अब राम मंदिर के प्रथम तल पर प्रतिष्ठित राजा राम के दरबार की आरती में भी श्रद्धालु सम्मिलित हो सकेंगे। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने रामभक्तों को आरती में सम्मिलित कराने के लिए वाक इन सुविधा शुरू की है। इसके माध्यम से भक्तों को यात्री सेवा केंद्रों से ही भौतिक उपस्थिति के आधार पर आरती पास जारी किए जा रहे हैं।
प्रथम तल पर स्थानाभाव के कारण अभी तीनों आरतियों के लिए प्रतिदिन केवल 15-15 आरती पास ही दिए जा रहे हैं। निर्माण कार्य संपन्न हो जाने और कारिडोर बन जाने के उपरांत आरती में श्रद्धालुओं की संख्या भविष्य में बढ़ाई जा सकती है।
रामजन्मभूमि परिसर के परकोटे के मध्य निर्मित छह पूरक मंदिरों में प्रतिमाओं की प्राण प्रतिष्ठा के साथ राम मंदिर के प्रथम तल पर पांच जून को ही राम दरबार को भी प्रतिष्ठित किया गया था। ट्रस्ट ने 13 जून से इसके दर्शन की अनुमति प्रदान कर दी थी और रामलला के साथ राजा राम की भी विधिवत पूजा-अर्चना व आरती कराई जाती रही।
वहीं, प्रथम तल पर निर्माण कार्य जारी रहने और गर्भगृह के समक्ष खुला स्थान होने से आरती में किसी भक्त को नहीं शामिल किया जाता था। दूसरी ओर, भूतल पर विराजमान रामलला की आरती में प्राण प्रतिष्ठा के बाद से ही भक्तों को सम्मिलित किया जाता रहा है।
इसके लिए ट्रस्ट की ओर से प्रतिदिन तीनों आरतियों मंगला, श्रृंगार व शयन के लिए 150-150 पास जारी किए जाते हैं। यह पास ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों माध्यम से जारी होते हैं। दर्शन शुरू होने के बाद से राम दरबार की आरती में श्रद्धालुओं को सम्मिलित किए जाने की प्रतीक्षा हो रही थी, परंतु छिटपुट कार्य जारी रहने से यह संभव नहीं हो पा रहा था।
अब जबकि उक्त कार्य समाप्त हो गए तो ट्रस्ट ने इसकी सहमति प्रदान कर दी है। सूत्रों ने बताया कि ट्रस्ट की ओर से वाक इन व्यवस्था के तौर पर भक्तों को आरती में शामिल कराया जा रहा है।
रामजन्मभूमि पथ के बगल स्थित यात्री सेवा केंद्र से प्रतिदिन सुबह नौ बजे राम दरबार की तीनों आरतियों के लिए 15-15 पास जारी किए जा रहे हैं। दर्शन व आरती पास की व्यवस्था से जुड़े एक जिम्मेदार ने बताया कि अभी यह सुविधा केवल भौतिक उपस्थिति के आधार पर ही दी जा रही है। राम दरबार की आरती के लिए ऑनलाइन पास नहीं मिल सकेंगे।
लाइव प्रसारण में अभी विलंब
रामलला की तरह राम दरबार की आरती के भी लाइव प्रसारण के लिए ट्रस्ट ने दूरदर्शन को प्रसारण का अधिकार दे दिया है। दूरदर्शन की ओर से कैमरे लगा कर पूरा सेटअप विकसित भी किया जा रहा है, परंतु आरती का प्रसारण होने में अभी थोड़ा विलंब बताया जा रहा है।
यह देरी निर्माण कार्य जारी रहने से हो रही है। अब जो भी भक्त दर्शन करने आएंगे उन्हें आरती में सम्मिलित होने का मौका मिलेगा। वहीं, लोग राम मंदिर का भी सुगमता से दर्शन कर सकेंगे।