हेनली पासपोर्ट इंडेक्स 2026 ने एक बार फिर दुनिया में यात्रा की आज़ादी के अंतर को सामने रखा है। यह सूचकांक पासपोर्ट धारकों को उन देशों की संख्या के आधार पर रैंक करता है, जहाँ वे बिना अग्रिम वीज़ा या वीज़ा ऑन-अराइवल/ई-वीज़ा के साथ यात्रा कर सकते हैं। 2026 में भारत की स्थिति में हल्का सुधार देखने को मिला है। अब भारतीय यात्रियों को पहले की तुलना में ज्यादा देशों में आसान यात्रा की सुविधा मिल रही है, हालांकि यूरोप और उत्तरी अमेरिका जैसे प्रमुख गंतव्यों के लिए अब भी कड़े वीज़ा नियम बने हुए हैं, जो भारतीयों की अंतरराष्ट्रीय यात्रा योजनाओं को प्रभावित करते हैं।
क्यों खबर में है?
हेनली पासपोर्ट इंडेक्स 2026 में भारत को 80वां स्थान मिला है। भारतीय पासपोर्ट धारक अब 55 देशों में वीज़ा-फ्री, वीज़ा ऑन-अराइवल या ई-वीज़ा के जरिए यात्रा कर सकते हैं। यह पिछले साल की रैंकिंग (85वां स्थान) से बेहतर स्थिति है।
हेनली पासपोर्ट इंडेक्स क्या है?
हेनली एंड पार्टनर्स द्वारा जारी यह इंडेक्स पासपोर्ट की ताकत को मापने का एक वैश्विक मानक माना जाता है। इसमें यह देखा जाता है कि किसी देश के नागरिक कितने गंतव्यों पर बिना वीज़ा या आसान वीज़ा प्रक्रिया के साथ जा सकते हैं। इंडेक्स के लिए अंतरराष्ट्रीय एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (IATA) के विश्वसनीय डेटा का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे यह वैश्विक यात्रा स्वतंत्रता का सटीक आकलन करता है।
2026 इंडेक्स का दायरा
इस साल के इंडेक्स में कुल 277 देश और क्षेत्र शामिल किए गए हैं, जिनमें संप्रभु राष्ट्रों के साथ-साथ क्षेत्रीय और विशेष प्रशासनिक क्षेत्र भी शामिल हैं। इससे अलग-अलग देशों के नागरिकों की यात्रा स्वतंत्रता की तुलनात्मक तस्वीर सामने आती है।
भारत की स्थिति
हेनली पासपोर्ट इंडेक्स 2026 में भारत 80वें स्थान पर है। भारतीय पासपोर्ट धारकों को 55 गंतव्यों पर वीज़ा-मुक्त या वीज़ा ऑन-अराइवल की सुविधा मिलती है। भारत इस रैंकिंग में नाइजीरिया और अल्जीरिया के साथ है, जबकि पड़ोसी देश बांग्लादेश और पाकिस्तान इससे नीचे हैं। यह स्थिति दक्षिण एशिया और विकसित अर्थव्यवस्थाओं के बीच यात्रा सुविधा के अंतर को दर्शाती है।
2026 में सबसे शक्तिशाली पासपोर्ट
इस सूची में सिंगापुर शीर्ष पर है, जिसके नागरिक 192 गंतव्यों पर बिना वीज़ा या आसान वीज़ा प्रक्रिया के साथ यात्रा कर सकते हैं। जापान और दक्षिण कोरिया संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर हैं, जिनके नागरिकों को 188 गंतव्यों तक पहुंच मिलती है। यूरोप के कई देश भी शीर्ष रैंकिंग में शामिल हैं, जिनकी पहुंच 185 से अधिक गंतव्यों तक है।
सबसे कमजोर पासपोर्ट
अफगानिस्तान का पासपोर्ट 101वें स्थान पर है और यह केवल 24 गंतव्यों तक सीमित पहुंच देता है, जिससे यह दुनिया का सबसे कमजोर पासपोर्ट माना जाता है। इसके बाद सीरिया और इराक का स्थान आता है। यह साफ दिखाता है कि संघर्ष, राजनीतिक अस्थिरता और सुरक्षा चिंताएं किसी देश की यात्रा क्षमता को बुरी तरह प्रभावित करती हैं। सिंगापुर और अफगानिस्तान के बीच यात्रा पहुंच का अंतर अब 168 गंतव्यों तक पहुंच गया है।
2026 में भारतीय किन देशों में आसानी से यात्रा कर सकते हैं
भारतीय पासपोर्ट धारकों को मुख्य रूप से एशिया, मध्य पूर्व, अफ्रीका और कुछ द्वीपीय देशों में आसान प्रवेश मिलता है। इनमें एशिया में थाईलैंड, इंडोनेशिया, मलेशिया, श्रीलंका और मालदीव; मध्य पूर्व में UAE, कतर और ओमान; अफ्रीका में केन्या, तंजानिया और रवांडा; तथा द्वीप और कैरिबियन क्षेत्र में मॉरीशस, सेशेल्स और बारबाडोस शामिल हैं।









