WhatsApp 1 मार्च से सिम कार्ड के बिना नहीं चलेगा

केंद्र सरकार ने गुरुवार को साफ कर दिया है कि 'सिम बाइंडिंग' के नियमों को लागू करने की 28 फरवरी की डेडलाइन नहीं बढ़ाई जाएगी। नए नियमों के तहत मोबाइल में सिम कार्ड न होने पर वॉट्सएप, टेलीग्राम, सिग्नल, स्नैपचैट, शेयरचैट, जियोचैट, अराटाई और जोश जैसे मैसेजिंग एप काम नहीं करेंगे।

कंप्यूटर पर लॉगिन वॉट्सएप भी 6 घंटे में लॉगआउट हो जाएगा। सरकार का दावा है कि इससे साइबर धोखेबाजों का पता लगाने में मदद मिलेगी।

सवाल. क्या है सिम बाइंडिंग?

जवाब. सिम बाइंडिंग एक सुरक्षा कवच है। यह आपके मैसेजिंग एप को आपके फिजिकल सिम कार्ड के साथ 'लॉक' कर देता है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि कोई भी हैकर या ठग आपके नंबर का इस्तेमाल किसी दूसरे डिवाइस पर बैठकर नहीं कर पाएगा।

सवाल. सिम बाइंडिंग का नया नियम कब से लागू होगा?

जवाब. जब आप किसी एप को सिम बाइंडिंग से जोड़ते हैं, तो वह एप तभी खुलेगा जब आपका रजिस्टर्ड सिम कार्ड उसी फोन के अंदर मौजूद होगा। यह नियम 1 मार्च 2026 से प्रभावी होगा।

सवाल. सरकार ने डेडलाइन बढ़ाने से मना क्यों किया?

जवाब. केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि फिलहाल नियमों को मानने की समय-सीमा आगे बढ़ाने पर कोई विचार नहीं है।

उन्होंने कहा कि ये नियम राष्ट्रीय सुरक्षा और धोखाधड़ी रोकने के लिए लागू किए गए हैं और सुरक्षा के मुद्दों पर सरकार कोई समझौता नहीं करेगी।

सवाल. 1 मार्च से यूजर्स को क्या करना होगा?

जवाब. यूजर्स को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनका वॉट्सएप जिस नंबर पर है, वह सिम उसी फोन में लगा हो। अगर सिम कार्ड फोन से बाहर निकाला तो मैसेजिंग एप काम करना बंद कर सकता है।

सवाल. टेक कंपनियों और संस्थाओं का इस पर क्या रुख है?

जवाब. इंडस्ट्री एसोसिएशन (IAMAI) ने सरकार को चेतावनी दी है कि हर 6 घंटे में लॉगआउट करने का नियम प्रोफेशनल्स के लिए परेशानी भरा होगा। साथ ही उन यूजर्स को भी दिक्कत होगी जो एक ही अकाउंट शेयर करते हैं।

सवाल. कंपनियों ने नियम नहीं माना तो क्या कार्रवाई होगी?

जवाब. केंद्र सरकार के आदेश के मुताबिक कंपनियों को 120 दिन के भीतर इसको लेकर रिपोर्ट देनी होगी। नियमों का पालन न करने पर टेलीकम्युनिकेशन एक्ट 2023, टेलीकॉम साइबर सिक्योरिटी रूल्स और दूसरे लागू कानूनों के तहत कार्रवाई की जाएगी।

ज्यातिरादित्य सिंधिया ने दो अन्य मामलों पर भी जानकारी दी…

1. स्टारलिंक की लॉन्चिंग

सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस 'स्टारलिंक' के बारे में सिंधिया ने बताया कि कंपनी ने अभी तक सरकारी सुरक्षा एजेंसियों के सामने जरूरी डेमो पूरे नहीं किए हैं।

कंपनी को यह दिखाना होगा कि वह भारतीय सीमाओं के बाहर इंटरनेट एक्सेस बंद कर सकती है। जरूरत पड़ने पर नेटवर्क पर कंट्रोल दे सकती है।

2. BSNL अफसर का मामला

हाल ही में BSNL डायरेक्टर विवेक बंजल के प्रयागराज दौरे का एक सरकारी आदेश वायरल हुआ था। इसमें उनकी सेवा के लिए करीब 50 कर्मचारियों का इंतजाम करने को कहा गया था।

सिंधिया ने कहा कि इस मामले में 'कारण बताओ' नोटिस जारी कर दिया गया है। 21वीं सदी के भारत में ऐसा आदेश जारी होना कतई मंजूर नहीं है। हम इसे ऐसे ही नहीं जाने देंगे।

विवादों के बीच मंत्री सिंधिया ने ये भी बताया कि सरकारी टेलीकॉम कंपनी BSNL फिलहाल आर्थिक रूप से बेहतर कर रही है और कंपनी "हेल्दी कैश फ्लो" जेनरेट कर रही है।


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अमेरिका में बर्फीले तूफान का असर — 11 हजार फ्लाइट रद्द

अमेरिका में भीषण तेज हवाओं और भारी बर्फबारी के कारण एयरपोर्ट पर रनवे बंद करने पड़े और कई जगह उड़ानों पर रोक लगानी पड़ी है। यहां रविवार से मंगलवार के बीच 11,055 से ज्यादा उड़ानें रद्द कर दी गईं।

सिर्फ सोमवार को ही करीब 5,600 से 5,700 उड़ानें कैंसिल हुईं, जो देशभर की उड़ानों का लगभग 20% था। यह जानकारी फ्लाइट ट्रैकिंग कंपनी फ्लाइटअवेयर ने दी। नेशनल वेदर सर्विस के मुताबिक, रोड आइलैंड और मैसाचुसेट्स के कुछ हिस्सों में लगभग 37 इंच तक बर्फ गिरी।

बर्फबारी की वजह से उत्तर-पूर्वी राज्यों में 6 लाख से ज्यादा घरों की बिजली चली गई। सोमवार शाम तक 5 लाख 19 हजार 232 घर और ऑफिस बिना बिजली के थे। भारी बर्फबारी के कारण द बोस्टन ग्लोब अपने 153 साल के इतिहास में पहली बार अखबार नहीं छाप सका क्योंकि कर्मचारी प्रिंटिंग प्रेस तक नहीं पहुंच पाए।

बर्फबारी से कई राज्यों में इमरजेंसी घोषित

न्यूयॉर्क के सेंट्रल पार्क में रविवार से सोमवार के बीच करीब 20 इंच बर्फ दर्ज की गई, जबकि लॉन्ग आइलैंड के इस्लिप इलाके में 22 इंच से ज्यादा बर्फ पड़ी। प्रोविडेंस, रोड आइलैंड में 32.8 इंच बर्फबारी हुई, जिसने 1978 के पुराने रिकॉर्ड 28.6 इंच को तोड़ दिया।

हालात इतने खराब हो गए कि कई राज्यों में इमरजेंसी घोषित करनी पड़ी। न्यूयॉर्क सिटी में स्कूलों, सड़कों, पुलों और हाईवे को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया। बाद में हालात सुधरने पर मेयर जोहरान ममदानी ने यह आदेश हटा लिया और कहा कि स्कूल मंगलवार को खुलेंगे।

वहीं मैसाचुसेट्स की गवर्नर मॉरा हीली ने कुछ इलाकों में ट्रैवल बैन लागू किया और लोगों से घर में रहने की अपील की। रोड आइलैंड के गवर्नर डैन मैकी ने भी पूरे राज्य में ट्रैवल बैन लगा दिया। न्यूयॉर्क की गवर्नर कैथी होचुल ने भी पूरे राज्य में इमरजेंसी की घोषणा की और नेशनल गार्ड को अलर्ट पर रखा है।

न्यूयॉर्क में ट्रेन सेवा भी सस्पेंड रही

तूफान का असर सिर्फ सड़कों और हवाई सेवाओं तक सीमित नहीं रहा। न्यूयॉर्क और बोस्टन के बीच ट्रेन सेवा सोमवार रात तक सस्पेंड रही। थिएटर ब्रॉडवे के सभी शो रविवार शाम रद्द कर दिए गए

मौसम विभाग के वैज्ञानिकों ने कहा कि यह पिछले लगभग एक दशक का सबसे शक्तिशाली नॉरईस्टर तूफान है। कई इलाकों में प्रति घंटे 2 से 3 इंच तक बर्फ गिरने की चेतावनी दी गई है और हवा की रफ्तार कुछ जगह 110 मील प्रति घंटे तक पहुंच गई।

नॉरईस्टर एक तरह का तेज तूफान होता है जो अमेरिका के पूर्वी तट पर आता है। इसे नॉरईस्टर इसलिए कहते हैं क्योंकि इसमें हवाएं आमतौर पर उत्तर-पूर्व (नॉर्थ-ईस्ट) दिशा से चलती हैं।

गर्म और नम हवा मिलकर बनाती है यह तूफान

अमेरिका के उत्तर-पूर्व में आने वाला यह विंटर स्टॉर्म इसलिए बनता है क्योंकि वहां मौसम की कुछ खास स्थितियां एकसाथ बन जाती हैं। सर्दियों में कनाडा की तरफ से बहुत ठंडी हवा नीचे की ओर आती है।

उसी समय समुद्र की तरफ से हल्की गर्म और नम हवा ऊपर उठती है। जब ये दोनों आमने-सामने आती हैं तो मौसम अचानक बिगड़ जाता है और तेज बर्फीला तूफान बन जाता है।

समुद्र भी इसमें बड़ी भूमिका निभाता है। अटलांटिक महासागर का पानी ठंड के मुकाबले थोड़ा गर्म रहता है। इससे हवा में नमी बढ़ती है। जब यह नमी ठंडी हवा से मिलती है तो भारी बर्फ गिरने लगती है।

आसमान में तेज रफ्तार से चलने वाली हवाएं भी इस सिस्टम को और ताकत देती हैं। इन हवाओं को जेट स्ट्रीम कहते हैं।

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बिहार में बर्ड फ्लू अलर्ट: वायरस क्या है और किन लक्षणों से रहें सावधान

बिहार में कुछ इलाकों में पक्षियों में बर्ड फ्लू के मामले सामने आए हैं। इस रिपोर्ट के बाद नगर निगम और पशुपालन विभाग की टीम अलर्ट पर हैं और संक्रमित इलाकों में रोकथाम के लिए एक्शन तेज कर दिए गए हैं।

ऐसे में सावधानी बरतने की जरूरत है, क्योंकि बर्ड फ्लू इंसानों में भी फैल सकता है। आइए जानें इसके लक्षण कैसे होते हैं और बचाव के लिए क्या कर सकते हैं। 

कैसे फैलता है बर्ड फ्लू?

बर्ड फ्लू इन्फ्लुएंजा ए वायरस, खासकर H5N1 के कारण होता है। मुख्य रूप से यह पक्षियों की बीमारी है, लेकिन यह इंसानों में भी कुछ कारणों से फैल सकता है।

सीधा संपर्क- संक्रमित पक्षियों या उनके लार या बीट के सीधे संपर्क में आने से।

दूषित वातावरण- पक्षियों के पिंजरे, मिट्टी या पानी के संपर्क में आना जहां संक्रमित पक्षी रहे हों।

अस्वच्छता- बिना सही साफ-सफाई के पोल्ट्री या अंडों का रख-रखाव करना।

इंसानों में बर्ड फ्लू के लक्षण

अगर कोई व्यक्ति इस वायरस की चपेट में आता है, तो संपर्क में आने के 2 से 8 दिनों के भीतर लक्षण दिखाई दे सकते हैं। ये लक्षण सामान्य फ्लू जैसे भी हो सकते हैं और गंभीर भी-

आंखों का लाल होना 

तेज बुखार और थकान

खांसी, गले में खराश और बहती नाक

मांसपेशियों में दर्द और सांस लेने में तकलीफ

जी मिचलाना, उल्टी या दस्त होना

खुद को सुरक्षित कैसे रखें?

प्रोटेक्टिव गियर का इस्तेमाल- अगर आप पक्षियों के संपर्क में आते हैं, तो हमेशा दस्ताने, मास्क और चश्मे का इस्तेमाल करें।

हाथों की सफाई- पक्षियों या उनके रहने की जगह से आने के बाद अपने हाथों को साबुन से अच्छी तरह धोएं।

जूते घर के बाहर उतारें- अगर आप ऐसी जगह गए हैं जहां मुर्गीपालन होता है या जंगली पक्षी रहते हैं, तो अपने जूते घर के बाहर ही उतारें ताकि इन्फेक्शन घर के अंदर न फैले।

बीमार जानवरों से दूरी- कभी भी बीमार या मृत पक्षियों के पास न जाएं और न ही उन्हें छुएं। इन्फेक्शन के लक्षण नजर आने पर डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें।

खान-पान की सुरक्षा- कच्चा या अनपाश्च्यूराइज्ड दूध न पिएं। साथ ही, पोल्ट्री प्रोडक्ट्स को अच्छी तरह पकाकर ही खाएं।

फ्लू का टीका- हालांकि, मौसमी फ्लू का टीका सीधे बर्ड फ्लू से नहीं बचाता, लेकिन यह आपको गंभीर रूप से बीमार होने और दोहरे संक्रमण के जोखिम से बचा सकता है।


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ना जाने कौन आ गया — सादगी भरी और दिल छू लेने वाली प्रेम कहानी

6 मार्च को रिलीज हो रही फिल्म ‘ना जाने कौन आ गया’ एक सादगी भरी लव स्टोरी है, जो रिश्तों की जटिलताओं, आत्ममंथन और प्यार की मासूमियत को बड़े पर्दे पर पेश करती है। पहाड़ों की खूबसूरत वादियों में फिल्माई गई यह कहानी आज के दौर के टॉक्सिक माहौल में प्यार और संवेदनशीलता की बात करती है। फिल्म में जतीन सरना, मधुरिमा रॉय और प्रणय पचौरी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। फिल्म की रिलीज से पहले दैनिक भास्कर ने स्टारकास्ट से खास बातचीत की। कलाकारों ने अपने किरदार, शूटिंग के अनुभव और फिल्म के संदेश को लेकर खुलकर बातें की हैं।

स्क्रिप्ट पढ़ते ही ऐसा कौन-सा पहलू था जिसने आपको महसूस कराया कि यह फिल्म आपको जरूर करनी चाहिए?

जतीन सरना- मेरे किरदार की सादगी ने मुझे सबसे ज्यादा आकर्षित किया। वो एक आम इंसान है, जो जिंदगी को जीने के बजाय सिर्फ सर्वाइव करने में फंसा रहता है। ऐसे लोगों का दर्द, उनकी मासूमियत और जिंदगी को बस जी लेने की चाह यही मुझे छू गया।

एक अभिनेता के तौर पर मुझे लगा कि यह एक नया और अनछुआ किरदार है। निर्देशक विकास ने जिस तरह कहानी सुनाई, उसी वक्त तय कर लिया कि यह फिल्म करनी है।

ट्रेलर में हेट, लव और बिट्रेयल की झलक दिखती है। क्या आप इससे रियल लाइफ में रिलेट करते हैं?

जतीन सरना- जहां प्यार होगा, वहां नफरत भी होगी, धोखा भी और अफसोस भी। लेकिन जिंदगी की खूबसूरती इन्हीं भावनाओं को समझकर आगे बढ़ने में है। यही जीवन का चक्र है।

इस फिल्म में आपका किरदार पहले निभाए गए रोल्स से किस तरह अलग है, और उसे पर्दे पर उतारना आपके लिए कितना चुनौतीपूर्ण रहा?

मधुरिमा रॉय- मेरे पिछले किरदारों में डार्क शेड्स ज्यादा थे, लेकिन इस फिल्म में मेरा किरदार बहुत मासूम और पॉजिटिव है। वह कमरे में आती है तो माहौल बदल देती है। उसकी सरलता और बचपना निभाना आसान नहीं था। सादगी को निभाना, नेगेटिव किरदारों से कहीं ज्यादा चुनौतीपूर्ण होता है।

आज के युवाओं के लिए फिल्म क्या संदेश देती है?

मधुरिमा रॉय- आज सोशल मीडिया और डेटिंग ऐप्स के दौर में रिश्ते बहुत कॉम्प्लिकेटेड हो गए हैं। हम हर चीज को ‘लव बॉम्बिंग’, ‘घोस्टिंग’ जैसे टर्म्स में बांट देते हैं। हमारी फिल्म कहती है थोड़ा रुकिए, खुद को समझिए। हर गलती सामने वाले की नहीं होती, कभी-कभी हमें भी खुद में झांकने की जरूरत होती है। प्यार में पवित्रता और सादगी को फिर से महसूस कीजिए।

स्क्रिप्ट सुनते ही आपके मन में पहली प्रतिक्रिया क्या थी, और किस बात ने आपको इस फिल्म का हिस्सा बनने के लिए सबसे ज्यादा उत्साहित किया?

प्रणय पचौरी- मुझे बताया गया कि सोचिए अगर ओशो पहाड़ों में एक आम इंसान की तरह रहते तो कैसे होते। यह सुनकर मैं उत्साहित हो गया। एक पहाड़ी लड़का, जो जीप चलाता है, बच्चों को पढ़ाता है और एक लव ट्रायंगल का हिस्सा है यह कॉम्बिनेशन दिलचस्प लगा।

साथ ही पहाड़ों में शूटिंग का अनुभव बेहद खास रहा। ठंड, मौसम और लोकेशन की चुनौतियों के बावजूद सेट पर परिवार जैसा माहौल था।

रिलीज से पहले दर्शकों के लिए आपका एक संदेश आखिर 6 मार्च को वे आपकी फिल्म देखने सिनेमाघर क्यों जाएं?

जतीन सरना- हमने दिल से फिल्म बनाई है। अब इसे पार लगाने की जिम्मेदारी दर्शकों की है। बस एक मौका दीजिए 6 मार्च को सिनेमाघरों में जाकर फिल्म देखिए।

मधुरिमा रॉय- आज के टॉक्सिक माहौल में प्यार ही एक ऐसी चीज है जो दुनिया को सॉफ्ट बना सकती है। यह फिल्म उसी सादगी और मासूमियत की बात करती है।

प्रणय पचौरी- बहुत समय बाद एक सिंपल लव स्टोरी आई है। यह फिल्म प्यार को समझने और सेलिब्रेट करने की कोशिश है। उम्मीद है दर्शक इसे अपनाएंगे।

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भूत बंगला के पहले गाने का टीज़र रिलीज

फिल्म ‘भूत बंगला’ के पहले गाने ‘रामजी आके भला करेंगे’ का टीजर मेकर्स ने बुधवार को रिलीज किया। गाने में अक्षय कुमार कॉमिक अंदाज में नजर आ रहे हैं। वीडियो में हाई-एनर्जी विजुअल्स और तेज बीट्स देखने को मिलती हैं।

गौरतलब है कि फिल्म ‘भूत बंगला’ को 2026 की बहुप्रतीक्षित फिल्मों में गिना जा रहा है। कई सालों बाद अक्षय कुमार और प्रियदर्शन की जोड़ी बड़े पर्दे पर साथ लौट रही है। दोनों ने पहले ‘हेरा फेरी’, ‘भागम भाग’ और ‘गरम मसाला’ जैसी सुपरहिट कॉमेडी फिल्में दी हैं, जिससे दर्शकों में खास उत्साह है। फिल्म 10 अप्रैल को रिलीज होगी।

गाने को प्रीतम ने कंपोज किया है

गाने ‘रामजी आके भला करेंगे’ को प्रीतम ने कंपोज किया है। इसे देव अरिजीत ने गाया है, जबकि मेलो डी ने रैप सेगमेंट लिखा और परफॉर्म किया है। गाने की झलक को दर्शकों से पॉजिटिव रिएक्शन मिल रहा है। हालांकि, फिल्म की कहानी को लेकर आधिकारिक तौर पर ज्यादा जानकारी शेयर नहीं की गई है।

फिल्म को बालाजी मोशन पिक्चर्स और केप ऑफ गुड फिल्म्स मिलकर प्रेजेंट कर रहे हैं। इसमें अक्षय कुमार के साथ वामिका गब्बी, परेश रावल, तब्बू और राजपाल यादव नजर आएंगे। फिल्म को अक्षय कुमार, शोभा कपूर और एकता आर. कपूर ने प्रोड्यूस किया है।


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श्रीलंका राष्ट्रीय क्रिकेट टीम सेमीफाइनल की रेस से बाहर

मेजबान श्रीलंका टी-20 वर्ल्ड कप के सुपर-8 स्टेज से बाहर होने वाली पहली टीम बन गई। टीम को न्यूजीलैंड ने सुपर-8 में 61 रन से हरा दिया। ग्रुप-2 से इंग्लैंड ने नॉकआउट स्टेज में क्वालिफाई कर लिया। अब न्यूजीलैंड ने इंग्लैंड को हरा दिया तो पाकिस्तान भी बाहर हो जाएगा।

ग्रुप-1 में आज 2 मैच खेले जाएंगे। दोपहर 3 बजे से साउथ अफ्रीका और वेस्टइंडीज भिड़ेंगे। वहीं शाम 7 बजे से भारत का सामना जिम्बाब्वे से होगा। इस मुकाबले को हारने वाली टीम सेमीफाइनल की रेस से बाहर हो जाएगी।

क्या भारत क्वालिफाई करेगा?

ग्रुप-1 पॉइंट्स टेबल में फिलहाल वेस्टइंडीज और साउथ अफ्रीका 2-2 पॉइंट्स के साथ टॉप-2 पोजिशन पर हैं। भारत और जिम्बाब्वे आखिरी 2 पोजिशन पर हैं, दोनों का रन रेट माइनस में है।

भारत को सीधे क्वालिफाई करने के लिए आखिरी दोनों मैच जीतने होंगे, साथ ही साउथ अफ्रीका के वेस्टइंडीज के खिलाफ जीतने की उम्मीद भी करनी होगी।

भारत आखिरी दोनों मैच जीत गया और वेस्टइंडीज ने साउथ अफ्रीका को हरा दिया तो 3 टीमों के 4-4 पॉइंट्स हो जाएंगे। ऐसे में क्वालिफाई करने के लिए भारत को अपना रन रेट बाकी टीमों से बेहतर रखना होगा।

भारत अगर एक भी मैच हारा तो टीम नॉकआउट की रेस से बाहर हो जाएगी। आज टीम जिम्बाब्वे से भिड़ेगी।

ग्रुप-1 में बाकी टीमों के क्या समीकरण हैं?

साउथ अफ्रीका अब वेस्टइंडीज और जिम्बाब्वे को हराकर सेमीफाइनल में पहुंच जाएगी। टीम एक भी मुकाबला हारी तो उन्हें अपना रन रेट बेहतर रखना होगा। दोनों मैच हारने पर टीम बाहर हो जाएगी।

वेस्टइंडीज को क्वालिफाई करने के लिए साउथ अफ्रीका और भारत के खिलाफ आखिरी दोनों मैच जीतने होंगे। टीम एक भी मुकाबला हारी तो उन्हें अपना रन रेट बेहतर रखना होगा। दोनों मैच हारने पर टीम बाहर हो जाएगी।

जिम्बाब्वे एक मैच हार चुकी है। टीम को क्वालिफाई करने के लिए भारत और साउथ अफ्रीका के खिलाफ आखिरी दोनों मैच जीतने ही होंगे। एक भी मैच हारने पर टीम बाहर हो जाएगी।

इंग्लैंड सेमीफाइनल में पहुंचा, श्रीलंका बाहर

ग्रुप-2 में 4 पॉइंट्स के साथ इंग्लैंड ने सेमीफाइनल में जगह बना ली। अब न्यूजीलैंड के खिलाफ आखिरी मैच जीतकर टीम अपने ग्रुप में नंबर-1 पर फिनिश कर सकती है।

बुधवार को न्यूजीलैंड ने 61 रन से मैच जीतकर मेजबान श्रीलंका को सेमीफाइनल की रेस से बाहर कर दिया। टीम इंग्लैंड से भी हार गई। अब श्रीलंका आखिरी मैच में पाकिस्तान को हराकर उन्हें भी बाहर कर सकता है।

न्यूजीलैंड 3 पॉइंट्स के साथ नंबर-2 पर पहुंच गया। सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए टीम को इंग्लैंड के खिलाफ आखिरी मैच जीतना होगा, अगर टीम हारी तो उन्हें पाकिस्तान के हारने की दुआ करनी होगी।

पाकिस्तान को क्वालिफाई करना है तो श्रीलंका के खिलाफ आखिरी मैच जीतने के साथ न्यूजीलैंड के आखिरी मैच में हारने की दुआ भी करनी होगी। साथ ही अपना रन रेट भी न्यूजीलैंड से बेहतर रखना होगा।

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नरेंद्र मोदी इंस्टाग्राम पर 10 करोड़ फॉलोअर्स वाले पहले नेता बने

पीएम नरेंद्र मोदी के इंस्टाग्राम पर 100 मिलियन, यानी 10 करोड़ फॉलोअर्स हो गए हैं। इस प्लेटफॉर्म पर यह उपलब्धि हासिल करने वाले वे दुनिया के पहले लीडर और पॉलिटिशियन बन गए हैं।

PM मोदी 2014 में इंस्टाग्राम से जुड़े थे। यहां उनके अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रम्प से दोगुने से भी ज्यादा फॉलोअर्स हैं। ट्रम्प 43.2 मिलियन फॉलोअर्स के साथ दूसरे नंबर पर हैं।

दुनिया के 5 बड़े लीडर्स के कुल फॉलोअर्स की संख्या मोदी के अकेले फॉलोअर्स की संख्या से कम है। ट्रम्प के बाद इंडोनेशिया के प्रेसिडेंट प्रबोवो सुबियांटो 15 मिलियन फॉलोअर्स का नंबर आता है।

ब्राजील के प्रेसिडेंट लूला 14.4 मिलियन फॉलोअर्स के साथ चौथे नंबर पर हैं। तुर्की के प्रेसिडेंट एर्दोगन के 11.6 मिलियन फॉलोअर्स हैं।

मोदी का इंस्टाग्राम जॉइन करने से लेकर 100 मिलियन का सफर

12 नवंबर 2014: इंस्टाग्राम जॉइन किया, कुछ ही घंटे में 50 हजार फॉलोअर्सप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 12 नवंबर 2014 को इंस्टाग्राम जॉइन किया। उन्होंने अपनी पहली फोटो म्यांमार के नय पाई तॉ में आयोजित आसियान समिट से पोस्ट की थी। इंस्टा जॉइन करने के कुछ ही घंटों के भीतर उनके अकाउंट पर 50 हजार से ज्यादा फॉलोअर्स हो गए थे।

2017-2018: 10 मिलियन फॉलोअर्स पार2017-2018 के दौरान नरेंद्र मोदी ने 1 करोड़ फॉलोअर्स का आंकड़ा पार किया। यह उपलब्धि हासिल करने वाले वे दुनिया के सबसे लोकप्रिय राजनीतिक नेताओं में शामिल हुए।

2019- 2020: 40 मिलियन का आंकड़ा छुआ2019 में दूसरी बार प्रधानमंत्री बनने के बाद उनके फॉलोअर्स तेजी से बढ़े। 2020 तक उनका अकाउंट लगभग 40 मिलियन यानी 4 करोड़ फॉलोअर्स तक पहुंचा। कोविड-19 के दौरान उनके संदेशों और अभियानों ने फॉलोअर्स तेजी से बढ़ाए।

2021-2022: 70 मिलियन फॉलोअर्सइस टाइम पीरियड में पीएम मोदी ने कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों की तस्वीरें शेयर कीं। इंस्टा पर उनकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ती रही, 2022 तक उनके फॉलोअर्स 70 मिलियन पहुंचे। वे दुनिया के सबसे ज्यादा फॉलो किए जाने वाले नेताओं में टॉप पर आए।

2023: 80 मिलियन फॉलोअर्स2023 में नरेंद्र मोदी ने 8 करोड़ फॉलोअर्स का आंकड़ा पार किया। इस दौरान G20, विदेश यात्राओं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों से जुड़ी पोस्ट काफी लोकप्रिय रहीं। उनके अकाउंट की वैश्विक पहुंच लगातार बढ़ती रही।

जुलाई 2024: 90 मिलियन फॉलोअर्स पर पहुंचेजुलाई 2024 में पीएम मोदी ने 90 मिलियन फॉलोअर्स का आंकड़ा पार किया। इस माइलस्टोन के साथ वे इंस्टा पर दुनिया के सबसे ज्यादा फॉलो किए जाने वाले पॉलिटिकल लीडर बने।

पीएम का अकाउंट ग्लोबल इन्फ्लुएंसर्स अकाउंट्स में जुड़ा2025 में पीएम मोदी के फॉलोअर्स 95 मिलियन हुए। इसकी के साथ उनका अकाउंट ग्लोबल इन्फ्लुएंसर्स अकाउंट्स की लिस्ट में जोड़ा गया। उनकी पोस्ट को लाखों-करोड़ों लाइक्स मिलना आम बात हुई।

X पर 2 साल पहले 100 मिलियन, अब 106.5

सोशल मीडिया X पर पीएम मोदी के 2024 में ही 100 मिलियन फॉलोअर्स का आंकड़ा छू लिया था। इस वक्त उनके X पर 106.2 मिलियन फॉलोअर्स हैं।

यह प्रधानमंत्री के किसी भी सोशल मीडिया अकाउंट पर फॉलोअर्स की सबसे ज्यादा संख्या है। इसके बाद इंस्टाग्राम पर 100 मिलियन, फेसबुक पर 54 मिलियन और वॉट्सएप पर 11.7 मिलियन फॉलोअर्स हैं।


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‘ज्यूडीशियल करप्शन’ विवाद: NCERT बोला — अनजाने में हुई गलती

क्लास 8 की सोशल साइंस की टेक्स्टबुक में ‘ज्यूडीशियल करप्शन’ विवाद पर NCERT ने बुधवार को पहली प्रतिक्रिया दी। NCERT ने कहा कि वे ज्यूडिशियरी का बहुत सम्मान करते हैं। किताब में गलती अनजाने में हुई है और NCERT को उस चैप्टर में गलत मटेरियल शामिल करने का अफसोस है। चैप्टर को दोबारा लिखा जाएगा।

NCERT ने 24 फरवरी को क्लास 8 के स्टूडेंट्स के लिए सोशल साइंस की नई टेक्‍स्‍टबुक जारी की थी। ये किताब एकेडमिक सेशन 2026-27 से स्‍कूलों में पढ़ाई जानी थी। इसका पहला पार्ट जुलाई 2025 में रिलीज किया गया था।

शिक्षा मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, इस किताब की 2.25 लाख कॉपियां छपी थीं। इनमें से सिर्फ 38 कॉपियां ही बाजार में बिक पाईं। अब इन कॉपियों को ढूंढकर वापस लेने की कोशिश की जा रही है। बाकी 2,24,962 कॉपियां गोदाम में ही थीं, जिन्हें वापस मंगा लिया गया है।

किताब का नाम ‘एक्सप्लोरिंग सोसायटी: इंडिया एंड बियॉन्ड पार्ट 2’ है। इसमें ‘द रोल ऑफ द ज्यूडीशियरी इन अवर सोसायटी’ चैप्टर के अंदर ‘करप्‍शन इन द ज्यूडिशियरी’ का टॉपिक जोड़ा गया है।

इसमें कहा गया है कि भ्रष्टाचार, बड़ी संख्या में पेंडिंग मामले और जजों की भारी कमी ज्‍यूडिशियल सिस्टम के सामने प्रमुख चुनौतियों में शामिल हैं। विवाद बढ़ने के बाद NCERT ने किताब की बिक्री पर रोक लगा दी है।

अब पढ़िए NCERT का पूरा बयान

'तय प्रोसेस के अनुसार, NCERT ने 24 फरवरी को क्लास 8 के लिए सोशल साइंस की टेक्स्टबुक, एक्सप्लोरिंग सोसाइटी: इंडिया एंड बियॉन्ड, वॉल्यूम II निकाली। टेक्स्टबुक मिलने पर यह देखा गया कि कुछ गलत टेक्स्ट मटेरियल अनजाने में चैप्टर नंबर 4 में आ गया। मिनिस्ट्री ऑफ एजुकेशन ने भी ऐसा ही ऑब्जर्वेशन किया और निर्देश दिया कि अगले ऑर्डर तक इस किताब का डिस्ट्रीब्यूशन पूरी तरह से रोक दिया जाए।

NCERT दोहराता है कि नई टेक्स्टबुक्स का मकसद संवैधानिक अधिकारों को मजबूत करना है। स्टूडेंट्स के बीच लिटरेसी, इंस्टीट्यूशनल रिस्पेक्ट, और डेमोक्रेटिक पार्टिसिपेशन की जानकारी देना था। हमारा किसी भी कॉन्स्टिट्यूशनल बॉडी के अधिकार पर सवाल उठाने या उसे कम करने का कोई इरादा नहीं है। NCERT कंस्ट्रक्टिव फीडबैक के लिए तैयार है। इसलिए विवादित चैप्टर को सही अथॉरिटी से सलाह लेकर फिर से लिखा जाएगा और एकेडमिक सेशन 2026-27 के शुरू होने पर क्लास 8 के स्टूडेंट्स को उपलब्ध कराया जाएगा। NCERT एक बार फिर इस फैसले की गलती पर अफसोस जताता है।'

नई किताब में ज्यूडीशियरी से जुड़े अहम पॉइंट्स…

इसमें कोर्ट की हायरार्की और न्याय तक पहुंच को समझाने से ज्यादा ज्यूडिशियल सिस्टम के सामने आने वाली चुनौतियों जैसे करप्शन और केस बैकलॉग को बताया गया है।

करप्शन वाले सेक्शन में बताया गया है कि जज एक कोड ऑफ कंडक्ट से बंधे होते हैं जो न केवल कोर्ट में बल्कि कोर्ट के बाहर भी उनके व्यवहार को कंट्रोल करता है।

ज्यूडिशियरी के अंदरूनी अकाउंटेबिलिटी सिस्टम को भी समझाया गया है। सेंट्रलाइज्ड पब्लिक ग्रीवांस रिड्रेस एंड मॉनिटरिंग सिस्टम (CPGRAMS) के जरिए शिकायतें लेने के तय तरीके भी बताए गए हैं।

किताब के मुताबिक CPGRAMS सिस्टम के जरिए 2017 और 2021 के बीच 1,600 ज्यादा शिकायतें मिली थीं।

किताब में गंभीर मामलों में जजों को हटाने के संवैधानिक नियम के बारे में भी बताया गया है कि पार्लियामेंट इंपीचमेंट मोशन पास करके जज को हटा सकती है।

बच्चे पढ़ेंगे कि ऐसे मोशन पर सही जांच के बाद ही विचार किया जाता है। इस दौरान जज को मामले में अपना पक्ष रखने का पूरा मौका दिया जाता है।

चैप्टर में लिखा है- लोग ज्यूडिशियरी के अलग-अलग लेवल पर करप्शन का सामना करते हैं। गरीबों और जरूरतमंदों की न्याय तक पहुंच की समस्या और बिगड़ सकती है।

यह भी बताया है कि राज्य और केंद्र ट्रांसपेरेंसी और पब्लिक ट्रस्ट को मजबूत करने की कोशिशें कर रहे हैं। इसमें टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल और करप्शन के मामलों के खिलाफ फास्ट एक्शन लेना शामिल है।

किताब में पूर्व CJI बीआर गवई का भी जिक्र

किताब में भारत के पूर्व चीफ जस्टिस बीआर गवई का भी जिक्र है, जिन्होंने जुलाई 2025 में कहा था कि ज्यूडिशियरी के अंदर करप्शन और गलत कामों के मामलों का पब्लिक ट्रस्ट पर बुरा असर पड़ता है। उन्होंने कहा था, "हालांकि, इस ट्रस्ट को फिर से बनाने का रास्ता इन मुद्दों को सुलझाने के लिए उठाए गए तेज, निर्णायक और ट्रांसपेरेंट एक्शन में है... ट्रांसपेरेंसी और अकाउंटेबिलिटी डेमोक्रेटिक गुण हैं।"

सिब्बल ने CJI सूर्यकांत, जस्टिस विपुल एम पंचोली और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच को बताया कि क्लास 8 के बच्चों को न्यायपालिका में भ्रष्टाचार के बारे में पढ़ाया जा रहा है। यह निंदनीय है। सिंघवी ने कहा कि NCERT ने मान लिया है कि राजनीति, ब्यूरोक्रेसी और अन्य संस्थानों में भ्रष्टाचार है ही नहीं।

इसपर CJI सूर्यकांत ने कहा- दुनिया में किसी को भी न्यायपालिका को बदनाम करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। यह एक सोची-समझी और गहरी साजिश लगती है। मुझे पता है इससे कैसे निपटना है।मैं यह केस खुद हैंडल करूंगा। हम इस बारे में और कुछ नहीं कहना चाहते।

NCERT की किताब वेबसाइट पर मौजूद नहीं

NCERT की 8वीं क्लास की सोशल साइंस का पार्ट-2 इसी हफ्ते जारी हुआ था। CJI की टिप्‍पणी के बाद ये किताब NCERT की वेबसाइट पर उपलब्‍ध नहीं है। एक न्‍यूज रिपोर्ट के मुताबिक किताबों की ऑफलाइन बिक्री भी मंगलवार 24 फरवरी से बंद कर दी गई है।

NCERT ने नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क यानी NCF और NEP-2020 के तहत सभी क्‍लासेज की नई किताबें तैयार की हैं। कोरोना महामारी के बाद पुरानी किताबों के टॉपिक्‍स को बदलकर नए टॉपिक्‍स किताबों में जोड़े जा रहे हैं। पहली से 8वीं क्लास तक की नई किताबें 2025 में ही पब्लिश की जा चुकी हैं।


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1 अप्रैल 2026 से भारत में E20 पेट्रोल पूरे देश में अनिवार्य

केंद्र सरकार ने 1 अप्रैल 2026 से पूरे देश में कम से कम 95 RON (रिसर्च ऑक्टेन नंबर) वाला ई20 पेट्रोल (E20 Petrol) (20% एथनॉल मिश्रित) बेचना अनिवार्य कर दिया है।

तेल मंत्रालय ने 17 फरवरी की अधिसूचना में साफ निर्देश दिया है कि सभी तेल कंपनियां भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के मानकों के मुताबिक 20 फीसदी तक एथनॉल मिला पेट्रोल, न्यूनतम रिसर्च ऑक्टेन नंबर (RON) 95 के साथ बेचेंगी।

यह नियम सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों पर लागू होगा। बता दें कि E20 पेट्रोल की कीमत 97 रुपए से 106 प्रति लीटर हो सकती है। सरकार ने यह भी कहा है कि खास परिस्थितियों में, सीमित समय और विशेष क्षेत्रों के लिए छूट दी जा सकती है।

क्यों लिया गया यह फैसला?

एथनॉल गन्ना, मक्का और अनाज से बनता है।

यह देश में ही तैयार होता है और पेट्रोल से ज्यादा साफ जलता है।

इससे कच्चे तेल के आयात में कमी आती है।

प्रदूषण घटाने में मदद मिलती है।

किसानों को फायदा, क्योंकि गन्ने और मक्का की मांग बढ़ती है।

तेल मंत्रालय के मुताबिक, 2014-15 से अब तक पेट्रोल में एथनॉल मिलाने से भारत ने 1.40 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा विदेशी मुद्रा की बचत की है।

RON 95 क्यों जरूरी?

आरओएन यानी रिसर्च ऑक्टेन नंबर (Research Octane Number), ईंधन की 'नॉकिंग' से बचाव की क्षमता मापता है। नॉकिंग तब होती है, जब इंजन में ईंधन असमान रूप से जलता है, जिससे आवाज, पावर की कमी और लंबे समय में इंजन को नुकसान हो सकता है।

जितना ज्यादा RON, उतना बेहतर इंजन प्रोटेक्शन। एथनॉल का ऑक्टेन वैल्यू करीब 108 RON होता है, इसलिए 20% मिश्रण से पेट्रोल की गुणवत्ता सुधरती है।

गाड़ियों पर क्या असर?

उद्योग के अधिकारियों के अनुसार, 2023-25 के बाद बनी ज्यादातर गाड़ियां E20 के अनुकूल हैं और कोई बड़ी दिक्कत नहीं होगी। हालांकि, पुरानी गाड़ियों में 3-7% तक माइलेज घट सकता है और रबर या प्लास्टिक पार्ट्स पर हल्का असर पड़ सकता है।

सरकार ने 10% एथनॉल मिश्रण का लक्ष्य जून 2022 में समय से पहले हासिल कर लिया था। इसके बाद 20% लक्ष्य को 2030 से घटाकर 2025-26 कर दिया गया। फिलहाल देश के ज्यादातर पेट्रोल पंप पर E20 उपलब्ध है।


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द केरल स्टोरी 2 की रिलीज रोकने की याचिका पर सुनवाई

फिल्म द केरल स्टोरी 2 विवादों में हैं। फिल्म रिलीज के खिलाफ राज्य की गलत छवि दिखाने के आरोप में याचिका दायर की गई थी। बुधवार को केरल हाईकोर्ट में इस याचिका की सुनवाई के दौरान मेकर्स को कोर्ट के लिए प्री-स्क्रीनिंग रखने का आदेश दिया गया, हालांकि मेकर्स ने ऐसा करने से साफ इनकार कर दिया है। इसके अलावा फिल्ममेकर्स ने दलील में साफ कहा है कि वो फिल्म का टाइटल नहीं बदलेंगे। फिल्म का पूरा नाम द केरल स्टोरीः गोज बियॉन्ड है। इसमें गोज बियॉन्ड का अर्थ ही ये है कि फिल्म केरल तक सीमित नहीं है।

याचिका की सुनवाई के दौरान मेकर्स से कहा गया कि 27 फरवरी को रिलीज होने वाली इस फिल्म की रिलीज से पहले कोच्चि में कोर्ट के लिए इसकी स्क्रीनिंग रखी जाए। मेकर्स द्वारा आदेश न मानने के बाद केस की सुनवाई टाल दी गई है। जस्टिस बेछु कुरियन थोमस ने 3 बजे तक सुनवाई टाल दी थी।

3 बजे दोबारा हुई सुनवाई में फिल्म द केरल स्टोरी 2 के प्रोड्यूसर ने केरल हाईकोर्ट में एक जवाब दाखिल किया है, जिसमें उन्होंने फिल्म की रिलीज को चुनौती देने और टाइटल में बदलाव करने वाली याचिका का विरोध किया है।

प्रोड्यूसर ने टाइटल में बदलाव करने से किया इनकार

प्रोड्यूसर ने फिल्म के टाइटल में किसी भी तरह का बदलाव करने का भी विरोध किया। उनका कहना है कि फिल्म में तीन राज्यों की कहानियां दिखाई गई हैं, जिनमें केरल भी शामिल है। उन्होंने यह भी कहा कि फिल्म के टाइटल में जो “Goes Beyond” लिखा है, उसका मतलब ही यही है कि कहानी सिर्फ केरल तक सीमित नहीं है, बल्कि उससे आगे की घटनाओं को भी दिखाती है।प्रोड्यूसर ने टाइटल का बचाव करते हुए कहा कि फिल्म केरल को गलत तरीके से निशाना नहीं बनाती है। उन्होंने अपने जवाब में ये मुख्य बातें कहीं-

प्रोड्यूसर ने कहा कि टीजर में तीन अलग-अलग राज्यों की तीन महिलाओं को दिखाया गया है। इसलिए फिल्म साफ तौर पर एक बहु-राज्य और राष्ट्रीय स्तर की कहानी दिखाती है, न कि सिर्फ केरल से जुड़ी हुई।

उन्होंने कहा कि टाइटल में “GOES BEYOND” शब्द सिर्फ सजावट के लिए नहीं है, बल्कि यह बताता है कि कहानी केरल से आगे की घटनाओं और दूसरे राज्यों से भी जुड़ी है।

प्रोड्यूसर ने यह भी स्पष्ट किया कि टाइटल में “The” शब्द का इस्तेमाल पहली फिल्म से जुड़ाव दिखाने के लिए किया गया है। इसका मतलब यह नहीं है कि फिल्म का विषय केवल केरल तक सीमित है।

प्रोड्यूसर ने याचिकाकर्ता के इस “व्याकरण वाले तर्क” को भी खारिज किया, जिसमें कहा गया था कि “The” शब्द से ऐसा लगता है कि सारी घटनाएं केवल केरल से संबंधित हैं। प्रोड्यूसर के अनुसार, यह तर्क भाषाई रूप से गलत है और पूरे टाइटल को एक साथ पढ़कर नहीं समझा गया है।

प्रोड्यूसर ने कहा कि सिर्फ 2 मिनट के टीजर के आधार पर फिल्म की रिलीज को चुनौती नहीं दी जा सकती, क्योंकि टीजर पूरी फिल्म की सही तस्वीर नहीं दिखाता।

उन्होंने बताया कि फिल्म को सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) से मंजूरी मिल चुकी है और सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी हैं। CBFC इस मामले में विशेषज्ञ संस्था है, इसलिए हाईकोर्ट उसकी राय की जगह अपनी राय नहीं दे सकता।

प्रोड्यूसर ने यह भी कहा कि याचिका देरी से दायर की गई, क्योंकि टीज़र रिलीज होने के 16 दिन बाद इसे दाखिल किया गया।

इसके अलावा, प्रोड्यूसर ने यह दलील दी कि याचिकाकर्ता को यह अधिकार नहीं है कि वह ‘केरल के लोगों की सामूहिक गरिमा’ का प्रतिनिधित्व करने का दावा करे। यानी, याचिकाकर्ता पूरे राज्य की ओर से यह मामला नहीं उठा सकता।

इसके काउंटर में याचिकाकर्ता के एडवोकेट ने कहा, “ मेरे याचिकाकर्ता केरल के रहने वाले हैं, उनका जन्म और पालन-पोषण केरल में हुआ है, और उनकी प्रतिष्ठा इस फिल्म से प्रभावित हो रही है। जन्मस्थान और क्षेत्रीय पहचान जैसी चीजें महत्वपूर्ण होती हैं। इससे उनके जीवन के अधिकार पर असर पड़ता है। हो सकता है कि और भी लोग हों जिन्हें ऐसी ही शिकायत हो, लेकिन मेरे याचिकाकर्ता की अपनी व्यक्तिगत शिकायत है और उनकी प्रतिष्ठा प्रभावित हो रही है।”

फिल्ममेकर्स की इस दलील पर याचिकाकर्ता के एडवोकेट शायलन ने कहा, फिल्म का प्रचार इस तरह किया जा रहा है मानो यह सच्ची घटनाओं पर आधारित हो। उन्होंने पहली फिल्म द केरल स्टोरी के खिलाफ दायर याचिका में सुप्रीम कोर्ट के आदेश का भी हवाला दिया। उस आदेश में कोर्ट ने यह दर्ज किया था कि फिल्म में दिखाई गई घटनाएं वास्तविक नहीं, बल्कि घटनाओं का काल्पनिक रूप हैं।

आगे उन्होंने कहा कि टीजर और ट्रेलर पूरी तरह मिसलीडिंग है।

दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद जस्टिस बेछु कुरियन थोमस ने कहा, “जो टीजर में दिखाया गया है, जरूरी नहीं कि वो फिल्म में उसी तरह हो। इसलिए फिलहाल हमें यह नहीं पता कि फिल्म में वास्तव में क्या दिखाया गया है, और प्रोड्यूसर्स भी फिल्म को कोर्ट में दिखाने के इच्छुक नहीं हैं।”

आगे कोर्ट ने कहा- अगर आप फिल्म दिखाने के लिए तैयार हैं, तो समय की कमी के बावजूद हम इसे देख सकते हैं।”

कोर्ट में याचिकाकर्ता के एडवोकेट ने कहा कि टीजर में कई ऐसी चीज दिखाई गई हैं, जो फिल्म में नहीं हैं। उन सीन को थिएटर में नहीं दिखाया जा सकता, तो मेकर्स लूपहोल का इस्तेमाल कर उन्हें टीजर और ट्रेलर में रखकर लोगों का ध्यान खींच रहे हैं। हालांकि इस दलील पर कोर्ट ने कहा कि ट्रेलर और टीजर से आपत्ति है, तो उसके लिए अलग याचिका हो, ये सुनवाई सिर्फ फिल्म के लिए है।

पहले भी मेकर्स ने उठाए याचिका पर सवाल

इस याचिका पर मंगलवार को भी सुनवाई हुई। तब फिल्म के प्रोड्यूसर्स की ओर से पेश हुए सीनियर वकील एस. श्रीकुमार ने कहा कि पहले कोर्ट को यह तय करना चाहिए कि ये याचिकाएं जनहित याचिका हैं या निजी याचिका।

इस पर जस्टिस बेछू कुरियन थॉमस ने मेकर्स से कहा,“आप नहीं चाहते कि कोर्ट फिल्म देखे। आप चाहते हैं कि कोर्ट सिर्फ यह तय करे कि यह मामला किसी एक व्यक्ति का निजी मामला है या पूरे लोगों से जुड़ा सार्वजनिक मामला।”

सुनवाई में कोर्ट की तरफ से मेकर्स को फटकारते हुए कहा गया है कि केरल पूरी तरह सद्भाव वाला राज्य है, ऐसे में फिल्म में राज्य की छवि गलत क्यों दिखाई गई है। बेंच ने कहा कि याचिकाकर्ताओं द्वारा उठाई गई चिंताएं पहली नजर में सही लगती हैं। ये भी कहा गया कि फिल्म को ‘सच्ची घटनाओं से प्रेरित’ बताया जा रहा है और उसके टाइटल में राज्य का नाम प्रमुख रूप से इस्तेमाल किया गया है, जबकि फिल्म की कहानी का केरल से कोई वास्तविक संबंध नहीं है।

तीन याचिकाओं पर जारी सुनवाई

केरल हाईकोर्ट तीन याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा था, जिन्हें फिल्म के विरोध में तीन अग-अलग लोगों ने दायर किया था। इन याचिकाओं में फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने और सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) द्वारा दिए गए सर्टिफिकेट को रद्द करने की मांग की गई थी।

क्यों विवादों में हैं द केरल स्टोरी 2

फिल्म द केरल स्टोरी 2, 27 फरवरी को रिलीज होने वाली है। हाल ही में फिल्म का ट्रेलर जारी किया गया है, जिसमें मुख्य तौर पर धर्मांतरण, लव जिहाद और आतंकवाद के मुद्दे दिखाए गए हैं। फिल्म में अलग-अलग राज्यों की तीन लड़कियों की कहानी है, जबकि फिल्म के टाइटल में केरल लिखा गया है।

ट्रेलर जारी होने के बाद केरल के कई लोगों ने फिल्म रिलीज के खिलाफ याचिका दायर कर आरोप लगाए कि फिल्म राज्य की छवि बिगाड़ने वाली है। एक याचिका में फिल्म का टाइटल बदलने की भी मांग की गई है।

द केरल स्टोरी 2: गोज बियॉन्ड का निर्देशन कामाख्या नारायण सिंह ने किया है और विपुल अमृतलाल शाह ने सनशाइन पिक्चर्स के बैनर तले इसे प्रोड्यूसर किया है। यह 2023 में आई फिल्म द केरल स्टोरी का सीक्वल है।


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