यादा से ज्यादा पैसेंजर्स को ऑनलाइन टिकट बुक करने का मौका देना है और फर्जी अकाउंट्स के जरिए होने वाली बुकिंग को रोकना है।

जनरल रिजर्वेशन टिकट बुकिंग के नए नियम सवाल-जवाब में समझें...

सवाल 1: यह नियम क्यों लाया गया?

जवाब: टिकट दलालों और फर्जी सॉफ्टवेयर पर लगाम लगाने के लिए। इससे ओपनिंग डे पर आम यात्रियों को कन्फर्म टिकट मिलने में आसानी होगी। शुरुआती 4 घंटे अब एजेंट्स टिकट बुक नहीं कर पाएंगे। आम यूजर्स के पास बुकिंग का पूरा मौका होगा।

सवाल: टिकट बुकिंग के समय आधार कैसे काम करेगा

जवाब: IRCTC अकाउंट को आधार से लिंक करना होगा। बुकिंग के वक्त आपके रजिस्टर्ड मोबाइल पर एक OTP आएगा, जिसे डालने के बाद ही टिकट कन्फर्म होगा।

सवाल: 3 आधार नहीं है तो क्या टिकट बुक नहीं होगा?

जवाब: बिना आधार लिंक वाले यूजर्स शुरुआती 4 घंटों (विंडो ओपनिंग) में टिकट बुक नहीं कर पाएंगे। इसके बाद ही उन्हें मौका मिलेगा। फिलहाल कोई दूसरा विकल्प नहीं दिया गया है।

सवाल 4: स्टेशन काउंटर से टिकट लेने पर क्या बदलाव होगा?

जवाब: काउंटर पर भी OTP जरूरी है। आपका मोबाइल नंबर आधार से लिंक होना चाहिए। यदि किसी और के लिए टिकट ले रहे हैं, तो उसका आधार और OTP भी जरूरी होगा।

सवाल 5: IRCTC पर आधार लिंक कैसे करें?

जवाब: IRCTC एप या वेबसाइट पर लॉग-इन करें। 'My Profile' सेक्शन में जाकर 'Aadhaar KYC' विकल्प चुनें और डिटेल्स अपडेट करें।

सवाल 6: परेशानी होने पर मदद कहां से मिलेगी?

जवाब: बुकिंग या OTP की समस्या के लिए IRCTC हेल्पलाइन (139) पर कॉल करें। आधार संबंधी दिक्कत के लिए UIDAI के नंबर (1947) पर संपर्क करें। आप नजदीकी रेलवे स्टेशन के काउंटर से भी मदद ले सकते हैं।

सवाल 7: क्या यह नियम पूरे देश के लिए है?

जवाब: हां, यह नियम पूरे भारत के सभी रेलवे जोन में लागू होगा। दिल्ली से मुंबई हो या चेन्नई, हर रूट की ऑनलाइन और काउंटर बुकिंग के लिए आधार ऑथेंटिकेशन अब अनिवार्य है।

सवाल 8: रेलवे का 60 दिन का नियम क्या है?

जवाब: पहले आप यात्रा से 120 दिन (4 महीने) पहले टिकट बुक कर सकते थे, लेकिन 1 नवंबर 2024 से रेलवे ने इसे घटाकर 60 दिन (2 महीने) कर दिया था। यानी ट्रेन छूटने की तारीख से अधिकतम 60 दिन पहले ही रिजर्वेशन होता है। इसमें यात्रा का दिन शामिल नहीं होता।

समय: हर दिन सुबह 8:00 बजे अगले 60वें दिन के लिए बुकिंग शुरू होती है।

उदाहरण: अगर आपको 30 जून को यात्रा करनी है, तो इसकी बुकिंग 60 दिन पहले यानी 1 मई को सुबह 8 बजे खुलेगी।


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ट्रम्प का दावा: मोदी जानते थे मैं नाखुश था, इसलिए भारत ने रूस से तेल आयात घटाया

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भारत द्वारा रूस से तेल आयात कम किए जाने को लेकर बड़ा बयान दिया है। ट्रम्प ने दावा किया कि भारत ने यह फैसला उन्हें खुश करने के लिए लिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जानते थे कि वह इस मुद्दे पर नाखुश हैं, इसलिए भारत ने कदम उठाया। ट्रम्प ने कहा, “वे मुझे खुश करना चाहते थे। प्रधानमंत्री मोदी बहुत अच्छे इंसान हैं। हम व्यापार करते हैं और अगर जरूरत पड़ी तो टैरिफ बढ़ाए जा सकते हैं।”

यूक्रेन युद्ध के बाद भारत रूस का सबसे बड़ा तेल खरीदार बन गया था। इस पर अमेरिका की ओर से लगातार आपत्ति जताई जा रही थी। अमेरिकी अधिकारियों ने आरोप लगाया था कि भारत द्वारा रूसी तेल की खरीद से यूक्रेन पर हो रहे हमलों को अप्रत्यक्ष रूप से फंडिंग मिल रही है। इसी वजह से ट्रम्प प्रशासन ने भारत पर अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैरिफ लगाया था।

इस बीच अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने खुलासा किया कि करीब एक महीने पहले वह भारतीय राजदूत के घर गए थे। उस बैठक में सबसे अहम मुद्दा भारत द्वारा रूस से तेल की खरीद कम करना रहा। ग्राहम के मुताबिक, भारतीय राजदूत ने उनसे राष्ट्रपति ट्रम्प तक यह संदेश पहुंचाने को कहा था कि भारत पर लगाया गया अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैरिफ हटाया जाए। उन्होंने यह भी बताया कि भारत अब पहले की तुलना में रूस से काफी कम तेल खरीद रहा है।

भारत ने चार साल बाद रूस से कच्चे तेल के आयात में कटौती की है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, नवंबर में भारत ने रूस से करीब 17.7 लाख बैरल प्रति दिन कच्चा तेल आयात किया था, जो दिसंबर में घटकर लगभग 12 लाख बैरल प्रति दिन रह गया। आने वाले महीनों में यह आंकड़ा 10 लाख बैरल प्रति दिन से भी नीचे जा सकता है। नवंबर 2021 से रूस की दो बड़ी तेल कंपनियों रोसनेफ्ट और लुकोइल पर अमेरिकी प्रतिबंध लागू होने के बाद भारत का रूसी तेल आयात लगातार घट रहा है।

यूक्रेन युद्ध के शुरुआती दौर में रूस ने भारत को 20 से 25 डॉलर प्रति बैरल तक सस्ता कच्चा तेल उपलब्ध कराया था, जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें 130 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थीं। उस समय यह छूट भारत के लिए काफी फायदेमंद थी। लेकिन अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत घटकर करीब 63 डॉलर प्रति बैरल रह गई है। इसके साथ ही रूस ने भी अपनी छूट घटाकर 1.5 से 2 डॉलर प्रति बैरल कर दी है।

कम छूट, ज्यादा शिपिंग और बीमा लागत की वजह से रूसी तेल भारत के लिए पहले जैसा फायदेमंद नहीं रह गया है। इसी कारण भारत अब फिर से सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और अमेरिका जैसे स्थिर और भरोसेमंद देशों से तेल खरीद की ओर लौट रहा है, जहां कीमतों में अब ज्यादा अंतर नहीं बचा है।

अमेरिका अब तक भारत पर कुल 50 प्रतिशत टैरिफ लगा चुका है। इसमें 25 प्रतिशत ‘रेसिप्रोकल टैरिफ’ और 25 प्रतिशत रूस से तेल खरीदने के कारण लगाया गया अतिरिक्त टैरिफ शामिल है। इन टैरिफ्स की वजह से भारत को अमेरिका में अपने उत्पादों के निर्यात में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

भारत चाहता है कि कुल 50 प्रतिशत टैरिफ को घटाकर 15 प्रतिशत किया जाए और रूसी तेल की खरीद पर लगाए गए अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैरिफ को पूरी तरह हटाया जाए। दोनों देशों के बीच इस मुद्दे पर ट्रेड डील को लेकर बातचीत जारी है और उम्मीद जताई जा रही है कि नए साल में इस पर कोई ठोस फैसला सामने आ सकता है।


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दिल्ली में रेबीज अलर्ट: सभी सरकारी-निजी अस्पतालों को केस रिपोर्ट करना अनिवार्य

दिल्ली सरकार ने ह्यूमन रेबीज यानी इंसानों में होने वाले रेबीज को नोटिफायबल डिजीज घोषित कर दिया है। इसका मतलब यह है कि रेबीज का कोई भी संदिग्ध या पुष्टि किया गया मामला सामने आते ही उसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग को देना अनिवार्य होगा। सरकार का कहना है कि इस फैसले से रेबीज के मामलों पर समय रहते निगरानी रखी जा सकेगी और मरीजों के इलाज में देरी नहीं होगी। इसके तहत अब दिल्ली के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और निजी डॉक्टरों को ऐसे मामलों की तुरंत रिपोर्ट करनी होगी।

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह ने कहा कि रेबीज से होने वाली एक भी मौत स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने बताया कि यह फैसला समय पर इलाज और बेहतर निगरानी सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है। आदेश को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। रेबीज एक जानलेवा बीमारी जरूर है, लेकिन समय पर इलाज मिलने पर इसे पूरी तरह रोका जा सकता है।

रेबीज से होने वाली मौतों को रोकने के लिए दिल्ली सरकार स्टेट एक्शन प्लान फॉर रेबीज एलिमिनेशन तैयार कर रही है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली नगर निगम (MCD) ने वर्ष 2025 में अब तक रेबीज के 49 मामले दर्ज किए हैं, जबकि डॉग बाइट के 35,198 मामले सामने आए हैं। केंद्र सरकार ने संसद में बताया था कि 2022 से 2024 के बीच दिल्ली में रेबीज से कोई मौत नहीं हुई, हालांकि RTI के जवाब में इस अवधि के दौरान लगभग 18 मौतों की जानकारी सामने आई है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, दुनिया भर में हर साल रेबीज से करीब 59 हजार लोगों की मौत होती है, जबकि भारत में यह संख्या लगभग 20 हजार है। भारत में रिपोर्ट किए गए रेबीज के करीब 60 प्रतिशत मामले और मौतें 15 साल से कम उम्र के बच्चों की होती हैं, क्योंकि बच्चों के काटने की घटनाएं अक्सर रिपोर्ट नहीं हो पातीं।

रेबीज एक वायरल संक्रमण है, जो आमतौर पर कुत्ते, बिल्ली या बंदर के काटने से फैलता है। यह संक्रमित जानवर के काटने, खरोंचने या उसकी लार के किसी खुले जख्म के संपर्क में आने से इंसानों में पहुंच सकता है। यह वायरस इंसान के दिमाग और नर्वस सिस्टम पर हमला करता है और समय पर इलाज न मिलने पर मरीज कोमा में जा सकता है या उसकी मौत भी हो सकती है।

रेबीज के शुरुआती लक्षणों में काटने वाली जगह के आसपास जलन, चुभन या खुजली शामिल है। इसके साथ तेज बुखार और मांसपेशियों में दर्द हो सकता है। जैसे-जैसे वायरस नसों के जरिए दिमाग तक पहुंचता है, लक्षण गंभीर होते जाते हैं। इसमें पानी को देखकर डर लगना, तेज हवा जैसे पंखे या कूलर से घबराहट महसूस होना प्रमुख लक्षण हैं। इसके अलावा भी कई न्यूरोलॉजिकल लक्षण दिखाई दे सकते हैं।


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भोपाल में आज सुबह इसका इस सीज़न सबसे घना कोहरा

जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में हो रही बर्फबारी का असर अब मैदानी राज्यों में साफ़ दिखने लगा है। मध्य प्रदेश और राजस्थान में शीतलहर के साथ घना कोहरा छाया हुआ है। मध्य प्रदेश में सोमवार सुबह इस सर्दी के मौसम का अब तक का सबसे घना कोहरा दर्ज किया गया। राजधानी भोपाल में विजिबिलिटी 20 मीटर से भी कम रही। हालात को देखते हुए राज्य के 19 जिलों में स्कूलों की छुट्टी घोषित की गई है, जबकि भोपाल और धार में स्कूलों का समय बदलकर सुबह 9:30 बजे कर दिया गया है।

उत्तर प्रदेश में कोहरे की वजह से सोमवार को मुजफ्फरनगर और आगरा में सड़क हादसे हुए, जहां 9 वाहन आपस में टकरा गए। इन हादसों में 5 लोगों की मौत हो गई, जबकि 10 से अधिक लोग घायल हुए हैं। लखनऊ और भदोही समेत प्रदेश के 10 शहरों में बादल छाए रहे और 10 से 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ठंडी हवाएं चलीं।

राजस्थान में रविवार को इस सीजन का सबसे ठंडा दिन और रात दर्ज की गई। माउंट आबू में लगातार तीसरे दिन तापमान शून्य डिग्री रहा, जबकि राज्य के सात शहरों में रात का तापमान 5 डिग्री से नीचे चला गया। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में अगले एक सप्ताह तक कड़ाके की सर्दी जारी रहने की संभावना है।

मौसम का आगे का हाल:

6 जनवरी को मैदानी राज्यों—पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार और मध्य प्रदेश—में बारिश का अलर्ट है, जिससे ठंड और बढ़ सकती है। पहाड़ी राज्यों के निचले इलाकों में हल्की बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना है।

7 जनवरी को जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भारी बर्फबारी का अलर्ट जारी किया गया है, जबकि पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार, मध्य प्रदेश, झारखंड और छत्तीसगढ़ में कोल्डवेव की चेतावनी दी गई है।


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रणवीर सिंह की Dhurandhar ने छावा को पछाड़ा, बॉक्स ऑफिस पर बना नया कीर्तिमान

आदित्य धर की 'धुरंधर' बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा रही है। करोड़ों कमाने के साथ-साथ फिल्म ने लोगों के दिलों में भी जगह बनाई है फिल्म के म्यूजिक, स्टोरी, डायलॉग, स्टोरी की चारों तरफ चर्चा है। अब फिल्म ने एक और कामयाबी हासिल की है।

इस प्लेटफॉर्म पर नंबर 1 बनी धुरंधर

इस फिल्म ने दुनिया भर में बॉक्स ऑफिस पर ₹1100 करोड़ से ज्यादा की कमाई की है और अब यह टिकट प्लेटफॉर्म BookMyShow पर सबसे ज्यादा बिकने वाली बॉलीवुड फिल्म बन गई है। धुरंधर ने इस प्लेटफॉर्म पर 1.3 करोड़ टिकट बेचे हैं, जिससे पिछले साल विक्की कौशल की छलावा का बनाया रिकॉर्ड टूट गया है।

धुरंधर ने बनाया ये रिकॉर्ड

Sacnilk के मुताबिक BookMyShow पर धुरंधर की 1.3 करोड़ टिकटों की बिक्री हुई है जो कि विक्की कौशल की Chhaava से ज्यादा है, जिसने पिछले साल इसी प्लेटफॉर्म पर 1.2 करोड़ से कुछ ज्यादा टिकट बेचे थे। शाहरुख खान की जवान 1.2 करोड़ बिक्री के साथ प्लेटफॉर्म पर तीसरे स्थान पर है। Stree 2 जो एक और ब्लॉकबस्टर फिल्म है, BookMyShow पर 1 करोड़ से ज्यादा टिकट बुक करने वाली हिंदी फिल्म है।

जल्द तोड़ेगी 'पुष्पा 2' का रिकॉर्ड

'धुरंधर' अभी भी किसी इंडियन फिल्म के ओवरऑल रिकॉर्ड से कुछ दूरी पर है, जो पुष्पा 2: द रूल के नाम है। अल्लू अर्जुन-स्टारर इस फिल्म ने 2024 में रिलीज होने पर प्लेटफॉर्म पर 2 करोड़ टिकट बेचे थे।

पूरे भारत में बिके 3 करोड़ से ज्यादा टिकट

हाल के सालों में, BookMyShow बड़ी फिल्मों के सभी टिकटों की बिक्री का लगभग एक-तिहाई हिस्सा बन गया है, खासकर उन फिल्मों के लिए जो टियर-1 और टियर-2 शहरों को टारगेट करती हैं। धुरंधर के लिए भी यही सच है। ट्रेड से जुड़े लोगों का कहना है कि धुरंधर ने अब तक पूरे भारत में 3.5 करोड़ से ज्यादा टिकट बेचे हैं और बॉक्स ऑफिस पर ₹886 करोड़ से ज्यादा की कमाई की है। इनमें से, अनुमानित 1.3 करोड़ टिकट BookMyShow पर बिके हैं, जबकि 2 करोड़ से ज्यादा टिकट स्पॉट बुकिंग के जरिए बिके हैं।

धुरंधर के बारे में

आदित्य धर द्वारा निर्देशित धुरंधर में रणवीर सिंह एक भारतीय जासूस की भूमिका में हैं जो पाकिस्तान के लियारी में एक बलूच गैंग में घुसपैठ करता है। यह फिल्म सच्ची घटनाओं पर आधारित है, जिसमें अक्षय खन्ना ने रहमान बलूच का किरदार निभाया है, जो कराची का एक असली गैंगस्टर था जिसे 2009 में गोली मार दी गई थी। 'धुरंधर' में आर माधवन और अर्जुन रामपाल भी अहम भूमिकाओं में हैं। फिल्म का दूसरा पार्ट मार्च 2026 में रिलीज होगा।


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अब डिजिटल पढ़ाई पर जोर, बिहार के स्कूलों में स्मार्ट क्लास और ICT लैब का आदेश

बिहार में वित्तीय वर्ष 2025-26 में 5,277 उच्च माध्यमिक विद्यालयों में ICT लैब स्थापित की जाएगी। वहीं 6,113 उच्च माध्यमिक विद्यालयों में स्मार्ट क्लास का निर्माण किया जा रहा है, जिसका काम फरवरी तक पूरा होने की संभावना है। नए शैक्षणिक सत्र से इन स्मार्ट क्लास में पढ़ाई शुरू होगी।

माध्यमिक विद्यालयों में विज्ञान की पढ़ाई को बढ़ावा देने के लिए नवाचार भी लागू किए जा रहे हैं। इसके तहत इंटीग्रेटेड साइंस लैब स्थापित की जा रही हैं। शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. बी. राजेन्दर ने सभी जिलों को समय पर कार्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं।

शिक्षा विभाग के अनुसार, डिजिटल पहल के तहत राज्य के 1,987 सरकारी विद्यालयों में ICT लैब संचालित की जा रही हैं, जिनमें 1,203 प्रारंभिक और 784 उच्च माध्यमिक विद्यालय शामिल हैं। वहीं, 2,739 प्रारंभिक विद्यालयों में 5,478 स्मार्ट क्लास चल रही हैं।

वित्तीय वर्ष 2024-25 में 4,621 माध्यमिक विद्यालयों में इंटीग्रेटेड साइंस लैब स्थापित की गई थी, जिनमें से 4,563 विद्यालयों में कार्य पूरा हो चुका है। इस वर्ष 3,991 माध्यमिक विद्यालयों में इंटीग्रेटेड साइंस लैब के लिए आवश्यक सामग्रियों की आपूर्ति हो चुकी है, और 1,529 विद्यालयों में लैब अधिष्ठापन का काम पूरा हो गया है। इसके अलावा 76 उच्च माध्यमिक विद्यालयों में लैब और रोबोटिक्स की स्थापना की गई है।

वित्तीय वर्ष 2025-26 में 3,478 माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में फिजिक्स लैब, 3,508 में केमिस्ट्री लैब और 3,478 में बायोलॉजी लैब के निर्माण और संचालन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

वर्तमान शैक्षणिक सत्र 2025-26 में राज्य के सभी सरकारी विद्यालयों में 1,61,138 टैबलेट वितरित किए गए हैं। इसके माध्यम से शिक्षक उपस्थिति, छात्र उपस्थिति और प्रधानमंत्री पोषण योजना का रियल-टाइम डिजिटल अनुश्रवण शुरू किया जा रहा है। नए वित्तीय वर्ष में शेष सरकारी विद्यालयों में भी स्मार्ट क्लास की स्थापना की जाएगी।


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वेनेजुएला की राजधानी में जोरदार धमाके, हवा में फाइटर जेट

नेजुएला की राजधानी काराकास में शनिवार, 3 जनवरी की रात एक के बाद एक कई जोरदार धमाके सुनाई दिए। इस दौरान आसमान में तेज आवाज करते हुए एयरक्राफ्ट के उड़ने की भी खबर है। हालांकि, इन घटनाओं को लेकर वेनेजुएला सरकार की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार, धमाकों और एयरक्राफ्ट की तेज आवाजों से घबराकर राजधानी के कई लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। इन घटनाओं को अमेरिका की हालिया चेतावनियों से जोड़कर देखा जा रहा है, जिससे हालात को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।

अमेरिका से जोड़कर देखे जा रहे हमले

वेनेजुएला में ये धमाके ऐसे समय हुए हैं, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में वेनेजुएला के खिलाफ जमीनी सैन्य कार्रवाई की आशंका जताई थी। 29 दिसंबर को ट्रंप ने दावा किया था कि अमेरिका ने वेनेजुएला की ड्रग नौकाओं के डॉकिंग क्षेत्र पर हमला कर उसे नष्ट कर दिया है।

वहीं वेनेजुएला के राष्ट्रपति ने आरोप लगाया है कि वॉशिंगटन उनकी सरकार को सत्ता से हटाने की कोशिश कर रहा है, क्योंकि वेनेजुएला के पास दुनिया का सबसे बड़ा ज्ञात तेल भंडार मौजूद है।

डोनाल्ड ट्रंप बीते कई हफ्तों से वेनेजुएला में सक्रिय मादक पदार्थों के गिरोहों के खिलाफ जमीनी हमले की धमकी देते आ रहे हैं। उन्होंने कहा है कि ये हमले जल्द शुरू होंगे, जिनका संकेत हालिया घटनाओं में देखा जा सकता है।

अमेरिकी सेना ने सितंबर से कैरेबियन सागर और पूर्वी प्रशांत महासागर में कई नौकाओं को निशाना बनाया है। अमेरिका का दावा है कि ये नौकाएं मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल थीं, हालांकि अमेरिकी प्रशासन ने इस संबंध में अब तक कोई ठोस सबूत सार्वजनिक नहीं किया है। इसी वजह से इस सैन्य अभियान की वैधता पर सवाल उठने लगे हैं।


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