1 अप्रैल 2026 से भारत में E20 पेट्रोल पूरे देश में अनिवार्य

केंद्र सरकार ने 1 अप्रैल 2026 से पूरे देश में कम से कम 95 RON (रिसर्च ऑक्टेन नंबर) वाला ई20 पेट्रोल (E20 Petrol) (20% एथनॉल मिश्रित) बेचना अनिवार्य कर दिया है।

तेल मंत्रालय ने 17 फरवरी की अधिसूचना में साफ निर्देश दिया है कि सभी तेल कंपनियां भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के मानकों के मुताबिक 20 फीसदी तक एथनॉल मिला पेट्रोल, न्यूनतम रिसर्च ऑक्टेन नंबर (RON) 95 के साथ बेचेंगी।

यह नियम सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों पर लागू होगा। बता दें कि E20 पेट्रोल की कीमत 97 रुपए से 106 प्रति लीटर हो सकती है। सरकार ने यह भी कहा है कि खास परिस्थितियों में, सीमित समय और विशेष क्षेत्रों के लिए छूट दी जा सकती है।

क्यों लिया गया यह फैसला?

एथनॉल गन्ना, मक्का और अनाज से बनता है।

यह देश में ही तैयार होता है और पेट्रोल से ज्यादा साफ जलता है।

इससे कच्चे तेल के आयात में कमी आती है।

प्रदूषण घटाने में मदद मिलती है।

किसानों को फायदा, क्योंकि गन्ने और मक्का की मांग बढ़ती है।

तेल मंत्रालय के मुताबिक, 2014-15 से अब तक पेट्रोल में एथनॉल मिलाने से भारत ने 1.40 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा विदेशी मुद्रा की बचत की है।

RON 95 क्यों जरूरी?

आरओएन यानी रिसर्च ऑक्टेन नंबर (Research Octane Number), ईंधन की 'नॉकिंग' से बचाव की क्षमता मापता है। नॉकिंग तब होती है, जब इंजन में ईंधन असमान रूप से जलता है, जिससे आवाज, पावर की कमी और लंबे समय में इंजन को नुकसान हो सकता है।

जितना ज्यादा RON, उतना बेहतर इंजन प्रोटेक्शन। एथनॉल का ऑक्टेन वैल्यू करीब 108 RON होता है, इसलिए 20% मिश्रण से पेट्रोल की गुणवत्ता सुधरती है।

गाड़ियों पर क्या असर?

उद्योग के अधिकारियों के अनुसार, 2023-25 के बाद बनी ज्यादातर गाड़ियां E20 के अनुकूल हैं और कोई बड़ी दिक्कत नहीं होगी। हालांकि, पुरानी गाड़ियों में 3-7% तक माइलेज घट सकता है और रबर या प्लास्टिक पार्ट्स पर हल्का असर पड़ सकता है।

सरकार ने 10% एथनॉल मिश्रण का लक्ष्य जून 2022 में समय से पहले हासिल कर लिया था। इसके बाद 20% लक्ष्य को 2030 से घटाकर 2025-26 कर दिया गया। फिलहाल देश के ज्यादातर पेट्रोल पंप पर E20 उपलब्ध है।


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द केरल स्टोरी 2 की रिलीज रोकने की याचिका पर सुनवाई

फिल्म द केरल स्टोरी 2 विवादों में हैं। फिल्म रिलीज के खिलाफ राज्य की गलत छवि दिखाने के आरोप में याचिका दायर की गई थी। बुधवार को केरल हाईकोर्ट में इस याचिका की सुनवाई के दौरान मेकर्स को कोर्ट के लिए प्री-स्क्रीनिंग रखने का आदेश दिया गया, हालांकि मेकर्स ने ऐसा करने से साफ इनकार कर दिया है। इसके अलावा फिल्ममेकर्स ने दलील में साफ कहा है कि वो फिल्म का टाइटल नहीं बदलेंगे। फिल्म का पूरा नाम द केरल स्टोरीः गोज बियॉन्ड है। इसमें गोज बियॉन्ड का अर्थ ही ये है कि फिल्म केरल तक सीमित नहीं है।

याचिका की सुनवाई के दौरान मेकर्स से कहा गया कि 27 फरवरी को रिलीज होने वाली इस फिल्म की रिलीज से पहले कोच्चि में कोर्ट के लिए इसकी स्क्रीनिंग रखी जाए। मेकर्स द्वारा आदेश न मानने के बाद केस की सुनवाई टाल दी गई है। जस्टिस बेछु कुरियन थोमस ने 3 बजे तक सुनवाई टाल दी थी।

3 बजे दोबारा हुई सुनवाई में फिल्म द केरल स्टोरी 2 के प्रोड्यूसर ने केरल हाईकोर्ट में एक जवाब दाखिल किया है, जिसमें उन्होंने फिल्म की रिलीज को चुनौती देने और टाइटल में बदलाव करने वाली याचिका का विरोध किया है।

प्रोड्यूसर ने टाइटल में बदलाव करने से किया इनकार

प्रोड्यूसर ने फिल्म के टाइटल में किसी भी तरह का बदलाव करने का भी विरोध किया। उनका कहना है कि फिल्म में तीन राज्यों की कहानियां दिखाई गई हैं, जिनमें केरल भी शामिल है। उन्होंने यह भी कहा कि फिल्म के टाइटल में जो “Goes Beyond” लिखा है, उसका मतलब ही यही है कि कहानी सिर्फ केरल तक सीमित नहीं है, बल्कि उससे आगे की घटनाओं को भी दिखाती है।प्रोड्यूसर ने टाइटल का बचाव करते हुए कहा कि फिल्म केरल को गलत तरीके से निशाना नहीं बनाती है। उन्होंने अपने जवाब में ये मुख्य बातें कहीं-

प्रोड्यूसर ने कहा कि टीजर में तीन अलग-अलग राज्यों की तीन महिलाओं को दिखाया गया है। इसलिए फिल्म साफ तौर पर एक बहु-राज्य और राष्ट्रीय स्तर की कहानी दिखाती है, न कि सिर्फ केरल से जुड़ी हुई।

उन्होंने कहा कि टाइटल में “GOES BEYOND” शब्द सिर्फ सजावट के लिए नहीं है, बल्कि यह बताता है कि कहानी केरल से आगे की घटनाओं और दूसरे राज्यों से भी जुड़ी है।

प्रोड्यूसर ने यह भी स्पष्ट किया कि टाइटल में “The” शब्द का इस्तेमाल पहली फिल्म से जुड़ाव दिखाने के लिए किया गया है। इसका मतलब यह नहीं है कि फिल्म का विषय केवल केरल तक सीमित है।

प्रोड्यूसर ने याचिकाकर्ता के इस “व्याकरण वाले तर्क” को भी खारिज किया, जिसमें कहा गया था कि “The” शब्द से ऐसा लगता है कि सारी घटनाएं केवल केरल से संबंधित हैं। प्रोड्यूसर के अनुसार, यह तर्क भाषाई रूप से गलत है और पूरे टाइटल को एक साथ पढ़कर नहीं समझा गया है।

प्रोड्यूसर ने कहा कि सिर्फ 2 मिनट के टीजर के आधार पर फिल्म की रिलीज को चुनौती नहीं दी जा सकती, क्योंकि टीजर पूरी फिल्म की सही तस्वीर नहीं दिखाता।

उन्होंने बताया कि फिल्म को सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) से मंजूरी मिल चुकी है और सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी हैं। CBFC इस मामले में विशेषज्ञ संस्था है, इसलिए हाईकोर्ट उसकी राय की जगह अपनी राय नहीं दे सकता।

प्रोड्यूसर ने यह भी कहा कि याचिका देरी से दायर की गई, क्योंकि टीज़र रिलीज होने के 16 दिन बाद इसे दाखिल किया गया।

इसके अलावा, प्रोड्यूसर ने यह दलील दी कि याचिकाकर्ता को यह अधिकार नहीं है कि वह ‘केरल के लोगों की सामूहिक गरिमा’ का प्रतिनिधित्व करने का दावा करे। यानी, याचिकाकर्ता पूरे राज्य की ओर से यह मामला नहीं उठा सकता।

इसके काउंटर में याचिकाकर्ता के एडवोकेट ने कहा, “ मेरे याचिकाकर्ता केरल के रहने वाले हैं, उनका जन्म और पालन-पोषण केरल में हुआ है, और उनकी प्रतिष्ठा इस फिल्म से प्रभावित हो रही है। जन्मस्थान और क्षेत्रीय पहचान जैसी चीजें महत्वपूर्ण होती हैं। इससे उनके जीवन के अधिकार पर असर पड़ता है। हो सकता है कि और भी लोग हों जिन्हें ऐसी ही शिकायत हो, लेकिन मेरे याचिकाकर्ता की अपनी व्यक्तिगत शिकायत है और उनकी प्रतिष्ठा प्रभावित हो रही है।”

फिल्ममेकर्स की इस दलील पर याचिकाकर्ता के एडवोकेट शायलन ने कहा, फिल्म का प्रचार इस तरह किया जा रहा है मानो यह सच्ची घटनाओं पर आधारित हो। उन्होंने पहली फिल्म द केरल स्टोरी के खिलाफ दायर याचिका में सुप्रीम कोर्ट के आदेश का भी हवाला दिया। उस आदेश में कोर्ट ने यह दर्ज किया था कि फिल्म में दिखाई गई घटनाएं वास्तविक नहीं, बल्कि घटनाओं का काल्पनिक रूप हैं।

आगे उन्होंने कहा कि टीजर और ट्रेलर पूरी तरह मिसलीडिंग है।

दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद जस्टिस बेछु कुरियन थोमस ने कहा, “जो टीजर में दिखाया गया है, जरूरी नहीं कि वो फिल्म में उसी तरह हो। इसलिए फिलहाल हमें यह नहीं पता कि फिल्म में वास्तव में क्या दिखाया गया है, और प्रोड्यूसर्स भी फिल्म को कोर्ट में दिखाने के इच्छुक नहीं हैं।”

आगे कोर्ट ने कहा- अगर आप फिल्म दिखाने के लिए तैयार हैं, तो समय की कमी के बावजूद हम इसे देख सकते हैं।”

कोर्ट में याचिकाकर्ता के एडवोकेट ने कहा कि टीजर में कई ऐसी चीज दिखाई गई हैं, जो फिल्म में नहीं हैं। उन सीन को थिएटर में नहीं दिखाया जा सकता, तो मेकर्स लूपहोल का इस्तेमाल कर उन्हें टीजर और ट्रेलर में रखकर लोगों का ध्यान खींच रहे हैं। हालांकि इस दलील पर कोर्ट ने कहा कि ट्रेलर और टीजर से आपत्ति है, तो उसके लिए अलग याचिका हो, ये सुनवाई सिर्फ फिल्म के लिए है।

पहले भी मेकर्स ने उठाए याचिका पर सवाल

इस याचिका पर मंगलवार को भी सुनवाई हुई। तब फिल्म के प्रोड्यूसर्स की ओर से पेश हुए सीनियर वकील एस. श्रीकुमार ने कहा कि पहले कोर्ट को यह तय करना चाहिए कि ये याचिकाएं जनहित याचिका हैं या निजी याचिका।

इस पर जस्टिस बेछू कुरियन थॉमस ने मेकर्स से कहा,“आप नहीं चाहते कि कोर्ट फिल्म देखे। आप चाहते हैं कि कोर्ट सिर्फ यह तय करे कि यह मामला किसी एक व्यक्ति का निजी मामला है या पूरे लोगों से जुड़ा सार्वजनिक मामला।”

सुनवाई में कोर्ट की तरफ से मेकर्स को फटकारते हुए कहा गया है कि केरल पूरी तरह सद्भाव वाला राज्य है, ऐसे में फिल्म में राज्य की छवि गलत क्यों दिखाई गई है। बेंच ने कहा कि याचिकाकर्ताओं द्वारा उठाई गई चिंताएं पहली नजर में सही लगती हैं। ये भी कहा गया कि फिल्म को ‘सच्ची घटनाओं से प्रेरित’ बताया जा रहा है और उसके टाइटल में राज्य का नाम प्रमुख रूप से इस्तेमाल किया गया है, जबकि फिल्म की कहानी का केरल से कोई वास्तविक संबंध नहीं है।

तीन याचिकाओं पर जारी सुनवाई

केरल हाईकोर्ट तीन याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा था, जिन्हें फिल्म के विरोध में तीन अग-अलग लोगों ने दायर किया था। इन याचिकाओं में फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने और सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) द्वारा दिए गए सर्टिफिकेट को रद्द करने की मांग की गई थी।

क्यों विवादों में हैं द केरल स्टोरी 2

फिल्म द केरल स्टोरी 2, 27 फरवरी को रिलीज होने वाली है। हाल ही में फिल्म का ट्रेलर जारी किया गया है, जिसमें मुख्य तौर पर धर्मांतरण, लव जिहाद और आतंकवाद के मुद्दे दिखाए गए हैं। फिल्म में अलग-अलग राज्यों की तीन लड़कियों की कहानी है, जबकि फिल्म के टाइटल में केरल लिखा गया है।

ट्रेलर जारी होने के बाद केरल के कई लोगों ने फिल्म रिलीज के खिलाफ याचिका दायर कर आरोप लगाए कि फिल्म राज्य की छवि बिगाड़ने वाली है। एक याचिका में फिल्म का टाइटल बदलने की भी मांग की गई है।

द केरल स्टोरी 2: गोज बियॉन्ड का निर्देशन कामाख्या नारायण सिंह ने किया है और विपुल अमृतलाल शाह ने सनशाइन पिक्चर्स के बैनर तले इसे प्रोड्यूसर किया है। यह 2023 में आई फिल्म द केरल स्टोरी का सीक्वल है।


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‘घर में बेघर’ भारतीय क्रिकेट टीम — सेमीफाइनल की राह आसान नहीं

India T20 World Cup 2026 Semi Final Scenario: अबकी बार 300 पार के शोरगुल के बीच टी-20 विश्व कप खेलने उतरी भारतीय टीम सुपर-8 चरण की शुरुआत में ही अगर-मगर की डगर में फंस गई है। जो टीम इस विश्व कप से पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में 7 विकेट पर 238, तीन विकेट पर 209 और पांच विकेट पर 271 रनों जैसे विशालकाय स्कोर बना रही थी, उसकी बल्लेबाजी अहमदाबाद में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ ऐसी ढही कि अब घर में ही सेमीफाइनल में पहुंचने के लाले पड़ गए हैं। 

इस समय भारतीय प्रशंसकों की स्थिति ‘काटो तो खून नहीं’ जैसी है। भारतीय प्रशंसकों को उम्मीद थी कि दुनिया की नंबर वन टीम को घरेलू परिस्थितियों का फायदा मिलेगा लेकिन अब तक पांच में से चार मैच भारत में खेलने के बावजूद सूर्य कुमार यादव की टीम घर में बेघर जैसा महसूस कर रही है। 

IND vs ZIM: जिम्बाब्वे से भारत की अगली भिड़ंत

टीम इंडिया का अगला मैच गुरुवार को चेपक स्टेडियम में जिंबाब्वे के विरुद्ध खेलना है जिसमें सूर्यकुमार यादव को सिर्फ जीत नहीं बल्कि बड़ी जीत चाहिए क्योंकि इसके बाद भारत की भिड़ंत वेस्टइंडीज के साथ है। जिस लय में वेस्टइंडीज है, उनके विरुद्ध बहुत बड़ी जीत हासिल करना मुश्किल होगा। सुपर-8 के पहले मैच में दक्षिण अफ्रीका ने भारत को 76 रनों से हराया था, जिससे भारत का नेट रन रेट -3.800 हो गया है। 

बल्लेबाजी खराब

टी-20 विश्व कप में गत विजेता भारत ने चारों ग्रुप मैच जीतकर सुपर-8 में प्रवेश जरूर किया लेकिन अब तक हुए पांचों मैचों में उसके बल्लेबाज संघर्ष करते नजर आए। सुपर-8 के पहले मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अहमदाबाद में तो ऐसा लगा जैसे सुनामी आ गई हो। अब इसके बाद भारत को सुपर-8 के अपने दोनों मैचों को बड़े अंतर से जीतना जरूरी है। इसके साथ ही सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए उसे बाकी टीमों के रिजल्ट पर भी निर्भर रहना होगा। 

पिच बदली लेकिन रणनीति नहीं

भारतीय टीम जब देश में टी-20 क्रिकेट खेलती है तो अमूमन उसके बल्लेबाजों को पाटा पिचों पर संघर्ष नहीं करना पड़ता। विश्व कप से पहले न्यूजीलैंड के विरुद्ध पांच मैचों की सीरीज में 4-1 से मिली जीत में यह साफ-साफ दिखा। लेकिन वह बीसीसीआइ का टूर्नामेंट था और टी-20 विश्व कप आइसीसी का टूर्नामेंट है। 

भले ही इस टी-20 विश्व कप में भारत ने अब तक अपने पांच में से चार मैच भारत में खेले हों लेकिन उसकी पिचें न्यूजीलैंड सीरीज से बिलकुल भिन्न थीं। भारतीय टीम जिन पिचों पर घरेलू द्विपक्षीय टी-20 मैच खेलती है वे शुरू में सपाट होती हैं और ओस पड़ने के बाद बल्लेबाजी के लिए बेहतर होती जाती हैं। 

यानी लक्ष्य का पीछा करना आसान हो जाता है। इसके बावजूद दक्षिण अफ्रीका के विरुद्ध भारतीय टीम फ्लॉप हो गईं। भारतीय बल्लेबाज आफ स्पिनरों के सामने डरे-डरे नजर आ रहे हैं। चेन्नई और कोलकाता में भारतीय बल्लेबाजों को बेहतर प्रदर्शन करना होगा।

वरुण चक्रवर्ती की मिस्ट्री हो गई हिस्ट्री

भारत के रहस्यमयी स्पिनर वरुण चक्रवर्ती का पिछले मैच में बुरी तरह मार खाना भी भारत के लिए चिंता का विषय है। दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाज उनके विरुद्ध एक योजना के साथ आए थे और उन्होंने वरुण के चार ओवर में 47 रन ठोक डाले।

न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पिछले पांच मैचों में उन्होंने 20 ओवर में 208 रन दिए। एसोसिएट देशों को चक्रवर्ती को के विरुद्ध अनुभव नहीं है, लेकिन शीर्ष टीमें उन्हें अब ऑफ स्पिनर की तरह खेल रही हैं, जो दाएं हाथ के बल्लेबाज के अंदर गेंद लाता है। अगर पिच पर गेंद पकड़ नहीं बना रही, जैसा उस दिन हुआ तो बाएं और दाएं दोनों हाथ के बल्लेबाजों के लिए खेलना आसान हो जाता है और मिस्ट्री कम हो जाती है।

India T20 WC Semi Final Scenario: सेमीफाइनल में पहुंचना आसान नहीं

ग्रुप-1 में दक्षिण अफ्रीका ने भारत को 76 रनों से हराया था, जिससे भारत का नेट रन रेट -3.800 हो गया है। दक्षिण अफ्रीका का नेट रन रेट 3.800 है, जबकि 107 रनों की बड़ी जीत के बाद वेस्टइंडीज का नेट रन रेट 5.350 हो गया है l 

अगर भारतीय टीम जिंबाब्वे और वेस्टइंडीज को हरा दे तो उसके चार अंक हो जाएंगे। इसके साथ ही दक्षिण अफ्रीका, वेस्टइंडीज और जिंबाब्वे को हरा दे तो उसके छह अंक हो जाएंगे। तब कैरेबियाई टीम के दो व जिंबाब्वे के शून्य अंक ही रहेंगे। 

ऐसे में भारत के अलावा दक्षिण अफ्रीका ग्रुप-1 से सेमीफाइनल में क्वालीफाई कर जाएंगे l अगर वेस्टइंडीज ने दक्षिण अफ्रीका को और दक्षिण अफ्रीका ने जिंबाब्वे को हरा दिया तो उनके चार-चार अंक रहेंगे लेकिन उनका रन रेट काफी अच्छा है। 

भारत को तब जिंबाब्वे और वेस्टइंडीज पर 80-100 रनों से अधिक के अंतर से जीत दर्ज करनी होगी। इस स्थिति में भारत, दक्षिण अफ्रीका और वेस्टइंडीज के चार-चार अंक हो जाएंगे। अच्छे रन रेट वाली दो टीमें अंतिम-4 में जाएंगी l 

बेहतर रन रेट के लिए जिंबाब्वे के विरुद्ध पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम 220 रन बनाती है तो उसे विपक्षी टीम को 120 या इससे कम पर रोकना होगा जिससे भारत नेट रन रेट के खेल में आगे आ सकता है। अगर जिंबाब्वे पहले बल्लेबाजी करती है तो उसे 150 से कम में सीमित करना होगा और 11 या 12 ओवर में लक्ष्य हासिल करना होगा।


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Dhurandhar 2 पैन इंडिया साउथ फिल्मों को देगी कड़ी टक्कर — राम गोपाल वर्मा का चौंकाने वाला दावा

धुरंधर 2 (Dhurandhar 2) की रिलीज को लेकर शायद राम गोपाल वर्मा (Ram Gopal Verma) से ज्यादा उत्साहित कोई नहीं है। फिल्म निर्माता इसका पार्ट 1 देखने के बाद काफी प्रभावित हुए थे और एक्स पर इसकी तारीफों के पुल बांधे थे। अब पार्ट 2 जोकि 19 मार्च को रिलीज होने वाला है उसको लेकर भी राम गोपाल वर्मा ने अपने विचार शेयर किए हैं।

अपने एक्स अकाउंट पर निर्माता ने एक लंबा-चौड़ा पोस्ट लिखकर बताया कि धुरंधर 2 आने वाली अन्य पैन इंडिया फिल्मों के लिए खतरनाक साबित हो सकती है। उन्होंने कहा कि आदित्य धर (Aditya Dhar) और रणवीर सिंह (Ranveer Singh) की यह फिल्म सिनेमा जगत को पूरी तरह से बदल देगी।

दिमाग पर प्रभाव छोड़ते हैं किरदार

राम गोपाल वर्मा ने लिखा,“आदित्यधरफिल्म्स, धुरंधर 2 एक ऐसा एस्टेरॉयड है जो डायनासोर युग का अंत कर सकता है। धुरंधर 2 में ये पूरी संभावना है कि ये एक नया बेंचमार्क स्थापित करके पैन इंडिया फिल्मों को बुरी तरह प्रभावित कर सकती है। इसकी अल्ट्रा रियलिस्टिक मेकिंग और कैरेक्टर दर्शकों के दिमाग को बांधे रखते हुए एक गहरा भावनात्मक प्रभाव छोड़ते हैं।”

टॉक्सिक के साथ होगा क्लैश

बता दें कि इससे कुछ समय पहले राम गोपाल वर्मा ने रणवीर सिंह की धुरंधर और यश की टॉक्सिक के बीच के फर्क की बात की थी। दोनों ही फिल्में 19 मार्च को रिलीज होने वाली हैं। उन्होंने X (ट्विटर) पर लिखा कि यह मुकाबला 'नॉर्थ बनाम साउथ' या 'बॉलीवुड बनाम सैंडलवुड' का नहीं है। उनके मुताबिक, बुनियादी फर्क यह है कि 'धुरंधर' दर्शकों की समझदारी (Intelligence) को ध्यान में रखकर बनाई गई है, जबकि यश की 'टॉक्सिक' उन्हें बेवकूफ मानकर चलती है।

RGV ने धुरंधर की कहानी, परफॉरमेंस और आदित्य धर के विजन की जमकर तारीफ की है। फिलहाल ये देखने वाली बात होगी की बॉक्स ऑफिस पर दोनों फिल्में कैसा परफॉर्म करेंगी।

धुरंधर 2 (Dhurandhar 2) की रिलीज को लेकर शायद राम गोपाल वर्मा (Ram Gopal Verma) से ज्यादा उत्साहित कोई नहीं है। फिल्म निर्माता इसका पार्ट 1 देखने के बाद काफी प्रभावित हुए थे और एक्स पर इसकी तारीफों के पुल बांधे थे। अब पार्ट 2 जोकि 19 मार्च को रिलीज होने वाला है उसको लेकर भी राम गोपाल वर्मा ने अपने विचार शेयर किए हैं।

अपने एक्स अकाउंट पर निर्माता ने एक लंबा-चौड़ा पोस्ट लिखकर बताया कि धुरंधर 2 आने वाली अन्य पैन इंडिया फिल्मों के लिए खतरनाक साबित हो सकती है। उन्होंने कहा कि आदित्य धर (Aditya Dhar) और रणवीर सिंह (Ranveer Singh) की यह फिल्म सिनेमा जगत को पूरी तरह से बदल देगी।

दिमाग पर प्रभाव छोड़ते हैं किरदार

राम गोपाल वर्मा ने लिखा,“आदित्यधरफिल्म्स, धुरंधर 2 एक ऐसा एस्टेरॉयड है जो डायनासोर युग का अंत कर सकता है। धुरंधर 2 में ये पूरी संभावना है कि ये एक नया बेंचमार्क स्थापित करके पैन इंडिया फिल्मों को बुरी तरह प्रभावित कर सकती है। इसकी अल्ट्रा रियलिस्टिक मेकिंग और कैरेक्टर दर्शकों के दिमाग को बांधे रखते हुए एक गहरा भावनात्मक प्रभाव छोड़ते हैं।”

टॉक्सिक के साथ होगा क्लैश

बता दें कि इससे कुछ समय पहले राम गोपाल वर्मा ने रणवीर सिंह की धुरंधर और यश की टॉक्सिक के बीच के फर्क की बात की थी। दोनों ही फिल्में 19 मार्च को रिलीज होने वाली हैं। उन्होंने X (ट्विटर) पर लिखा कि यह मुकाबला 'नॉर्थ बनाम साउथ' या 'बॉलीवुड बनाम सैंडलवुड' का नहीं है। उनके मुताबिक, बुनियादी फर्क यह है कि 'धुरंधर' दर्शकों की समझदारी (Intelligence) को ध्यान में रखकर बनाई गई है, जबकि यश की 'टॉक्सिक' उन्हें बेवकूफ मानकर चलती है।

RGV ने धुरंधर की कहानी, परफॉरमेंस और आदित्य धर के विजन की जमकर तारीफ की है। फिलहाल ये देखने वाली बात होगी की बॉक्स ऑफिस पर दोनों फिल्में कैसा परफॉर्म करेंगी।

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पिथौरागढ़ (उत्तराखंड) में तीन दिन से बर्फबारी जारी

उत्तराखंड के पिथौरागढ़ के पंचाचूली समेत कई क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी हुई। यहां ऊंचाई वाले इलाकों में तीन दिन से बर्फबारी जारी है। मौसम विभाग के मुताबिक, 27 और 28 फरवरी से मौसम का मिजाज बदलेगा और पहाड़ी जिलों में बारिश होगी।

मध्य प्रदेश में पिछले 2 दिन में इंदौर, उज्जैन, रतलाम, बैतूल और सीहोर समेत 20 से ज्यादा जिलों में तेज आंधी-बारिश का दौर रहा। कुछ में ओले भी गिरे। इस वजह से गेहूं-चने की फसलों पर असर पड़ा। मौसम विभाग ने बताया कि बुधवार को मौसम साफ रहेगा, लेकिन मार्च की शुरुआत में बारिश होने का अनुमान है।

राजस्थान में गर्मी का सीजन शुरू हो गया और दिन का अधिकतम तापमान अब 36°C से ऊपर चला गया। बाड़मेर में मंगलवार को दिन का टेंपरेचर 36.3°C रहा। अधिकांश इलाकों में न्यूनतम-अधिकतम सामान्य से 2 से 5 डिग्री सेल्सियस ऊपर दर्ज हो रहा है। मौसम विभाग ने राज्य में होली के आसपास हीटवेव की चेतवानी जारी की है। इस दौरान पारा 40°C तक जा सकता है।

वहीं, सिक्किम के ऊंचे इलाकों में मंगलवार को 15th माइल और त्सोमगो झील के पास भारी बर्फबारी हुई। इससे सड़कें जाम हो गईं। यहां लगभग 2,736 टूरिस्टों को ले जा रही कुल 541 टूरिस्ट गाड़ियां फंस गईं। अधिकारियों ने बताया कि सिक्किम पुलिस, GREF/BRO, ड्राइवर एसोसिएशन की मदद से सभी गाड़ियों और टूरिस्ट्स को सुरक्षित निकाला गया।

अगले दो दिन का मौसम का अनुमान…

26 फरवरी- छत्तीसगढ़ में एक-दो जगहों पर हल्की बारिश और गरज-चमक की स्थिति बनी रह सकती है। अधिकतम तापमान में करीब 2 डिग्री और गिरावट के बाद फिर धीरे-धीरे बढ़ोतरी की संभावना है। यानी यह बदलाव अस्थायी है, लेकिन मार्च की दस्तक से पहले मौसम विभाग ने राहत और सतर्कता, दोनों के संकेत दिए हैं।

27 फरवरी- हिमाचल प्रदेश में वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव होगा। इसके कारण चंबा, कांगड़ा, कुल्लू और लाहौल स्पीति जिलों की अधिक ऊंची चोटियों पर हल्की बर्फबारी के आसार हैं। अन्य भागों में मौसम साफ रहने का पूर्वानुमान है। ऊंचे क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी के बाद तापमान में थोड़ी गिरावट आएगी।


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अमेरिका में बर्फीले तूफान का असर — 11 हजार फ्लाइट रद्द

अमेरिका में भीषण तेज हवाओं और भारी बर्फबारी के कारण एयरपोर्ट पर रनवे बंद करने पड़े और कई जगह उड़ानों पर रोक लगानी पड़ी है। यहां रविवार से मंगलवार के बीच 11,055 से ज्यादा उड़ानें रद्द कर दी गईं।

सिर्फ सोमवार को ही करीब 5,600 से 5,700 उड़ानें कैंसिल हुईं, जो देशभर की उड़ानों का लगभग 20% था। यह जानकारी फ्लाइट ट्रैकिंग कंपनी फ्लाइटअवेयर ने दी। नेशनल वेदर सर्विस के मुताबिक, रोड आइलैंड और मैसाचुसेट्स के कुछ हिस्सों में लगभग 37 इंच तक बर्फ गिरी।

बर्फबारी की वजह से उत्तर-पूर्वी राज्यों में 6 लाख से ज्यादा घरों की बिजली चली गई। सोमवार शाम तक 5 लाख 19 हजार 232 घर और ऑफिस बिना बिजली के थे। भारी बर्फबारी के कारण द बोस्टन ग्लोब अपने 153 साल के इतिहास में पहली बार अखबार नहीं छाप सका क्योंकि कर्मचारी प्रिंटिंग प्रेस तक नहीं पहुंच पाए।

बर्फबारी से कई राज्यों में इमरजेंसी घोषित

न्यूयॉर्क के सेंट्रल पार्क में रविवार से सोमवार के बीच करीब 20 इंच बर्फ दर्ज की गई, जबकि लॉन्ग आइलैंड के इस्लिप इलाके में 22 इंच से ज्यादा बर्फ पड़ी। प्रोविडेंस, रोड आइलैंड में 32.8 इंच बर्फबारी हुई, जिसने 1978 के पुराने रिकॉर्ड 28.6 इंच को तोड़ दिया।

हालात इतने खराब हो गए कि कई राज्यों में इमरजेंसी घोषित करनी पड़ी। न्यूयॉर्क सिटी में स्कूलों, सड़कों, पुलों और हाईवे को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया। बाद में हालात सुधरने पर मेयर जोहरान ममदानी ने यह आदेश हटा लिया और कहा कि स्कूल मंगलवार को खुलेंगे।

वहीं मैसाचुसेट्स की गवर्नर मॉरा हीली ने कुछ इलाकों में ट्रैवल बैन लागू किया और लोगों से घर में रहने की अपील की। रोड आइलैंड के गवर्नर डैन मैकी ने भी पूरे राज्य में ट्रैवल बैन लगा दिया। न्यूयॉर्क की गवर्नर कैथी होचुल ने भी पूरे राज्य में इमरजेंसी की घोषणा की और नेशनल गार्ड को अलर्ट पर रखा है।

न्यूयॉर्क में ट्रेन सेवा भी सस्पेंड रही

तूफान का असर सिर्फ सड़कों और हवाई सेवाओं तक सीमित नहीं रहा। न्यूयॉर्क और बोस्टन के बीच ट्रेन सेवा सोमवार रात तक सस्पेंड रही। थिएटर ब्रॉडवे के सभी शो रविवार शाम रद्द कर दिए गए।

मौसम विभाग के वैज्ञानिकों ने कहा कि यह पिछले लगभग एक दशक का सबसे शक्तिशाली नॉरईस्टर तूफान है। कई इलाकों में प्रति घंटे 2 से 3 इंच तक बर्फ गिरने की चेतावनी दी गई है और हवा की रफ्तार कुछ जगह 110 मील प्रति घंटे तक पहुंच गई।

नॉरईस्टर एक तरह का तेज तूफान होता है जो अमेरिका के पूर्वी तट पर आता है। इसे नॉरईस्टर इसलिए कहते हैं क्योंकि इसमें हवाएं आमतौर पर उत्तर-पूर्व (नॉर्थ-ईस्ट) दिशा से चलती हैं।

गर्म और नम हवा मिलकर बनाती है यह तूफान

अमेरिका के उत्तर-पूर्व में आने वाला यह विंटर स्टॉर्म इसलिए बनता है क्योंकि वहां मौसम की कुछ खास स्थितियां एकसाथ बन जाती हैं। सर्दियों में कनाडा की तरफ से बहुत ठंडी हवा नीचे की ओर आती है।

उसी समय समुद्र की तरफ से हल्की गर्म और नम हवा ऊपर उठती है। जब ये दोनों आमने-सामने आती हैं तो मौसम अचानक बिगड़ जाता है और तेज बर्फीला तूफान बन जाता है।

समुद्र भी इसमें बड़ी भूमिका निभाता है। अटलांटिक महासागर का पानी ठंड के मुकाबले थोड़ा गर्म रहता है। इससे हवा में नमी बढ़ती है। जब यह नमी ठंडी हवा से मिलती है तो भारी बर्फ गिरने लगती है।

आसमान में तेज रफ्तार से चलने वाली हवाएं भी इस सिस्टम को और ताकत देती हैं। इन हवाओं को जेट स्ट्रीम कहते हैं।


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NCERT किताब में ‘ज्यूडीशियल करप्शन’ चैप्टर पर सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया के CJI का एक्शन

सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने NCERT की क्लास 8 की नई किताब में ‘न्यायपालिका में भ्रष्टाचार’ का चैप्टर शामिल किए जाने पर नाराजगी जताई है। CJI ने कहा- किसी को भी न्यायपालिका को बदनाम करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। कानून अपना काम करेगा। कोर्ट इस मामले पर खुद एक्शन लेने के लिए विचार कर रहा है।

बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में CJI सूर्यकांत, जस्टिस विपुल एम पंचोली और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच में यह मामला कपिल सिब्बल ने उठाया था।

दरअसल, नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (NCERT) ने 8वीं क्लास की नई सोशल साइंस टेक्स्टबुक में ज्यूडिशियरी में करप्शन पर एक सेक्शन शुरू किया है।

इस चैप्टर में सुप्रीम कोर्ट के 81 हजार, हाईकोर्ट्स के 62 लाख 40, डिस्ट्रिक्ट और सबऑर्डिनेट कोर्ट के 4 करोड़ 70 लाख पेंडिंग केस की संख्या भी बताई गई है।

CJI सूर्यकांत की टिप्‍पणी के बाद फिलहाल ये किताब NCERT की वेबसाइट पर दिखाई नहीं दे रही है।

कोर्ट में वकीलों ने पूछा- क्या ब्यूरोक्रेसी, पॉलिटिक्स में करप्शन नहीं

बुधवार को सीनियर एडवोकेट कपिल सिबल ने कोर्ट में NCERT के इस कदम के बारे में बताया। उन्होंने कहा- 8वीं के छात्रों को न्यायिक भ्रष्टाचार के बारे में पढ़ाया जा रहा है। यह चिंता का विषय है। हम यहां बार काउंसिल की चिंता लेकर आए हैं।

एडवोकेट अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा- ‘इस मामले में इतनी सिलेक्टिविटी हैरानी की बात है, जैसे कहीं और करप्शन हो ही नहीं। ब्यूरोक्रेसी, पॉलिटिक्स, पब्लिक लाइफ में करप्शन के बारे में एक शब्द भी नहीं है।’ इस पर जस्टिस बागची ने कहा कि यह किताब बेसिक स्ट्रक्चर के ही खिलाफ लगती है।

CJI सूर्यकांत ने कहा- प्लीज कुछ दिन इंतजार करें। बार और बेंच सभी परेशान हैं। सिस्टम का हर स्टेकहोल्डर परेशान है। सभी हाईकोर्ट के जज परेशान हैं। मैं इस मामले को खुद देखूंगा। कानून अपना काम करेगा।

NCERT की किताब 23 फरवरी को जारी हुई

NCERT ने 23 फरवरी को 8वीं क्लास के लिए नई टेक्‍स्‍टबुक ‘एक्सप्लोरिंग सोसायटी: इंडिया एंड बियॉन्ड पार्ट 2’ जारी की है। इसमें ‘द रोल ऑफ द ज्यूडीशियरी इन अवर सोसायटी’ टॉपिक के अंदर ज्‍यूडिशियरी में करप्‍शन का टॉपिक जोड़ा गया है। इस किताब का पहला पार्ट जुलाई 2025 में रिलीज किया गया था। ये किताब एकेडमिक सेशन 2026-27 से स्‍कूलों में पढ़ाई जानी है।

NCERT ने नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क यानी NCF और NEP-2020 के तहत सभी क्‍लासेज की नई किताबें तैयार की हैं। कोरोना महामारी के बाद पुरानी किताबों के टॉपिक्‍स को बदलकर नए टॉपिक्‍स किताबों में जोड़े जा रहे हैं।

पहली से 8वीं क्लास तक की नई किताबें 2025 में ही पब्लिश की जा चुकी हैं। 8वीं क्लास की सोशल साइंस का पार्ट 2 इसी हफ्ते जारी हुआ है। CJI की टिप्‍पणी के बाद फिलहाल ये किताब NCERT की वेबसाइट पर उपलब्‍ध नहीं है।

एक न्‍यूज रिपोर्ट के मुताबिक किताबों की ऑफलाइन बिक्री भी मंगलवार 24 फरवरी से बंद कर दी गई है।

किताब के नए चैप्टर में ज्यूडीशियरी से जुड़े पॉइंट

इसमें कोर्ट की हायरार्की और न्याय तक पहुंच को समझाने से ज्यादा ज्यूडिशियल सिस्टम के सामने आने वाली चुनौतियों जैसे करप्शन और केस बैकलॉग को बताया गया है।

करप्शन वाले सेक्शन में बताया गया है कि जज एक कोड ऑफ कंडक्ट से बंधे होते हैं जो न केवल कोर्ट में बल्कि कोर्ट के बाहर भी उनके व्यवहार को कंट्रोल करता है।

ज्यूडिशियरी के अंदरूनी अकाउंटेबिलिटी सिस्टम को भी समझाया गया है। सेंट्रलाइज्ड पब्लिक ग्रीवांस रिड्रेस एंड मॉनिटरिंग सिस्टम (CPGRAMS) के जरिए शिकायतें लेने के तय तरीके भी बताए गए हैं।

किताब के मुताबिक CPGRAMS सिस्टम के जरिए 2017 और 2021 के बीच 1,600 ज्यादा शिकायतें मिली थीं।

किताब में गंभीर मामलों में जजों को हटाने के संवैधानिक नियम के बारे में भी बताया गया है कि पार्लियामेंट इंपीचमेंट मोशन पास करके जज को हटा सकती है।

बच्चे पढ़ेंगे कि ऐसे मोशन पर सही जांच के बाद ही विचार किया जाता है। इस दौरान जज को मामले में अपना पक्ष रखने का पूरा मौका दिया जाता है।

चैप्टर में लिखा है- लोग ज्यूडिशियरी के अलग-अलग लेवल पर करप्शन का सामना करते हैं। गरीबों और जरूरतमंदों की न्याय तक पहुंच की समस्या और बिगड़ सकती है।

यह भी बताया है कि राज्य और केंद्र ट्रांसपेरेंसी और पब्लिक ट्रस्ट को मजबूत करने की कोशिशें कर रहे हैं। इसमें टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल और करप्शन के मामलों के खिलाफ फास्ट एक्शन लेना शामिल है।

किताब में पूर्व CJI बीआर गवई का भी जिक्र

किताब में भारत के पूर्व चीफ जस्टिस बीआर गवई का भी जिक्र है, जिन्होंने जुलाई 2025 में कहा था कि ज्यूडिशियरी के अंदर करप्शन और गलत कामों के मामलों का पब्लिक ट्रस्ट पर बुरा असर पड़ता है। उन्होंने कहा था, "हालांकि, इस ट्रस्ट को फिर से बनाने का रास्ता इन मुद्दों को सुलझाने के लिए उठाए गए तेज, निर्णायक और ट्रांसपेरेंट एक्शन में है... ट्रांसपेरेंसी और अकाउंटेबिलिटी डेमोक्रेटिक गुण हैं।"


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केरल का नाम ‘केरलम’ करने को कैबिनेट की मंजूरी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नए ऑफिस सेवा तीर्थ में मंगलवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल की पहली बैठक हुई। कैबिनेट ने केरल सरकार के राज्य का नाम बदलकर केरलम करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। केरल में अप्रैल-मई में विधानसभा चुनाव हो सकते हैं।

अब राष्ट्रपति ‘केरल (नाम में बदलाव) बिल, 2026’ को संविधान के अनुच्छेद 3 के तहत केरल विधानसभा की राय के लिए भेजेंगे। विधानसभा की राय मिलने के बाद, सरकार संसद में बिल पेश करेगी। संसद से पास होने पर राज्य का नाम आधिकारिक रूप से केरलम हो जाएगा। केरल विधानसभा से 24 जून 2024 को प्रस्ताव पास हुआ था।

कैबिनेट की पिछली बैठक 13 फरवरी को PMO के साउथ ब्लॉक वाले ऑफिस में हुई थी। इसके बाद PMO को नए ऑफिस में शिफ्ट कर दिया गया था। प्रधानमंत्री का ऑफिस 1947 से साउथ ब्लॉक में रहा। ये इमारत करीब 78 सालों से देश की सत्ता का केंद्र रही है।

सेवा तीर्थ कॉम्पलेक्स में कुल 3 इमारतें

सेवा तीर्थ कॉम्पलेक्स में कुल 3 इमारतें हैं- सेवा तीर्थ-1, सेवा तीर्थ-2 और सेवा तीर्थ-3। सेवा तीर्थ-1 में PMO है। सेवा तीर्थ-2 में कैबिनेट सचिवालय और सेवा तीर्थ-3 में NSCS और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल का ऑफिस है। ये सभी ऑफिस पहले अलग-अलग जगहों पर थे।

कैबिनेट सचिवालय सितंबर 2025 में ही सेवा तीर्थ-2 में शिफ्ट हो चुका है। आज PMO के साथ NSCS और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार का ऑफिस भी यहां शिफ्ट हो गया है। PM आज कर्तव्य भवन-1 और 2 का उद्घाटन भी करने वाले हैं। यहां मंत्रालयों के नए ऑफिस होंगे। पहले नॉर्थ ब्लॉक मंत्रालयों का ठिकाना था।

₹1189 करोड़ की लागत से बना सेवा तीर्थ

सेवा तीर्थ का मतलब है ‘सेवा का स्थान’। पहले इसका नाम ‘एग्जीक्यूटिव एन्क्लेव’ रखा गया था, लेकिन 2 दिसंबर 2025 में इसका नाम बदलकर सेवा तीर्थ रखा गया। यह नई दिल्ली में दारा शिकोह रोड पर एग्जीक्यूटिव एन्क्लेव में स्थित है।

यह करीब 2.26 लाख वर्ग फीट (करीब 5 एकड़) में बना है। इसे एल एंड टी कंपनी ने ₹1189 करोड़ में बनाया है। नए PMO के पास ही प्रधानमंत्री का नया आवास भी बन रहा है। इसके तैयार होने के बाद प्रधानमंत्री 7, लोक कल्याण मार्ग स्थित मौजूदा आवास से नए आवास में शिफ्ट हो जाएंगे। हालांकि, अभी इसकी तारीख सामने नहीं आई है।

नॉर्थ-साउथ ब्लॉक बनेंगे नेशनल म्यूजियम

सरकार की योजना है कि नॉर्थ-साउथ ब्लॉक की ऐतिहासिक इमारतों को ‘युगे-युगेन भारत नेशनल म्यूजियम’ में बदला जाएगा। इसे विश्वस्तरीय म्यूजियम के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां भारत की सभ्यता को दिखाया जाएगा।

इसमें करीब 25 से 30 हजार कलाकृतियां प्रदर्शित की जाएंगी। यह दुनिया के सबसे बड़े म्यूजियम में से एक होने की संभावना है।


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अमिताभ बच्चन ने शुरू की कल्कि 2 की शूटिंग

अमिताभ बच्चन ने रविवार को अपनी अपकमिंग फिल्म ‘कल्कि 2’ के सेट से बिहाइंड द सीन (BTS) तस्वीरें शेयर कीं और बताया कि वह हैदराबाद में शूटिंग कर रहे हैं। उन्होंने करीब 40 साल बाद कमल हासन के साथ दोबारा काम करने को लेकर उत्साह जताया। दोनों आखिरी बार 1985 की फिल्म ‘गिरफ्तार’ में साथ नजर आए थे।

बता दें कि फिल्म 'कल्कि 2898 AD' में अमिताभ बच्चन और कमल हासन दोनों कलाकारों ने अभिनय तो किया था, लेकिन वे एक भी सीन में एक साथ नजर नहीं आए।

दरअसल, अमिताभ बच्चन इन दिनों हैदराबाद में फिल्म ‘कल्कि 2898 एडी’ के सीक्वल की शूटिंग कर रहे हैं। उन्होंने अपने ब्लॉग पर सेट से कुछ तस्वीरें शेयर कीं। फोटोज में वह अपने किरदार अश्वत्थामा के लुक में नजर आ रहे हैं, जिसमें उनके चेहरे पर प्रोस्थेटिक मेकअप दिख रहा है।

उन्होंने कमल हासन के साथ भी तस्वीर पोस्ट की। फोटो में दोनों एक-दूसरे को गले लगाते और बातचीत करते दिखाई दे रहे हैं। तस्वीर शेयर करते हुए अमिताभ ने लिखा, “महान कमल हासन से मिलना… लंबे समय बाद साथ काम करेंगे… आखिरी बार गिरफ्तार में साथ थे।”

अमिताभ बच्चन ने फैंस से मांगी माफी

फिल्म की शूटिंग के चलते अमिताभ बच्चन इस रविवार अपने फैंस से नहीं मिल पाए। इसे लेकर उन्होंने लिखा, “उन्हें बताया कि इस रविवार मैं नहीं आ पाऊंगा, क्योंकि हैदराबाद में शूटिंग है… लेकिन फिर भी वे पुष्टि करने आ गए… माफी चाहता हूं, काम पहले, बाकी सब बाद में।”

उन्होंने आगे लिखा कि ‘कल्कि 2’ की शुरुआत हो चुकी है और वह रविवार को मिलने वाले प्यार और स्नेह को संजोकर रखेंगे।

कल्कि 2898 AD के लिए अमिताभ को फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला

फिल्म कल्कि 2898 AD 27 जून 2024 को रिलीज हुई थी। इसने बॉक्स ऑफिस पर शानदार सफलता हासिल करते हुए दुनियाभर में ₹1,000 करोड़ से ज्यादा की कमाई की थी।

वहीं, हाल ही में फिल्मफेयर अवॉर्ड्स साउथ (तेलुगु) 2026 में फिल्म ने दो अवॉर्ड्स जीते, बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर (मेल) का अवॉर्ड अमिताभ बच्चन ने जीता। बेस्ट प्रोडक्शन डिजाइन का अवॉर्ड नितिन जियानी चौधरी को मिला।

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घरों से टकराती लहरें, बर्फबारी और बाढ़ — Massachusetts में बर्फीले तूफान का कहर

यूनाइटेड स्टेट्स के राज्य मैसाचुसेट्स में आए बर्फीले तूफान ने तबाही मचा दी है। घरों की छत से लेकर सड़क तक हर तरफ सिर्फ बर्फ जमी हुई है।

मैसाचुसेट्स में चारों तरफ बर्फ के साथ ही तेज हवाएं भी चल रही हैं। तटीय इलाकों में लहरें उफान पर हैं और तेज बारिश के साथ बर्फ की बाढ़ आ गई है। इंटरनेट पर्सनेलिटी जोनाथन पेट्रामाला ने इस तूफान का ड्रोन वीडियो बनाया।

मैसाचुसेट्स में बर्फ की बाढ़

अमेरिका के साउथ शोर पर स्थित मैसाचुसेट्स के सिचुएट में सोमवार 23 फरवरी की सुबह आसमान में गरज के साथ तेज बारिश हुई। इस इलाके में कई बार बिजली गिरी। इसके साथ ही तेज बर्फीला तूफान भी देखा गया।

नेशनल ओशनिक एंड एटमॉस्फेरिक एडमिनिस्ट्रेशन के अनुसार, सर्दियों के तूफानों में गर्म हवा की हल्की परतें ऊपर उठती हैं, जिससे बर्फबारी बढ़ती है और बिजली गिरते वक्त काफी इलेक्ट्रिक चार्ज अलग होता है।

जोनाथन पेट्रामाला के शेयर किए वीडियो में देखा जा सकता है कि लहरें घरों से टकरा रही हैं और कई मंजिला इमारतों को ढक रही हैं।

सिचुएट, प्लायमाउथ काउंटी, मैसाचुसेट्स, यूनाइटेड स्टेट्स में साउथ शोर पर बोस्टन और प्लायमाउथ के बीच में एक समुद्र तटीय शहर है। ये शहर पूरी तरह से बर्फ से ढक गया है।

अमेरिका में बर्फीले तूफान से लगी 'इमरजेंसी'

अमेरिका में इस समय कई इलाकों में भारी बर्फबारी हो रही है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, पिछले दस सालों में ये सबसे तेज तूफान है। भारी बर्फबारी के चलते अधिकारियों ने कई शहरों में इमरजेंसी घोषित कर दी है और स्कूल भी बंद कर दिए गए हैं।


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